आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलBittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावितBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ कियाBREAKINGदेश-हरपलSwatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत मेंBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमतिBREAKINGदेश-हरपलBittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावितBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ कियाBREAKINGदेश-हरपलSwatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत मेंBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

NE

News Elementor

Banner

Latest Posts

भोपाल के गौतम नगर में तोड़फोड़ करने वाले बदमाशों का नया वीडियो वायरल, पुलिस को खुलेआम दी चुनौती

भोपाल के गौतम नगर थाना क्षेत्र की ग्रीन पार्क कॉलोनी में शनिवार देर रात वाहनों में तोड़फोड़ करने वाले बदमाशों ने अब सोशल मीडिया पर नया वीडियो जारी कर पुलिस को खुली चुनौती दे दी है। साथियों की गिरफ्तारी के बाद सामने आए इस वीडियो में आरोपी कहते दिख रहे हैं—“पहली बार जेल नहीं जा रहे… और हमें जेल जाने से कोई डर नहीं लगता। जिन लोगों ने हमारी मुखबिरी की है, उन्हें नहीं छोड़ेंगे।” एक आरोपी तो हाथ में चाकू दिखाकर यह तक कहता है—“मुखबिरों को इसी चाकू से काटेंगे।” वीडियो में बदमाश यह भी दावा कर रहे हैं कि अगर पुलिस उन्हें पकड़ेगी, तो वे खुलासे करेंगे कि किसके कहने पर वारदात की गई। अड़ीबाजी के विवाद से शुरू हुआ मामला फरियादी चंदन इंदौरिया के अनुसार, घटना के कुछ घंटे पहले वह सीहोर से लौटे थे और अपनी कार घर के सामने पार्क की थी। तभी ‘लड्डू’ नाम का आरोपी और उसके साथी वहां पहुंचे और कार देखकर गालियां देने लगे।जब चंदन ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। डर के मारे चंदन घर में छिप गए। इसके बाद बदमाशों ने गली में खड़ी अन्य गाड़ियों के कांच भी तोड़ दिए और मौके से फरार हो गए। सोशल मीडिया पर धमकी भरा लाइव वीडियो घटना के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बावजूद कुछ बदमाश सोशल मीडिया पर लाइव आए और पुलिस को चुनौती देते दिखे।वीडियो में एक युवक हाथ में चाकू लहराते हुए कह रहा है—“हमें पुलिस पकड़कर दिखाए… तब बताएंगे किसने तोड़फोड़ करवाई।” पुलिस का कहना है कि वीडियो तकनीकी जांच में लिया गया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। चार आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी पुलिस ने अब तक चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी पूर्व से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। गिरफ्तार आरोपी—नाम और अपराध रिकॉर्ड पुलिस फरार बदमाशों की तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई है। 👉 More Information ke liye visit karein: deshharpal.com
Read more

IAS संतोष वर्मा का विवादित बयान विवादों में, माफी मांगकर कहा—मेरे शब्द तोड़-मरोड़कर पेश किए गए

अजाक्स के प्रांताध्यक्ष और सीनियर IAS अधिकारी संतोष वर्मा ब्राह्मण समाज की बेटियों पर दिए गए अपने विवादित बयान को लेकर घिर गए हैं। बयान के वायरल होने के बाद अब उन्होंने माफी मांग ली है। दैनिक भास्कर से बातचीत में वर्मा ने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटकर चलाया गया है।उन्होंने कहा—“मेरा पूरा भाषण 27 मिनट का था, लेकिन 2 सेकंड की क्लिप चलाकर मेरे बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।” क्या कहा था संतोष वर्मा ने? रविवार को हुए अजाक्स कार्यक्रम में संतोष वर्मा को प्रांताध्यक्ष चुना गया था। इसी दौरान मंच से उन्होंने कहा था—“जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।” यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद सवर्ण समाज सहित कई संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। सपाक्स का कड़ा विरोध—‘इतना निकृष्ट बयान कोई नहीं दे सकता’ सपाक्स के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. हीरालाल त्रिवेदी ने वर्मा के शब्दों को निकृष्ट, निंदनीय और शर्मनाक बताते हुए कहा—“जो अपनी बेटी और दूसरे की बेटी में फर्क करे, उसके लिए कोई शब्द नहीं है। चाहे अजाक्स, सपाक्स या अपाक्स—ऐसे लोगों का बहिष्कार होना चाहिए। सरकार को भी ऐसे अधिकारी को पद से हटाना चाहिए।” त्रिवेदी ने मांग की कि पुलिस तुरंत FIR दर्ज करे और वर्मा की गिरफ्तारी हो। मंत्रालय में आज विरोध प्रदर्शन IAS संतोष वर्मा के बयान के खिलाफ आज मंत्रालय में बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है।सवर्ण कर्मचारी उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग करेंगे। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष इंजीनियर सुधीर नायक ने कहा कि वे वर्मा के खिलाफ IAS सर्विस रूल के उल्लंघन में कार्रवाई की मांग करेंगे। सांस्कृतिक संगठनों का भी विरोध भोपाल हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने भी इस बयान को आपत्तिजनक बताते हुए सख्त नाराजगी जताई है। ब्राह्मण समाज ने की सख्त कार्रवाई की मांग अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्र ने कहा—“जब केंद्र और राज्य सरकार बेटी-बचाओ, बेटी-बढ़ाओ, लाड़ली लक्ष्मी और बहना योजनाएं चला रही हों… तब एक IAS अधिकारी द्वारा बेटियों पर ऐसा बयान देना अक्षम्य है।” उन्होंने साफ कहा कि जब तक IAS संतोष वर्मा को निलंबित कर गिरफ्तार नहीं किया जाता, ब्राह्मण समाज शांत नहीं बैठेगा। 👉 More Information ke liye visit karein: deshharpal.com
Read more

गुना में पेंशनरों के लिए बड़ी राहत: अब घर बैठे बनेगा जीवन प्रमाणपत्र, सिर्फ 70 रुपए में पूरी होगी प्रक्रिया

गुना के सरकारी पेंशनरों के लिए एक खुशखबरी है। अब उन्हें जीवन प्रमाणपत्र जमा कराने के लिए न तो कोषागार जाना पड़ेगा, न बैंक और न ही किसी विभाग के चक्कर लगाने होंगे।अब यह सुविधा आपके घर पर ही उपलब्ध है—वो भी सिर्फ ₹70 में। पेंशनर अपने नजदीकी डाकघर के पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक के जरिए घर बैठे जीवन प्रमाणपत्र बनवा सकते हैं। तैयार होते ही यह प्रमाणपत्र सीधा संबंधित विभाग तक ऑनलाइन भेज दिया जाएगा, जिससे पेंशन में किसी भी तरह की देरी नहीं होगी। यह जानकारी गुना डाक संभाग के अधीक्षक ओ.पी. चतुर्वेदी ने दी। डिजिटल इंडिया को मजबूत करने वाली पहल अधीक्षक ने बताया कि यह सेवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के डिजिटल इंडिया विजन का बड़ा हिस्सा है।सरकारी सेवाओं को सीधे लोगों के घर तक पहुंचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मन की बात और संविधान दिवस संबोधन में भी बताया था कि डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जैसी सुविधाएं देशभर के वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आसान बना रही हैं। 10 मिनट में जीवन प्रमाणपत्र जारी – गुना में अनोखी पहल इसी पहल के तहत गुना डाक संभाग की टीम ने गुना विधायक पन्नालाल शाक्य के घर जाकर सिर्फ 10 मिनट में उनका जीवन प्रमाणपत्र तैयार कर दिया। डाक विभाग की टीमें बीमार और वृद्ध पेंशनरों के घर-घर जाकर यह सेवा दे रही हैं, ताकि किसी बुजुर्ग को परेशान न होना पड़े। डाक विभाग: अब सिर्फ डाक नहीं, डिजिटल सेवाएँ भी आपके द्वार पर डाक विभाग लगातार नागरिक-केंद्रित सेवाओं को आसान बनाने की दिशा में काम कर रहा है।इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से अब केंद्र और राज्य सरकार के सभी विभागों के पेंशनरों को घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाने की सुविधा दी जा रही है। अति-वरिष्ठ और दिव्यांग पेंशनरों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इस तरह पाएं सुविधा – पेंशनर बस ये दस्तावेज दें पेंशनर अपने क्षेत्र के पोस्टमैन या निकटतम डाकघर से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए सिर्फ यह जानकारी देनी होगी: प्रमाणपत्र बनते ही पेंशनर के मोबाइल पर कन्फर्मेशन मैसेज आएगा।अगले दिन वे इसे jeevanpramaan-gov-in पर लॉगिन करके ऑनलाइन देख भी सकते हैं और चाहें तो उसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं। For More Info:www.deshharpal.com
Read more

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भोपाल पहुंचे, इस्तीफे के बाद पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम आज

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शुक्रवार को भोपाल पहुंचे। वे यहां करीब साढ़े चार घंटे तक राजभवन में रुकेंगे और फिर शाम 4:15 बजे रवीन्द्र भवन में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में शामिल होंगे। यह उनके लिए खास मौका है, क्योंकि 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले दिए गए इस्तीफे के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक संबोधन होगा। कार्यक्रम के बाद वे रात करीब 8 बजे दिल्ली लौट जाएंगे। मनमोहन वैद्य की नई किताब का विमोचन रवीन्द्र भवन में RSS के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनमोहन वैद्य की नई पुस्तक “हम और यह विश्व” का विमोचन किया जाएगा।इस कार्यक्रम में: धनखड़ इस मौके पर मंच से संबोधित भी करेंगे। इस्तीफे के बाद से नहीं दिया था कोई सार्वजनिक बयान 21 जुलाई को इस्तीफा देने के बाद से जगदीप धनखड़ किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं दिखे थे।वे केवल 12 सितंबर को नए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में नजर आए थे, लेकिन उन्होंने वहां भी कोई भाषण नहीं दिया था। ठीक चार महीने बाद मंच पर वापसी धनखड़ की यह चार महीने बाद पहली सार्वजनिक उपस्थिति और संबोधन होगा।21 जुलाई को इस्तीफा देने के बाद, 21 नवंबर को वे पहली बार किसी बड़े मंच से जनता और मीडिया के सामने आएंगे। For More Info:www.deshharpal.com
Read more

इछावर में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से दो लोगों की मौके पर मौत

सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में बुधवार को एक भयावह सड़क हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना इछावर थाना क्षेत्र के गुराड़ी गांव के पास हुई। जानकारी के मुताबिक, सरकारी शिक्षक हनुमत सिंह ऊईके और उनके साथी ज्ञान सिंह बाइक से धाईखेड़ा की ओर जा रहे थे। तभी गुराड़ी की दिशा से आ रही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने लापरवाही से उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवारों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद इछावर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी कई सड़क हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण यहां न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए और न ही स्पीड ब्रेकर। लोगों ने मांग की है कि आगे ऐसे हादसे न हों, इसलिए जल्द से जल्द आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। More updates and latest news on:www.deshharpal.com
Read more

ग्राम बड़ौदा अहीर में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ फूटा आक्रोश, महिलाओं ने किया चक्काजाम

जननायक टंट्या मामा की जन्मभूमि ग्राम बड़ौदा अहीर में अवैध शराब की बढ़ती बिक्री को लेकर ग्रामीणों का धैर्य आखिर टूट गया। बुधवार सुबह 10 बजे पंधाना–कालंका मुख्य मार्ग पर महिलाओं ने चक्काजाम कर दिया और गांव में पूरी तरह शराबबंदी की मांग उठाई।महिलाओं का कहना था कि गांव में अवैध शराब खुलेआम बिक रही है और प्रशासन इस पर रोक लगाने में नाकाम रहा है। चक्काजाम के दौरान महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव में 10 से ज्यादा जगहों पर अवैध शराब की बिक्री हो रही है, जिससे युवाओं और बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि शिवराज मामा ने गांव की सुरक्षा की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन आज भी हालात नहीं सुधरे। शराबखोरी बढ़ने के कारण कई महिलाएं मायके जाने को मजबूर हैं। पहले भी दी शिकायतें, लेकिन कार्रवाई नहीं ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मजबूरी में सड़कों पर उतरना पड़ा।महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इसे गंभीरता से नहीं लेते तो अगला आंदोलन और बड़ा होगा। पुलिस की कार्रवाई शुरू, एक आरोपी पर केस दर्ज चक्काजाम की सूचना मिलते ही पंधाना थाना प्रभारी दिलीप देवड़ा मौके पर पहुंचे। महिलाओं की शिकायत पर मुकेश पिता दरियाव सिंह (42) निवासी बड़ौदा अहीर के खिलाफ धारा 34(1) के तहत केस दर्ज किया गया और अवैध शराब जब्त की गई। थाना प्रभारी टीम के साथ गांव के कई स्थानों पर पहुंचे, जहां अवैध शराब बिक्री की जानकारी मिली थी। पुलिस ने जांच की और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गांव में अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। More updates and latest local news only on:www.deshharpal.com
Read more

भोपाल मिसरोद: मैजिक स्पॉट कैफे पर नकाबपोशों का हमला, दो मिनट में की जबरदस्त तोड़फोड़

भोपाल के मिसरोद इलाके में मंगलवार देर रात एक डराने वाली घटना हुई। मैजिक स्पॉट कैफे में अचानक 20 से ज्यादा नकाबपोश बदमाश घुस आए और तलवार-डंडों से जबरदस्त तोड़फोड़ कर दी। उस समय कैफे में एक युवक और युवती मौजूद थे, जो हमलावरों को देखकर घबराकर बाहर की ओर भाग निकले। सीसीटीवी फुटेज वायरल, पुलिस रंजिश की आशंका में जांच में जुटी घटना के सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। डीसीपी जोन-2 विवेक सिंह ने बताया कि पूरी वारदात दो मिनट से भी कम समय में हो गई। बदमाश सीधे कैफे के अंदर घुसे, हमला किया और तुरंत फरार हो गए।प्राथमिक जांच में साफ है कि उनकी नीयत लूट की नहीं थी, इसलिए पुलिस इस मामले को पुरानी रंजिश या विवाद से जोड़कर देख रही है। कैफे संचालक सक्षम गिरि ने किसी खास दुश्मनी से इनकार किया है, लेकिन एफआईआर में उन्होंने 2-3 संदिग्धों के नाम दर्ज कराए हैं। दो संदिग्ध हिरासत में, पूछताछ जारी पुलिस ने एफआईआर में दर्ज नामों में से दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अभी तक घटना की वजह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि यह हमला किसी पुरानी रंजिश का नतीजा था या कोई और विवाद सामने आएगा। तीन थानों की टीमें मिलकर कर रहीं जांच हमले की गंभीरता को देखते हुए मिसरोद, बागसेवनिया और कटारा हिल्स थाना क्षेत्रों की पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही है। टीमें सीसीटीवी फुटेज, रूट मैप और संभावित विवादों के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं।हमलावरों ने चेहरे ढक रखे थे, जिससे पहचान मुश्किल हो रही है, लेकिन पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं जिन पर काम किया जा रहा है। कैफे संचालक ने योगी, निखिल, अभिषेक समेत पांच नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। More updates and full story on:www.deshharpal.com
Read more

गुना में मनाई गई पंडित नेहरू की जयंती: कांग्रेस नेताओं ने किया माल्यार्पण, KV में बाल दिवस पर आधार अपडेशन शिविर आयोजित

देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती गुना जिले में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कांग्रेस नेताओं ने हनुमान चौराहा स्थित नेहरू पार्क पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उनके योगदान को याद किया। नेहरू के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक: कांग्रेस नेता पूर्व जिला अध्यक्ष हरिशंकर विजयवर्गीय ने कहा कि आज देश जिन परिस्थितियों से गुजर रहा है, उसमें नेहरू के सिद्धांत और नीतियाँ देश को सही दिशा देने का काम कर सकती हैं।कांग्रेस नेताओं ने बताया कि: कार्यक्रम में कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। KV गुना में बाल दिवस पर दो दिवसीय आधार अपडेशन शिविर बाल दिवस के मौके पर केंद्रीय विद्यालय, गुना में दो दिवसीय आधार अपडेशन शिविर आयोजित किया गया।अधीक्षक डाकघर गुना ओपी चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में: बच्चों को सरकारी योजनाओं, बचत योजनाओं, फिलेटैली और माय स्टाम्प जैसी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। 100 से ज्यादा बच्चों ने उठाया लाभ इस शिविर का लाभ लगभग 100 बच्चों ने लिया।शिविर में प्राचार्य सुरेंद्र कुमार चतुर्वेदी, पुस्तकालयाध्यक्ष ऋषिकेश भार्गव, शिक्षक-शिक्षिकाएं और आधार ऑपरेटर आयुषी भार्गव व संजय लोधी का विशेष सहयोग रहा। For more info visit: www.deshharpal.com
Read more

जबलपुर में बड़ा घोड़ा कांड: 57 में से 19 घोड़ों की मौत, 14 घोड़े गायब — हाईकोर्ट में मामला पेंडिंग, कलेक्टर ने जांच और FIR के संकेत दिए

हैदराबाद से जबलपुर लाए गए 57 घोड़ों के मामले में नया खुलासा सामने आया है। इनमें से 19 घोड़ों की मौत हो चुकी है, जबकि 14 घोड़े रहस्यमयी तरीके से गायब हैं। पशुपालन विभाग की गिनती में गुरुवार को यह बड़ा अंतर सामने आया। यह पूरा मामला मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में भी पेंडिंग है। कैसे शुरू हुआ मामला? मई 2025 में रायपुर निवासी सचिन तिवारी 57 घोड़ों को ट्रकों से हैदराबाद से जबलपुर लेकर आए। इन्हें पनागर के रैपुरा स्थित फॉर्म हाउस में रखा गया।धीरे-धीरे 19 घोड़ों की मौत हो गई। उस समय कलेक्टर रहे दीपक सक्सेना ने जांच करवाई, लेकिन यह साफ नहीं हो पाया कि इतने घोड़े क्यों लाए गए और किस उद्देश्य से रखे गए। 14 घोड़े कहां गए? विभाग भी परेशान पशु चिकित्सा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. प्रफुल्ल मून ने बताया कि: डॉ. मून के अनुसार, सचिन तिवारी घोड़ों को किसी दूसरे स्थान पर ले गया है, लेकिन वह इसकी जानकारी देने से बच रहा है। कलेक्टर ने कहा — “FIR भी होगी” कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।उन्होंने कहा: घातक बीमारी ने भी बढ़ाया संकट सूत्रों के अनुसार, एक घोड़े में गैलेंडर नामक घातक बीमारी की पुष्टि हुई थी।यह बीमारी: उच्च नस्ल के, लाखों रुपये कीमत वाले घोड़े लाए गए घोड़ों में शामिल थे: कुल: 41 फीमेल और 16 मेल घोड़ेये नस्लें रेस में उपयोग होती हैं और इनकी कीमत लाखों तक होती है। PETA का गंभीर आरोप — मामला ऑनलाइन सट्टे से जुड़ा PETA की कार्यकर्ता सिमरन ईशर ने बड़ा दावा किया है: फिलीपींस सरकार के अलर्ट के बाद तेलंगाना सरकार ने यह रेस बंद करवा दी।गिरफ्तारी से बचने के लिए सुरेश पलादुगू ने 154 घोड़ों को देशभर में इधर-उधर भेज दिया, जिनमें से 57 घोड़े जबलपुर पहुंचे। यह मामला लगातार गहराता जा रहा है और अब प्रशासन, हाईकोर्ट और पशुपालन विभाग तीनों की नजरें इस पर हैं। आने वाले दिनों में घोड़ों के गायब होने की सच्चाई सामने आ सकती है। For more info visit: www.deshharpal.com
Read more

भोपाल मेट्रो की बड़ी खबर: CMRS टीम ट्रैक पर उतरी, 4 बजे तक चलेगा निरीक्षण — नवंबर में शुरू हो सकता है कॉमर्शियल रन

भोपाल मेट्रो को शुरू करने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ गया है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम अब सीधे मेट्रो ट्रैक पर निरीक्षण कर रही है। शुक्रवार सुबह 10 बजे से टीम का निरीक्षण शुरू हुआ, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। इस दौरान टीम खुद मेट्रो में सफर कर सारे तकनीकी और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है तीन दिन के भोपाल दौरे पर CMRS टीम नई दिल्ली से आई टीम ने गुरुवार को डिपो, एम्स स्टेशन तक के ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम और सुरक्षा उपायों की जांच की। आरकेएमपी स्टेशन पर रेल ट्रैक की ढाल और पानी निकासी की जांच के लिए ट्रैक पर पानी छोड़ा गया। पहले दिन टीम लगभग 8 घंटे मेट्रो प्रोजेक्ट की हर डिटेल जांचती रही। सुभाषनगर डिपो में पूरे प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन भी देखा गया। दूसरे दिन भी भारी निरीक्षण, मेट्रो में सफर कर होगी जांच शुक्रवार को फिर सुबह 10 बजे से निरीक्षण शुरू हुआ। टीम मेट्रो में बैठकर ट्रैक पर जा रही है ताकि मेट्रो के अंदर से ही हर तकनीकी बिंदु की सटीक जांच की जा सके। CMRS क्या करता है? किसी भी मेट्रो को यात्रियों के लिए शुरू करने से पहले अंतिम सुरक्षा स्वीकृति CMRS ही देता है।टीम इन बिंदुओं पर जांच कर रही है: अगर कोई कमी मिलती है तो उसे ठीक किए बिना मेट्रो को चलाने की अनुमति नहीं मिलती। पिछले दौरे में जो खामियां मिली थीं, उन्हें अब तक ठीक किया जा चुका है। इसलिए इस बार टीम से “ओके रिपोर्ट” मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पहली बार भोपाल पहुंचे मेट्रो कमिश्नर नए मेट्रो कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता पहली बार भोपाल आए हैं। टीम वही पुरानी है, इसलिए कॉमर्शियल रन में रुकावट की संभावना कम मानी जा रही है। अक्टूबर में नहीं मिली अनुमति, अब नवंबर में दौड़ने की उम्मीद सरकार ने पहले अक्टूबर में मेट्रो चलाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन बिहार चुनाव की वजह से निरीक्षण में देरी हुई।अब माना जा रहा है कि नवंबर में भोपाल मेट्रो यात्रियों के लिए ट्रैक पर दौड़ सकती है। सीएमआरएस की रिपोर्ट सीधे राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, और मंजूरी मिलते ही कॉमर्शियल रन की फाइनल डेट घोषित होगी।संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल मेट्रो के पहले यात्री बनें। पहले ही मिल चुकी है RDSO की ओके रिपोर्ट रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) पहले ही मेट्रो की टेस्टिंग कर अपनी ओके रिपोर्ट दे चुका है। वहीं से दस्तावेज CMRS को भेजे गए, जिसके बाद निरीक्षण तय हुआ। 2018 में शुरू हुआ था मेट्रो प्रोजेक्ट 3 अक्टूबर 2023 को पहला ट्रायल हुआ था, जब तब के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मेट्रो में सफर किया था। अब CMRS की रिपोर्ट का इंतजार है — और उसके बाद भोपाल मेट्रो आम लोगों के लिए कभी भी शुरू हो सकती है। For more info visit: deshharpal.com भोपाल मेट्रो को शुरू करने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ गया है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम अब सीधे मेट्रो ट्रैक पर निरीक्षण कर रही है। शुक्रवार सुबह 10 बजे से टीम का निरीक्षण शुरू हुआ, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। इस दौरान टीम खुद मेट्रो में सफर कर सारे तकनीकी और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है। तीन दिन के भोपाल दौरे पर CMRS टीम नई दिल्ली से आई टीम ने गुरुवार को डिपो, एम्स स्टेशन तक के ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम और सुरक्षा उपायों की जांच की। आरकेएमपी स्टेशन पर रेल ट्रैक की ढाल और पानी निकासी की जांच के लिए ट्रैक पर पानी छोड़ा गया। पहले दिन टीम लगभग 8 घंटे मेट्रो प्रोजेक्ट की हर डिटेल जांचती रही। सुभाषनगर डिपो में पूरे प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन भी देखा गया। दूसरे दिन भी भारी निरीक्षण, मेट्रो में सफर कर होगी जांच शुक्रवार को फिर सुबह 10 बजे से निरीक्षण शुरू हुआ। टीम मेट्रो में बैठकर ट्रैक पर जा रही है ताकि मेट्रो के अंदर से ही हर तकनीकी बिंदु की सटीक जांच की जा सके। CMRS क्या करता है? किसी भी मेट्रो को यात्रियों के लिए शुरू करने से पहले अंतिम सुरक्षा स्वीकृति CMRS ही देता है।टीम इन बिंदुओं पर जांच कर रही है: अगर कोई कमी मिलती है तो उसे ठीक किए बिना मेट्रो को चलाने की अनुमति नहीं मिलती। पिछले दौरे में जो खामियां मिली थीं, उन्हें अब तक ठीक किया जा चुका है। इसलिए इस बार टीम से “ओके रिपोर्ट” मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पहली बार भोपाल पहुंचे मेट्रो कमिश्नर नए मेट्रो कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता पहली बार भोपाल आए हैं। टीम वही पुरानी है, इसलिए कॉमर्शियल रन में रुकावट की संभावना कम मानी जा रही है। अक्टूबर में नहीं मिली अनुमति, अब नवंबर में दौड़ने की उम्मीद सरकार ने पहले अक्टूबर में मेट्रो चलाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन बिहार चुनाव की वजह से निरीक्षण में देरी हुई।अब माना जा रहा है कि नवंबर में भोपाल मेट्रो यात्रियों के लिए ट्रैक पर दौड़ सकती है। सीएमआरएस की रिपोर्ट सीधे राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, और मंजूरी मिलते ही कॉमर्शियल रन की फाइनल डेट घोषित होगी।संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल मेट्रो के पहले यात्री बनें। पहले ही मिल चुकी है RDSO की ओके रिपोर्ट रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) पहले ही मेट्रो की टेस्टिंग कर अपनी ओके रिपोर्ट दे चुका है। वहीं से दस्तावेज CMRS को भेजे गए, जिसके बाद निरीक्षण तय हुआ। 2018 में शुरू हुआ था मेट्रो प्रोजेक्ट 3 अक्टूबर 2023 को पहला ट्रायल हुआ था, जब तब के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मेट्रो में सफर किया था। अब CMRS की रिपोर्ट का इंतजार है — और उसके बाद भोपाल मेट्रो आम लोगों के लिए कभी भी शुरू हो सकती है। For more info visit: www.deshharpal.com
Read more
1 48 49 50 51 52 72

Editor's Picks

Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.