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इंदौर में कांग्रेस नेता अनवर कादरी फर्जी आर्म्स लाइसेंस मामले में गि

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में सदर बाजार थाना पुलिस ने कांग्रेस नेता अनवर डकैत उर्फ अनवर कादरी को कथित फर्जी हथियार लाइसेंस मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से इस मामले में फरार था। उसके खिलाफ पहले से 27 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस ने एसीपी अशोक जादौन के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए गुरुवार शाम सदर बाजार क्षेत्र से अनवर कादरी को गिरफ्तार किया। फर्जी आर्म्स लाइसेंस का आरोप पुलिस के मुताबिक, फरवरी 2025 में सदर बाजार थाना क्षेत्र में अवैध हथियार के साथ मारपीट की घटना के बाद अनवर कादरी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान यह सामने आया कि जिस बंदूक का उपयोग किया जा रहा था, उसका लाइसेंस कथित रूप से फर्जी था और उसे जम्मू-कश्मीर से बनवाया गया था। पुलिस का कहना है कि हाल ही में आरोपी एक अन्य मामले में जमानत पर जेल से बाहर आया था, जिसके बाद उसे इस प्रकरण में गिरफ्तार किया गया। कई गंभीर मामलों में दर्ज हैं केस पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अनवर कादरी के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, मारपीट, धमकी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं सहित कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। अधिकारियों के अनुसार उसके खिलाफ कुल 27 से अधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। पहले भी विवादों में रहा नाम अनवर कादरी का नाम पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है। जून महीने में एक वीडियो वायरल होने के बाद उस पर कुछ युवकों ने गंभीर आरोप लगाए थे। वहीं, इससे पहले वह कथित लव जिहाद फंडिंग मामले में भी जांच और कानूनी कार्रवाई का सामना कर चुका है। 2011 में जानलेवा हमले के मामले में हुई थी सजा वर्ष 2011 में एक जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने अनवर कादरी, उसके भाई और एक अन्य आरोपी को एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। यह मामला वर्ष 2009 में इंदौर के आजाद नगर क्षेत्र में हुई हमले की घटना से जुड़ा था। डकैती के मामले के बाद पड़ा ‘अनवर डकैत’ नाम पुलिस के अनुसार वर्ष 1996 में उज्जैन के महाकाल थाना क्षेत्र में दर्ज डकैती के एक मामले के बाद अनवर कादरी को “अनवर डकैत” के नाम से पहचान मिलने लगी। बाद के वर्षों में भी उसके खिलाफ मारपीट, धमकी और अन्य मामलों में कई प्रकरण दर्ज हुए। अनवर कादरी इंदौर नगर निगम में तीन बार पार्षद रह चुका है, जबकि उसकी पत्नी भी दो बार पार्षद चुनी जा चुकी हैं। वह कांग्रेस संगठन में शहर महामंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुका है। फिलहाल पुलिस फर्जी आर्म्स लाइसेंस मामले में उससे पूछताछ कर रही है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है। मध्य प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करेंdeshharpal.com
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मंडी शुल्क बढ़ाने के फैसले का खंडवा में विरोध, व्यापारियों ने सरकार से बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की

खंडवा। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कृषि उपज मंडियों में मंडी शुल्क 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने के फैसले का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को खंडवा में व्यापार एवं उद्योग कांग्रेस के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने पुरानी अनाज मंडी कार्यालय पहुंचकर मंडी सचिव को ज्ञापन सौंपा और शुल्क में की गई 0.5 प्रतिशत बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की। व्यापारियों ने बढ़ती लागत पर जताई चिंता ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि मंडी शुल्क बढ़ने से व्यापार की लागत में इजाफा होगा, जिसका सीधा असर किसानों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि बढ़ा हुआ शुल्क मध्य प्रदेश की मंडियों को पड़ोसी राज्यों की मंडियों की तुलना में प्रतिस्पर्धा में कमजोर कर सकता है, जिससे कृषि व्यापार प्रभावित होने की आशंका है। पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग व्यापार एवं उद्योग कांग्रेस के खंडवा शहर अध्यक्ष संदीप सोनी ने कहा कि संगठन व्यापार और उद्योग से जुड़े मुद्दों को शासन-प्रशासन के सामने मजबूती से उठाएगा। उन्होंने बताया कि यह संगठन का पहला सामूहिक कार्यक्रम था, जिसमें बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया। उन्होंने सरकार से मंडी शुल्क में की गई वृद्धि को वापस लेकर पहले की व्यवस्था बहाल करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने दिया समर्थन कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी और नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने व्यापारियों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को ऐसे निर्णय लेने से बचना चाहिए, जिनका नकारात्मक प्रभाव व्यापार, कृषि और आम नागरिकों पर पड़े। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “देश का कल्चर-एग्रीकल्चर” जैसे नारे लगाकर भी अपना विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांग व्यापारियों ने सरकार से मांग की कि मंडी शुल्क में की गई 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी तत्काल वापस ली जाए और किसानों, व्यापारियों तथा उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए पहले वाली शुल्क व्यवस्था दोबारा लागू की जाए। मध्य प्रदेश और कारोबार से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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गुना गैंगरेप प्रयास केस: आरोपियों के अवैध मकानों पर चला बुलडोजर, वन भूमि से हटाया अतिक्रमण

गुना जिले में इंजीनियर और उसकी मंगेतर के साथ मारपीट, लूट और सामूहिक दुष्कर्म के प्रयास के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। आरोपियों के बोरखेड़ा गांव स्थित अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि कई लोग वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान बनाकर रह रहे थे। प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण ध्वस्त कर अतिक्रमण हटाया। जंगल में ले जाकर की थी मारपीट और दुष्कर्म की कोशिश घटना गुरुवार रात की है। नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) में कार्यरत 29 वर्षीय इंजीनियर अपनी मंगेतर के साथ हनुमान टेकरी दर्शन कर लौट रहे थे। शाम करीब 7:30 बजे गादेर गांव के पास रिलायंस पेट्रोल पंप के निकट कुछ बदमाशों ने उनकी बाइक रोक ली। आरोपी दोनों को जबरन सड़क किनारे जंगल में ले गए, जहां उनके साथ मारपीट की, मोबाइल, पर्स और अन्य सामान लूट लिया तथा युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास किया। इसी दौरान एक राहगीर ने घटना की सूचना डायल-112 पुलिस को दी। पुलिस टीम के मौके पर पहुंचते ही आरोपी भाग निकले और युवती के साथ बड़ी घटना होने से बच गई। 24 घंटे में पांच आरोपी गिरफ्तार धरनावदा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और 24 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी: वन भूमि पर अवैध कब्जे हटाए गए आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने उनके मकानों की जांच कराई। जांच में वन भूमि पर अतिक्रमण मिलने के बाद बोरखेड़ा गांव में कार्रवाई करते हुए बुलडोजर से अवैध निर्माण ढहा दिए गए। इस दौरान अन्य अतिक्रमण भी हटाए गए। कलेक्टर ने क्या कहा? कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि गैंगरेप के प्रयास के मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान वन भूमि पर अवैध कब्जे की जानकारी मिली, जिसके बाद वन विभाग ने नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। नोट: मामला अभी जांच के अधीन है। आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप सिद्ध होना शेष है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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सागर में पारिवारिक विवाद बना खूनी संघर्ष, रिटायर्ड पुलिसकर्मी पर बहू की हत्या का आरोप

सागर के गायत्री नगर में मंगलवार सुबह पारिवारिक विवाद के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई। 65 वर्षीय रिटायर्ड पुलिसकर्मी पर अपनी 36 वर्षीय बहू सविता दीक्षित की हत्या करने का आरोप है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और आरोपी ससुर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। मृतका के पति देवेश दीक्षित सीमा सुरक्षा बल (BSF) में जवान हैं और वर्तमान में पश्चिम बंगाल में पदस्थ हैं। घटना की सूचना उन्हें दे दी गई है। सविता अपने सास-ससुर के साथ गायत्री नगर स्थित घर में रहती थीं। पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस मकरोनिया थाना प्रभारी नितिन पाल के अनुसार, बहू के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी घर में ही मौजूद मिला। प्रारंभिक जांच में महिला के शरीर पर 7 से 8 चोटों के निशान मिले हैं। पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी का दूसरा बेटा पुलिस विभाग में कार्यरत है। आरोपी का दावा- बहू ने पहले किया हमला पूछताछ में आरोपी रामनरेश दीक्षित ने दावा किया कि मंगलवार सुबह बहू ने घर में रखे मंदिर को उठाकर फेंक दिया और कुर्सियों में भी तोड़फोड़ की। इसके बाद वह बड़ी बेटी को स्कूल छोड़ने चली गई। आरोपी के मुताबिक, जब वह नहाकर पूजा कर रहे थे, तभी बहू वापस लौटी और छोटी बच्ची को उठाकर पटकने लगी। उसे बचाने पहुंचे तो बहू ने उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनके हाथ में चोट आई। उन्होंने दावा किया कि चाकू छीनने के बाद दोनों के बीच मारपीट हुई, जिसमें बहू गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी मौत हो गई। लंबे समय से चल रहा था पारिवारिक विवाद आरोपी का कहना है कि बहू के घर आने के बाद से परिवार में लगातार विवाद होते थे और मोहल्ले के लोग भी इस स्थिति से परिचित थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस का कहना है कि महिला की मौत का सटीक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल आरोपी के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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जबलपुर: मुंह के छाले की सर्जरी के बाद मुंह के अंदर उगने लगे बाल, मरीज ने डॉक्टर पर लापरवाही का लगाया आरोप

जबलपुर के अधारताल निवासी 55 वर्षीय मुकेश गंभीर ने एक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर ऑपरेशन में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि मुंह के अंदर हुए एक छोटे से छाले की सर्जरी के बाद पिछले 19 महीनों से उनके मुंह के भीतर बाल उग रहे हैं, जिससे खाना-पीना और निगलना बेहद मुश्किल हो गया है। गले की त्वचा लगाने का आरोप पीड़ित के अनुसार, जून 2024 में डॉक्टर अर्पण मिश्रा ने उनके मुंह के छाले का ऑपरेशन किया था। आरोप है कि सर्जरी के दौरान डॉक्टर ने गले की त्वचा (स्किन ग्राफ्ट) का इस्तेमाल मुंह के अंदर किया, जिसके कारण वहां लगातार बाल उगने लगे। मुकेश गंभीर का कहना है कि ऑपरेशन से पहले उन्हें इस तरह के संभावित दुष्प्रभाव या जोखिम के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। आयुष्मान योजना के बावजूद नकद राशि लेने का आरोप पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज का कुछ हिस्सा आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर होने के बावजूद अस्पताल ने उनसे 75 हजार रुपये नकद वसूले। उनका कहना है कि ऑपरेशन से कुछ मिनट पहले घबराहट की स्थिति में उनसे और उनके परिजनों से कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए, जिनमें यह उल्लेख था कि अस्पताल ने कोई अतिरिक्त राशि नहीं ली है। कई अस्पतालों में कराया इलाज, नहीं मिली राहत मुकेश गंभीर ने बताया कि समस्या बढ़ने पर उन्होंने संबंधित डॉक्टर से संपर्क किया, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने भोपाल, मेमोरियल अस्पताल और होशंगाबाद सहित कई अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन अब तक स्थायी राहत नहीं मिल सकी। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग लगातार शारीरिक परेशानी और मानसिक तनाव झेल रहे पीड़ित ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और यदि लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। नोट: यह खबर पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों और शिकायत पर आधारित है। संबंधित डॉक्टर या अस्पताल की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत पर खंडवा में जश्न, कार्यकर्ताओं ने निकाली रैली और की आतिशबाजी

खंडवा। दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद सोमवार को खंडवा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ जीत का जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य किया, एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया। जश्न की शुरुआत गांधी भवन से हुई, जहां से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विजय रैली निकाली। यह रैली केवलराम पेट्रोल पंप चौराहे से होते हुए घंटाघर पहुंची। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “कांग्रेस जिंदाबाद”, “लोकतंत्र की जीत” और “जनता की जीत” जैसे नारे लगाए। भगवान गणेश का लिया आशीर्वाद रैली के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सराफा स्थित भगवान श्री गणेश मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और कांग्रेस की निरंतर सफलता की कामना की। मंदिर में दर्शन के बाद कार्यकर्ता दोबारा चौराहे पर पहुंचे, जहां देर तक ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न और आतिशबाजी का सिलसिला चलता रहा। कांग्रेस ने जीत को बताया लोकतंत्र की विजय कांग्रेस शहर अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि दतिया उपचुनाव का परिणाम प्रदेश की जनता के कांग्रेस की नीतियों, जनहित के मुद्दों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास को दर्शाता है। उनके अनुसार, यह केवल एक विधानसभा सीट की जीत नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता की भावनाओं की जीत है। उन्होंने कहा कि इस सफलता से आगामी चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ है। सिंगोट गांव में कई लोगों ने थामा कांग्रेस का दामन दतिया उपचुनाव के नतीजों का असर खंडवा जिले के पंधाना विधानसभा क्षेत्र में भी देखने को मिला। ग्राम सिंगोट में करीब 20 से 25 लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष (ग्रामीण) उत्तमपाल सिंह पुरनी ने नए सदस्यों को कांग्रेस का गमछा पहनाकर पार्टी में शामिल कराया। कांग्रेस नेताओं ने इसे संगठन के विस्तार और पार्टी के प्रति बढ़ते जनसमर्थन का संकेत बताया। मध्य प्रदेश और देश की ताजा राजनीतिक खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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ग्वालियर में 15 वर्षीय किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म का आरोप, शादी का प्रस्ताव ठुकराने के बाद वारदात की आशंका

ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी के कथित अपहरण और दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, रिश्तेदारी का एक युवक बातचीत के बहाने किशोरी को कार में बैठाकर ले गया और होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। दवा लेने गई थी किशोरी पुलिस के मुताबिक, शंकरपुर निवासी 15 वर्षीय किशोरी 25 जुलाई की शाम तबीयत खराब होने पर किशनबाग स्थित मेडिकल स्टोर दवा लेने गई थी। इसी दौरान उसका दूर का रिश्तेदार साहिद अहमद ऑल्टो कार लेकर वहां पहुंचा। आरोप है कि युवक ने बातचीत के बहाने किशोरी को कार में बैठाया। जब उसने जाने से इनकार किया, तो आरोपी ने धमकाकर उसे जबरन अपने साथ ले गया। होटल ले जाकर दुष्कर्म का आरोप शिकायत के अनुसार, आरोपी किशोरी को पुरानी छावनी क्षेत्र के एक होटल में ले गया, जहां कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी किशोरी को वापस किशनबाग के पास छोड़कर फरार हो गया। छह दिन बाद परिजनों को बताई आपबीती पीड़िता आरोपी की धमकियों से डरी हुई थी, इसलिए उसने कई दिनों तक किसी को घटना की जानकारी नहीं दी। बाद में उसने अपनी मां और मौसी को पूरी बात बताई। इसके बाद परिजन उसे बहोड़ापुर थाने लेकर पहुंचे, जहां शिकायत दर्ज कराई गई। पहले आया था शादी का प्रस्ताव पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ समय पहले आरोपी के परिवार ने किशोरी के लिए शादी का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि, किशोरी के नाबालिग होने के कारण उसके परिजनों ने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया था। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है। आरोपी की तलाश जारी बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। नोट: यह मामला पुलिस में दर्ज शिकायत पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के बाद होगी। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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मध्य प्रदेश में कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ता, भोपाल में 194 रुपए तक घटे दाम; होटल-रेस्टोरेंट कारोबार को राहत

देशभर में शनिवार से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के नए रेट लागू हो गए हैं। मध्य प्रदेश में इसकी कीमत में 190 से 194 रुपए तक की कमी की गई है। राजधानी भोपाल में अब 19 किलो का कमर्शियल गैस सिलेंडर 2,743 रुपए में मिलेगा। नई दरों से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को मिलेगा फायदा होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर लगातार महंगा होने से संचालन लागत बढ़ गई थी। इसके चलते कई जगह खाने और कैटरिंग सेवाओं के दाम 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ाने पड़े थे। अब गैस सस्ती होने से आने वाले समय में ग्राहकों को भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। तीन महीने पहले रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचे थे दाम व्यापारियों के मुताबिक, ईरान-अमेरिका तनाव के दौरान कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में तेज उछाल आया था। कई शहरों में इसकी कीमत 3,300 रुपए से अधिक पहुंच गई थी। जबकि इससे पहले 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 1,800 से 2,000 रुपए के बीच थी। रीवा में सबसे महंगा, शाजापुर में सबसे सस्ता सिलेंडर नई कीमतों के अनुसार प्रदेश में सबसे महंगा कमर्शियल सिलेंडर रीवा में 2,991.50 रुपए का मिलेगा। अन्य प्रमुख शहरों के रेट इस प्रकार हैं: कैटरिंग कारोबार पर पड़ा था असर कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि गैस महंगी होने के कारण बड़े आयोजनों की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई थी। करीब 500 लोगों के भोजन आयोजन में 45 से 50 हजार रुपए तक अतिरिक्त खर्च आ रहा था। इसी वजह से कई कैटरर्स ने प्रति प्लेट कीमतें बढ़ा दी थीं। अब कमर्शियल LPG सिलेंडर सस्ता होने से कारोबारियों को राहत मिलने के साथ-साथ आने वाले दिनों में ग्राहकों को भी कुछ हद तक कम कीमतों का फायदा मिल सकता है। अधिक बिजनेस और मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Bhojshala

Bhojshala Update: कमाल मौला मस्जिद के पास बढ़ी निगरानी, धार में प्रशासन ने संभाला मोर्चा

मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला (Bhojshala) परिसर में एक बार फिर गतिविधियां बढ़ गई हैं। कमाल मौला मस्जिद से सटे क्षेत्र में नमाजियों के पहुंचने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। मौके पर बैरिकेडिंग की गई है, तिरपाल बिछाई गई है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभाला जा सके। संवेदनशीलता को देखते हुए आसपास के इलाकों में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए हैं। Bhojshala परिसर में प्रशासन का विशेष ध्यान धार की भोजशाला को लेकर लंबे समय से धार्मिक और ऐतिहासिक विवाद जुड़ा हुआ है। इसी कारण यहां होने वाली हर गतिविधि पर प्रशासन की नजर रहती है। नमाज के समय किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौके पर लगाए गए बैरिकेड लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए हैं। वहीं, तिरपाल की व्यवस्था भी की गई है ताकि आने वाले लोगों को सुविधा मिल सके और व्यवस्था बनी रहे। क्या है Bhojshala विवाद? धार की भोजशाला एक प्राचीन और ऐतिहासिक स्थल है, जिसे लेकर हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। हिंदू पक्ष इसे मां वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष यहां कमाल मौला मस्जिद में नमाज की परंपरा का दावा करता है। इस विवाद को लेकर कई वर्षों से कानूनी प्रक्रिया चल रही है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा भी भोजशाला परिसर का सर्वे कराया जा चुका है, जिसके बाद यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। Police Deployment से लेकर Monitoring तक, प्रशासन सतर्क मौजूदा हालात को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। पुलिसकर्मी क्षेत्र में तैनात हैं और आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी पहली प्राथमिकता है। सोशल मीडिया पर भी नजर प्रशासन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों पर भी नजर रख रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि किए किसी भी तरह की जानकारी साझा न करें, जिससे माहौल खराब हो सकता है। फिलहाल भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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नर्मदापुरम में 28 करोड़ की सरकारी मूंग घोटाला: मिट्टी से भरी मिलीं बोरियां, जिला प्रबंधक समेत 3 पर FIR

मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सरकारी मूंग के भंडारण में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में सरकारी मूंग की बोरियों में मिट्टी और अन्य बाहरी पदार्थ मिलाए जाने का मामला सामने आने के बाद वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में शासन को करीब 28.14 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। जांच में मिट्टी से भरी मिलीं बोरियां माखननगर स्थित कनकधारा वेयरहाउस में रखी सरकारी मूंग की शिकायत मिलने पर कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर 22 जुलाई को गठित जांच दल ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान वेयरहाउस में रखे 23 स्टैक में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। कई बोरियों में निर्धारित सीमा से अधिक मिट्टी और अन्य बाहरी पदार्थ पाए गए, जबकि कुछ बोरियां पूरी तरह मिट्टी से भरी हुई थीं। मामला सामने आने के बाद वेयरहाउस को सील कर दिया गया और स्टॉक के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। 31 हजार क्विंटल से अधिक सरकारी मूंग प्रभावित जांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान मार्कफेड और नाफेड की करीब 31,298.89 क्विंटल सरकारी मूंग में मिलावट की गई। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इससे शासन को लगभग 28.14 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जिला प्रबंधक समेत तीन लोगों पर FIR जांच रिपोर्ट के आधार पर कनकधारा वेयरहाउस के संचालक तारेश पुरोहित, तत्कालीन शाखा प्रबंधक श्याम होसले और वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे को लापरवाही और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का जिम्मेदार माना गया है। जिला विपणन अधिकारी अनिल जैन की शिकायत पर माखननगर थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पहले भी ब्लैकलिस्ट हो चुका था वेयरहाउस जांच में यह भी सामने आया कि जिस कनकधारा वेयरहाउस में यह गड़बड़ी मिली, उसे लगभग एक वर्ष पहले भी अनियमितताओं के कारण ब्लैकलिस्ट किया गया था। उस समय जांच समिति में जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे भी शामिल थे। इसके बावजूद दोबारा सरकारी मूंग के भंडारण में गंभीर गड़बड़ी सामने आने से निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। अन्य वेयरहाउसों की भी होगी जांच एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के अन्य वेयरहाउसों का भी चरणबद्ध तरीके से निरीक्षण और जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोका जा सके। आरोपी वेयरहाउस संचालक अस्पताल में भर्ती एफआईआर में नामजद वेयरहाउस संचालक तारेश पुरोहित फिलहाल एक निजी हार्ट केयर अस्पताल में भर्ती हैं। जानकारी के अनुसार वे पिछले तीन दिनों से उपचाराधीन हैं। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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