आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGमध्य प्रदेशरानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव◆BREAKINGस्पोर्ट्सएशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए◆BREAKINGदेश-हरपलSBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल◆BREAKINGबिज़नेसShare Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विवादों की लंबी फेहरिस्त, खरीदी से लेकर भर्ती तक उठे सवाल◆BREAKINGबिज़नेसGold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे◆BREAKINGमध्य प्रदेशरानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव◆BREAKINGस्पोर्ट्सएशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए◆BREAKINGदेश-हरपलSBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल◆BREAKINGबिज़नेसShare Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विवादों की लंबी फेहरिस्त, खरीदी से लेकर भर्ती तक उठे सवाल◆BREAKINGबिज़नेसGold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

खंडवा में अवैध कारखाने पर बड़ी कार्रवाई, इमलीपुरा में ध्वस्तीकरण शुरू

खंडवा शहर के इमलीपुरा इलाके में रहवासी बस्ती के बीच चल रहे अवैध चर्बी बनाने के कारखाने पर नगर निगम ने गुरुवार सुबह सख्त कार्रवाई की। संकरी गलियों के कारण बुलडोजर अंदर नहीं जा सका, तो निगम टीम ने सब्बल और हथौड़ों से ही दीवारें तोड़कर भवन गिराना शुरू किया। कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर, निगम आयुक्त प्रियंका राजावत और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया। नोटिस के बाद भी नहीं दिए दस्तावेज नगर निगम ने कारखाना संचालक अनवर कुरैशी के परिजनों को पहले ही नोटिस देकर भवन और जमीन से जुड़े दस्तावेज पेश करने को कहा था। 24 घंटे की समयसीमा खत्म होने के बाद भी दस्तावेज नहीं दिए गए, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। मांस से चर्बी और ऑयल बनाने का अवैध कारोबार जांच में सामने आया कि इस भवन में पशुओं के मांस को उबालकर चर्बी और ऑयल बनाया जा रहा था। साथ ही सींग और खाल निकालने का भी अवैध काम चल रहा था। घनी आबादी के बीच इस तरह की गतिविधियों से इलाके में गंभीर स्वच्छता और स्वास्थ्य खतरे पैदा हो रहे थे। पहले भी हो चुकी है बड़ी जब्ती 24 अप्रैल को प्रशासन और नगर निगम की टीम ने यहां छापा मारकर 9 ड्रम और 69 कनस्तरों में भरी चर्बी जब्त की थी। साथ ही पशुओं के सींग और खाल भी बरामद हुए थे, जिन्हें ट्रेंचिंग ग्राउंड पर नष्ट किया गया। संचालक गिरफ्तार, दो अधिकारी निलंबित इस मामले में आरोपी अनवर कुरैशी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं लापरवाही सामने आने पर स्लॉटर हाउस प्रभारी जाकिर अहमद और राजस्वकर्मी अमित अग्रवाल को निलंबित कर दिया गया है। रासुका लगाने की मांग तेज घटना के बाद हिंदू संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है। उन्होंने आरोपियों और जुड़े अन्य लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की मांग की है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें:www.deshharpal.com
Read more

8 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, 17 मई से शुरू होगा अधिकमास

करीब 8 साल बाद इस बार ज्येष्ठ माह में अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) का दुर्लभ संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार 17 मई 2026 से अधिकमास की शुरुआत होगी, जो 15 जून तक चलेगा। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे सभी मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी। क्या होता है अधिकमास? ज्योतिषाचार्य अमर डिब्बेवाला के अनुसार, हिंदू पंचांग विक्रम संवत पर आधारित होता है और वर्तमान में विक्रम संवत 2082 चल रहा है।अधिकमास तब बनता है, जब पूरे चंद्र मास में सूर्य किसी नई राशि में प्रवेश नहीं करता। चंद्र और सौर गणना के अंतर को संतुलित करने के लिए हर 2-3 साल में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिकमास कहा जाता है। धार्मिक दृष्टि से क्यों खास है यह महीना? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिकमास में किए गए जप, तप, दान और पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है। इस दौरान: करना बेहद शुभ माना जाता है। मांगलिक कार्यों पर रहेगा विराम इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते। इसे आत्मचिंतन, साधना और धर्म-कर्म के लिए श्रेष्ठ समय माना गया है। महत्वपूर्ण तिथियां और योग उज्जैन में विशेष धार्मिक परंपरा उज्जैन की पवित्र शिप्रा नदी में स्नान और श्री महाकालेश्वर मंदिर में पूजन-अर्चन का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु इस दौरान पितरों का तर्पण भी करते हैं। कितने दिन का होगा अधिकमास? इस बार अधिकमास 17 मई से 15 जून 2026 तक यानी करीब 30 दिनों का रहेगा, जबकि ज्येष्ठ माह का कुल काल लगभग 58-59 दिन तक रहेगा। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more

ICSE-ISC Result 2026 जारी: भोपाल के BHIS स्कूल का शानदार प्रदर्शन, कृष्णाली मर्चेंट बनीं टॉपर

भोपाल समेत पूरे देश के लाखों छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है। Council for the Indian School Certificate Examinations ने ICSE 10वीं और ISC 12वीं परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। रिजल्ट जारी होते ही भोपाल के स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में हलचल बढ़ गई। छात्र अपने-अपने परिणाम देखने में जुट गए, वहीं कई स्कूलों ने मार्गदर्शन के लिए विशेष व्यवस्था भी की। भोपाल के Billabong High International School का शानदार प्रदर्शन भोपाल के Billabong High International School (BHIS) ने इस साल बेहतरीन रिजल्ट देकर शहर का नाम रोशन किया है। स्कूल के अनुसार, ICSE का औसत 86% और ISC का 86.1% रहा। आधे से ज्यादा छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए। कहां देखें रिजल्ट छात्र अपना रिजल्ट इन प्लेटफॉर्म्स पर देख सकते हैं: रिजल्ट देखने के लिए UID, इंडेक्स नंबर और कैप्चा कोड जरूरी होगा। परीक्षा का शेड्यूल इस साल ICSE में करीब 2.6 लाख और ISC में लगभग 1.5 लाख छात्र शामिल हुए थे। री-इवैल्यूएशन का विकल्प बोर्ड के अनुसार, अब कम्पार्टमेंट परीक्षा का विकल्प नहीं है। जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे री-चेकिंग या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, एक ही सत्र में दो विषयों तक सुधार परीक्षा देने का मौका मिलेगा। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more

खंडवा में बैंक के कब्जे वाले मकान में घुसा परिवार, 4 पर केस दर्ज

खंडवा के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक जैन परिवार के खिलाफ जबरन कब्जे का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि बैंक द्वारा सील किए गए मकान में परिवार ने पीछे के दरवाजे से घुसकर दोबारा कब्जा करने की कोशिश की। 86 लाख का लोन नहीं चुकाया मामला सौमित्र नगर का है, जहां चंद्रकुमार जैन ने एयू बैंक से अपने मकान को गिरवी रखकर 86 लाख 67 हजार रुपए का लोन लिया था। लंबे समय तक लोन नहीं चुकाने पर बैंक ने संपत्ति को अपने आधिपत्य में लेकर मकान सील कर दिया था। कलेक्टर के आदेश पर बैंक को मिला कब्जा जानकारी के अनुसार, बैंक ने बकाया राशि को लेकर नोटिस जारी किए थे, लेकिन परिवार ने भुगतान नहीं किया। इसके बाद मामला कलेक्टर तक पहुंचा, जहां से बैंक के पक्ष में आदेश जारी हुआ। तहसीलदार की मौजूदगी में बैंक को मकान का कब्जा दिलाया गया। पीछे के गेट से घुसकर कब्जे की कोशिश आरोप है कि इसके बावजूद जैन परिवार पीछे के रास्ते से मकान में घुस गया और दोबारा कब्जा करने की कोशिश की। बैंक अधिकारियों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। परिवार के 4 सदस्यों पर केस पुलिस ने शिकायत के आधार पर नवीन कुमार जैन, प्रवीण कुमार जैन, निर्मला जैन और चंद्रकुमार जैन के खिलाफ जबरन कब्जे की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more

दलबदल मामले में हाईकोर्ट की सख्ती, 720 दिन की देरी पर सवाल

सागर जिले की बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ दलबदल मामले में दायर याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह याचिका नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दायर की है, जिसमें उनकी विधायकी खत्म करने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों से जवाब मांगा और मामले में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। “90 दिन में फैसला होना चाहिए, 720 दिन क्यों लगे?” चीफ जस्टिस संजीव कुमार सचदेवा ने सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि दलबदल मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने 90 दिनों के भीतर निर्णय देने की समय सीमा तय की है। ऐसे में 720 दिन बीत जाने के बाद भी फैसला नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने महाधिवक्ता प्रशांत सिंह से कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन स्पीकर के संज्ञान में लाई जाए। स्पीकर के पास लंबित है मामला महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट को बताया कि मामले की सुनवाई विधानसभा स्पीकर के समक्ष जारी है और प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच की जा रही है। वहीं उमंग सिंघार के वकील विभोर खंडेलवाल ने भी मांग की कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय 90 दिन की समय सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए। बीजेपी कार्यक्रम में दिखने के बाद बढ़ा विवाद दरअसल, निर्मला सप्रे ने 2023 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था। 5 मई 2024 को लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान वे मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ बीजेपी के मंच पर नजर आई थीं। इसके बाद उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई थी। 5 जुलाई 2024 को उमंग सिंघार ने स्पीकर के समक्ष याचिका लगाकर उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की। जब इस पर फैसला नहीं हुआ, तो नवंबर 2024 में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। अब इस मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more

सागर में तेज रफ्तार का कहर, एक की मौत, एक गंभीर घायल

मध्य प्रदेश के सागर में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। राजघाट रोड पर बीडी अस्पताल के पास एक तेज रफ्तार कार ने दो बाइकों और एक ऑटो को टक्कर मार दी। इसके बाद कार अनियंत्रित होकर एक मकान की दीवार से जा टकराई। इस हादसे में 50 वर्षीय रामस्वरूप दीक्षित की मौके पर ही मौत हो गई। वे कटंगी के रहने वाले थे। उनके साथ बाइक पर सवार शिवराज गौड़ (45) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए बीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आरोपी चालक फरार घटना के बाद कार चालक मौके से भाग गया। मोतीनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर परिजनों को सौंप दिया है। प्रत्यक्षदर्शी प्रदीप पटेल के अनुसार, हादसा रात करीब 11:30 से 12 बजे के बीच हुआ। एक काले रंग की तेज रफ्तार कार ने अचानक दो बाइक और ऑटो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पास के मकान की दीवार से जा टकराई। “ड्राइवर नशे में था” — प्रत्यक्षदर्शी प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद लोगों ने कार चालक को बाहर निकाला, लेकिन वह नशे की हालत में था और कुछ देर बाद मौके से फरार हो गया। आरोपी की तलाश जारी स्थानीय लोगों के मुताबिक, आरोपी चालक का नाम राजेश बताया जा रहा है, जो विवेकानंद वार्ड क्षेत्र का रहने वाला है। मोतीनगर पुलिस ने बयान दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग के खतरों की याद दिलाता है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more

ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल पर सख्ती, 118 चालान और 72 लाइसेंस निलंबित

शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है। ड्राइविंग करते समय मोबाइल इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को ट्रैफिक पुलिस ने अलग-अलग चौराहों पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 118 वाहन चालकों के चालान बनाए गए, जबकि 72 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। पुलिस का खास फोकस उन लोगों पर है, जो टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर चलाते समय मोबाइल पर बात करते या उसका इस्तेमाल करते नजर आते हैं। सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी कार्रवाई डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सड़क हादसों को रोकने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करना बेहद खतरनाक है। पुलिस के मुताबिक, यह लापरवाही न सिर्फ चालक बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के लिए भी बड़ा खतरा बनती है। यही वजह है कि गंभीर उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। लोगों से अपील ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल बिल्कुल न करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more

उज्जैन में बदमाशों के हौसले बुलंद, घर के बाहर खड़ी कार को बनाया निशाना

उज्जैन के माधवनगर थाना क्षेत्र में सोमवार रात बदमाशों ने एक बार फिर दहशत फैला दी। अज्ञात आरोपियों ने घर के बाहर खड़ी कार के कांच पत्थरों से तोड़ दिए। इस पूरी घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। मामला देवास रोड स्थित आश्रय होटल के पास मिशन कंपाउंड का है। यहां रहने वाले संदीप कुमार मीणा की कार घर के बाहर खड़ी थी। देर रात दो युवक वहां पहुंचे और पत्थरों से कार के कांच फोड़कर मौके से फरार हो गए। सुबह जब संदीप ने गाड़ी देखी तो कांच टूटे हुए थे। इसके बाद उन्होंने माधवनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की, जिसमें दोनों आरोपी साफ नजर आ रहे हैं। फुटेज में दिख रहा है कि युवक पहले बाइक खड़ी करते हैं, फिर पैदल आकर वारदात को अंजाम देते हैं और भाग जाते हैं। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं उज्जैन में इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं। इससे पहले चिमनगंज थाना क्षेत्र के बाफना पार्क और ऋषिनगर इलाके में भी इसी तरह कारों को नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि, अब तक आरोपियों का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। कॉम्बिंग गश्त के बावजूद जारी वारदात गौरतलब है कि हाल ही में उज्जैन पुलिस ने 600 जवानों के साथ शहर में बड़ी कॉम्बिंग गश्त चलाई थी। इस दौरान कई वारंट तामील किए गए और इनामी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more

सीहोर में दिग्विजय सिंह का भाजपा पर निशाना

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने सीहोर दौरे के दौरान भाजपा और दलबदल करने वाले नेताओं पर जमकर हमला बोला। उन्होंने खासतौर पर आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सांसदों को निशाने पर लिया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो सांसद अपनी निष्ठा बदलकर भाजपा में गए हैं, उनका “सत्यानाश” हो जाएगा। उन्होंने दलबदल की राजनीति को लोकतंत्र के लिए गलत बताया और इस पर नाराजगी जाहिर की। भाजपा की नीयत पर सवाल महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे पर साफ नीयत से काम नहीं कर रही है और जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में गंभीर है, तो महिला आरक्षण को भविष्य के लिए टालने के बजाय तुरंत लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि इसकी शुरुआत आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से ही की जा सकती है। “आरक्षण लागू करना संभव, बहाने बना रही सरकार” परिसीमन और जनगणना जैसे कारणों को दिग्विजय सिंह ने केवल देरी के बहाने बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में भी महिला आरक्षण लागू किया जा सकता है, लेकिन सरकार जानबूझकर इसे टाल रही है। गौरतलब है कि उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब विपक्ष लगातार भाजपा पर दलबदल और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप लगा रहा है। महिला आरक्षण को लेकर उनके बयान से राजनीतिक माहौल फिर गरमा गया है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more

सीहोर के नादान गांव में महिलाओं का फूटा गुस्सा, अवैध शराब-सट्टे के खिलाफ प्रदर्शन

सीहोर जिले के नादान गांव में मंगलवार को महिलाओं का गुस्सा खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने इछावर थाने और तहसील का घेराव किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की। महिलाओं का कहना है कि गांव का माहौल पूरी तरह बिगड़ चुका है। जगह-जगह अवैध शराब की बिक्री और जुआ-सट्टा चल रहा है, जिससे कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शराबियों और सटोरियों की हरकतों से महिलाएं और स्कूल जाने वाली बेटियां भी सुरक्षित नहीं हैं, उनके साथ अभद्रता की घटनाएं बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कानून का डर खत्म हो गया है। सार्वजनिक जगहों पर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं को निकलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। “अब सिर्फ आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए” प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने साफ कहा कि अब वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगी। जब तक गांव में अवैध शराब और सट्टे के अड्डे बंद नहीं होते और माहौल सुरक्षित नहीं बनता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। महिलाओं के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। पुलिस को गांव में गश्त बढ़ाने और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं। नादान गांव की महिलाओं की यह एकजुटता प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी मानी जा रही है। अब देखना होगा कि कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या जमीनी स्तर पर बदलाव नजर आता है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more
1 … 43 44 45 46 47 … 80

Trending News

Editor's Picks

रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.