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Bhopal Metro

Bhopal Metro Ready to Run सुरक्षित और किफायती सफर के लिए तैयार राजधानी

राजधानी भोपाल में मेट्रो (Bhopal Metro) अब अपनी वाणिज्यिक सेवाओं के लिए पूरी तरह तैयार है। शहर का प्राथमिक कॉरिडोर जो सुभाष नगर से एआईएमएस तक फैला है, जल्द ही यात्रियों के लिए खुलने वाला है। इस मार्ग पर कुल 8 स्टेशन हैं और इसकी लंबाई लगभग 7 किलोमीटर है। कब शुरू होगी Bhopal Metro की सेवा? अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो का पहला कमर्शियल रन 21 दिसंबर 2025 से शुरू होने की संभावना है। यात्रियों को शहर में तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। Metro Route और Stations प्रारंभिक चरण में मेट्रो प्रमुख स्टेशनों से गुजरेगी जैसे: यह सेवा लगभग सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध होगी, जिससे दिनभर यात्रा करना आसान होगा। सुरक्षा और CMRS Approval मेट्रो रेल सुरक्षा अधिकारियों ने पूरी जांच और निरीक्षण के बाद वाणिज्यिक संचालन की हरी झंडी दे दी है। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करता है और भरोसेमंद यात्रा की गारंटी देता है। Ticketing – टोकन या Smart Card? शुरुआत में स्मार्ट कार्ड उपलब्ध नहीं होंगे। यात्रियों को स्टेशन पर जाकर फिजिकल टोकन खरीदना होगा। बाद में, कैशलेस और डिजिटल टिकटिंग विकल्प जैसे UMC (Universal Mobility Card) भी पेश किए जाएंगे। Metro Fare – किराया प्रारंभिक संकेतों के अनुसार, छोटे सफर के लिए किराया 10–20 रुपये के बीच होगा। यह कीमत शहरवासियों के लिए किफायती और सुविधाजनक सफर सुनिश्चित करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

Bhopal Love Jihad Case भोपाल में युवक की घर वापसी, मंत्री सारंग ने दी कानूनी मदद

भोपाल, 21 नवंबर 2025भोपाल (Bhopal ) के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा कथित रूप से बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराए जाने का मामला सामने आया है। फरियादी शुभम गोस्वामी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि दो वर्ष पूर्व उनका परिचय एक युवती से हुआ था। शिकायत के अनुसार युवती के परिवार की ओर से विवाह का आश्वासन देकर शुभम पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया और उन्होंने मुस्लिम धर्म अपनाते हुए अमन खान नाम ग्रहण किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस प्रक्रिया के दौरान परिवार पर धमकियाँ दी गईं, अनुचित दबाव बनाया गया तथा युवक को धार्मिक गतिविधियों में भेजा गया। बाद में विवाह का वादा पूरा नहीं हुआ और विवाद उत्पन्न हुआ। मामला मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के संज्ञान में आने के बाद युवक ने जनदर्शन में पहुंचकर सहायता की मांग की। मंत्री ने पुलिस प्रशासन से बात कर फरियादी को सुरक्षा एवं कानूनी सहायता उपलब्ध कराई। मंत्री सारंग की पहल के बाद प्राचीन गुफा मंदिर में पंडितों व पुजारियों की उपस्थिति में शुभम की पुनः हिंदू धर्म में वापसी कराई गई, जिसे धार्मिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न बताया गया। पुलिस के अनुसार, युवक की शिकायत के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 और 5 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है और जांच जारी है। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि ऐसे प्रकरणों में पीड़ितों को कानूनी सहायता दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच तथ्यों के आधार पर की जा रही है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल

Bhopal Shikara Ride भोपाल के बड़ा तालाब में Kashmir जैसा Lake Experience शुरू

भोपाल में इस सर्द मौसम का सबसे बड़ा आकर्षण बन चुका है – Shikara rides in Bada Talab. अब शहर के लोग बिना कश्मीर जाए, डल झील की शांति और खूबसूरती को महसूस कर पा रहे हैं।4 दिसंबर को मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन के बाद यह सेवा रोज़ाना लोगों से भरपूर सराहना पा रही है। 20 सुंदर Shikara नावें – एक नया नज़ारा बड़ा तालाब के Boat Club से 20 खूबसूरत शिकारा नावों को पानी में उतारा गया है। इनकी डिज़ाइन बिल्कुल कश्मीर की झीलों जैसी है – छोटा छज्जा, रंगीन कुशन, शांत लहरों पर तैरती नाव और पानी की हल्की सरसराहट। शाम होते ही पानी में Golden reflection बनता है, और पूरा तालाब चमक उठता है। बहुत से लोगों ने कहा – “ऐसा लगा हम सच में कश्मीर में हैं!” Ride Experience: सिर्फ नाव नहीं, पूरा माहौल यही इस राइड का charm है –यह तेज़ नहीं, खूबसूरत है। यहाँ लोग परिवार के साथ आते हैं, कपल्स आते हैं, और दोस्तों के साथ ग्रुप्स भी। Floating Market & Local Touch शिकारा के साथ तैरते दुकानों का कॉन्सेप्ट भी जोड़ा गया है। राइड के दौरान आप खरीद सकते हैं: यह सिर्फ पर्यटन नहीं, local artisans और vendors के लिए भी अवसर है।पर्यटक खरीदते हैं, मुस्कुराते हैं, और फोटो लेते हैं। माहौल warm और जीवंत रहता है। Bird Watching – Bonus Pleasure सुबह के समय: अगर किसी को फोटोग्राफी का शौक है, तो यह जगह बहुत खूबसूरत frames देती है। Tourism Booster for Smart City Bhopal शहर पहले से ही City of Lakes के नाम से मशहूर है।अब यह अनुभव और भी खास हो गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि इससे जल-पर्यटन को नई पहचान मिले।पहले मोटरबोट पर प्रतिबंध के कारण कमी महसूस होती थी, अब शांति से पानी में फिसलता शिकारा यह खाली जगह भर रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रायसेन की 6 साल की मासूम से दरिंदगी के आरोपी सलमान के चौंकाने वाले खुलासे, भोपाल में खुलेआम घूमता रहा 4 दिन

रायसेन के गौहरगंज में 6 साल की मासूम के साथ हुई दर्दनाक घटना के आरोपी सलमान इस समय हमीदिया अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। पुलिस ने इस मामले में सलमान को फरारी में मदद करने वाले तीन युवकों को गिरफ्तार कर भोपाल जेल भेज दिया है। सुरक्षा कारणों से तीनों को वहीं रखा गया है। पूछताछ में सलमान का बड़ा खुलासा – भोपाल में 4 दिन तक खुलेआम रहा, मजदूरी भी तलाशता रहा पुलिस पूछताछ में सलमान ने हैरान कर देने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि घटना के बाद वह चार दिन तक भोपाल में ही छिपा रहा और इस दौरान— जैसे इलाकों में फरारी काटता रहा। सबसे हैरानी की बात यह है कि वह खुलेआम पीठे पर मजदूरी ढूंढने खड़ा रहता, चोरी का मोबाइल बेचकर खाना खाता और उसका फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा—लेकिन फिर भी वह पकड़ा नहीं गया। बुधवार को रायसेन पुलिस ने पुष्टि की कि सलमान इन दिनों में भोपाल में ही खुलेआम घूमता रहा था। कैसे पकड़ा गया सलमान? – कोई पहचान पत्र नहीं, घटना से भी किया इंकार 27 नवंबर की रात करीब 11:15 बजे सेक्टर 11 में लोगों को सलमान संदिग्ध लगा।उसे पकड़ने वाले रिजवान ने बताया कि— जब उससे पहचान पत्र मांगा गया, तो उसके पास आधार सहित कोई भी दस्तावेज नहीं मिला।पूछने पर उसने खुद को रेप का आरोपी मानने से इनकार कर दिया और घटना की जानकारी होने तक से मना कर दिया। करीब डेढ़ घंटे में रायसेन पुलिस पहुंची और उसे अपने साथ ले गई।अगली सुबह उसके एनकाउंटर की खबर आई, तब जाकर पक्का हुआ कि पकड़ा गया व्यक्ति वास्तव में सलमान ही था। तीन युवक जेल भेजे गए, दो और संदिग्धों की जांच जारी गौहरगंज पुलिस ने सलमान को शरण देने के आरोप में तीन युवकों को JMFC कोर्ट में पेश कर भोपाल जेल भेज दिया।पुलिस अब भोपाल के दो और युवकों की भूमिका की जांच कर रही है, जो लेबर ठेकेदारी से जुड़े हैं और सलमान की मदद के शक में हैं। मासूम बच्ची अस्पताल से डिस्चार्ज, हालत में सुधार एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि मासूम की हालत में सुधार होने के बाद उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है और वह अब अपने घर पहुंच चुकी है।परिवार के लिए यह राहत की बड़ी खबर है, लेकिन बच्ची और परिवार जो दर्द झेलकर निकले हैं, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। For more information, visit: www.deshharpal.com
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इंदौर BRTS हटाने में सुस्ती: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी सिर्फ 300 मीटर हिस्सा ही टूटा, शहरवासी परेशान

इंदौर में BRTS की एक साइड हटाने को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए नगर निगम को 15 दिन का समय दिया था, लेकिन ग्राउंड पर हालत बिल्कुल अलग है। तय समय बीतने के बाद भी अब तक सिर्फ 300 मीटर हिस्सा ही पूरी तरह हटाया जा सका है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस कंपनी को तोड़फोड़ का ठेका दिया गया था, उसी ने यह काम आगे कबाड़ी को सौंप दिया। शहर में कुल 19 बस स्टॉप हैं, लेकिन अब तक सिर्फ एक ही बस स्टॉप पूरी तरह हट पाया है। एक-एक बस स्टॉप तोड़ने में 4–5 दिन लग रहे हैं। शहर की सबसे बड़ी समस्या: 7 किलोमीटर हिस्सा अभी तक जस का तस शिवाजी वाटिका से लेकर देवास नाका तक लगभग 7 किलोमीटर BRTS कॉरिडोर अभी तक नहीं टूट सका। इसी हिस्से में पलासिया, गीता भवन, एलआईजी, रसोमा, विजयनगर और सत्य सांई जैसे बड़े चौराहे आते हैं, जहां रोज भारी जाम लगता है। लोगों की उम्मीद थी कि BRTS हटने से ट्रैफिक में राहत मिलेगी, लेकिन सुस्ती से काम होते देख शहरवासी निराश हैं। कितना हिस्सा टूटा? (एक नजर में) ✔ 300 मीटर हिस्सा पूरी तरह हटाया गया जीपीओ चौराहे से भाजपा कार्यालय तक का हिस्सा हटा दिया गया है और अस्थाई बैरिकेड भी लगा दिए गए हैं। ✔ 5 किमी हिस्से की एक साइड की रेलिंग हटाई गई राजीव गांधी चौराहे से भंवरकुआं, नौलखा, इंदिरा प्रतिमा और जीपीओ तक की एक साइड की रेलिंग हटा दी गई है।लेकिन बीच के बस स्टॉप अभी भी खड़े हैं। ✔ सिर्फ एक बस स्टॉप पूरा हट पाया कंपनी का दावा: “4–5 दिन में एक साइड हटा देंगे” काम कर रहे कर्मचारी रऊफ भाई का कहना है कि वे 11.5 किमी लंबे BRTS की एक साइड 4–5 दिन में हटाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ट्रैफिक की वजह से काम धीमा है। बस स्टॉप बाद में तोड़े जाएंगे क्योंकि अभी सिर्फ रेलिंग हटाने का आदेश मिला है। कबाड़ी को दिया गया काम, इसलिए और सुस्त हुई रफ्तार बीआरटीएस हटाने का ठेका पहले राजगढ़ के ठेकेदार दिनेश यादव को दिया गया था, लेकिन उसने काम करने से मना कर दिया।बाद में यह ठेका एक स्थानीय सहयोगी को और फिर उससे एक कबाड़ी को दे दिया गया। तीन–तीन हाथ बदलकर पहुंचे इस काम में तेजी आ ही नहीं पा रही। सबसे मुश्किल काम: बस स्टॉप हटाना रेलिंग और बीम हटाना आसान है, लेकिनबस स्टॉप तोड़ने व नया सेंटर डिवाइडर बनाने में सबसे ज्यादा समय लगेगा। तीन एजेंसियों को काम सौंपा गया है, लेकिन 6 महीने सिर्फ टेंडर और प्रक्रियाओं में ही निकल गए।अब भी काम की रफ्तार बेहद धीमी है। For more information, visit: www.deshharpal.com
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जबलपुर: बिरसा मुंडा जयंती कार्यक्रम में पहुंचे 62 वर्षीय बुजुर्ग 13 दिन से लापता, परिजन बेहाल—प्रशासन पर सवाल

जबलपुर के गैरीसन मैदान में 15 नवंबर को आयोजित बिरसा मुंडा जयंती और जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे 62 वर्षीय किशन लाल कोल रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। कार्यक्रम को 13 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक बुजुर्ग का कोई पता नहीं चला है। परिजनों की हालत बेहद खराब है और उन्हें अनहोनी की आशंका सता रही है। इस बड़े आयोजन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत कई मंत्री और विधायक मौजूद थे। खाना खाकर बस के पास बैठे थे, फिर अचानक गायब हो गए किशन लाल कोल माढ़ोताल थाना क्षेत्र के मंगेला ग्राम के निवासी हैं। गांव के सरपंच द्वारा कार्यक्रम के लिए बस की व्यवस्था की गई थी, जिसमें वे अन्य ग्रामीणों के साथ जबलपुर आए थे। कार्यक्रम में साथ गए ग्रामीण गरीब लाल ने बताया कि खाने के बाद किशन लाल बस के पास आकर बैठ गए थे। जब बस गांव लौटने के लिए चली, तो वे अचानक गायब मिले। काफी देर तलाश के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला। रात करीब 10 बजे गांव लौटकर परिजनों को इसकी जानकारी दी गई। 13 दिन से लगातार तलाश, पर कोई सुराग नहीं ग्रामीणों और परिवार के लोगों ने लगातार खोजबीन की, लेकिन अब तक कोई भी जानकारी नहीं मिल सकी है। कैंट थाना पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कांग्रेस ने उठाए सवाल—कहा, प्रशासन जिम्मेदार बुजुर्ग के सरकारी कार्यक्रम से ही लापता होने पर कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। आदिवासी कांग्रेस संघ के जिला अध्यक्ष निलेश बरकड़े ने कहा कि जब पूरा कार्यक्रम राज्य सरकार और जिला प्रशासन की देखरेख में था, और ग्रामीणों को सरकारी व्यवस्था से लाया गया था, तो उन्हें सुरक्षित वापस पहुंचाना भी प्रशासन की जिम्मेदारी थी।चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही किशन लाल का पता नहीं चलता, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। पुलिस की खोज जारी थाना प्रभारी पुष्पेंद्र पटले ने बताया कि कई टीमें तलाश में लगाई गई हैं। संभावना यह भी है कि बुजुर्ग बिना जानकारी दिए किसी रिश्तेदार के यहां चले गए हों। सभी संभावित जगहों पर खोज की जा रही है। परिजन बोले—शुरू से गंभीरता होती तो शायद मिल जाते लगातार 13 दिनों से कोई खबर न मिलने पर परिजन बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि यदि शुरू से प्रशासन ने गंभीरता दिखाई होती, तो शायद आज किशन लाल सुरक्षित घर लौट आए होते। For more information, visit: www.deshharpal.com
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ग्वालियर: S-3 संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाखन सिंह बौद्ध पर देर रात हमला, कार का कांच टूटा—हमलावर बोले “बहुत नेतागिरी करता है”

ग्वालियर में गुरुवार देर रात एक हैरान कर देने वाली घटना हुई। सम्यक समाज संघ (S-3) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाखन सिंह बौद्ध पर बाइक सवार चार बदमाशों ने हमला कर दिया। लाखन शादी समारोह से लौट रहे थे, तभी उनकी कार के सामने अचानक दो बाइक आ गईं। हमलावरों ने कार रुकवाने की कोशिश की और लाखन को बाहर खींचने की कोशिश भी की। लेकिन लाखन ने तुरंत गेट लॉक कर कार आगे बढ़ा दी। तभी बदमाशों ने पीछे से पथराव कर दिया, जिससे कार का पिछला कांच टूट गया। घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 1:40 बजे सुरेश नगर सरकारी मल्टी के पास हुई। हमले के बाद लाखन सीधे थाटीपुर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। महिला पदाधिकारी भी थीं कार में 42 वर्षीय लाखन सिंह मुरार के मुगलपुरा स्थित इंटरनेशनल बुद्ध विहार में रहते हैं। उनके साथ उस रात S-3 की प्रदेश सुरक्षा अधिकारी दीपिका बौद्ध भी थीं। लाखन का कहना है कि हमले के दौरान उनकी जान को खतरा था। हमलावर बोले—“बहुत नेतागिरी करता है” जैसे ही लाखन ने कार तेजी से आगे बढ़ाई, बदमाश भी बाइक से पीछे लग गए और करीब आधा किलोमीटर तक पीछा करते रहे। आगे पुलिस प्वाइंट देखकर वे भाग गए। लाखन सिंह ने बताया कि हमलावर लगातार गालियां दे रहे थे और कह रहे थे—“ये बहुत नेतागिरी करता है, आज इसे सबक सिखाना है।” लाखन का कहना है कि उन्हें पिछले कुछ समय से टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शाम तक पुलिस आरोपियों की पहचान नहीं करती, तो समर्थकों में नाराज़गी बढ़ सकती है। 2018 के जातिगत उपद्रव में आया था संगठन का नाम S-3 संगठन 2018 के ग्वालियर जातिगत उपद्रव के बाद सुर्खियों में आया था। उस समय लाखन सिंह पर भी उपद्रव भड़काने की FIR दर्ज हुई थी, हालांकि बाद में मामले वापस ले लिए गए। CCTV की मदद से तलाश जारी थाटीपुर पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।एसएसपी धर्मवीर सिंह का कहना है कि जांच तेज़ी से चल रही है और आरोपी जल्द पकड़ लिए जाएंगे। For more information, visit: www.deshharpal.com
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रायसेन में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म का आरोपी ‘सलमान’ शॉर्ट एनकाउंटर में घायल, लोगों में गुस्सा

मध्य प्रदेश के रायसेन में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाला आरोपी सलमान गुरुवार देर रात पुलिस की कार्रवाई में घायल हो गया। पुलिस उसे गौहरगंज ले जा रही थी, तभी उसने भागने की कोशिश की। खुद को बचाने के लिए पुलिस ने उसके पैर में गोली मार दी।फिलहाल आरोपी का इलाज हमीदिया अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत खतरे से बाहर है। कैसे हुआ था वारदात का खुलासा 21 नवंबर की शाम आरोपी सलमान बच्ची को चॉकलेट दिलाने के बहाने जंगल में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म कर फरार हो गया। बच्ची रोती हुई जंगल में मिली।घटना के बाद इलाके में उबाल था और लोगों ने आरोपी के एनकाउंटर की मांग की। लंदन के बिजनेसमैन ने बढ़ाया मदद का हाथ सुल्तानपुर निवासी और लंदन में बिजनेस करने वाले रविराज सिंह (रॉबी) ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 1 लाख रुपए देने की घोषणा की थी।रॉबी ने कहा कि वे बच्ची की पूरी शिक्षा का खर्च उठाएंगे। 6 दिन बाद गिरफ्तारी गुरुवार रात पुलिस ने आरोपी को भोपाल के गांधी नगर से गिरफ्तार किया।अब्दुल, रिजवान और आसिफ नाम के युवाओं ने आरोपी की पहचान कर पुलिस को सूचना दी।इन युवाओं ने आग्रह किया कि इनाम की राशि बच्ची को दी जाए। कैसे हुई मुठभेड़? गौहरगंज ले जाते समय पुलिस गाड़ी जंगल में पंक्चर हो गई। इसी दौरान सलमान ने थाना प्रभारी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और उसे पैर में गोली लगी।फॉरेंसिक टीम ने मौके की जांच कर पुलिस के संघर्ष के सबूत भी जुटाए हैं। विधायक ने की कड़ी सजा की मांग विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि सलमान जैसे दरिंदों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। हिंदू संगठनों का प्रदर्शन हिंदू संगठनों ने हमीदिया अस्पताल के बाहर पहुंचकर आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। बच्ची की हालत गंभीर, ICU में भर्ती बच्ची के शरीर पर गंभीर चोटें थीं और उसके निजी अंगों पर गहरी क्षति हुई है।डॉक्टरों ने कई सर्जरी की हैं। बच्ची फिलहाल ICU में है और धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।डॉक्टरों के अनुसार पूरी रिकवरी में 6 महीने लग सकते हैं। मां ने बताया—“मेरी बच्ची को बहुत मारा गया… उसके गाल सूज गए थे और शरीर पर गहरे निशान थे।” CM ने रायसेन SP को हटाया गिरफ्तारी में देरी और बढ़ते प्रदर्शनों के चलते मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रायसेन SP को हटाकर नए SP की नियुक्ति की है। For more info, visit: www.deshharpal.com
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MP में बच्ची से रेप का आरोपी ‘शॉर्ट एनकाउंटर’ में घायल, पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश कर रहा था

MP में बच्ची से रेप के गंभीर आरोप में पकड़ा गया आरोपी पुलिस कस्टडी से फरार होने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को मंगलवार देर रात जांच के लिए ले जाया जा रहा था, तभी उसने मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की।पुलिस ने चेतावनी दी, लेकिन न मानने पर उसके पैर में गोली मारनी पड़ी। गोली लगने से आरोपी घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई बच्चों की सुरक्षा को लेकर समाज में भरोसा बढ़ाती है। वहीं पीड़ित परिवार अभी भी सदमे में है और न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पर पहले से भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। उसके फरार होने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा और कड़ी की गई थी। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया, लेकिन प्रशासन ने हालात अब नियंत्रण में होने की बात कही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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VIT

VIT Sehore Campus प्रदर्शन छात्रों ने बस और वीसी की कार में लगाई आग, हालात बेकाबू

मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित VIT University में मंगलवार देर रात हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। हॉस्टल और कैंपस में पानी व भोजन की खराब क्वालिटी, बढ़ते बीमारी के मामलों और मैनेजमेंट की लापरवाही के आरोपों के बीच छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। कुछ ही देर में शांत माहौल एक भीषण विरोध और आगजनी में बदल गया। विरोध हिंसक, Students ने बस और VC की कार जलाई प्रदर्शन के दौरान नाराज़ छात्रों ने कॉलेज की एक बस में आग लगा दी, साथ ही Vice Chancellor की कार, एक एंबुलेंस, और कई वाहनों को तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया।छात्रों का आरोप है कि उन्होंने कई दिनों से शिकायतें कीं, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने गंभीर मुद्दों को नज़रअंदाज़ किया। 4000+ Students Protest: कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात रिपोर्ट्स के अनुसार 4000 से अधिक छात्र विरोध प्रदर्शन में शामिल थे।स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने तुरंत पुलिस बल बुलाया। पुलिस ने छात्रों से बातचीत की और बाद में हालात पर नियंत्रण किया। कुछ समय तक कैंपस को अर्ध-सैनिक क्षेत्र (Cantonment जैसी स्थिति) में बदल दिया गया। Water-Food Quality पर सवाल, Jaundice फैलने का दावा कई छात्रों ने दावा किया है कि कैंपस में पानी की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिससे जॉन्डिस (Jaundice) के मामले बढ़ रहे हैं।हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट ने इसे पुष्टि नहीं की है।छात्रों का कहना है कि हॉस्टल का खाना भी लंबे समय से खराब है लेकिन प्रशासन कार्रवाई नहीं करता। Administrative Action: Holiday घोषित, क्लासेस स्थगित घटना के बाद VIT कॉलेज प्रशासन ने तत्काल छुट्टी घोषित कर दी।क्लासेस और सभी गतिविधियां अगले आदेश तक रोक दी गईं।छात्र फिलहाल हॉस्टल में ही रहेंगे, लेकिन कैंपस में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात है। CCTV जांच शुरू, हिंसा में शामिल छात्रों की पहचान होगी सीहोर पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।कैंपस के CCTV फ़ुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि उन छात्रों की पहचान हो सके जिन्होंने आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा में सीधा हिस्सा लिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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