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भोपाल में अजीब निर्माण: शौचालय के सामने ही खड़ी कर दी दीवार, उपयोग से पहले ही बेकार

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर गलत इंफ्रास्ट्रक्चर का मामला सामने आया है। यहां एक निर्माणाधीन सुलभ शौचालय के सामने ही दीवार खड़ी कर दी गई है, जिससे इसका उपयोग लगभग असंभव हो गया है। इस अजीब निर्माण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वार्ड-40 में सामने आया मामला यह पूरा मामला जोन-11 के वार्ड 40, बाग उमराव दूल्हा और ऐशबाग इलाके का बताया जा रहा है। यहां पहले से बने 90 डिग्री एंगल वाले रेलवे ओवरब्रिज को लेकर भी विवाद रहा है। अब उसी के पास बने शौचालय के सामने दीवार खड़ी होने से नई समस्या खड़ी हो गई है। लोग बोले—‘विकास का अनोखा नमूना’ स्थानीय निवासी अलमास अली का कहना है कि यह शौचालय रेलवे की बाउंड्रीवाल के अंदर फंस गया है। उन्होंने बताया कि इस बारे में पहले ही अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। 5 लाख रुपए खर्च, फिर भी बेकार निर्माण जानकारी के अनुसार, इस सार्वजनिक शौचालय के निर्माण पर करीब 5 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि: पहले ही दी थी चेतावनी रहवासियों ने 11 फरवरी 2026 को ही आवेदन देकर कहा था कि: लेकिन इसके बावजूद गलत लोकेशन पर निर्माण शुरू कर दिया गया। अब क्या होगा? फिलहाल शौचालय का काम पूरा नहीं हुआ है, लेकिन जिस तरह से दीवार खड़ी की गई है, उससे साफ है कि उपयोग संभव नहीं होगा। यह मामला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। 👉 शहर और प्रदेश की ऐसी ही ग्राउंड रिपोर्ट के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
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बरगी क्रूज हादसा: 13 मौतों के बाद भी लापरवाही, शव ले जाने से ऑपरेटर ने किया इनकार

जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। प्राथमिक जांच में खराब मौसम के अलर्ट को नजरअंदाज करना हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। इस बीच मृतकों के शवों के साथ हुई लापरवाही ने सिस्टम पर और सवाल खड़े कर दिए हैं। फ्लाइट ऑपरेटर ने शव ले जाने से किया इनकार हादसे में जान गंवाने वाले आर्डनेंस फैक्ट्री कर्मचारी कामराज आर और उनके 5 साल के बेटे श्रीतमिल के शव को फ्लाइट से ले जाने से ऑपरेटर ने इनकार कर दिया। तर्क दिया गया कि शवों से बदबू आ रही है और वे डीकंपोज हो रहे हैं। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद हुआ रवाना मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने तुरंत अधिकारियों को एयरपोर्ट भेजा। इसके बाद करीब एक घंटे की देरी से फ्लाइट त्रिची के लिए रवाना हो सकी। मौसम के कारण पहले भी टली उड़ान रविवार को खराब मौसम के कारण फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकी थी। एम्बुलेंस से शव एयरपोर्ट ले जाए गए थे, लेकिन विमान लैंड न कर पाने के कारण उन्हें वापस अस्पताल लाना पड़ा। हादसे में 13 लोगों की मौत 30 अप्रैल को हुए इस हादसे में: एक ही परिवार में तीन मौतें कामराज मूल रूप से तमिलनाडु के त्रिची के रहने वाले थे। इस हादसे में उनकी पत्नी और छोटे बेटे की भी मौत हो गई। परिवार में अब केवल बड़ा बेटा ही बचा है। यह घटना न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है, बल्कि हादसे के बाद राहत और संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल उठाती है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
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उज्जैन यूनिवर्सिटी में सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश: BCom परीक्षा में फर्जी छात्रा पकड़ी गई

उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में बीकॉम 6वें सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान फर्जी तरीके से परीक्षा दिलाने का मामला सामने आया है। एक छात्रा की जगह दूसरी छात्रा परीक्षा देती पकड़ी गई, जिससे विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं। दूसरी छात्रा दे रही थी परीक्षा स्कूल ऑफ स्टडीज इन कॉमर्स में चल रही परीक्षा के दौरान सपना भदौरिया की जगह इंदौर से आई एक युवती परीक्षा देते पकड़ी गई। जांच के दौरान असली छात्रा का मोबाइल बंद मिला। सूचना के बाद हुई कार्रवाई एनएसयूआई नेता तरुण परिहार के अनुसार, उन्हें पहले ही सूचना मिली थी कि फर्जी तरीके से परीक्षा दिलाने की कोशिश होगी। इसके बाद अधिकारियों को सतर्क किया गया। जांच में खुला पूरा मामला कक्ष क्रमांक 10 में बैठी छात्रा के दस्तावेज और फोटो मिलान में गड़बड़ी मिली। पूछताछ में युवती ने अपना नाम प्रिशा साहू (इंदौर) बताया, जो बीटेक की छात्रा है। “परीक्षा दे दो, बाकी बाद में समझ लेंगे” प्रिशा ने बताया कि उसे ऋषभ नाम के युवक ने बुलाया था, जिसकी बहन सपना भदौरिया की जगह उसे परीक्षा देने के लिए कहा गया।उसने खुलासा किया कि उस पर दबाव बनाया गया और सिर्फ कॉपी में कुछ भी लिखने को कहा गया था। संगठित गिरोह की आशंका मामले में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है। इससे सॉल्वर गैंग के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। कुलगुरु ने दिए जांच के आदेश कुलगुरु अर्पण भारद्वाज मौके पर पहुंचे और मामले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। फिलहाल छात्रा से पूछताछ की जा रही है और मामला पुलिस को सौंपने की तैयारी है। यह घटना शिक्षा व्यवस्था में सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
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खंडवा में 7 मई को रोजगार मेला: 250 पदों पर भर्ती, 5वीं पास से PG तक को मौका

खंडवा जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए 7 मई (गुरुवार) को शासकीय आईटीआई में रोजगार, स्वरोजगार और अप्रेंटिस मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा, जिसमें प्रदेश की निजी कंपनियां करीब 250 पदों पर भर्ती करेंगी। शासकीय आईटीआई खंडवा में होगा आयोजन जिला रोजगार अधिकारी लक्ष्मण सिंह सिलौटे के अनुसार, मेले में तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों प्रकार की नौकरियों के लिए चयन किया जाएगा। कौन कर सकता है आवेदन? इस मेले में भाग लेने के लिए योग्यता: 👉 यानी लगभग हर वर्ग के युवाओं को मौका मिलेगा। वेतन और उम्र सीमा जरूरी दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य मेले में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी अपने साथ: लेकर जरूर आएं। महत्वपूर्ण सूचना ⚠️ यह रोजगार मेला खंडवा के युवाओं के लिए नौकरी पाने का एक अच्छा अवसर है, जहां एक ही जगह कई कंपनियों से जुड़ने का मौका मिलेगा। 👉 ऐसी ही अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
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5 राज्यों के रुझानों पर CM मोहन यादव का बयान: “राष्ट्रवाद की जीत, अहंकार की हार”

पांच राज्यों के चुनावी रुझानों के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। ग्वालियर एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इसे “राष्ट्रवाद और लोकतंत्र की जीत” बताया। उन्होंने कहा कि जैसे होली और दिवाली पर खुशी का माहौल होता है, वैसा ही माहौल आज देखने को मिल रहा है। यह अहंकार की हार और राष्ट्रवाद की जीत है। बंगाल को लेकर ममता बनर्जी पर निशाना मुख्यमंत्री ने ममता बनर्जी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में घुसपैठ और देशविरोधी ताकतों के साथ खड़े रहने के कारण जनता ने तृणमूल कांग्रेस पर भरोसा नहीं जताया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की बड़ी जीत बताया। राहुल गांधी पर भी टिप्पणी CM ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी भाषा लोकतंत्र के माहौल को प्रभावित करती है और अराजकता को बढ़ावा देती है। मप्र को बनाएंगे ‘दुग्ध राजधानी’ राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक सम्मेलन में CM ने घोषणा की कि मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश में नंबर-1 बनाया जाएगा। ग्वालियर में करीब 68 हजार से ज्यादा दुग्ध उत्पादक और 4 लाख से अधिक पशुधन मौजूद हैं। ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन CM ने ग्वालियर में ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन भी किया। यह विश्वविद्यालय करीब 110 करोड़ रुपए की लागत से 55 बीघा जमीन पर बनाया जाएगा। इस दौरान कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। CM का दिनभर का कार्यक्रम यह बयान चुनावी माहौल में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है, वहीं विकास और योजनाओं पर भी सरकार का फोकस साफ दिखता है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
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इंदौर में जैन मंदिर में चोरी: चांदी की मूर्तियां ले उड़े बदमाश, CCTV में कैद वारदात

इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र स्थित ग्रेटर बाबा जैन मंदिर में सोमवार तड़के चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। अज्ञात बदमाश मंदिर में घुसकर भगवान की चांदी की मूर्तियां और अन्य कीमती सामान चुरा ले गए। चोरी गए सामान की कीमत 10 लाख रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। 42 मिनट तक मंदिर में रहे चोर पुलिस के अनुसार, बदमाश रात करीब 2:18 बजे मंदिर में घुसे और करीब 42 मिनट तक अंदर रहे। इसके बाद करीब 3 बजे मौके से फरार हो गए। आशंका है कि चोरों ने पहले मंदिर की रेकी भी की थी। क्या-क्या चोरी हुआ? चोरों ने मंदिर के शटर और दरवाजे तोड़कर वारदात को अंजाम दिया। सुबह खुला मंदिर, तब सामने आई वारदात सोमवार सुबह जब मंदिर के पट खोले गए, तो गर्भगृह से मूर्तियां गायब मिलीं। एक श्रद्धालु महिला के पहुंचने के बाद घटना का खुलासा हुआ। इसके बाद स्थानीय लोग और जैन समाज के सदस्य मौके पर पहुंचे और नाराजगी जताई। मंदिर की देखरेख करने वाले कर्मचारी को रात में घटना की भनक तक नहीं लगी। CCTV में कैद हुई वारदात एरोड्रम थाना पुलिस के मुताबिक, पूरी घटना मंदिर में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में एक आरोपी दीवार फांदकर अंदर घुसता दिखाई दे रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर सबूत जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह घटना एक बार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
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MP IPS Transfer 2026, Police Transfer MP, Bhopal IPS News, SP Transfer List MP, IPS Posting Update

Breaking Night: MP IPS Transfer 2026 में बड़ा फेरबदल, 60+ अफसरों को नई पोस्टिंग

Madhya Pradesh में देर रात IPS ट्रांसफर लिस्ट जारी। 60 से ज्यादा अधिकारियों की पोस्टिंग बदली, कई जिलों के SP बदले। डिजिटल डेस्क। Madhya Pradesh में देर रात बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया। सरकार ने पुलिस विभाग में व्यापक फेरबदल करते हुए 60 से ज्यादा IPS अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस बदलाव में ADG से लेकर SP और DCP स्तर तक के अफसर शामिल हैं। कई जिलों की कमान बदली गई। कई अधिकारियों को प्रमोशन के बाद नई जिम्मेदारी मिली। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी असर दिखा। कई DCP और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त स्तर पर बदलाव किए गए। इससे साफ संकेत मिला कि सरकार कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर सख्त रुख में है। कुछ अधिकारियों को PHQ भेजा गया। कई जिलों में नए SP तैनात हुए। कुछ अफसरों को फील्ड से हटाकर मुख्यालय में जिम्मेदारी दी गई। मनोज कुमार राय जैसे अधिकारियों को प्रमोशन के बाद DIG बनाकर PHQ भेजा गया। यह फेरबदल केवल ट्रांसफर नहीं, बल्कि प्रदर्शन और रणनीति से जुड़ा कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नए अफसर अपने-अपने जिलों में क्या बदलाव लाते हैं। MP IPS Transfer List 2026 क्र. अधिकारी का नाम वर्तमान पदस्थापना नवीन पदस्थापना 1 रवि कुमार गुप्ता ADG रेल, भोपाल ADG प्रशिक्षण, भोपाल 2 राजाबाबू सिंह ADG प्रशिक्षण ADG रेल, भोपाल 3 डी.पी. गुप्ता ADG शिकायत/मानव अधिकार ADG सामुदायिक पुलिसिंग 4 सोलोमन मिंज ADG PHQ ADG शिकायत/मानव अधिकार 5 अमित सिंह अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, इंदौर DIG विसबल 6 अवधेश गोस्वामी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, भोपाल DIG PHQ 7 अमित सांधी DIG ग्वालियर DIG SAF, भोपाल 8 वीरेन्द्र कुमार सिंह DIG चयन, PHQ DIG नर्मदापुरम 9 प्रशांत खरे DIG नर्मदापुरम DIG PHQ 10 मनीष अग्रवाल DIG SAF DIG PHQ 11 मनोज कुमार राय SP खंडवा DIG PHQ 12 रियाज इकबाल SP रेडियो DIG PHQ 13 राहुल कुमार लोढ़ा SP रेल DIG PHQ 14 सिमाला प्रसाद SP रेल जबलपुर DIG PHQ 15 अमित यादव SP भिंड DIG ग्वालियर 16 विवेक सिंह DCP भोपाल DIG शहडोल 17 शैलेन्द्र सिंह चौहान SP रीवा अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल 18 कुमार प्रतीक DCP इंदौर DIG नारकोटिक्स 19 शिव दयाल SP झाबुआ DIG PHQ 20 मयंक अवस्थी SP धार अतिरिक्त पुलिस आयुक्त इंदौर 21 अरविंद तिवारी AIG PHQ सेनानी, 4वीं बटालियन 22 सुरज वर्मा SP दतिया SP भिंड 23 यांगचेन डोलकर SP इंदौर देहात SP शिवपुरी 24 गुरकरण सिंह सेनानी SP रीवा 25 दीपक शुक्ला SP सीहोर सेनानी SAF 26 अमन सिंह राठौड़ SP शिवपुरी DCP इंदौर 27 अनुराग सुजानिया AIG PHQ SP सागर 28 सचिन शर्मा प्रतिनियुक्ति SP धार 29 वाहिनी सिंह SP डिंडोरी SP PTS इंदौर 30 विकास सहवाल SP सागर DCP भोपाल 31 धर्मराज मीणा SAF SP मुरैना 32 समीर सौरभ SP मुरैना SP रेडियो भोपाल 33 रजत सकलेचा SP मंडला SP छतरपुर 34 अनूप जैन SP छतरपुर SP खंडवा 35 नवीन खरे SP सिंगरौली PHQ भोपाल 36 सुनील कुमार मेहता SP सिवनी DCP इंदौर 37 राजेश व्यास DCP इंदौर SP नीमच 38 विनोद कुमार सिंह SP आगर मालवा सेनानी विसबल 39 पंकज कुमार पांडे AIG PHQ SP देहात भोपाल 40 प्रकाश चन्द्र परिहार DCP इंदौर SP पांढुर्णा 41 दिलीप कुमार सैनी SP मऊगंज SP आगर मालवा 42 राजेन्द्र कुमार वर्मा SP PTS इंदौर SP देहात इंदौर 43 विक्रांत मुराव AIG PHQ SP अनूपपुर 44 सुरेन्द्र कुमार जैन SP PTS रीवा SP मऊगंज 45 आशीष खरे विशेष शाखा जबलपुर SP डिंडोरी 46 अंकित जायसवाल SP नीमच SP रेल भोपाल 47 राजेश रघुवंशी अतिरिक्त SP खंडवा SP मंडला 48 सती उर रहमान SP अनूपपुर सेनानी SAF रीवा 49 श्रुतकीर्ति सोमवंशी SP दमोह सेनानी SAF ग्वालियर 50 मयूर खंडेलवाल DCP भोपाल SP दतिया 51 सोनाक्षी सक्सेना DCP भोपाल SP सीहोर 52 शिराज के.एम. हॉकफोर्स बालाघाट SP सिंगरौली 53 आनंद कलादगी DCP इंदौर SP दमोह 54 कृष्ण लांछनदानी DCP इंदौर SP सिवनी 55 आयुष गुप्ता अतिरिक्त SP जबलपुर DCP भोपाल 56 आदर्शकांत शुक्ला एंटी नक्सल बालाघाट DCP भोपाल 57 नरेन्द्र रावत राजभवन परिसहाय DCP इंदौर 58 अभिषेक रंजन अतिरिक्त SP उज्जैन DCP इंदौर 59 राहुल देशमुख CSP उज्जैन राजभवन परिसहाय 60 अजय जैन SP छतरपुर SP खंडवा 61 मनीष खत्री SP सिंगरौली AIG PHQ भोपाल 62 देवेंद्र कुमार पाटीदार SP बुरहानपुर SP झाबुआ 🔁 अतिरिक्त प्रभार में बदलाव अधिकारी बदलाव अनिल कुमार लेखा एवं कल्याण का अतिरिक्त प्रभार वापस मोहम्मद शाहिद अबसार MP पुलिस अकादमी का अतिरिक्त प्रभार समाप्त, अब चयन एवं भर्ती आदित्य मिश्रा SP बालाघाट के साथ हॉक फोर्स का अतिरिक्त प्रभार मनोज कुमार राय प्रमोशन के बाद DIG PHQ
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MP Cruise Accident: कार्रवाई तेज, पायलट समेत 3 बर्खास्त, 4 लोग अब भी लापता

MP Cruise Accident: कार्रवाई तेज, पायलट समेत 3 बर्खास्त, 4 लोग अब भी लापता

MP के चर्चित क्रूज हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस मामले में लापरवाही सामने आने पर क्रूज पायलट समेत 3 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि एक अन्य कर्मचारी को सस्पेंड किया गया है। यह हादसा बरगी डैम में हुआ, जहां क्रूज के डूबने से बड़ा नुकसान हुआ। अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, 3 बच्चों समेत 4 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। राहत और बचाव कार्य में NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। गोताखोर डैम में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं, लेकिन पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण दिक्कतें आ रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के वक्त क्रूज में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे, जिससे संतुलन बिगड़ गया। शुरुआती जांच में सुरक्षा नियमों की अनदेखी की बात सामने आई है। प्रशासन ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है। इस हादसे ने पर्यटन सुरक्षा और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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Bhopal में चलती कार बनी आग का गोला, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान

Bhopal में चलती कार बनी आग का गोला, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान

Bhopal : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक चलती कार अचानक आग का गोला बन गई। घटना ने आसपास के लोगों को दहशत में डाल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार में अचानक धुआं उठने लगा और देखते ही देखते तेज आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि उसकी लपटें करीब 20 फीट तक ऊपर उठती दिखाई दीं। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग दूर से ही यह मंजर देखते रहे। कार चला रहे ड्राइवर ने समय रहते स्थिति को समझ लिया। उसने तुरंत चलती कार से कूदकर अपनी जान बचाई। हालांकि, कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है, लेकिन असली कारण की जांच जारी है। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह घटना एक बार फिर वाहन सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है।
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Ujjain Mahakal Temple की खुदाई में मिला 11वीं शताब्दी का शिवलिंग, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

Ujjain Mahakal Temple की खुदाई में मिला 11वीं शताब्दी का शिवलिंग, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध Mahakal (महाकालेश्वर) मंदिर में खुदाई के दौरान एक प्राचीन शिवलिंग मिलने से श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि यह शिवलिंग करीब 11वीं शताब्दी का है, जो ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण और खुदाई कार्य के दौरान मजदूरों को यह शिवलिंग दिखाई दिया। जैसे ही इसकी जानकारी फैली, बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौके पर पहुंचने लगे। लोगों ने वहीं पूजा-अर्चना शुरू कर दी और इसे भगवान महाकाल का चमत्कार मान रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उज्जैन सदियों से आस्था का केंद्र रहा है, और इस तरह का प्राचीन शिवलिंग मिलना इस नगरी की धार्मिक महत्ता को और मजबूत करता है। कई श्रद्धालु इसे शुभ संकेत मानते हुए परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। प्रशासन और मंदिर समिति ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। विशेषज्ञों की टीम इस शिवलिंग की ऐतिहासिकता और समय-काल की जांच करेगी। फिलहाल, श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं ताकि दर्शन सुचारु रूप से हो सकें। उज्जैन का महाकाल मंदिर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में इस प्राचीन शिवलिंग की खोज ने शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और गहरा कर दिया है। अधिक अपडेट्स और खबरों के लिए विजिट करें: Deshharpal.com हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Editor's Picks

Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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