जबलपुर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे यार्ड से सिग्नल केबल चोरी होने के कारण रविवार को चार ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया। सिग्नल नहीं मिलने से ट्रेनें प्लेटफॉर्म पर खड़ी रहीं और करीब 30 से 60 मिनट की देरी के बाद उन्हें रवाना किया जा सका। चोरी हुई रेलवे संपत्ति की कीमत करीब 6,750 रुपये बताई गई है, लेकिन केबल कटने से रेलवे की सिग्नल व्यवस्था प्रभावित होने के कारण ट्रेनों की आवाजाही पर बड़ा असर पड़ा।
घटना के बाद आरपीएफ ने जांच शुरू की। स्टेशन के आसपास लगे सोलर पावर स्टैंड-अलोन कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालने पर दो संदिग्ध नजर आए। जांच के बाद आरपीएफ ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी की केबल बरामद कर ली है, जबकि उसके दो साथी फरार हैं।
केबल कटते ही सिग्नल सिस्टम हुआ प्रभावित
रविवार को जबलपुर स्टेशन पर जबलपुर-रीवा एक्सप्रेस, एलटीटी-राजगीर ट्रेन, निजामुद्दीन-जबलपुर एक्सप्रेस और लखनऊ-यशवंतपुर एक्सप्रेस रवाना होने के लिए खड़ी थीं। इसी दौरान रेलवे कर्मचारियों को सिग्नल केबल कटे होने की जानकारी मिली।
इंजीनियरिंग टीम ने जबलपुर यार्ड में किलोमीटर नंबर 991/29 स्थित लोकेशन बॉक्स की जांच की। यहां सिग्नल केबल कटी हुई मिली। केबल कटने के कारण ट्रेनों को सिग्नल नहीं मिल पा रहा था। रेलवे टीम ने तत्काल केबल की मरम्मत की, जिसके बाद ट्रेनों को रवाना किया गया।
6,750 रुपये की केबल चोरी, लेकिन ट्रेनों पर पड़ा बड़ा असर
आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब के अनुसार चोरी हुई रेलवे संपत्ति की अनुमानित कीमत 6,750 रुपये है। हालांकि, केबल कटने के कारण ट्रेन नंबर 11705, 13202, 22182 और 12540 के संचालन में देरी हुई।
यानी कम कीमत की रेलवे संपत्ति चोरी की इस घटना से सिग्नल व्यवस्था प्रभावित हुई और कई ट्रेनों की आवाजाही कुछ समय के लिए रुक गई।
सोलर कैमरों ने खोला चोरी का राज
जबलपुर रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में आरपीएफ ने पांच सोलर पावर स्टैंड-अलोन कैमरे लगाए हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद इन कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की गई। फुटेज में दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए।
जांच के आधार पर आरपीएफ ने गोहलपुर के गाजीनगर निवासी 37 वर्षीय अंसारी को गिरफ्तार किया। उसके पास से चोरी की गई सिग्नल केबल बरामद कर ली गई।
भाई और साथी के साथ मिलकर काटी थी केबल
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने भाई अकबर अंसारी और साथी जप्पू नाटी के साथ मिलकर रेलवे यार्ड में केबल चोरी की थी। तीनों सुबह करीब 7:30 बजे पानी की टंकी के पास स्थित लोहे के बॉक्स तक पहुंचे और उसे खोलकर उसमें लगी केबल काट ली।
इसी दौरान रेलवे कर्मचारी को आते देखकर तीनों वहां से भाग गए और चोरी की केबल को झाड़ियों में छिपा दिया। 18 अगस्त की रात आरोपी जब झाड़ियों से केबल निकालकर ले जा रहा था, तभी आरपीएफ टीम ने उसे पकड़ लिया।
दो आरोपी फरार, तलाश जारी
आरपीएफ ने आरोपी के खिलाफ रेलवे प्रॉपर्टी (अनलॉफुल पजेशन) एक्ट की धारा 3(ए) और रेल अधिनियम की धारा 147 एवं 174 के तहत कार्रवाई की है। मामले में अकबर अंसारी और जप्पू नाटी अभी फरार हैं। आरपीएफ उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
आरपीएफ के अनुसार सिहोरा में दो, भिटौनी में दो और जबलपुर में पांच सोलर पावर स्टैंड-अलोन कैमरे लगाए गए हैं। सौर ऊर्जा से चलने वाले इन कैमरों की मदद से रेलवे क्षेत्र में निगरानी की जा रही है। इस मामले में भी कैमरों की रिकॉर्डिंग आरोपियों तक पहुंचने में अहम साबित हुई।

