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शिवपुरी मेडिकल कॉलेज से ग्वालियर ले जाते समय मरीज की मौत, बेटे ने लगाए इलाज में लापरवाही के आरोप

शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी मेडिकल कॉलेज से ग्वालियर रेफर किए गए 50 वर्षीय हरिराम प्रजापति की रास्ते में मौत हो गई। पिता की मौत के बाद बेटे अरुण प्रजापति ने शव के पास बैठकर वीडियो बनाया और डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ तथा एंबुलेंस व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मरीज को प्राथमिक उपचार देने के बाद रेफर किए जाने की बात कही है। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पैरों में दर्द और मुंह खोलने में परेशानी मामला खनियाधाना तहसील के आहार बानपुर गांव का है। अरुण के मुताबिक, दोपहर में उनके पिता हरिराम की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनके पैरों में दर्द था और मुंह भी नहीं खुल पा रहा था। परिजन उन्हें पहले खनियाधाना के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां कुछ घंटे उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें शिवपुरी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। बेटे का आरोप- डॉक्टर और स्टाफ ने ठीक से इलाज नहीं किया अरुण का आरोप है कि रात में शिवपुरी मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद उनके पिता का उचित इलाज नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मरीज के उपचार पर ध्यान देने के बजाय मोबाइल में गेम खेल रहे थे। अरुण के मुताबिक, जब उन्होंने पिता का इलाज करने के लिए डॉक्टरों और स्टाफ से कहा तो उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस के लिए 4:30 बजे फोन, 6 बजे पहुंची अरुण ने एंबुलेंस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, सुबह करीब 4:30 बजे एंबुलेंस के लिए फोन किया गया, लेकिन एंबुलेंस करीब 6 बजे पहुंची। इसके बाद हरिराम को ग्वालियर ले जाने की तैयारी की गई। बेटे का कहना है कि इस दौरान समय निकलता गया और पिता की हालत लगातार बिगड़ती गई। ड्राइवर से तेज चलाने को कहा, रास्ते में मौत अरुण के मुताबिक, ग्वालियर जाते समय उन्होंने एंबुलेंस चालक से वाहन तेज चलाने के लिए कहा, लेकिन चालक ने 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक गति से वाहन चलाने से इनकार कर दिया। ग्वालियर पहुंचने से पहले ही हरिराम की हालत और बिगड़ गई और रास्ते में उनकी मौत हो गई। अरुण के अनुसार, सुबह करीब 7:30 बजे ग्वालियर पहुंचने से पहले पिता ने दम तोड़ दिया। बेटे ने लगाए गंभीर आरोप अरुण ने वीडियो में आरोप लगाया कि उनके पिता की मौत डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और एंबुलेंस व्यवस्था की कथित लापरवाही के कारण हुई। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, फिलहाल ये आरोप बेटे के बयान पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने क्या कहा? मेडिकल कॉलेज अधीक्षक आशुतोष चौरसी ने बताया कि मरीज रात करीब 3 बजे रेफर होकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा था। उस समय मेडिकल कॉलेज के सभी बेड फुल थे। डॉक्टरों ने मरीज को प्राथमिक उपचार दिया और इसके बाद उसे ग्वालियर रेफर कर दिया गया। जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति मामले में एक तरफ परिवार ने इलाज में लापरवाही और एंबुलेंस मिलने में देरी के आरोप लगाए हैं, वहीं मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मरीज को प्राथमिक उपचार देने और बेड उपलब्ध नहीं होने के बाद ग्वालियर रेफर किए जाने की बात कही है। अब मेडिकल रिकॉर्ड, मरीज के अस्पताल पहुंचने का समय, दिए गए उपचार, रेफर करने का चिकित्सकीय कारण और एंबुलेंस कॉल व पहुंचने के समय की जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों को बांटे जा रहे लड्डुओं में मिले कीड़े, 40 किलो मिठाई जब्त; दुकान सील

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर स्कूली बच्चों को बांटने के लिए लाए गए लड्डुओं में कीड़े मिलने से हड़कंप मच गया। मामला धमनाई पंचायत के सोनगुड़ारिया गांव का है। यहां माध्यमिक स्कूल के बच्चों के लिए करीब 40 किलो लड्डू लाए गए थे। लड्डू वितरण के दौरान करीब 8 साल की एक बच्ची ने लड्डू में कीड़े होने की शिकायत की। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत वितरण रुकवा दिया और पुलिस को सूचना दी। बच्चों को लड्डू खाने से रोका ग्रामीणों के मुताबिक, शिकायत सामने आने तक लड्डुओं का वितरण शुरू हो चुका था। मामला सामने आने के बाद बच्चों को लड्डू खाने से रोक दिया गया। इस दौरान दो बच्चों के पेट में दर्द की शिकायत भी सामने आई। मामले की जानकारी तहसीलदार और एसडीएम को दी गई, जिसके बाद खाद्य विभाग की टीम को भी कार्रवाई के लिए सूचना दी गई। दुकान से लड्डू जब्त, दुकान सील शिकायत के बाद खाद्य विभाग की टीम खजराना स्थित उस दुकान पर पहुंची, जहां से पंचायत ने लड्डू खरीदे थे। टीम ने दुकान से लड्डू जब्त किए और दुकान को सील करने की कार्रवाई की। खाद्य विभाग ने लड्डुओं के सैंपल भी लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरपंच ने खरीदे थे 40 किलो लड्डू धमनाई पंचायत के सरपंच सीताराम चौहान ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में बच्चों को बांटने के लिए करीब 40 किलो लड्डू खजराना स्थित योगेश शर्मा की दुकान से खरीदे गए थे। वितरण के दौरान बच्चों ने लड्डुओं में कीड़े होने की शिकायत की, जिसके बाद तत्काल वितरण रोक दिया गया। नायब तहसीलदार योगेश मेश्राम ने बताया कि शिकायत के बाद खाद्य विभाग को सूचना दी गई थी। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर लड्डू जब्त किए और दुकान सील कर दी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
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CM Mohan Yadav

CM Mohan Yadav का Development Vision: 2027 युवा वर्ष, रोजगार और Skill पर रहेगा Focus

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav)ने तिरंगा फहराया और प्रदेशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में CM मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखीं। इस दौरान युवाओं और रोजगार को लेकर उन्होंने बड़ा ऐलान किया। 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने के साथ हर साल करीब 1 लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह ऐलान प्रदेश के उन युवाओं के लिए खास माना जा रहा है, जो पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के बेहतर अवसर तलाश रहे हैं। सरकार का फोकस केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि निजी क्षेत्र, उद्योग, Skill Development और स्वरोजगार के जरिए भी अवसर बढ़ाने पर रहेगा। 2027 होगा Youth Year CM मोहन यादव ने 2027 को Youth Year यानी युवा वर्ष के रूप में मनाने की बात कही। इसका उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता के ज्यादा अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार की कोशिश है कि युवाओं को बदलते Job Market के हिसाब से तैयार किया जाए। इसके लिए Skill Training, आधुनिक तकनीक और Entrepreneurship को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। हर साल 1 लाख रोजगार का Target मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रोजगार के मोर्चे पर बड़ा लक्ष्य सामने रखा है। प्रदेश में हर साल करीब 1 लाख रोजगार के अवसर तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकारी भर्तियों के साथ Private Sector में रोजगार बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। नए उद्योग और निवेश आने से स्थानीय स्तर पर Jobs के अवसर बढ़ाने की कोशिश होगी। Youth को Job Seeker नहीं, Job Creator बनाने पर जोर CM मोहन यादव के रोडमैप में युवाओं को केवल नौकरी पाने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें Job Creator बनाने पर भी जोर दिखाई दिया। Startup, छोटे कारोबार और स्वरोजगार के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। इसका फायदा खासतौर पर उन युवाओं को मिल सकता है, जो अपना Business या Startup शुरू करना चाहते हैं लेकिन उन्हें Training, Guidance या शुरुआती अवसरों की जरूरत होती है। MP के Development में गांव और छोटे शहर भी शामिल मुख्यमंत्री ने प्रदेश के समग्र विकास पर भी जोर दिया। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ विकास का लाभ गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचाने की दिशा में काम करने की बात कही गई। CM मोहन यादव के अनुसार, प्रदेश की Growth Story में हर क्षेत्र और हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। बेहतर Infrastructure के साथ नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी सरकार का फोकस रहेगा। अब नजर Implementation पर स्वतंत्रता दिवस पर CM मोहन यादव की ओर से रखे गए रोजगार और युवा विकास के लक्ष्य निश्चित तौर पर बड़े हैं। हालांकि इन घोषणाओं का वास्तविक असर योजनाओं के Implementation के बाद ही साफ होगा। हर साल 1 लाख रोजगार के लक्ष्य के तहत कितनी नई नौकरियां बनती हैं, कितने उद्योग निवेश करते हैं और युवाओं को Skill Training का कितना लाभ मिलता है, यह आने वाले समय में सबसे महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल मुख्यमंत्री मोहन यादव के संदेश से साफ है कि मध्य प्रदेश की आने वाली विकास यात्रा में Youth Power, रोजगार, Skill Development और Entrepreneurship को खास जगह दी जाएगी। 2027 को युवा वर्ष बनाने का फैसला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Madhya Pradesh: विकास, विरासत और आत्मनिर्भरता की नई पहचान

स्वतंत्रता की भावना केवल तिरंगे और नारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के विकास, आत्मनिर्भरता और समाज की प्रगति में भी दिखाई देती है। Madhya Pradesh ने भी इसी सोच के साथ शिक्षा, उद्योग, कृषि, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल सेवाओं और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाए हैं। राज्य में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर लगातार काम हुआ है। शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने की कोशिशों ने विकास की रफ्तार बढ़ाई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे शहरों में अधोसंरचना के विस्तार ने प्रदेश की तस्वीर बदलने में भूमिका निभाई है। शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश ने नई संभावनाओं पर जोर दिया है। विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए गए हैं। डिजिटल सेवाओं के विस्तार से सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी आसान हुई है। कृषि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। किसानों के लिए सिंचाई, आधुनिक कृषि तकनीक, फसल विविधीकरण और बाजार तक बेहतर पहुंच पर जोर दिया गया है। वहीं, महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं ने बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया है। मध्य प्रदेश की पहचान उसकी संस्कृति, पर्यटन और आध्यात्मिक विरासत से भी है। उज्जैन, महाकाल लोक, खजुराहो, सांची, ओरछा, पचमढ़ी और कान्हा जैसे स्थलों ने प्रदेश को देश-विदेश के पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाई है। आज मध्य प्रदेश की कहानी केवल विकास के आंकड़ों की नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की कहानी है जो अपने छोटे-छोटे प्रयासों से प्रदेश और देश को आगे बढ़ा रहे हैं। स्वतंत्र भारत की यही भावना मध्य प्रदेश की बदलती तस्वीर में भी साफ दिखाई देती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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जबलपुर में बार कर्मचारी युवती की चाकू मारकर हत्या, सहकर्मी पर आरोप; वारदात के बाद फरार

जबलपुर: मध्यप्रदेश के जबलपुर में शुक्रवार रात एक युवती की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वारदात गोहलपुर थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित महफिल रेस्टोरेंट और बार में रात करीब 8 बजे हुई। मृतका की पहचान 20 वर्षीय मुस्कान चौधरी के रूप में हुई है। वह रेस्टोरेंट और बार में सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर काम करती थी। विवाद के बाद चाकू से हमला पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इसी बार में पवन बर्मन नाम का युवक भी काम करता था। किसी बात को लेकर मुस्कान और पवन के बीच विवाद हो गया। विवाद के दौरान पवन ने कथित तौर पर मुस्कान पर चाकू से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले आरोपी वहां से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल मुस्कान को अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद ग्राहकों में मची अफरा-तफरी घटना के समय रेस्टोरेंट और बार में ग्राहक भी मौजूद थे। चाकूबाजी की वारदात के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और ग्राहक तेजी से मौके से चले गए। प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा मामला गोहलपुर पुलिस की प्रारंभिक जांच में वारदात की वजह प्रेम प्रसंग से जुड़ी होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि हत्या की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी। पुलिस ने मृतका के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। वहीं आरोपी पवन बर्मन की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
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भोपाल-ग्रेटर नोएडा में DRI की बड़ी कार्रवाई, 7.1 करोड़ की ड्रग्स जब्त; लेडी तस्कर समेत 5 गिरफ्तार

भोपाल/ग्रेटर नोएडा: राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भोपाल और ग्रेटर नोएडा से 8.6 किलो से ज्यादा नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। मामले में एक महिला तस्कर समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें चार नाइजीरियाई नागरिक बताए गए हैं। जब्त ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत करीब 7.1 करोड़ रुपए आंकी गई है। कार्रवाई में 6.325 किलो मेथामफेटामाइन, 50 ग्राम कोकीन और 25 ग्राम गांजा बरामद किया गया। भोपाल रेलवे स्टेशन पर पकड़ी गई महिला DRI को सूचना मिली थी कि एक महिला तस्कर नई दिल्ली से ट्रेन के जरिए बेंगलुरु जा रही है और अपने सामान में ड्रग्स छिपाकर ले जा रही है। सूचना के आधार पर DRI अधिकारियों ने 11 अगस्त को भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन पर निगरानी शुरू की। संदिग्ध महिला की पहचान होने के बाद उसे रोका गया और उसके सामान की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके काले रंग के ट्रॉली बैग में बनाई गई गुप्त कैविटी से ड्रग्स बरामद हुई। ट्रॉली बैग में छिपाए थे 6 पैकेट DRI के मुताबिक ट्रॉली बैग में बेहद शातिर तरीके से गुप्त जगह बनाई गई थी। इसमें भूरे रंग की टेप से लिपटे 6 प्लास्टिक पैकेट रखे थे। NDPS फील्ड टेस्टिंग किट से जांच करने पर पदार्थ के मेथामफेटामाइन होने की पुष्टि हुई। सभी पैकेटों का वजन करने पर कुल 6.325 किलो क्रिस्टलीय मेथामफेटामाइन मिला। ड्रग्स जब्त करने के बाद महिला को NDPS एक्ट, 1985 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। महिला से पूछताछ के बाद ग्रेटर नोएडा पहुंची टीम महिला से पूछताछ में DRI को ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद DRI और CBN की टीम ने ग्रेटर नोएडा में संदिग्ध सप्लायरों के ठिकानों पर दबिश दी। अधिकारियों को देखकर वहां मौजूद कुछ नाइजीरियाई नागरिकों ने भागने की कोशिश की। उन्होंने खिड़की से कूदकर फरार होने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। 2.242 किलो मेथामफेटामाइन समेत कोकीन-गांजा बरामद ग्रेटर नोएडा में तलाशी के दौरान टीम को 2.242 किलो क्रिस्टलीय मेथामफेटामाइन, 50 ग्राम कोकीन और 25 ग्राम गांजा मिला। इस कार्रवाई में चार नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। इस तरह भोपाल और ग्रेटर नोएडा की कार्रवाई में कुल पांच आरोपी गिरफ्तार हुए। भारतीयों को कैरियर बनाकर चल रहा था नेटवर्क DRI के अनुसार, जांच में ऐसे विदेश से संचालित ड्रग सिंडिकेट का पता चला है, जो भारतीय नागरिकों को कैरियर के रूप में इस्तेमाल कर देश के अलग-अलग हिस्सों में नशीले पदार्थ पहुंचा रहा था। भोपाल रेलवे स्टेशन पर महिला से हुई बरामदगी के बाद पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर ग्रेटर नोएडा में कार्रवाई की गई। एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ड्रग्स की सप्लाई के स्रोत की जांच कर रही है।
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स्वतंत्रता दिवस से पहले तिरंगे के रंग में रंगा इंदौर, दिव्यांगजनों की व्हीलचेयर यात्रा ने खींचा ध्यान

इंदौर: स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले शुक्रवार को इंदौर देशभक्ति के रंग में नजर आया। शहर में विभिन्न संगठनों और पुलिस की ओर से कई तिरंगा यात्राएं निकाली गईं। इनमें संस्था सार्थक की ओर से दिव्यांगजनों के साथ निकाली गई व्हीलचेयर तिरंगा यात्रा खास आकर्षण रही। व्हीलचेयर पर सवार दिव्यांग भाई-बहनों ने हाथों में तिरंगा थामकर देश के प्रति सम्मान और देशभक्ति का संदेश दिया। दिव्यांगजनों ने निकाली व्हीलचेयर तिरंगा यात्रा यात्रा कोठारी मार्केट पार्किंग से शुरू होकर गांधी हॉल पहुंची। इसमें पैरा खिलाड़ी, दिव्यांग उद्यमी और कला क्षेत्र से जुड़े दिव्यांगजन शामिल हुए। यात्रा का नेतृत्व पद्मश्री सत्येंद्र सिंह लोहिया ने किया। पैरा टेबल टेनिस की नेशनल खिलाड़ी हर्षिता शहरी और ऑल इंडिया रैंक-10 खिलाड़ी भविष्य जैन भी यात्रा का हिस्सा बने। संस्था ने संदेश दिया कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता को सीमित नहीं करती। विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे दिव्यांगजन इसका उदाहरण हैं। गांधी हॉल पहुंचने के बाद राष्ट्रगान के साथ यात्रा का समापन हुआ। देर शाम मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने देशभक्ति के तराने भी सुनाए। 500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने निकाली बाइक रैली इंदौर पुलिस ने हर घर तिरंगा अभियान के तहत भव्य तिरंगा बाइक रैली निकाली। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह की अगुवाई में पलासिया स्थित पुलिस कमिश्नर कार्यालय से रैली शुरू हुई। इसमें 500 से ज्यादा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और नगर सुरक्षा समिति के सदस्य शामिल हुए। रैली पलासिया से घंटाघर चौराहा, रीगल चौराहा, राजवाड़ा, मधुमिलन चौराहा और व्हाइट चर्च होते हुए वापस पलासिया पहुंची। पुलिसकर्मियों ने हाथों में तिरंगा लेकर और वाहनों पर राष्ट्रध्वज लगाकर देशभक्ति का संदेश दिया। पुलिस कमिश्नर ने लोगों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में सम्मान के साथ तिरंगा फहराने की अपील की। घोड़ों पर सवार जवानों ने थामा तिरंगा 15वीं वाहिनी विसबल के नेतृत्व में भी अनोखी तिरंगा यात्रा निकाली गई। इसमें जवान घोड़ों पर सवार होकर हाथों में तिरंगा लेकर निकले। साइकिल और घोड़ा-गाड़ी पर भी तिरंगा यात्रा निकाली गई। देशभक्ति गीतों और भारत माता के जयकारों के बीच यात्रा पश्चिम क्षेत्र के कई किलोमीटर तक निकली। डीआईजी अमित सिंह ने इसका नेतृत्व किया। सशस्त्र बल के जवानों के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी हिस्सा लिया। विजयनगर में 150 पुलिसकर्मियों की तिरंगा यात्रा विजयनगर अनुभाग में डीसीपी जोन-2 के नेतृत्व में तिरंगा वाहन यात्रा निकाली गई। इसमें एसीपी विजयनगर, थाना प्रभारी विजयनगर, थाना प्रभारी लसूड़िया समेत करीब 150 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। यात्रा के दौरान पुलिस ने ‘देशभक्ति हमारी पहचान, जनसेवा हमारा संकल्प’ का संदेश दिया। इसके अलावा किसान तिरंगा यात्रा सहित विभिन्न संगठनों ने भी शहर में कई यात्राएं निकालीं। स्वतंत्रता दिवस से पहले पूरा इंदौर तिरंगे और देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
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इंदौर में घर से 168 किलो पनीर-घी जब्त, घटिया क्वालिटी का शक; सैंपल जांच के लिए भेजे

इंदौर: शहर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक घर से करीब 168 किलो पनीर और घी जब्त किया है। इसमें 124 किलो पनीर और 44 किलो घी शामिल है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर संदेह होने के चलते दोनों के सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं। जब्त सामान की अनुमानित कीमत करीब 65 हजार रुपए बताई गई है। घर के फ्रीजर में मिला भारी मात्रा में पनीर-घी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने विनोबा नगर, पत्रकार चौराहा के पास अंकित मेवाड़ा के घर का औचक निरीक्षण किया। विभाग को सूचना मिली थी कि ग्राम रसुलपुरा, जिला सीहोर निवासी अंकित मेवाड़ा बाहर से कम गुणवत्ता वाला पनीर और घी मंगाकर इंदौर में सप्लाई कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान अंकित मेवाड़ा मौके पर मौजूद मिले। टीम ने घर में रखे फ्रीजर की जांच की तो उसमें बड़ी मात्रा में पनीर और घी मिला। शहर में घूम-घूमकर बेचने की बात सामने आई पूछताछ में सामने आया कि पनीर और घी को इंदौर शहर में घूम-घूमकर बेचा जाता था। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर अधिकारियों ने पनीर और घी के एक-एक सैंपल लिए हैं। जांच रिपोर्ट आने तक टीम ने मौके से मिले 124 किलो पनीर और 44 किलो घी, यानी कुल 168 किलो खाद्य पदार्थ जब्त कर लिया है। रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई दोनों सैंपल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यदि जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ अमानक या नियमों के विपरीत पाए जाते हैं, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कहा है कि बाहर से घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ लाकर इंदौर में बेचने या सप्लाई करने वालों के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
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Tiranga Yatra

CM का सख्त संदेश: भारत को आंख दिखाने वालों को मिलेगा जवाब, Tiranga Yatra में गूंजा Akhand Bharat

स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले निकली तिरंगा यात्रा (Tiranga Yatra) में देशभक्ति के साथ Akhand Bharat का मुद्दा भी चर्चा में रहा। हाथों में तिरंगा लेकर बड़ी संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए। जगह-जगह भारत माता के जयकारे और देशभक्ति के नारों से माहौल उत्साह से भर गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का भारत पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत और आत्मविश्वास से भरा हुआ है। देश अपनी सुरक्षा को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं करता। उन्होंने कहा कि भारत दुश्मन की हर कार्रवाई का जवाब देने में सक्षम है और जरूरत पड़ने पर उसके घर में घुसकर भी कार्रवाई कर सकता है। तिरंगा यात्रा में दिखा देशभक्ति का जोश तिरंगा यात्रा में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी उत्साह के साथ नजर आए। कई लोगों के हाथों में तिरंगा था तो कुछ लोग देशभक्ति के नारे लगाते हुए यात्रा के साथ आगे बढ़ रहे थे। कार्यक्रम का माहौल ऐसा था कि रास्ते से गुजर रहे लोग भी कुछ देर रुककर यात्रा को देखते नजर आए। आयोजकों की ओर से लोगों से देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने की अपील की गई। Rameshwar ने लाहौर-ढाका में तिरंगा फहराने की बात कही कार्यक्रम के दौरान रामेश्वर ने अखंड भारत को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत काफी व्यापक रही है। इसी संदर्भ में उन्होंने लाहौर और ढाका में तिरंगा फहराने की बात कही। उनके इस बयान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। हालांकि, यह बयान राजनीतिक और वैचारिक बहस का विषय भी बन सकता है। फिलहाल तिरंगा यात्रा के मंच से दिया गया यह संदेश कार्यक्रम की प्रमुख चर्चाओं में शामिल रहा। CM ने युवाओं से किया देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा सिर्फ कपड़े का एक टुकड़ा नहीं है। इसके पीछे करोड़ों भारतीयों की भावनाएं, स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष और देश के लिए दिए गए बलिदानों की कहानी जुड़ी है। उन्होंने युवाओं से देश की एकता, अखंडता और विकास में अपनी भूमिका निभाने की अपील की। उनका कहना था कि मजबूत भारत केवल सरकार या सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की इसमें भूमिका है। Independence Day से पहले राष्ट्रीय एकता का संदेश स्वतंत्रता दिवस से पहले हुई इस Tiranga Yatra ने शहर में देशभक्ति का माहौल बनाया। कार्यक्रम में सुरक्षा, राष्ट्रीय एकता और देश के गौरव से जुड़े मुद्दों पर जोर दिया गया। तिरंगे के साथ निकली इस यात्रा में एक तरफ जहां आजादी के पर्व का उत्साह नजर आया, वहीं दूसरी तरफ Akhand Bharat को लेकर दिए गए बयानों ने इसे राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना दिया। आने वाले दिनों में इन बयानों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल में युवा मोर्चा की नई कार्यकारिणी घोषित, ऋषभ विश्वकर्मा बने अध्यक्ष

भोपाल में युवा नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए युवा मोर्चा की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने भवानी चौक, सोमवारा निवासी ऋषभ विश्वकर्मा को युवा मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया। इसके साथ ही संगठन के विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों की घोषणा भी की गई। युवाओं को संगठन से जोड़ना होगा मुख्य उद्देश्य समिति अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि युवा मोर्चा का उद्देश्य शहर के अधिक से अधिक युवाओं को संगठन से जोड़ना, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाना तथा हिंदू समाज की संस्कृति, सभ्यता और संस्कारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य करना है। उन्होंने कहा कि संगठन सामाजिक मुद्दों पर भी युवाओं के माध्यम से जनजागरण अभियान चलाएगा और समाजहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएगा। नई कार्यकारिणी में कई पदों पर नियुक्तियां युवा मोर्चा अध्यक्ष ऋषभ विश्वकर्मा ने नई कार्यकारिणी का गठन करते हुए 15 उपाध्यक्ष, 2 महामंत्री, 5 मंत्री, कार्यालय मंत्री, सह कार्यालय मंत्री, कोषाध्यक्ष, मीडिया प्रभारी तथा कार्यकारिणी सदस्यों की नियुक्ति की। उन्होंने बताया कि सभी पदाधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि भोपाल के विभिन्न हिस्सों में संगठन की गतिविधियों का प्रभावी संचालन किया जा सके। प्रमुख नियुक्तियां उपाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी संगठन ने अभिषेक परमार, राहुल मारण, अलंकार शर्मा, अमित त्रिपाठी, प्रतीक जैन, अमित वर्मा, जयदीप ठाकुर, सुरेश साहू, नीतेश लोधी, राहुल डाबी, साहित्य साहू, अमित गुप्ता, उदय श्रीवास्तव, प्रभात सोनी और दीपक खेमानी सहित अन्य पदाधिकारियों को उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके अलावा दीपक साहू, गर्व सक्सेना, दीपक सिंह परमार, संजू दांगी, नितिन बमन और बबलू बरार को मंत्री तथा राहुल सक्सेना को कार्यकारिणी सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई। संगठन ने विश्वास जताया है कि नई कार्यकारिणी युवाओं को सामाजिक कार्यों से जोड़ते हुए शहर में जनहित और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई गति देगी। भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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