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महादेव बेटिंग ऐप केस: स्पोर्ट्स प्रेजेंटर शेफाली बग्गा से ED की पूछताछ, हवाला कनेक्शन की जांच तेज

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप और उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्पोर्ट्स प्रेजेंटर और टीवी हस्ती शेफाली बग्गा से रायपुर स्थित अपने जोनल कार्यालय में पूछताछ की। जांच एजेंसी उनके कथित वित्तीय और डिजिटल संबंधों की पड़ताल कर रही है। ईडी के अनुसार, जांच का केंद्र बिंदु शेफाली बग्गा और महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे कथित हवाला ऑपरेटर खंजन जगदीश कुमार ठक्कर के बीच संभावित संबंध हैं। हालांकि, एजेंसी ने अभी तक इस मामले में किसी भी आरोप को अदालत में सिद्ध नहीं बताया है। ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स के प्रचार की जांच जांच एजेंसी का दावा है कि शेफाली बग्गा कथित तौर पर विदेश, विशेषकर दुबई और लंदन से संचालित होने वाले कुछ ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म्स के प्रचार से जुड़ी रही हैं। ईडी को जांच के दौरान कुछ डिजिटल सामग्री और प्रमोशनल कंटेंट मिले हैं, जिनमें कथित रूप से बेटिंग ऐप्स का प्रचार दिखाई देता है। एजेंसी इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। बेटिंग टिप्स देने के आरोपों की भी जांच सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या शेफाली बग्गा केवल प्रचार तक सीमित थीं या कथित तौर पर ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े खिलाड़ियों को टिप्स भी उपलब्ध कराती थीं। ईडी इन दावों से जुड़े ऑनलाइन कंटेंट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही है। टेलीग्राम चैनल भी जांच के दायरे में ईडी सूत्रों के अनुसार, शेफाली बग्गा से जुड़े एक टेलीग्राम चैनल की भी जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कथित तौर पर ऑनलाइन बेटिंग के प्रचार-प्रसार या अन्य गतिविधियों के लिए किया गया था। साथ ही चैनल से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और संभावित वित्तीय लेन-देन की भी जांच जारी है। हवाला नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही ED ईडी का दावा है कि खंजन जगदीश कुमार ठक्कर महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क से जुड़े कथित हवाला लेन-देन का प्रमुख संचालक रहा है। एजेंसी अब शेफाली बग्गा और ठक्कर के बीच कथित आर्थिक लेन-देन तथा अन्य संभावित संबंधों की जांच कर रही है। स्पोर्ट्स एंकरिंग और टीवी से जुड़ा है नाम शेफाली बग्गा स्पोर्ट्स एंकरिंग की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा हैं। वह टीवी रियलिटी शो ‘बिग बॉस 13’ में भी बतौर प्रतिभागी नजर आ चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने कई प्रमुख क्रिकेट आयोजनों की एंकरिंग की है और सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी-खासी मौजूदगी है। नोट: फिलहाल इस मामले में जांच जारी है। एजेंसी द्वारा की जा रही पूछताछ और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। छत्तीसगढ़, अपराध और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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स्पंज आयरन से भरे ट्रक की हेराफेरी: 7 लाख की ठगी में दो आरोपी गिरफ्तार, फर्जी नंबर प्लेट लगाकर छिपाई पहचान

रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में स्पंज आयरन से भरे ट्रक की हेराफेरी कर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने महाराष्ट्र भेजे जा रहे माल को रास्ते में ही बेच दिया और ट्रक की पहचान छिपाने के लिए उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50 हजार रुपये नकद, फर्जी नंबर प्लेट लगा ट्रक और अन्य सामान सहित करीब 15 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया है। महाराष्ट्र भेजने के बजाय उरला में बेच दिया माल पुलिस के अनुसार, एक निजी कंपनी ने ट्रक क्रमांक CG 08 AT 3321 में करीब 35 टन 870 किलोग्राम स्पंज आयरन, जिसकी कीमत लगभग 7.07 लाख रुपये थी, महाराष्ट्र भेजने के लिए लोड किया था। लेकिन ट्रक चालक ने रास्ते में बीमारी सहित अन्य बहाने बनाकर वाहन को निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंचाया। कुछ समय बाद चालक और वाहन मालिक दोनों से संपर्क भी टूट गया। शिकायत मिलने पर उरला थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच से मिले अहम सुराग पुलिस उपायुक्त (उत्तर) दीपमाला कश्यप के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर वाहन मालिक गुमान साहू और उसके साथी मोहम्मद मुख्तार को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चालक रहीमान साहू के साथ मिलकर स्पंज आयरन को रास्ते में ही बेच दिया था। इसके बाद ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसकी असली पहचान छिपा दी गई। फाइनेंस की किश्त जमा करने से खुला मामला जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहन की फाइनेंस किश्त जमा कर रहे थे। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले और पूरे मामले का खुलासा हो गया। फरार चालक की तलाश जारी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। वहीं, इस मामले में शामिल चालक रहीमान साहू सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों और अपराध से जुड़ी हर अपडेट के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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नकटी बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस की 14 किमी पदयात्रा, राज्यपाल से मुलाकात नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

रायपुर। राजधानी रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में कांग्रेस ने बुधवार को राजभवन तक लगभग 14 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली। पदयात्रा वीआईपी चौक होते हुए लोकभवन तक पहुंची, लेकिन कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की राज्यपाल से मुलाकात नहीं हो सकी। कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल से मिलने के लिए समय मांगा है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर मुलाकात का समय नहीं मिलता, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। रास्ते में सड़क पर बैठकर किया भोजन पदयात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और नकटी गांव के प्रभावित परिवारों ने सड़क पर बैठकर सामूहिक भोजन किया। पार्टी ने इसे प्रभावित लोगों के समर्थन और एकजुटता का प्रतीक बताया। मेक इन इंडिया चौक पर पुलिस से धक्का-मुक्की पदयात्रा जब मेक इन इंडिया चौक के पास पहुंची, तब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जबकि पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ महिलाओं ने पुलिस पर मारपीट का आरोप भी लगाया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। गांव में ही पुनर्वास की मांग प्रदर्शन के दौरान प्रभावित परिवारों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “नकटी में ही घर बनाओ” के नारे लगाए। उनका कहना था कि जिन परिवारों के मकानों पर कार्रवाई हुई है, उनका पुनर्वास उसी गांव में किया जाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रभावित लोगों के साथ न्याय नहीं हुआ है और सरकार को पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था करनी चाहिए। नोट: कांग्रेस ने बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की कोशिश की। पार्टी ने कहा है कि यदि जल्द मुलाकात नहीं होती, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ की राजनीति और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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CAG रिपोर्ट में जल जीवन मिशन की पोल: छत्तीसगढ़ में 33% नल कनेक्शन गैर-कार्यशील, ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा

रायपुर। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन को लेकर कई गंभीर खामियों का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार कमजोर योजना, धीमा क्रियान्वयन, निगरानी की कमी और गलत रिपोर्टिंग के कारण ग्रामीण पेयजल योजनाओं की प्रभावशीलता और दीर्घकालिक स्थिरता प्रभावित हुई है। मार्च 2024 तक की अवधि पर आधारित ‘छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का प्रदर्शन ऑडिट’ रिपोर्ट मंगलवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में पेश की। रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसके लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद मिशन के कार्यों में तेजी आई है। योजना निर्माण में गंभीर खामियां CAG की रिपोर्ट के मुताबिक जल जीवन मिशन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कई स्थानों पर गांव स्तर की कार्ययोजना तैयार किए बिना ही जिला स्तरीय योजनाएं बना दी गईं, जबकि राज्य स्तरीय कार्ययोजना तैयार ही नहीं की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि राज्य स्तर पर जल सुरक्षा योजना नहीं बनाई गई, जिससे जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता और योजनाओं के रखरखाव की स्पष्ट रणनीति विकसित नहीं हो सकी। 33 प्रतिशत नल कनेक्शन निकले गैर-कार्यशील रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। जनवरी 2025 तक 40.10 लाख फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) लगाए गए। हालांकि, इनमें से 13.31 लाख (करीब 33%) कनेक्शन गैर-कार्यशील पाए गए। इसके पीछे सूख चुके जल स्रोत, अधूरी ओवरहेड टंकियां, बिजली कनेक्शन का अभाव और सोलर पंप स्थापित नहीं होना प्रमुख कारण बताए गए हैं। ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा राज्य के 19,656 गांवों को मार्च 2024 तक ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जाना था, लेकिन केवल 716 गांव (3.64 प्रतिशत) ही इस लक्ष्य तक पहुंच सके। ऑडिट में ऐसे मामले भी सामने आए, जहां अधूरे कार्यों के बावजूद गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित कर दिया गया। किसी भी जिले में 100% कवरेज नहीं मार्च 2024 तक राज्य के 33 में से किसी भी जिले और 146 में से किसी भी विकासखंड में 100 प्रतिशत नल जल कवरेज नहीं था। योजनाओं की प्रगति बेहद धीमी रिपोर्ट के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 29,153 सिंगल विलेज स्कीम में से मार्च 2024 तक केवल 172 योजनाएं पूरी हो सकीं। इनमें भी सिर्फ 32 ग्राम पंचायतों को योजनाओं का संचालन सौंपा गया। वहीं, स्वीकृत 70 मल्टी विलेज स्कीम में से मार्च 2025 तक एक भी योजना पूरी नहीं हो सकी, जिससे करीब 9.85 लाख घरों तक सतही जल स्रोतों से पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य प्रभावित हुआ। सोलर आधारित योजनाओं में भी अनियमितताएं CAG ने पाया कि कई सोलर आधारित पेयजल योजनाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक नल कनेक्शन जोड़ दिए गए। इसके कारण 28,984 परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वित्तीय और गुणवत्ता संबंधी कमियां रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार केंद्र और राज्यांश मिलाकर 6,480.04 करोड़ रुपये की आवश्यक वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही। साथ ही मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जिला खनिज न्यास (DMF), सांसद निधि और CSR जैसी योजनाओं के संसाधनों के समन्वय के लिए भी कोई प्रभावी रणनीति नहीं बनाई गई। जल गुणवत्ता जांच की व्यवस्था कमजोर राज्य की 75 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में से केवल 4 प्रयोगशालाएं ही सभी 13 निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों की जांच करने में सक्षम पाई गईं। इसके अलावा 37 प्रतिशत प्रयोगशालाओं को NABL की मान्यता प्राप्त नहीं थी। रिपोर्ट में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी निर्धारित मानकों के अनुसार जल गुणवत्ता जांच नहीं होने की बात कही गई है। CAG की प्रमुख सिफारिशें रिपोर्ट में सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को ठहराया जिम्मेदार CAG रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार मिशन को खराब स्थिति में छोड़कर गई थी, जिसके कारण परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की समय-सीमा 2024 से बढ़ाकर 2028 तक कर दी है। मार्च 2026 में स्वीकृत मिशन के दूसरे चरण को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके।
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रायपुर में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा

रायपुर। राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा 16 जुलाई को धार्मिक आस्था, वैदिक परंपराओं और भव्य आयोजन के साथ निकाली जाएगी। वहीं बाहुड़ा यात्रा 24 जुलाई को आयोजित होगी। मंदिर परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा माता सुभद्रा के तीनों रथों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रथयात्रा से पहले 14 जुलाई की शाम 6 बजे भगवान का नेत्रोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सांस्कृतिक एकता, भाईचारे और सनातन परंपरा का भी प्रतीक माना जाता है। भक्त और भगवान के मिलन का महापर्व श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष एवं विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि रथयात्रा भक्तों और भगवान के प्रत्यक्ष मिलन का महापर्व है। वर्ष में केवल इसी अवसर पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर निकलकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। 11 वैदिक पंडित कराएंगे विशेष पूजन रथयात्रा के दिन सुबह 11 वैदिक पंडितों के सान्निध्य में भगवान का विशेष अभिषेक, पूजन और हवन कराया जाएगा। चंदन, केसर, कस्तूरी, कपूर सहित विभिन्न सुगंधित द्रव्यों से भगवान का दिव्य स्नान कराया जाएगा। इसके बाद भगवान को गजामूंग महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और मंगल वाद्यों की गूंज के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा रथयात्रा की सबसे प्रमुख परंपराओं में शामिल ‘छेरा पहरा’ का निर्वहन इस वर्ष भी किया जाएगा। परंपरा के अनुसार राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भगवान के रथ के आगे सोने की झाड़ू से मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई करेंगे। यह परंपरा सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश देती है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। भजन, झांकियों और लोकनृत्य से गूंजेगा शहर रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों द्वारा भजन-कीर्तन, आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां और पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। “जय जगन्नाथ” के जयघोष के साथ मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति ने प्रदेशभर के श्रद्धालुओं से सपरिवार रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और सनातन संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है। रायपुर और छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ में दो साल में 2960 हत्याएं: रायपुर सबसे आगे, नक्सल प्रभावित जिलों से भी ज्यादा दर्ज हुए हत्या के मामले

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले दो वर्षों के दौरान हत्या के मामलों के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। गृह विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जुलाई 2024 से 30 जून 2026 के बीच प्रदेश में 2,960 हत्या के मामले दर्ज किए गए। इसका मतलब है कि राज्य में औसतन हर महीने 123 और हर दिन करीब 4 लोगों की हत्या हुई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि राजधानी रायपुर में हत्या के मामले नक्सल प्रभावित रहे कई जिलों की तुलना में अधिक दर्ज किए गए हैं। रायपुर में सबसे ज्यादा 169 हत्या के मामले गृह विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दो वर्षों में सबसे अधिक 169 हत्या के मामले रायपुर जिले में दर्ज हुए। इसके बाद जशपुर और रायगढ़ में 114-114, जबकि दुर्ग और सरगुजा में 113-113 हत्या के मामले सामने आए। वहीं बिलासपुर में इस अवधि के दौरान 109 लोगों की हत्या दर्ज की गई। नक्सल प्रभावित जिलों में अपेक्षाकृत कम मामले आंकड़ों के अनुसार, नक्सल प्रभावित रहे कई जिलों में हत्या के मामले राजधानी रायपुर से कम रहे। दो वर्षों के दौरान दर्ज हत्या के मामले इस प्रकार हैं— इन सभी जिलों की तुलना में अकेले रायपुर में कहीं अधिक हत्याएं दर्ज होना कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर संकेत माना जा रहा है। पिछले एक साल में भी रायपुर पहले स्थान पर यदि केवल 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तब भी रायपुर हत्या के मामलों में प्रदेश में सबसे आगे रहा। इस अवधि में हत्या के मामले इस प्रकार रहे— बड़े शहरों में बढ़ रही हत्या की घटनाएं आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के बड़े शहरों में हत्या के मामलों की संख्या लगातार अधिक बनी हुई है। रायपुर लगातार पहले स्थान पर है, जबकि दुर्ग में पिछले वर्ष की तुलना में मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा बलौदाबाजार और कोरिया जैसे जिलों में भी हत्या की घटनाओं में इजाफा देखने को मिला है, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है। हालांकि, इन आंकड़ों के पीछे के कारणों और अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों पर सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। छत्तीसगढ़ की राजनीति, अपराध, प्रशासन और ताजा खबरों की हर अपडेट के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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अनियमित कर्मचारियों और बेरोजगारी भत्ते को लेकर AAP का सरकार पर हमला, 1 अगस्त से चलाएगी हस्ताक्षर अभियान

रायपुर। आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रदेश में अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण और बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिलने के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने 1 अगस्त से पूरे प्रदेश में बेरोजगारी भत्ते की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाने का भी ऐलान किया है। 7.30 लाख अनियमित कर्मचारियों का उठाया मुद्दा प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP नेताओं ने कहा कि प्रदेश में 7.30 लाख से अधिक अनियमित कर्मचारी वर्षों से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनके नियमितीकरण का वादा अब तक पूरा नहीं किया गया। पार्टी का आरोप है कि कम मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों को 4 हजार रुपये प्रतिमाह विशेष भत्ता भी नहीं मिल रहा है। नेताओं ने यह भी कहा कि वर्ष 2017 के बाद न्यूनतम वेतन का पुनरीक्षण नहीं किया गया है। वहीं, संविदा कर्मचारियों के वेतन में अगस्त 2023 के बाद से कोई बढ़ोतरी नहीं होने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बेरोजगारी भत्ता बंद होने का लगाया आरोप AAP ने दावा किया कि प्रदेश के रोजगार कार्यालयों में 14.62 लाख से अधिक बेरोजगार पंजीकृत हैं और हर साल करीब दो लाख नए बेरोजगार जुड़ रहे हैं। पार्टी के अनुसार, बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत अंतिम भुगतान अगस्त 2023 में किया गया था, जिसके बाद यह योजना प्रभावी रूप से बंद हो गई। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश के युवाओं को न तो रोजगार मिल रहा है और न ही बेरोजगारी भत्ता, जिससे चुनावी वादों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 1 अगस्त से प्रदेशभर में हस्ताक्षर अभियान आम आदमी पार्टी ने घोषणा की कि 1 अगस्त से पूरे प्रदेश में बेरोजगारी भत्ता दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ मिलकर अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन भी तेज किया जाएगा। सरकार के सामने रखीं प्रमुख मांगें छत्तीसगढ़ की राजनीति, सरकारी योजनाओं और ताजा खबरों की विस्तृत जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बर्खास्त सहायक शिक्षक को मिली राहत, सेवा समाप्ति का आदेश रद्द

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बालोद जिले की एक सहायक शिक्षक पंचायत को बड़ी राहत देते हुए उनकी सेवा समाप्ति (बर्खास्तगी) का आदेश रद्द कर दिया है। कोर्ट ने माना कि विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के दौरान निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया और गलत प्रावधान के तहत बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियमित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नियमानुसार होनी चाहिए। प्रक्रिया का पालन किए बिना जारी किया गया आदेश कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है। पारिवारिक कारणों से लिया था अवैतनिक अवकाश याचिकाकर्ता तस्लीम बानो की नियुक्ति वर्ष 2005 में बालोद जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालय शिकारीटोला में सहायक शिक्षक पंचायत के रूप में हुई थी। वर्ष 2009 में उनका नियमितीकरण कर दिया गया था। पारिवारिक कारणों के चलते उन्होंने 9 फरवरी 2015 को अवैतनिक अवकाश के लिए आवेदन दिया था। बाद में 4 नवंबर 2020 को व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी, डौंडीलोहारा को अपना त्यागपत्र भी सौंप दिया। हालांकि, विभाग ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। इसके बजाय विभागीय जांच शुरू की और 24 अगस्त 2021 को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया। हाईकोर्ट में दी थी चुनौती तस्लीम बानो ने वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बर्खास्तगी आदेश को चुनौती दी। याचिका में कहा गया कि वर्ष 2009 में नियमितीकरण के बाद वह नियमित कर्मचारी बन चुकी थीं। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1999 के नियम-7 के तहत की जानी चाहिए थी। याचिकाकर्ता का यह भी कहना था कि विभाग ने बिना उचित सुनवाई का अवसर दिए और गलत तरीके से नियम-10 के तहत कार्रवाई कर उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया। हाईकोर्ट ने माना विभाग की कार्रवाई गलत दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि विभागीय कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया और लागू नियमों के अनुरूप नहीं थी। कोर्ट ने कहा कि नियमित कर्मचारी के खिलाफ गलत नियम के तहत की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई कानून की कसौटी पर टिक नहीं सकती। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत डौंडीलोहारा द्वारा जारी सेवा समाप्ति का आदेश निरस्त कर दिया और तस्लीम बानो की याचिका स्वीकार कर ली। यह फैसला सरकारी कर्मचारियों के मामलों में नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के पालन की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। छत्तीसगढ़ और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ विधानसभा में राम मंदिर चंदा विवाद पर हंगामा, कांग्रेस के विरोध के बीच कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत समेत कांग्रेस विधायक पोस्टर लेकर सदन में पहुंचे और सरकार से जवाब की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि रामभक्तों की आस्था के साथ धोखा हुआ है, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर का मामला बताया। स्थगन प्रस्ताव खारिज, सदन में बढ़ा हंगामा संसदीय कार्य मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि यह विषय न तो छत्तीसगढ़ सरकार और न ही विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्थगन प्रस्ताव को छत्तीसगढ़ से संबंधित नहीं मानते हुए अस्वीकार कर दिया। फैसले के बाद विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते सदन की कार्यवाही पहले पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा। आखिरकार विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी। भूपेश बघेल ने लगाए गंभीर आरोप हंगामे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने भी राम मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धापूर्वक चंदा दिया था, लेकिन उस राशि में कथित रूप से गड़बड़ी हुई है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की। प्रश्नकाल में उठा बीएड-डीएड कॉलेजों का मुद्दा हंगामे से पहले प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक लता उसेंडी ने कोंडागांव स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में बीएड और डीएड पाठ्यक्रम शुरू नहीं होने तथा रिक्त पदों का मुद्दा उठाया। उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लागू की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बीएड-डीएड कॉलेजों को लेकर टास्क फोर्स बनाई गई है और 13 महाविद्यालयों में इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने की संभावना पर काम चल रहा है। तीजन बाई को दी गई श्रद्धांजलि सत्र की शुरुआत पद्म विभूषण तीजन बाई को श्रद्धांजलि देकर हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि तीजन बाई ने पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई। वहीं, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने उन्हें प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए उनके योगदान को याद किया। श्रद्धांजलि के सम्मान में सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित भी की गई। मंगलवार को कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। हालांकि विधानसभा में भाजपा के स्पष्ट बहुमत को देखते हुए इसके पारित होने की संभावना कम है, लेकिन विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं के बीच तीखी राजनीतिक बहस होने की संभावना जताई जा रही है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और देश-दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए Deshharpal से जुड़े रहें। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव, 14 जुलाई को सरकार को घेरेगा विपक्ष

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक कदम उठाने जा रही है। पार्टी ने तय किया है कि 14 जुलाई को विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। रविवार को नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के सरकारी निवास पर हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बनी। बैठक के बाद महंत ने कहा कि कांग्रेस को मौजूदा सरकार पर भरोसा नहीं है, इसलिए सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। करीब दो घंटे चली कांग्रेस विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष के सरकारी बंगले पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक करीब दो घंटे तक चली। इससे पहले लगभग डेढ़ घंटे तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विधानसभा सत्र की रणनीति पर अलग से चर्चा की। इसके बाद विधायक दल की बैठक में सरकार को घेरने की अंतिम रणनीति तय की गई। चरणदास महंत बोले- सरकार के वादे झूठे साबित हुए बैठक के बाद चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस का सरकार पर से विश्वास उठ चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने वादे पूरे करने में विफल रही है। प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ा है और आम जनता बिजली संकट, महंगाई, किसानों की समस्याओं तथा कानून-व्यवस्था जैसे कई मुद्दों से परेशान है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस सदन में सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। नकटी गांव के मुद्दे पर भी होगा स्थगन प्रस्ताव कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नकटी गांव का मामला भी प्रमुखता से उठा। पार्टी ने इस मुद्दे पर विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस इस मामले को पूरी मजबूती के साथ सदन में उठाएगी। जरूरत पड़ने पर सदन के भीतर विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा। सदन के साथ सड़क पर भी आंदोलन नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधानसभा का मानसून सत्र भले ही केवल पांच दिनों का हो, लेकिन कांग्रेस सरकार को हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर घेरने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी केवल सदन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जनता के मुद्दों को लेकर सड़क पर भी संघर्ष जारी रखेगी। सरकार देगी 1033 सवालों के जवाब इस बार विधानसभा सचिवालय में कुल 1033 प्रश्न लगाए गए हैं। इनमें 36 विधायकों ने नियमों के तहत अधिकतम 20-20 प्रश्न लगाए हैं। दिलचस्प बात यह है कि सवाल पूछने वालों में विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के विधायक भी शामिल हैं। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान कई अहम मुद्दों पर सरकार को जवाब देना होगा। क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव? अविश्वास प्रस्ताव किसी एक मंत्री के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी सरकार के खिलाफ लाया जाता है। विपक्ष सरकार की नीतियों, फैसलों या जनहित के मुद्दों को आधार बनाकर यह प्रस्ताव पेश करता है। यदि प्रस्ताव स्वीकार होता है तो सदन में सरकार के कामकाज पर विस्तृत चर्चा होती है। इसके बाद मतदान कराया जाता है, जिससे यह तय होता है कि सरकार के पास सदन का बहुमत और विश्वास कायम है या नहीं। छत्तीसगढ़ और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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MP में 14 करोड़ की ठगी, Luxury Car और iPhone से दिखाता था रुतबा; 65 Bank Accounts और 20 Shell Companies का खुलासा

MP में 14 करोड़ की ठगी, Luxury Car और iPhone से दिखाता था रुतबा; 65 Bank Accounts और 20 Shell Companies का खुलासा

भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बड़े ठगी के मामले ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। गुजरात से आकर मध्य प्रदेश में छिपे एक आरोपी पर करीब 14 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि आरोपी लोगों के बीच अपना रुतबा दिखाने के लिए लग्जरी कार और महंगे iPhone का इस्तेमाल करता था। जांच आगे बढ़ी तो इस पूरे मामले के तार सिर्फ मध्य प्रदेश और गुजरात तक सीमित नहीं मिले। पुलिस को आरोपी से जुड़े 65 बैंक खातों और करीब 20 शेल कंपनियों की जानकारी मिली है। इसके अलावा उसके नेटवर्क के हांगकांग तक जुड़े होने की बात भी सामने आई है। लग्जरी लाइफस्टाइल से बनाता था भरोसा आरोपी कथित तौर पर महंगी कार और iPhone के जरिए लोगों के बीच अपनी मजबूत आर्थिक स्थिति की छवि बनाता था। इसी तरह की लाइफस्टाइल देखकर कई लोग उस पर भरोसा कर लेते थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि ठगी से जुड़े पैसों को अलग-अलग बैंक खातों और कंपनियों के जरिए घुमाया जाता था। इससे पैसों के लेन-देन को समझना जांच एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया। 65 बैंक अकाउंट और 20 शेल कंपनियां जांच के दौरान आरोपी से जुड़े 65 बैंक खातों का पता चला है। इसके साथ ही करीब 20 शेल कंपनियों के इस्तेमाल की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब इन खातों और कंपनियों के जरिए हुए लेन-देन की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इन कंपनियों के जरिए कितनी रकम ट्रांसफर की गई और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। हांगकांग तक जुड़े ठगी के तार मामले की जांच में नेटवर्क के हांगकांग तक जुड़े होने की जानकारी सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। अब एजेंसियां विदेशी लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल जांच जारी है। 14 करोड़ रुपये की ठगी, कई बैंक खातों और शेल कंपनियों के सामने आने से यह मामला एक संगठित वित्तीय अपराध की ओर इशारा करता है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और रकम के इस्तेमाल की तस्वीर साफ हो पाएगी।
Suryavanshi की Batting देखने उमड़ी हजारों की भीड़, 93 मिनट तक Chepauk में दिखा शानदार नजारा

Suryavanshi की Batting देखने उमड़ी हजारों की भीड़, 93 मिनट तक Chepauk में दिखा शानदार नजारा

दलीप ट्रॉफी फाइनल में सूर्यवंशी की बल्लेबाजी देखने के लिए चेपॉक स्टेडियम में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। उनकी बल्लेबाजी के दौरान स्टेडियम का माहौल पूरी तरह क्रिकेटमय हो गया और करीब 93 मिनट तक दर्शकों का उत्साह देखते ही बना। सूर्यवंशी को खेलते देखने के लिए इतनी भीड़ पहुंची कि स्टेडियम में मौजूद दर्शकों की संख्या को देखते हुए एक्स्ट्रा स्टैंड भी खोलने पड़े। इससे मुकाबले को लेकर फैंस की दिलचस्पी साफ नजर आई। सूर्यवंशी की बैटिंग ने खींचा ध्यान मैच के दौरान सूर्यवंशी की बल्लेबाजी देखने के लिए दर्शक लगातार उत्साहित नजर आए। चेपॉक में उनके हर शॉट पर दर्शकों की प्रतिक्रिया ने माहौल को और खास बना दिया। दलीप ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट में किसी खिलाड़ी को देखने के लिए इस तरह की भीड़ जुटना क्रिकेट फैंस के बीच उसकी लोकप्रियता को दिखाता है। Extra Stands भी खोलने पड़े दर्शकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्टेडियम के अतिरिक्त स्टैंड खोलने पड़े। आयोजकों के लिए भी यह नजारा खास रहा, क्योंकि मुकाबले में फैंस की मौजूदगी उम्मीद से ज्यादा दिखाई दी। चेपॉक में मौजूद दर्शकों ने करीब 93 मिनट तक सूर्यवंशी की बल्लेबाजी का आनंद लिया। सोशल मीडिया पर भी स्टेडियम की भीड़ और माहौल की तस्वीरें चर्चा में रहीं। घरेलू क्रिकेट के लिए अच्छी तस्वीर दलीप ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट में नए और उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच है। ऐसे में किसी खिलाड़ी की बल्लेबाजी देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों का पहुंचना घरेलू क्रिकेट के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। चेपॉक में जुटी भीड़ ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय क्रिकेट फैंस सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में ही नहीं, बल्कि घरेलू क्रिकेट में भी खिलाड़ियों को देखने के लिए स्टेडियम पहुंच रहे हैं।
Sikkim Landslide: दो नदियों का रास्ता बंद, एक जगह जमा हुआ पानी; UP और MP में भी बारिश का असर

Sikkim Landslide: दो नदियों का रास्ता बंद, एक जगह जमा हुआ पानी; UP और MP में भी बारिश का असर

देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण हालात मुश्किल होते जा रहे हैं। सिक्किम में लैंडस्लाइड के बाद दो नदियों का रास्ता बंद होने से पानी एक जगह जमा हो गया है। वहीं उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और बढ़े जलस्तर का असर घाटों पर दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश में भी कई नदियां उफान पर हैं। Sikkim में Landslide से नदियों का रास्ता बंद सिक्किम में लैंडस्लाइड के कारण दो नदियों का प्रवाह प्रभावित हुआ है। मलबा आने से नदी का रास्ता रुक गया और पानी एक जगह जमा होने लगा। इससे आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। नदी का रास्ता जल्द साफ नहीं हुआ तो जमा पानी आसपास के इलाकों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। UP में घाट डूबे, सड़क पर हुआ अंतिम संस्कार उत्तर प्रदेश में भी बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। कई घाट पानी में डूब गए, जिसके कारण अंतिम संस्कार के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ जगहों पर हालात ऐसे बने कि लोगों को सड़क पर ही चिता जलानी पड़ी। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। MP में नदियां उफान पर मध्य प्रदेश में भी लगातार बारिश के चलते कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नदियों के उफान पर होने से आसपास के इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। बारिश का असर सड़क, पुल और निचले इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। प्रशासन और स्थानीय टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं। कई राज्यों में बारिश से बढ़ी परेशानी सिक्किम, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आ रही तस्वीरें बताती हैं कि लगातार बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। कहीं लैंडस्लाइड से नदी का रास्ता बंद हुआ है, तो कहीं बढ़ते जलस्तर के कारण घाट और रास्ते प्रभावित हुए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जलभराव व नदी के बढ़ते पानी से होने वाले खतरे को कम करना है।
US-Canada Trade Deal पर विवाद, अमेरिकी मंत्री ने कनाडा पर साधा निशाना; PM Carney पर भी तंज

US-Canada Trade Deal पर विवाद, अमेरिकी मंत्री ने कनाडा पर साधा निशाना; PM Carney पर भी तंज

अमेरिका और कनाडा के बीच ट्रेड डील को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। एक अमेरिकी मंत्री ने कनाडा पर तीखी टिप्पणी करते हुए उसे ‘भौंकने वाला छोटा कुत्ता’ तक कह दिया। अमेरिकी मंत्री ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर आरोप लगाया कि उन्होंने अमेरिका की ओर से पेश की गई एक बेहतर ट्रेड डील को ठुकरा दिया। मंत्री की इस टिप्पणी के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खास तौर पर ऐसे समय में जब दोनों देश पहले ही व्यापार को लेकर कई मुद्दों पर बातचीत कर चुके हैं। PM Carney ने डील ठुकराने का आरोप अमेरिकी मंत्री का कहना है कि प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका की ओर से रखे गए बेहतर व्यापार समझौते को स्वीकार नहीं किया। उनके मुताबिक, कनाडा के पास समझौते के जरिए व्यापारिक संबंधों को बेहतर बनाने का मौका था, लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। अगस्त में बातचीत रही थी नाकाम अमेरिका और कनाडा के बीच अगस्त में हुई बातचीत किसी समझौते तक नहीं पहुंच सकी थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड रिलेशन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अब अमेरिकी मंत्री के बयान ने इस विवाद को और राजनीतिक रंग दे दिया है। तीखी भाषा में दिए गए बयान के बाद कनाडा की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना भी जताई जा रही है। Trade War का असर अहम अमेरिका और कनाडा एक-दूसरे के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर किसी भी तरह का तनाव कारोबार और उद्योगों पर असर डाल सकता है। फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में व्यापार समझौते को लेकर नए दौर की बातचीत होती है या नहीं, यह महत्वपूर्ण रहेगा।
Delhi Building Collapse: 50 साल पुरानी इमारत गिरी, 3 की मौत; हादसे के वक्त 50 से ज्यादा लोग थे अंदर

Delhi Building Collapse: 50 साल पुरानी इमारत गिरी, 3 की मौत; हादसे के वक्त 50 से ज्यादा लोग थे अंदर

राजधानी दिल्ली में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। करीब 50 साल पुरानी बिल्डिंग अचानक गिर गई, जिसमें दबने से 3 लोगों की मौत हो गई। हादसे के वक्त इमारत के अंदर 50 से ज्यादा लोगों के मौजूद होने का दावा किया जा रहा है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव दल ने तुरंत पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की। आसपास के लोगों ने भी बचाव अभियान में मदद की। बेसमेंट में चल रही थी खुदाई जानकारी के मुताबिक, हादसे से पहले बिल्डिंग के बेसमेंट में खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान इमारत का एक हिस्सा अचानक ढह गया। हालांकि, बिल्डिंग गिरने की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। 50 से ज्यादा लोगों के मौजूद होने का दावा स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि हादसे के समय बिल्डिंग के अंदर 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे। इस वजह से राहत और बचाव कार्य को तेजी से चलाया गया। मलबे के नीचे और लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए बचाव दल लगातार तलाशी अभियान चला रहा है। प्रशासन की टीमें भी मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हादसे की जांच शुरू पुलिस और प्रशासन ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। यह भी देखा जा रहा है कि बेसमेंट में चल रही खुदाई के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना है। हादसे के बाद इलाके में लोगों के बीच चिंता का माहौल है।

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