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राहुल गांधी ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र, 27% OBC आरक्षण लागू करने और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर 27% OBC आरक्षण लागू करने और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की है। राहुल गांधी ने 22 सितंबर को लिखे इस पत्र को सोशल मीडिया पर भी साझा किया। राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों ने शिक्षा, रोजगार और अपने भविष्य से जुड़े कई मुद्दे उठाए। इनमें OBC आरक्षण के चलते लंबे समय से रुकी नियुक्तियों का मामला भी शामिल था। 2022 से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थी राहुल गांधी के मुताबिक, अभ्यर्थियों ने संबंधित परीक्षाएं पास करने के साथ चयन प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। हालांकि, 87:13 व्यवस्था के तहत OBC आरक्षण से जुड़े 13% पदों को होल्ड रखा गया है। पत्र में दावा किया गया है कि इन पदों पर चयनित अभ्यर्थी वर्ष 2022 से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। राहुल ने कहा कि लंबे इंतजार के कारण युवाओं के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। राहुल बोले- सभी दलों ने 27% आरक्षण का समर्थन किया था राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि 27% OBC आरक्षण को सभी दलों ने सर्वसम्मति से समर्थन दिया था, लेकिन इसके बावजूद मामले का समाधान अब तक नहीं हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से छात्रों की मांगों पर ध्यान देने और 27% OBC आरक्षण लागू करने के साथ सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की। राहुल गांधी ने लिखा कि चार साल से अधिक समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे युवाओं का समय अब और बर्बाद नहीं होना चाहिए। इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ में उठा था मुद्दा 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा ने सरकारी परीक्षा पास करने के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने का मुद्दा उठाया था। छात्रा ने बताया था कि भर्ती प्रक्रिया में 13% नियुक्तियां कानूनी विवाद के चलते रोकी गई हैं। इसी मुद्दे का उल्लेख राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में किया है। CM मोहन यादव ने कही थी तथ्यों के साथ संवाद की बात कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि शिक्षा और युवाओं जैसे विषयों पर तथ्यों और आंकड़ों के साथ संवाद होना चाहिए। अब राहुल गांधी के पत्र के बाद 27% OBC आरक्षण और लंबित नियुक्तियों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।
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आष्टा में बाबा रामदेव की दसवीं का पर्व मनाया गया, पार्वती नगर और अलीपुर में निकली शोभायात्रा

आष्टा में सोमवार को बाबा रामदेव की दसवीं का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पार्वती नगर और अलीपुर क्षेत्र में बैंड-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाजबंधु शामिल हुए। नगर के विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना और आरती के बाद भंडारों का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। पार्वती नगर और अलीपुर में निकली शोभायात्रा बाबा रामदेव की दसवीं के अवसर पर पार्वती नगर और अलीपुर क्षेत्र में शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु बाबा रामदेव के जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा में पार्षद राजकुमार मालवीय और घनश्याम जांगड़ा सहित कई लोग मौजूद रहे। सई कॉलोनी स्थित बाबा रामदेव मंदिर में विशेष आरती का आयोजन किया गया। मंदिरों में दिनभर पूजा-अर्चना और भंडारे पर्व के अवसर पर नगर के अलग-अलग बाबा रामदेव मंदिरों में दिनभर धार्मिक आयोजन किए गए। पूजा-अर्चना और आरती के बाद भंडारे आयोजित हुए, जिनमें श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। बुधवारा गंज स्थित बाबा रामदेव मंदिर में सकल हिंदू समाज के अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा, संयोजक मुकेश नामदेव, सचिव मनीष डोंगरे, राजीव गुप्ता, गुलाब बाई ठाकुर और विशेष सहयोगी महेश राठी ने दर्शन किए। सभी ने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
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उज्जैन महाकाल मंदिर में दिल्ली की महिला श्रद्धालु से मारपीट का आरोप, बेटी के सामने बाल खींचने और मोबाइल छीनने का दावा

महाकाल मंदिर में दिल्ली की एक महिला श्रद्धालु ने सुरक्षाकर्मियों पर मारपीट और अभद्रता के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि 16 सितंबर को 13 साल की बेटी के सामने गार्ड्स ने उनके साथ मारपीट की, बाल खींचे और घटना का वीडियो बनाने पर मोबाइल फोन छीन लिया। उन्होंने बेटी के साथ भी बदसलूकी किए जाने का आरोप लगाया है। महिला श्रद्धालु प्रेरणा गर्ग ने घटना का वीडियो जारी कर पूरी जानकारी साझा की है। उन्होंने महाकाल थाने में लिखित आवेदन देने की बात कही है। पुलिस ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है। धर्मशाला में कमरे की जानकारी लेने पर विवाद शुरू प्रेरणा गर्ग के मुताबिक, वह 16 सितंबर को अपनी बेटी के साथ पंडित सूर्य नारायण व्यास धर्मशाला पहुंची थीं। उन्होंने कर्मचारियों से कमरे की उपलब्धता के बारे में जानकारी मांगी। महिला का कहना है कि कर्मचारियों ने कमरे खाली नहीं होने की बात कही। इसके बाद उन्होंने पूछा कि चेक-आउट या बुकिंग कैंसिल होने पर कमरा मिलने की संभावना है या नहीं। आरोप है कि कर्मचारियों ने इस संबंध में जानकारी होने से इनकार कर दिया। परिसर में बैठकर ऑनलाइन होटल तलाश रही थीं प्रेरणा के अनुसार, धर्मशाला में कमरा नहीं मिलने पर वह परिसर में बैठकर ऑनलाइन दूसरा होटल तलाशने लगीं। इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर जाने के लिए कहा। महिला का आरोप है कि कारण पूछने पर गार्ड्स ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। आपत्ति जताने के बाद विवाद बढ़ गया। उन्होंने मोबाइल फोन से घटना रिकॉर्ड करने की कोशिश की, जिसके बाद एक गार्ड ने कथित तौर पर उन्हें धक्का देकर मोबाइल छीन लिया। महिला ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई और बाल खींचे गए। उन्होंने अपनी बेटी के साथ भी बदसलूकी किए जाने का दावा किया है। ट्रेन का समय होने के कारण समिति में शिकायत नहीं कर सकीं प्रेरणा गर्ग ने बताया कि ट्रेन का समय होने के कारण वह मंदिर समिति में लिखित शिकायत नहीं दे सकीं। हालांकि, उन्होंने महाकाल थाने में मारपीट और अभद्रता को लेकर लिखित आवेदन दिया है। उन्होंने घटना का वीडियो जारी कर मामले की जानकारी सार्वजनिक की है। पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि महिला श्रद्धालु की ओर से मारपीट और अभद्रता को लेकर लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मंदिर समिति को प्रत्यक्ष शिकायत नहीं मिली महाकाल मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है, लेकिन समिति को अब तक प्रत्यक्ष शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जाएगी और इसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। जून में भी श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुआ था विवाद इससे पहले 11 जून 2026 को महाकाल मंदिर के गणेश मंडपम में श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया था। बताया गया था कि दो युवक बैरिकेड पार कर दूसरी लाइन में पहुंच गए थे। गार्ड द्वारा रोकने पर विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई थी। अगस्त में महाकाल लोक में भी सामने आया था विवाद अगस्त 2026 में महाकाल लोक में श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद का वीडियो सामने आया था। वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। वीडियो में महाकाल लोक की सप्त ऋषि की मूर्तियों के पास एक महिला सुरक्षाकर्मी और कुछ महिला श्रद्धालुओं के बीच विवाद दिखाई दे रहा था। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज होने की बात सामने आई थी।
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सागर में जहरीली शराबकांड के बाद बड़ा पुलिस एक्शन, बंडा थाना और गूगरा चौकी के 40 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

बंडा विकासखंड में सामने आए जहरीली शराबकांड के बाद पुलिस विभाग ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस कप्तान अनुराग सुजानिया ने बंडा थाना और गूगरा चौकी में तैनात 40 पुलिसकर्मियों को एक साथ लाइन हाजिर कर दिया है। इनमें एसआई, मुंशी, प्रधान आरक्षक और आरक्षक शामिल हैं। लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों की जगह पुलिस लाइन से नए स्टाफ की तैनाती की गई है। इस कार्रवाई के बाद बंडा थाना और गूगरा चौकी का पुलिस स्टाफ बड़े स्तर पर बदल गया है। पहले भी हो चुकी है पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई जहरीली शराबकांड के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। तत्कालीन बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र कुशवाहा और एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि को उनके पद से हटा दिया गया था। इसके बाद बंडा थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सिविल लाइन थाना प्रभारी आनंद सिंह को सौंपी गई थी। पुलिस लाइन से नए कर्मचारियों की तैनाती जारी आदेश के अनुसार, बंडा थाना में पदस्थ एसआई मुन्ना लाल धुर्वे, आदिल खान समेत 40 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। इनके स्थान पर पुलिस लाइन से एसआई रामू प्रजापति, शिवम दुबे सहित प्रधान आरक्षक और आरक्षकों को बंडा थाना भेजा गया है। इसके अलावा जिले के अन्य थानों में भी पुलिसकर्मियों की पदस्थापना में मामूली बदलाव किया गया है। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई के बाद बंडा थाना और गूगरा चौकी में नई टीम की तैनाती कर दी गई है।
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खंडवा में गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर सुरक्षा तैयारियां तेज, पुलिस ने विसर्जन स्थलों का किया निरीक्षण

खंडवा। गणेश उत्सव के समापन पर होने वाले प्रतिमा विसर्जन को लेकर खंडवा पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना शुरू कर दिया है। जिले के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विसर्जन स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने पंधाना में झांकी आयोजकों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने विसर्जन जुलूस के मार्ग और विसर्जन स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। अधिकारियों ने सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, यातायात, पार्किंग, भीड़ नियंत्रण और गोताखोर-रेस्क्यू व्यवस्था की समीक्षा की। संबंधित विभागों और आयोजकों के साथ समन्वय कर सभी जरूरी इंतजाम समय पर पूरे करने को कहा गया है। पंधाना में झांकी आयोजकों की बैठक एएसपी शहर महेंद्र तारणेकर ने थाना पंधाना पहुंचकर गणेश उत्सव और आगामी प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने झांकी आयोजकों को जुलूस के दौरान निर्धारित मार्ग और समय का पालन करने के निर्देश दिए। आयोजकों से कहा गया कि जुलूस में अनुशासन बनाए रखें और झांकी या वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को उस पर न बैठाएं। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल भी तय नियमों के अनुसार करने को कहा गया। पुलिस ने आयोजकों से विवादित गतिविधियों से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की। जुलूस मार्ग का निरीक्षण कर दिए निर्देश बैठक के बाद एएसपी तारणेकर ने कस्बा पंधाना में गणेश विसर्जन जुलूस के निर्धारित मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की गई। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए गए। जुलूस के दौरान यातायात सुचारू रखने और असामाजिक तत्वों पर नजर बनाए रखने को भी कहा गया। विसर्जन स्थलों पर प्रकाश और रेस्क्यू व्यवस्था की जांच जिले के छोटे-बड़े विसर्जन स्थलों का निरीक्षण कर अधिकारियों ने मौके पर ही जरूरी निर्देश दिए। श्रद्धालुओं की आवाजाही और प्रतिमा विसर्जन के दौरान अव्यवस्था रोकने के लिए विशेष इंतजामों की समीक्षा की गई। विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पार्किंग, भीड़ नियंत्रण और पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। पानी में प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए गोताखोरों और रेस्क्यू टीम की व्यवस्था की भी जांच की गई। संबंधित विभागों को आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पहले से पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित स्थानों पर ही प्रतिमा विसर्जित करने की अपील पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से निर्धारित स्थानों पर ही गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करने की अपील की है। साथ ही नदी, तालाब और अन्य जलाशयों में सुरक्षा मानकों का पालन करने, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अनुशासन बनाए रखने और पुलिस-प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
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सागर में बस और कार की भीषण भिड़ंत, 4 लोगों की मौत; दो कारोबारी शामिल, एक घायल की हालत गंभीर

सागर। बहेरिया थाना क्षेत्र में गढ़ाकोटा रोड स्थित चनाटोरिया के पास शनिवार को यात्री बस और कार के बीच भीषण टक्कर हो गई। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक घायल की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों में बंडा निवासी एसी-कूलर कारोबारी प्रशांत जैन और कृषि उपकरण कारोबारी निर्मल उर्फ मुन्ना जैन शामिल हैं। तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पेट्रोल पंप से निकलते समय हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार बहेरिया स्थित पेट्रोल पंप से पेट्रोल-डीजल भरवाकर मुख्य मार्ग पर पहुंची थी। इसी दौरान जबलपुर की ओर से आ रही तेज रफ्तार यात्री बस ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में जा उतरी। घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। अस्पताल में एक घायल की मौत हादसे के बाद राहगीरों और पुलिस की मदद से घायलों को मकरोनिया के निजी अस्पताल पहुंचाया गया। कार सवार तीन लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। वहीं, इलाज के दौरान एक अन्य घायल की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कार हरियाणा पासिंग की थी। एक घायल की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। हादसे में जान गंवाने वाले कारोबारी 1. प्रशांत जैन (46 वर्ष):बंडा निवासी प्रशांत जैन एसी और कूलर इलेक्ट्रॉनिक कारोबार से जुड़े थे। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। 2. निर्मल उर्फ मुन्ना जैन (62 वर्ष):रामपुरा वार्ड निवासी निर्मल जैन कृषि उपकरणों का व्यापार करते थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। दोनों बच्चे डॉक्टर हैं। 3. विकास (43 वर्ष):पिता का नाम जगदीश कुमार बताया गया है। वे हरियाणा के निवासी थे। 4. चौथा मृतक:चौथा मृतक भी हरियाणा निवासी बताया जा रहा है। उसकी इलाज के दौरान मौत हुई। पुलिस उसकी पूरी पहचान की पुष्टि करने में जुटी है। फरार बस चालक की तलाश जारी घटना की सूचना मिलते ही बहेरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। फरार बस चालक की तलाश की जा रही है। पुलिस हादसे के कारणों और घटना से जुड़ी अन्य जानकारियों की जांच कर रही है।
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सागर में तेज रफ्तार बस और कार की जोरदार भिड़ंत, तीन लोगों की मौत; बस खंती में उतरी

बहेरिया थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर गढ़ाकोटा रोड स्थित चनाटोरिया के पास तेज रफ्तार बस और कार के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी खंती में उतर गई। राहगीरों ने पुलिस को दी सूचना दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास से गुजर रहे लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों लोगों को मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मृतकों की पहचान सामने नहीं आई है। बस चालक मौके से फरार टक्कर के बाद बस सड़क से उतरकर खंती में चली गई। हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। साथ ही मृतकों की पहचान और हादसे से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
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Baglamukhi Temple

Baglamukhi Temple हादसा: दर्शन के लिए जा रही Car नाले में बही, 8 लोगों की मौत

मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले से शनिवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बगलामुखी मंदिर (Baglamukhi Temple) दर्शन के लिए जा रही एक कार अचानक उफनते नाले के तेज बहाव की चपेट में आ गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि कार संभल नहीं सकी और बह गई। इस हादसे में 8 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। मृतकों में 3 महिलाएं और 2 बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। बगलामुखी मंदिर दर्शन के लिए निकले थे बताया जा रहा है कि कार में सवार लोग बगलामुखी मंदिर में दर्शन करने के लिए निकले थे। रास्ते में बारिश के कारण नाले में पानी काफी बढ़ गया था। इसी दौरान कार नाले को पार करने की कोशिश कर रही थी और तेज बहाव में बह गई। हादसे की खबर मिलते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। तेज बहाव में बह गई कार बारिश के कारण नाला पूरी तरह उफान पर था। पानी की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि कार कुछ ही देर में बहाव के साथ दूर चली गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया गया। इस हादसे में कार सवार सभी 8 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। इनमें तीन महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं। हादसे के बाद इलाके में मातम एक साथ 8 लोगों की मौत की खबर से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। जिस परिवार के लोग मंदिर दर्शन के लिए निकले थे, उनके लिए यह सफर जिंदगी का सबसे दर्दनाक हादसा बन गया। प्रशासन की टीम घटना की पूरी जानकारी जुटा रही है। हादसे में मृत लोगों की पहचान और घटना से जुड़े अन्य विवरण भी जुटाए जा रहे हैं। बारिश में उफनते नाले को पार करना पड़ा भारी मध्य प्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई नदी-नाले और छोटी पुल-पुलियाएं उफान पर हैं। ऐसे में तेज बहाव वाले पानी को पार करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। आगर-मालवा की यह घटना भी इसी खतरे की गंभीर तस्वीर सामने लाती है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जाती रही है कि उफनते नाले या पानी से भरे रास्ते को पार करने की कोशिश न करें। कुछ मिनट की जल्दबाजी कभी-कभी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सागर में जन विश्वास शिविर के दौरान कार्रवाई: धारणाधिकार योजना में लापरवाही पर पटवारी निलंबित, अस्पताल में OT 15 दिन में शुरू करने के निर्देश

मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को नगर पालिका मकरोनिया के बजरिया हाट बाजार में खंडस्तरीय शिविर आयोजित किया गया। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शिविर में लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। धारणाधिकार योजना में लापरवाही पर पटवारी निलंबित ग्राम गंभीरिया के परिवारों ने शिकायत की कि धारणाधिकार योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने के बावजूद उन्हें अब तक योजना का लाभ नहीं मिला है। कलेक्टर ने मामले की जांच के निर्देश दिए। जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने के बाद पटवारी राशिद खान, हल्का नंबर 16/76, तहसील सागर नगर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। मकरोनिया में 40 करोड़ रुपए की सड़कें स्वीकृत शिविर में नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने बताया कि मकरोनिया नगर पालिका क्षेत्र में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में निवेश बढ़ रहा है और जनसंख्या के दबाव को देखते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। विधायक ने बताया कि जरूरत वाले क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की जा रही है। एएलपी योजना के तहत भूमि पट्टे से जुड़ी समस्याओं का निरीक्षण किया जाएगा। मकरोनिया नगर पालिका में 40 करोड़ रुपए की सड़कें स्वीकृत हैं, जिनका निर्माण जल्द शुरू होगा। इसके अलावा मकरोनिया-बंडा रोड पर फ्लाईओवर का निर्माण भी शुरू किया जाएगा। ऑपरेशन थियेटर 15 दिन में शुरू करने के निर्देश कलेक्टर प्रतिभा पाल ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय अस्पतालों में जांच की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं। इस दौरान कलेक्टर ने मकरोनिया अस्पताल का निरीक्षण किया और निर्माणाधीन कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर 15 दिन के भीतर शुरू करने के निर्देश दिए। स्टाफ नर्स और गायनोकोलॉजिस्ट को नोटिस अस्पताल के एएनसी विंग में लापरवाही मिलने पर स्टाफ नर्स और गायनोकोलॉजिस्ट को नोटिस जारी किया गया। कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने और गर्भवती महिलाओं को समय पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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MP में 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर पेट्रोल पंप डीलर्स का बड़ा फैसला, 16 अक्टूबर से नहीं लेंगे पेमेंट

मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने 2,000 रुपये से अधिक के बिलों का भुगतान UPI के जरिए स्वीकार नहीं करने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन के मुताबिक, यह व्यवस्था 16 अक्टूबर से लागू की जाएगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में करीब 4,700 पेट्रोल पंप हैं। UPI भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने से प्रत्येक पेट्रोल पंप संचालक पर हर महीने लगभग 17,400 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेन-देन पर MDR अजय सिंह के अनुसार, 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेन-देन पर MDR लागू होने के बाद एसोसिएशन ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि ईंधन को रियायती श्रेणी में रखा गया है और 2,000 रुपये की सीमा से अधिक प्रत्येक लेन-देन पर 5 रुपये का समान MDR लागू है। 18 प्रतिशत GST जोड़ने के बाद प्रति लेन-देन लागत लगभग 5.90 रुपये हो जाती है। हर महीने 8.17 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च का दावा अजय सिंह ने बताया कि प्रत्येक पेट्रोल पंप पर प्रतिदिन औसतन 100 ऐसे लेन-देन होते हैं, जिनकी राशि 2,000 रुपये से अधिक होती है। उनके मुताबिक, इससे प्रतिदिन लगभग 590 रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। महीने के हिसाब से यह राशि करीब 17,400 रुपये तक पहुंच जाती है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के सभी 4,700 पेट्रोल पंपों को मिलाकर हर महीने लगभग 8.17 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। अजय सिंह ने कहा कि पेट्रोल पंप का कारोबार पहले से ही कम मार्जिन वाला है, इसलिए इस अतिरिक्त खर्च को सहन करना मुश्किल है। नोट लेने पर नहीं, डिजिटल भुगतान पर फैसला मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि किसी भी प्रकार की मुद्रा स्वीकार करने से इनकार करना कानूनी रूप से गलत हो सकता है। हालांकि, डिजिटल भुगतान को लेकर किसी तरह का दबाव नहीं होना चाहिए। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बृजेंद्र सिंह रघुवंशी ने कहा कि पेट्रोल पंप संचालकों के खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। कर्मचारियों की सैलरी, बिजली बिल और अन्य खर्चों के बाद मुनाफा सीमित रह जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि MDR के रूप में अतिरिक्त राशि देनी पड़ेगी, तो पेट्रोल पंप संचालकों के पास क्या बचेगा। उन्होंने यह राशि तेल कंपनियों से वसूल किए जाने की मांग की। कंपनियों के नियमों से परेशान होने का आरोप बृजेंद्र सिंह रघुवंशी ने कहा कि पेट्रोल पंप संचालक कारोबार बंद करना चाहते हैं, लेकिन कंपनियों के नियमों के कारण ऐसा करना आसान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियों की नीतियों और बढ़ते खर्चों के कारण पेट्रोल पंप चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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