आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलBittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावितBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ कियाBREAKINGदेश-हरपलSwatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत मेंBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमतिBREAKINGदेश-हरपलBittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावितBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ कियाBREAKINGदेश-हरपलSwatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत मेंBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

NE

News Elementor

Banner

Latest Posts

MP हाईकोर्ट के जस्टिस साइकिल से पहुंचे कोर्ट, PM मोदी की फ्यूल बचाने की अपील का दिखा असर

प्रधानमंत्री Narendra Modi की फ्यूल बचाने की अपील का असर अब मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। मंगलवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस DD Bansal लग्जरी कार छोड़ साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे। उनका वीडियो सामने आने के बाद यह चर्चा का विषय बन गया है। 3 किलोमीटर साइकिल चलाकर पहुंचे हाईकोर्ट जानकारी के मुताबिक, जस्टिस डीडी बंसल सिविल लाइंस स्थित अपने निवास से करीब 3 किलोमीटर साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे। रास्तेभर लोग उन्हें देखते रहे। वहीं, हाईकोर्ट परिसर में भी कर्मचारियों और आम लोगों ने उन्हें उत्सुकता से देखा। बोले- जज भी चला सकते हैं साइकिल मीडिया से बातचीत में जस्टिस बंसल ने कहा कि यह सोच बिल्कुल गलत है कि हाईकोर्ट के जज साइकिल से नहीं जा सकते। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, सभी लोगों को साइकिल चलाकर पेट्रोल और डीजल की बचत करनी चाहिए। उन्होंने इसे सिर्फ फ्यूल बचाने का नहीं, बल्कि पर्यावरण और देशहित से जुड़ा कदम बताया। चीफ जस्टिस से मिली प्रेरणा जस्टिस बंसल ने बताया कि वे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस Sanjeev Sachdeva से प्रेरित होकर साइकिल चला रहे हैं। उनके इस कदम से प्रेरित होकर हाईकोर्ट के कुछ कर्मचारियों ने भी साइकिल से ऑफिस आना शुरू किया है। PM मोदी ने की थी फ्यूल बचाने की अपील दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से फ्यूल की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से कहा था कि जहां तक संभव हो, पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करें और मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट व इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा उपयोग करें। प्रधानमंत्री ने कहा था कि इससे ऊर्जा की बचत होगी और विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
Read more
Bhopal में गैस सिलेंडर से भरा ट्रक जब्त, न्यू मार्केट में खड़ा मिला वाहन; 211 सिलेंडर बरामद

Bhopal में गैस सिलेंडर से भरा ट्रक जब्त, न्यू मार्केट में खड़ा मिला वाहन; 211 सिलेंडर बरामद

Bhopal में सुरक्षा नियमों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। न्यू मार्केट इलाके में एक ट्रक में भारी मात्रा में गैस सिलेंडर रखे हुए पाए गए, जिसे प्रशासन ने मौके पर ही जब्त कर लिया। ट्रक में कुल 211 गैस सिलेंडर लोड थे, जो बिना अनुमति और नियमों के खिलाफ खड़े किए गए थे। कैसे हुआ खुलासा? स्थानीय लोगों ने न्यू मार्केट क्षेत्र में एक संदिग्ध ट्रक खड़ा देखा, जिसके बाद इसकी सूचना प्रशासन को दी गई। जांच के दौरान पाया गया कि ट्रक में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे गए हैं और इसे गोदाम की बजाय खुले इलाके में खड़ा किया गया था। सुरक्षा नियमों की अनदेखी प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार: इसी को देखते हुए ट्रक को तुरंत जब्त कर लिया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच जारी फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि ट्रक किसका है और इतने बड़े पैमाने पर सिलेंडर यहां क्यों लाए गए थे। जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों की चिंता घटना के बाद इलाके के लोगों में चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि भीड़भाड़ वाले न्यू मार्केट जैसे क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही गंभीर हादसे को न्योता दे सकती थी।
Read more

सीहोर में डिलीवरी के बाद महिला की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा

मध्यप्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय स्थित Maa Gayatri Hospital में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही और गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। डिलीवरी के कुछ घंटे बाद हुई मौत जानकारी के मुताबिक, मृतका मयूरी राठौर को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि मयूरी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था, लेकिन इसके कुछ समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। मृतका के पति मनीष राठौर ने आरोप लगाया कि अस्पताल में एक इंजेक्शन लगाने के 5 से 7 मिनट बाद ही मयूरी की हालत गंभीर हो गई और उनकी मौत हो गई। डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टरों से महिला की हालत के बारे में जानकारी मांगी, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि मयूरी पेशे से एएनएम (ANM) थीं। डॉक्टर ने आरोपों को बताया गलत अस्पताल की डॉक्टर Sujata Parmar ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मरीज का इलाज पूरी तरह मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत किया गया था। डॉक्टर के अनुसार, संभव है कि चाय पीने के दौरान कुछ सांस नली में फंस गया हो, जिसकी वजह से तबीयत बिगड़ी हो। उन्होंने कहा कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। पुलिस जांच में जुटी अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
Read more

खंडवा में सांसद-विधायक के दिए पानी टैंकर बने मुसीबत, 4 महीने में ही टूटा टैंकर

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में पेयजल समस्या दूर करने के लिए जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए पानी के टैंकर अब सवालों के घेरे में हैं। गांव में उपयोग के दौरान सांसद निधि से मिला एक टैंकर महज चार महीने में ही टूट गया। घटना के बाद टैंकर की गुणवत्ता और निर्माण कार्य पर सवाल उठने लगे हैं। श्मशान घाट ले जाते समय टूटा टैंकर मामला खंडवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बावड़ियांकाजी (ग्राम पंचायत सिरपुर) का है। यहां सांसद Gyaneshwar Patil निधि से फरवरी 2026 में एक पानी का टैंकर पंचायत को दिया गया था। बताया जा रहा है कि गांव में एक अंत्येष्टि कार्यक्रम के दौरान टैंकर में पानी भरकर श्मशान घाट ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में लॉकिंग एरिया के पास से टैंकर ट्रैक्टर से अलग होकर टूट गया। राहत की बात यह रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ। कमजोर वेल्डिंग पर उठे सवाल सरपंच प्रतिनिधि दीपक पटेल के अनुसार, टैंकर की वेल्डिंग बेहद कमजोर थी। अगर ढलान पर ट्रैक्टर पलट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद तुरंत खंडवा से वेल्डर बुलाकर टैंकर की मरम्मत कराई गई। बाद में इसे दोबारा मजबूत वेल्डिंग के लिए खंडवा भेजा गया। उन्होंने कहा कि नया टैंकर होने के बावजूद उसकी गुणवत्ता बेहद खराब थी, जिससे निर्माण कार्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विधायक के टैंकर में भी आई दिक्कत दीपक पटेल ने बताया कि गांव को विधायक Kanchan Tanve की ओर से भी एक टैंकर मिला था। लेकिन उसकी हालत भी ज्यादा अच्छी नहीं है। महज तीन महीने में उसके टायर बदलवाने पड़े, जिस पर करीब 7 हजार रुपए खर्च हुए। थर्ड पार्टी एजेंसी से होते हैं ऐसे काम जानकारी के मुताबिक, सांसद और विधायक निधि की राशि जनहित कार्यों में खर्च की जाती है। सड़क, नाली जैसे निर्माण कार्य पंचायत सीधे करवाती है, लेकिन टैंकर और यात्री प्रतीक्षालय जैसे काम निजी एजेंसियों के जरिए कराए जाते हैं। पहले भी उठ चुका है ‘टैंकर भ्रष्टाचार’ का मुद्दा मध्यप्रदेश में टैंकरों की खराब गुणवत्ता का मुद्दा पहले भी चर्चा में रहा है। 2019 लोकसभा चुनाव में मंदसौर संसदीय क्षेत्र में घटिया क्वालिटी के टैंकरों को लेकर काफी विवाद हुआ था। उस समय सांसद Sudhir Gupta को लोग ‘टैंकर बाबू’ तक कहने लगे थे। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
Read more

सीहोर-इछावर हाईवे पर एंबुलेंस और ट्रक की टक्कर, केबिन में फंसा चालक

Sehore-इछावर स्टेट हाईवे पर शुक्रवार देर रात एंबुलेंस और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में एंबुलेंस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि चालक केबिन में फंस गया। घटना दो पुलिया जोड़ के पास की बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने केबिन काटकर निकाला चालक हादसे के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद एंबुलेंस का केबिन काटकर घायल चालक को बाहर निकाला। इसके बाद दूसरी एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन करीब एक घंटे तक कोई एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। समय पर मेडिकल मदद नहीं मिलने से स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली। “बिना मरीज के दौड़ती हैं एंबुलेंस” स्थानीय लोगों और चश्मदीदों ने आरोप लगाया कि कई बार एंबुलेंस बिना मरीज के भी तेज रफ्तार में सायरन बजाते हुए हाईवे पर दौड़ती हैं। लोगों का कहना है कि कुछ सरकारी एंबुलेंस का इस्तेमाल निजी कामों में भी किया जाता है। इसी वजह से जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुविधा नहीं मिल पाती। पुलिस कर रही जांच सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात बहाल कराया। शुरुआती जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही मानी जा रही है। इछावर थाना प्रभारी पंकज वाडेकर ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति घायल हुआ है, जिसे अस्पताल भेजा गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय एंबुलेंस में कोई मरीज था या नहीं। प्रेग्नेंट महिला को छोड़कर लौट रही थी एंबुलेंस जानकारी के अनुसार, यह 108 एंबुलेंस रेहटी क्षेत्र की थी। एंबुलेंस एक गर्भवती महिला को सीहोर अस्पताल छोड़कर वापस लौट रही थी। घटना के समय वाहन में केवल चालक मौजूद था। घायल चालक को पहले इछावर अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया है। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
Read more

सागर में जनगणना कार्य में लापरवाही पर 5 अधिकारियों को नोटिस, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

Sagar में जनगणना के तहत मकान गणना कार्य की धीमी प्रगति पर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी प्रतिभा पाल ने सख्त रुख अपनाया है। कार्य की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर पांच जनगणना चार्ज अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। तय समय में पूरा करना होगा काम कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मकान गणना का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि 10 मई तक 50 प्रतिशत, 15 मई तक 75 प्रतिशत और 20 मई तक 100 प्रतिशत कार्य पूरा करना होगा। साथ ही चेतावनी दी कि दो दिन में प्रगति नहीं दिखने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन अधिकारियों को मिला नोटिस कलेक्टर ने कार्रवाई करते हुए मकरोनिया के मुख्य नगर पालिका अधिकारी पवन कुमार शर्मा, शाहपुर के मुख्य नगर परिषद अधिकारी बालकिशन पटेल, राहतगढ़ के जनगणना चार्ज अधिकारी आकाश जैन, जैसीनगर के तहसीलदार प्रेमनारायण सिंह और बांदरी के तहसीलदार अनिल कुशवाहा को नोटिस जारी किया है। “लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी” कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि जनगणना महाअभियान के तहत मकान गणना का कार्य बेहद महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी इसे गंभीरता से लें और तय समय सीमा के भीतर पूरा करें। उन्होंने साफ कहा कि काम में लापरवाही या धीमी प्रगति पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
Read more

उज्जैन में हर्षा रिछारिया ने शुरू किया पहला प्रवचन, देवी शक्ति और शक्तिपीठों का बताया महत्व

Ujjain की मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रहीं Harsha Richhariya ने संन्यास लेने के एक महीने के भीतर ही प्रवचन की शुरुआत कर दी है। शुक्रवार को उज्जैन से करीब 22 किलोमीटर दूर लक्ष्मीपुरा गांव में आयोजित 108 कुंडीय यज्ञ के दौरान उन्होंने पहली बार सार्वजनिक मंच से प्रवचन दिया। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में पहुंचे। “हर्षानंद गिरी” नाम से किया प्रवचन कार्यक्रम में जगह-जगह बड़े होर्डिंग लगाए गए थे, जिन पर “देवी प्रवचन – हर्षानंद गिरी” लिखकर उनकी तस्वीरें लगाई गई थीं। दोपहर करीब एक बजे शुरू हुए प्रवचन में हर्षा ने देवी शक्ति, माता सती और 52 शक्तिपीठों का महत्व बताया। उन्होंने राजा दक्ष और माता सती की कथा का भी उल्लेख किया। प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि बिना निमंत्रण कहीं नहीं जाना चाहिए। साथ ही 52 शक्तिपीठों और हिंदी वर्णमाला के 52 अक्षरों को जोड़ते हुए धार्मिक व्याख्या भी की। 19 अप्रैल को लिया था संन्यास हर्षा रिछारिया ने 19 अप्रैल को उज्जैन के मोनी आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज के सानिध्य में संन्यास लिया था। संन्यास के बाद उन्होंने गृहस्थ जीवन त्यागकर “स्वामी हर्षानंद गिरी” नाम अपनाया। उनके संन्यास को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा भी हुई थी। पहली बार मंच से प्रवचन देने पहुंचीं करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रवचन के दौरान हर्षा बीच-बीच में लिखित नोट्स देखकर बोलती नजर आईं। बाद में उन्होंने कहा कि हजारों लोगों के सामने बोलना उनके लिए नया अनुभव था और शुरुआत में वे काफी घबराई हुई थीं। हालांकि गुरु और माता के आशीर्वाद से वे प्रवचन कर सकीं। श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद प्रवचन के दौरान व्यास गद्दी पर बैठीं हर्षा के चरण स्पर्श करने के लिए श्रद्धालुओं की कतार लग गई। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया समेत कई स्थानीय नेता और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रवचन समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं ने उन्हें दक्षिणा भी भेंट की।
Read more

जबलपुर के होटल में महिला की संदिग्ध मौत, कमरे में खून से सनी मिली लाश

Jabalpur के धनवंतरी नगर इलाके में स्थित एक होटल के कमरे से महिला की संदिग्ध हालत में लाश मिलने से हड़कंप मच गया। महिला का शव खून से सना हुआ था। सूचना मिलते ही संजीवनी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस को शुरुआती जांच में कई लापरवाहियां भी मिली हैं। होटल प्रबंधन ने महिला का आधार कार्ड या कोई पहचान पत्र नहीं लिया था। साथ ही उसका नाम-पता भी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया। नाश्ता देने पहुंचे कर्मचारी ने दी सूचना जानकारी के मुताबिक रिलेक्स-इन होटल के कमरा नंबर-9 में करीब 40 वर्षीय महिला एक युवक के साथ रुकी थी। शुक्रवार दोपहर होटल का कर्मचारी नाश्ता देने कमरे तक पहुंचा। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद होटल मैनेजर को सूचना दी गई। जब दूसरी चाबी से दरवाजा खोला गया तो महिला की लाश कमरे में पड़ी मिली। महिला के शरीर पर खून और चोट के निशान भी पाए गए। युवक होटल से गायब पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला के साथ एक युवक भी होटल में आया था। युवक दमोह का रहने वाला बताया जा रहा है। गुरुवार शाम के बाद से वह होटल में दिखाई नहीं दिया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। होटल रिकॉर्ड में युवक का नाम गुड्डू बंसल बताया गया है। उसने पहचान पत्र के तौर पर ड्राइविंग लाइसेंस जमा कराया था। कमरे से शराब की बोतल मिली पुलिस को कमरे से शराब की बोतल भी मिली है। वहीं महिला के पास से कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिला। सीएसपी एमएल नागोतिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी। पुलिस होटल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। होटल प्रबंधन पर भी सवाल जांच के दौरान यह भी सामने आया कि होटल प्रबंधन ने महिला का आईडी कार्ड नहीं लिया था। पुलिस इस लापरवाही को लेकर होटल मैनेजर से पूछताछ कर रही है। फिलहाल पुलिस महिला की पहचान करने और फरार युवक को पकड़ने की कोशिश में जुटी है। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
Read more

सीहोर पहुंचीं मंत्री कृष्णा गौर, बंगाल हिंसा और ममता सरकार पर बोला हमला

Sehore प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश सरकार की प्रभारी मंत्री Krishna Gaur ने मीडिया से चर्चा करते हुए पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था और Mamata Banerjee सरकार पर तीखा हमला बोला। मंत्री कृष्णा गौर ने बंगाल में हो रही हिंसा को सत्ता खोने की “हताशा” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में “गुंडा राज” स्थापित कर दिया था। “डर के माहौल में नहीं कर पाते थे मतदान” मंत्री गौर ने कहा कि बंगाल की जनता लंबे समय से टीएमसी सरकार से परेशान थी। लोगों में डर का माहौल था, जिसकी वजह से वे खुलकर अपनी पसंद से मतदान नहीं कर पाते थे। उन्होंने चुनाव आयोग की तारीफ करते हुए कहा कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रही। आयोग ने सख्ती दिखाई, जिसके कारण जनता ने निर्भय होकर मतदान किया। “हार की हताशा में हो रही हिंसा” हालिया हिंसा की घटनाओं पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि टीएमसी अब हार की हताशा में ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बंगाल की कानून व्यवस्था को गंभीरता से लिया है। आने वाले समय में किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने कहा कि हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। समीक्षा बैठक में भी हुई शामिल सीहोर दौरे के दौरान कृष्णा गौर ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में भी हिस्सा लिया। बैठक में जिले के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचे और लंबित कार्य जल्द पूरे किए जाएं। बैठक में विधायक Sudesh Rai, Gopal Singh Engineer, जिला भाजपा अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना सुरेंद्र अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
Read more

इंदौर में भाजपा नेता और ट्रैफिक पुलिस के बीच विवाद, हंगामे के बाद दो पुलिसकर्मी निलंबित

Indore के महूनाका चौराहे पर शुक्रवार दोपहर भाजपा नेताओं और ट्रैफिक पुलिस के बीच विवाद हो गया। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। भाजपा के विधानसभा-4 प्रभारी वीरेंद्र शेडगे ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया है। वहीं ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि वीरेंद्र शेडगे मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चला रहे थे। चेकिंग के दौरान शुरू हुआ विवाद जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर महूनाका चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस हेलमेट चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान वीरेंद्र शेडगे दोपहिया वाहन से वहां से गुजर रहे थे। बताया जा रहा है कि एक पुलिसकर्मी ने हाथ देकर उनकी बाइक रोकने की कोशिश की। आरोप है कि बाइक नहीं रुकने पर पुलिसकर्मी ने चलती गाड़ी पर हाथ उठा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। वीरेंद्र शेडगे का आरोप है कि उन्हें रोकर थप्पड़ मारा गया। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की है। विरोध के बाद दो पुलिसकर्मी सस्पेंड मामला बढ़ने पर भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। विरोध बढ़ता देख यातायात विभाग ने कार्रवाई करते हुए ट्रैफिक कॉन्स्टेबल शेखर और सूबेदार लक्ष्मी को निलंबित कर दिया। वहीं ट्रैफिक टीआई राधा यादव को कार्यालय अटैच किया गया है। CCTV फुटेज की जांच जारी एसीपी शिवेंदु जोशी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। चौराहे के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फुटेज सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के मुताबिक शुरुआती जांच में वीरेंद्र शेडगे मोबाइल पर बात करते हुए नजर नहीं आए हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया चक्काजाम घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने महूनाका चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए, जिससे इलाके में यातायात प्रभावित हो गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। काफी देर तक मौके पर तनाव का माहौल बना रहा। बाद में पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
Read more
1 31 32 33 34 35 72

Editor's Picks

Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.