आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGछत्तीसगढ़बस्तर: रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने आरोपी से जेल में रचाई शादी, कोर्ट की अनुमति से लिए सात फेरेBREAKINGमध्य प्रदेशगुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में दो चोरी की वारदात, यात्रियों के लाखों के सामान पर हाथ साफBREAKINGदेश-हरपलCJI सूर्यकांत की सफाई: CJP लाठीचार्ज मामले में सुनवाई से इनकार नहीं किया, मीडिया रिपोर्टों को बताया गलतBREAKINGदेश-हरपलराहुल गांधी ने घायल छात्र के साथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा’BREAKINGदेश-हरपलEducation पर Rahul Gandhi का बड़ा बयान, Dharmendra Pradhan को बताया ‘क्रिमिनल शिक्षा मंत्री’BREAKINGदेश-हरपलCJP Protest Update: सरकार से बातचीत Positive, दो मांगों पर बनी सहमति; प्रधान के इस्तीफे पर कल फैसलाBREAKINGदेश-हरपलCJP Protest Update: सरकार से बातचीत खत्म, Protesters ने सौंपा 5 पैराग्राफ का Demand LetterBREAKINGMore NewsChatGPT New Feature: मेडिकल रिपोर्ट समझना हुआ आसान, AI देगा Health Report की पूरी जानकारीBREAKINGछत्तीसगढ़बस्तर: रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने आरोपी से जेल में रचाई शादी, कोर्ट की अनुमति से लिए सात फेरेBREAKINGमध्य प्रदेशगुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में दो चोरी की वारदात, यात्रियों के लाखों के सामान पर हाथ साफBREAKINGदेश-हरपलCJI सूर्यकांत की सफाई: CJP लाठीचार्ज मामले में सुनवाई से इनकार नहीं किया, मीडिया रिपोर्टों को बताया गलतBREAKINGदेश-हरपलराहुल गांधी ने घायल छात्र के साथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा’BREAKINGदेश-हरपलEducation पर Rahul Gandhi का बड़ा बयान, Dharmendra Pradhan को बताया ‘क्रिमिनल शिक्षा मंत्री’BREAKINGदेश-हरपलCJP Protest Update: सरकार से बातचीत Positive, दो मांगों पर बनी सहमति; प्रधान के इस्तीफे पर कल फैसलाBREAKINGदेश-हरपलCJP Protest Update: सरकार से बातचीत खत्म, Protesters ने सौंपा 5 पैराग्राफ का Demand LetterBREAKINGMore NewsChatGPT New Feature: मेडिकल रिपोर्ट समझना हुआ आसान, AI देगा Health Report की पूरी जानकारी

NE

News Elementor

Latest Posts

Canada Election 2025

Canada Election 2025: Mark Carney की जीत, Jagmeet Singh की हार से बदला सियासी समीकरण

Canada Election 2025: Mark Carney की Liberal Party जीती, Jagmeet Singh हारे, दिया इस्तीफा ओटावा: कनाडा में हुए आम चुनावों में मार्क कार्नी की लिबरल पार्टी ने एक बार फिर सत्ता में वापसी की है। हालांकि, नेशनल ब्रॉडकास्टर CBC की रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी को बहुमत नहीं मिल सका। इस चुनाव में न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) के नेता जगमीत सिंह को बड़ा झटका लगा है। वे अपनी सीट नहीं बचा सके और हार के तुरंत बाद इस्तीफा भी दे दिया।Jagmeet Singh को मिली करारी हार Jagmeet Singh को मिली करारी हार ब्रिटिश कोलंबिया की बर्नाबी सेंट्रल सीट से खालिस्तान समर्थक माने जाने वाले जगमीत सिंह को लिबरल उम्मीदवार वेड चांग ने हरा दिया। सिंह को सिर्फ 27% वोट मिले, जबकि चांग ने 40% से ज्यादा वोट हासिल किए। NDP को इस चुनाव में वोट शेयर और सीटों दोनों में बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ा। पार्टी अब नेशनल पार्टी का दर्जा भी खो सकती है क्योंकि उसे सिर्फ 12 सीटों की जरूरत थी, जो फिलहाल मुश्किल दिख रही है। कार्नी बोले – ट्रम्प हमें तोड़ना चाहते हैं चुनावी रुझानों में बढ़त मिलने के बाद मार्क कार्नी ने पार्टी समर्थकों को संबोधित किया और कहा – “अमेरिका हमारी जमीन, संसाधन और पानी चाहता है। ट्रम्प हमें तोड़ना चाहते हैं, लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे।” उन्होंने आगे कहा कि वो ट्रम्प से आगामी बातचीत में कनाडा के हितों की पूरी मजबूती से रक्षा करेंगे और देश के विकास के लिए अन्य विकल्पों पर भी काम करेंगे। चुनाव क्यों हुए समय से पहले? दरअसल, कनाडा में अगला आम चुनाव अक्टूबर 2025 में होना था। लेकिन प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पिछले महीने संसद भंग कर नए चुनाव का ऐलान कर दिया। उनका कहना था कि ट्रम्प की आक्रामक नीतियों से निपटने के लिए उन्हें जनमत की मजबूती चाहिए। जस्टिन ट्रूडो ने छोड़ा था पद कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस साल की शुरुआत में व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद लिबरल पार्टी ने मार्क कार्नी को नया नेता चुना। सीटों का अनुमान और अंतिम नतीजे मेनस्ट्रीट रिसर्च के मुताबिक लिबरल पार्टी को करीब 189 सीटें मिलने का अनुमान है, जिससे वो सरकार तो बना सकती है लेकिन बहुमत से कुछ दूर रह जाएगी। आधिकारिक परिणाम 30 अप्रैल या 1 मई तक घोषित होंगे। निष्कर्ष:यह चुनाव सिर्फ एक राजनीतिक मुकाबला नहीं बल्कि अमेरिका-कनाडा रिश्तों की नई दिशा तय करने वाला मोड़ है। जहां एक ओर मार्क कार्नी ट्रम्प के खिलाफ डटे नजर आए, वहीं जगमीत सिंह की हार ने NDP की सियासी पकड़ पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Read more
Portugal

Spain aur Portugal mein Massive Power Cut भीषण ब्लैकआउट , मेट्रो-फ्लाइट सेवाएं ठप

स्पेन और पुर्तगाल (Spain and Portugal) में सोमवार दोपहर एक बड़े पैमाने पर बिजली गुल (Power Outage) होने से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया। इस Massive Blackout की वजह से मेट्रो ट्रेनें, एटीएम, मोबाइल नेटवर्क, ट्रैफिक लाइट्स और एयरपोर्ट सेवाएं बंद हो गईं। मैड्रिड, लिस्बन और पोर्टो जैसे बड़े शहरों में मेट्रो सेवाएं ठप हो गईं और लोग सड़कों पर पैदल चलते नजर आए। कई ऑफिसों को खाली कराया गया और हज़ारों लोग ट्रेन स्टेशनों पर फंसे रहे। कहां-कहां पड़ा असर? कब और कैसे हुई बिजली कटौती? स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे के आसपास बिजली अचानक चली गई। इस दौरान स्पेन और पुर्तगाल की ग्रिड कंपनियों REN और Red Eléctrica ने पुष्टि की कि पूरे Iberian Peninsula में बिजली सप्लाई बाधित हुई है। फ्रांस की RTE कंपनी ने भी दक्षिणी हिस्से में अस्थायी पावर फेल्योर की जानकारी दी। सरकार और आपात सेवाएं एक्टिव DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
Read more
North Korea

उत्तर कोरिया (North Korea) ने पहली बार माना – रूस (Russia) के लिए यूक्रेन युद्ध (Ukraine War) में भेजे सैनिक

उत्तर कोरिया (North Korea) ने पहली बार आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है कि उसने रूस (Russia) का समर्थन करते हुए यूक्रेन (Ukraine) के खिलाफ अपने सैनिक भेजे हैं। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी KCNA के अनुसार, किम जोंग उन (Kim Jong Un) के आदेश पर, उनके सैनिकों ने रूस के साथ मिलकर “कुर्स्क (Kursk) सीमा क्षेत्र को पूरी तरह से मुक्त” किया। यह घोषणा ऐसे समय आई है जब कुछ दिन पहले ही रूस के चीफ ऑफ स्टाफ वालेरी गेरासिमोव (Valery Gerasimov) ने उत्तर कोरियाई सैनिकों की “वीरता” की सराहना की थी। यह पहली बार है जब रूस ने भी सार्वजनिक रूप से उत्तर कोरियाई सैनिकों की भागीदारी को स्वीकार किया है। North Korea से भेजे गए लगभग 11,000 सैनिकों में से कम से कम 1,000 सैनिक युद्ध में मारे गए हैं।यूक्रेन (Ukraine) ने रूस के कुर्स्क (Kursk) क्षेत्र पर दोबारा नियंत्रण पाने के दावे को खारिज कर दिया है। वहीं अमेरिका (USA) ने उत्तर कोरिया को चेताया है कि उसे अब इस युद्ध को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी उठानी होगी। क्यों भेजे सैनिक? KCNA के मुताबिक, सैनिकों की तैनाती, प्योंगयांग और मास्को (Moscow) के बीच हुई एक आपसी रक्षा संधि के तहत की गई थी। किम जोंग उन ने कहा, “जो न्याय के लिए लड़े, वे हमारे देश की प्रतिष्ठा और सम्मान के प्रतिनिधि हैं।”उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुर्स्क (Kursk) में उत्तर कोरिया और रूस ने “रक्त से साबित भाईचारे और गठबंधन” का प्रदर्शन किया है, जो दोनों देशों के रिश्तों को हर स्तर पर मजबूत करेगा। KCNA ने यह स्पष्ट नहीं किया कि मिशन समाप्त होने के बाद उत्तर कोरियाई सैनिकों का क्या होगा और क्या उन्हें स्वदेश लौटने की अनुमति दी जाएगी। किस तरह के सैनिक भेजे गए? सूत्रों के अनुसार, उत्तर कोरिया (North Korea) ने अपनी एक “एलीट यूनिट” स्टॉर्म कॉर्प्स (Storm Corps) से सैनिक भेजे थे। हालांकि, सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि ये सैनिक आधुनिक युद्ध की वास्तविकताओं के लिए पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित नहीं हैं। पूर्व ब्रिटिश सेना के टैंक कमांडर कर्नल हैमिश डी ब्रेटन-गॉर्डन (Col. Hamish de Bretton-Gordon) ने कहा था, “ये मुश्किल से प्रशिक्षित सैनिक हैं, जिन्हें रूसी अधिकारियों के तहत लड़ना पड़ रहा है, जिनकी भाषा वे समझते भी नहीं।” यूक्रेन के लिए क्यों बना खतरा? भले ही उत्तर कोरियाई सैनिकों को कमजोर माना गया हो, लेकिन यूक्रेन के शीर्ष सैन्य कमांडर जनरल ओलेक्जेंडर सिरस्की (Gen. Oleksandr Syrskyi) ने चेताया कि ये सैनिक यूक्रेनी मोर्चे पर एक बड़ी चुनौती बन रहे हैं। उन्होंने कहा, “ये सैनिक बड़ी संख्या में हैं। 11,000 से 12,000 तक अत्यधिक प्रेरित और प्रशिक्षित सैनिक आक्रामक कार्रवाइयों में जुटे हैं। ये सोवियत रणनीतियों पर आधारित तरीकों से लड़ रहे हैं और अपनी भारी संख्या पर निर्भर कर रहे हैं।” ताज़ा खबरें और अपडेट्स के लिए पढ़ते रहिए – Deshharpal
Read more
Pope Francis

Pope Francis के Funeral में शामिल हुए Droupadi Murmu, Donald Trump, Volodymyr Zelenskyy समेत कई वर्ल्ड लीडर्स

रोम (इटली):वैटिकन सिटी के सेंट पीटर्स स्क्वायर में आज Pope Francis का अंतिम संस्कार आयोजित किया गया, जिसमें दुनियाभर से करीब 2 लाख श्रद्धालु और 130 से अधिक विदेशी प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। इस ऐतिहासिक अवसर पर विश्वभर के कई प्रमुख नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी श्रद्धांजलि भारत की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने Pope Francis को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू, राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और गोवा के डिप्टी स्पीकर जॉशुआ डी सूजा भी मौजूद रहे। अमेरिका से डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन पहुंचे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इसके अलावा वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनकी पत्नी जिल बाइडेन भी उपस्थित रहे। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भी पहुंचे यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की और फर्स्ट लेडी ओलेना जेलेंस्का भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। खबरों के अनुसार, जेलेंस्की ने इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप से एक निजी बैठक भी की। अन्य देशों से भी पहुंचे प्रमुख नेता अंतिम संस्कार समारोह की खास बातें देश-दुनिया की नई खबरों के लिए जुड़े रहें Deshharpal के साथ
Read more
India-Saudi Arabia

India-Saudi Arabia Strategic Partnership Council: रणनीतिक साझेदारी से बढ़े द्विपक्षीय रिश्ते

India-Saudi Arabia के बीच संबंधों को और सुदृढ़ करने के लिए वर्ष 2019 में रणनीतिक साझेदारी परिषद (Strategic Partnership Council) समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते के बाद एक उच्च-स्तरीय परिषद की स्थापना की गई, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को दिशा देना और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को “सभी क्षेत्रों में सहयोग के एक नए युग की शुरुआत” बताया था। उन्होंने कहा था कि व्यापार, निवेश, सुरक्षा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के संबंध पहले से ही मजबूत हैं और भविष्य में यह और गहरे होंगे। India-Saudi Arabia ऊर्जा और व्यापारिक साझेदारी में मजबूती India-Saudi Arabia के बीच व्यापारिक संबंध पिछले वर्षों में तेजी से बढ़े हैं। आज भारत, सऊदी अरब का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जबकि सऊदी अरब भारत का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में सऊदी अरब भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद आपूर्तिकर्ता रहा, जो ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच गहरे सहयोग को दर्शाता है। India-Saudi Arabia रक्षा और रणनीतिक सहयोग में प्रगति भारत और सऊदी अरब के बीच रक्षा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन, क्षमतावृद्धि और संयुक्त अभ्यासों के जरिए रणनीतिक सहयोग को मजबूत किया है। इसके अलावा, सऊदी अरब ने संकट की घड़ी में भारत की मदद भी की। सूडान में संकट के दौरान सऊदी अरब ने 3,500 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी में भारत को महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया। यह सहायता जेद्दा के जरिए सुरक्षित ट्रांजिट सुनिश्चित करके दी गई थी। हज समझौता: लोगों के बीच संपर्क को मजबूती भारत और सऊदी अरब के बीच 2024 के लिए द्विपक्षीय हज समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत भारत को कुल 1,75,025 हज यात्रियों का कोटा आवंटित किया गया है। इनमें से 1,40,020 सीटें हज कमेटी के लिए और 35,005 सीटें हज ग्रुप ऑपरेटर्स के लिए निर्धारित की गई हैं। यह विशेष रूप से पहली बार हज पर जाने वालों के लिए लाभकारी है। इस्लामी जगत में सऊदी अरब की भूमिका और भारत के लिए रणनीतिक महत्व सऊदी अरब, इस्लामी दुनिया में एक प्रमुख शक्ति है और मध्य पूर्व में इसका बढ़ता प्रभाव भारत के साथ उसके संबंधों को और अधिक रणनीतिक बनाता है। इस दृष्टि से भारत-सऊदी अरब साझेदारी न केवल आर्थिक बल्कि भूराजनीतिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण बन गई है। प्रधानमंत्री मोदी की सऊदी यात्रा: संबंधों को और मजबूती देने का अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्तमान सऊदी अरब यात्रा भारत-सऊदी अरब संबंधों को और नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक साझेदारी का विस्तार हो रहा है और यह सहयोग भविष्य में और भी मजबूत होने की संभावना रखता है।
Read more
Modi-Vance

Modi-Vance की मुलाकात: Trade Deal में प्रगति, बढ़ते Tariffs से पहले बातचीत तेज

नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2025 –Modi-Vance की मुलाकात, भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद दोनों देशों ने इस दिशा में “सार्थक प्रगति” की बात कही है। वेंस अपनी पत्नी उषा और तीन बच्चों के साथ चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं। सोमवार रात प्रधानमंत्री मोदी ने उनके सम्मान में अपने आवास पर डिनर भी आयोजित किया। Modi-Vance ने बढ़ते टैरिफ से पहले समझौते की कोशिश अमेरिका ने भारत समेत कई देशों को जुलाई 9 तक बढ़े हुए टैरिफ से राहत दी है। भारत पर 27% तक के टैरिफ लागू होने थे, लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 90 दिनों की मोहलत दी, जिससे बातचीत को गति मिली है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से व्यापार असंतुलन को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। वेंस से मुलाकात के बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर ने बयान जारी कर भारत के साथ “व्यापार में गंभीर असमानता” की बात दोहराई। भारत ने कम किए टैरिफ, लेकिन कृषि क्षेत्र बना रोड़ा भारत ने हाल के महीनों में कई उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती की है, लेकिन कृषि क्षेत्र पर अमेरिका को ज्यादा पहुंच देने की मांग अब भी विवाद का कारण बनी हुई है। ट्रंप चाहते हैं कि भारत अमेरिकी मक्का (कॉर्न) खरीदे, लेकिन भारत ने कृषि को लेकर हमेशा से सख्त रुख अपनाया है। Modi-Vance ने 🇮🇳 रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर भी चर्चा Modi-Vance ने के बीच सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि रक्षा, रणनीतिक तकनीक और ऊर्जा सहयोग जैसे मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने कहा कि वे “अमेरिका के साथ व्यापार, टेक्नोलॉजी, रक्षा और जनसंपर्क जैसे क्षेत्रों में पारस्परिक सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वे राष्ट्रपति ट्रंप की इस साल भारत यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ट्रंप के इस साल क्वाड समिट के दौरान भारत आने की संभावना है। वेंस परिवार की भारत यात्रा बनी आकर्षण का केंद्र उप-राष्ट्रपति वेंस की यह यात्रा व्यक्तिगत और सांस्कृतिक रंगों से भी भरपूर रही। उनकी पत्नी उषा वेंस के माता-पिता आंध्र प्रदेश से अमेरिका गए थे। यह दंपति अपने बच्चों को भारतीय संस्कृति से रूबरू कराने के लिए उत्साहित है। वेंस के तीन बच्चों की पारंपरिक भारतीय परिधानों में तस्वीरें सोशल मीडिया और भारतीय मीडिया में छाई हुई हैं — दोनों बेटे कुर्ता-पायजामा में और तीन वर्षीय मिराबेल लहंगे में नजर आईं। जयपुर से आगरा तक: सांस्कृतिक सफर मोदी से मुलाकात के बाद वेंस परिवार जयपुर रवाना हुआ, जहां उन्होंने ऐतिहासिक आमेर किले का दौरा किया। वे जयपुर में भारत-अमेरिका संबंधों पर एक भाषण भी देंगे। बुधवार को परिवार आगरा जाकर ताजमहल का दीदार करेगा और फिर गुरुवार को अमेरिका के लिए रवाना होगा। लेटेस्ट इंटरनेशनल न्यूज, ट्रेड अपडेट्स और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स के लिए जुड़े रहें Deshharpal.com से।
Read more
भारत आए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस: 3 महीने में 5 विदेशी दौरे और हर जगह विवाद, अब भारत कैसे करेगा स्वागत?

BHARAT आए AMERICA के VICE PRESIDENT JD VANCE: 3 महीने में 5 विदेशी दौरे और हर जगह विवाद, अब भारत कैसे करेगा स्वागत?

नई दिल्ली – अमेरिका के नए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इन दिनों लगातार सुर्खियों में हैं। वजह है उनके एक के बाद एक विदेशी दौरे – और हर दौरे के बाद उठता कोई न कोई विवाद। अब जब वे भारत पहुंचे हैं, तो सवाल ये है – भारत उनका स्वागत कैसे करेगा और रिश्तों को कैसे संभालेगा? 3 महीने में 5 दौरे, हर जगह विवाद जेडी वेंस ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद से अब तक 5 देशों का दौरा कर लिया है – और ये सब सिर्फ तीन महीने के अंदर। हर दौरे के बाद अमेरिका को सफाई देनी पड़ी या संबंधों को संभालना पड़ा। भारत को क्यों है ये दौरा खास? भारत और अमेरिका के रिश्ते इस समय बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। व्यापार, सुरक्षा, तकनीक और एशिया की राजनीति – हर स्तर पर दोनों देश एक-दूसरे के नजदीक आ रहे हैं। भारत के लिए ये दौरा एक मौका भी है और चुनौती भी। जेडी वेंस के साथ बातचीत में ये देखा जाएगा कि अमेरिका की नई सरकार भारत को किस नजर से देखती है। जेडी वेंस का राजनीतिक स्टाइल वेंस को अमेरिका में बोल्ड और विवादास्पद नेता के रूप में जाना जाता है। वे बिना लाग-लपेट के बात करते हैं, जो कई बार राजनयिकों के लिए मुश्किलें खड़ी कर देती है।लेकिन वहीं, वे एक ईमानदार और स्पष्ट सोच वाले नेता भी माने जाते हैं, जो अमेरिका की घरेलू समस्याओं को समझते हैं। भारत की तैयारी भारत इस दौरे को डिप्लोमैटिक बैलेंस के रूप में देख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय इस बात को लेकर सतर्क हैं कि बातचीत सकारात्मक दिशा में जाए।सूत्रों के मुताबिक, व्यापार, तकनीक ट्रांसफर, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक रणनीति पर बातचीत होगी। क्या कहता है आम भारतीय? दिल्ली की सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक, लोग जेडी वेंस को लेकर मिश्रित भावनाएं रखते हैं। कोई उन्हें अमेरिका का ट्रंप 2.0 कहता है, तो कोई उन्हें बदलाव की उम्मीद मानता है। रजनीश कुमार, एक युवा उद्यमी कहते हैं – “हमें उम्मीद है कि भारत को मजबूत साझेदार की तरह देखा जाएगा, न कि सिर्फ एक बाजार की तरह।”
Read more
जिस बांग्लादेश की मदद में भारत ने लगाए हजारों करोड़, अब वही दिखा रहा आंखें – क्या PM मोदी देंगे करारा जवाब?

जिस BANGLADESH की मदद में भारत ने लगाए हजारों करोड़, अब वही दिखा रहा आंखें – क्या PM मोदी देंगे करारा जवाब?

भारत ने बांग्लादेश को हमेशा एक अच्छे पड़ोसी और दोस्त की तरह देखा। जब भी बांग्लादेश को ज़रूरत पड़ी, भारत ने दिल खोलकर मदद की – फिर चाहे बात आज़ादी की लड़ाई की हो, विकास परियोजनाओं की या आर्थिक सहायता की। लेकिन आज हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। भारत की दरियादिली पर बांग्लादेश की सियासत भारी?बीते कुछ समय में बांग्लादेश की ओर से ऐसे बयान और कदम सामने आ रहे हैं, जो भारत के लिए चौंकाने वाले हैं। बांग्लादेश सरकार का चीन के साथ बढ़ता गठजोड़, भारत के खिलाफ तल्ख़ रुख और कई द्विपक्षीय मुद्दों पर टकराव – ये सभी इशारा कर रहे हैं कि रिश्तों में दरार आ चुकी है। हजारों करोड़ की मदद – लेकिन फिर भी उपेक्षा!भारत ने अब तक बांग्लादेश को करीब 8 बिलियन डॉलर (65 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा) की आर्थिक सहायता दी है। सड़कें, रेल, बिजली और शिक्षा – हर सेक्टर में भारत ने अपना हाथ बढ़ाया। लेकिन इसके बदले में हाल ही में जो रवैया देखने को मिल रहा है, वो कड़वा है। चीन का खेल और बांग्लादेश की चुप्पीबांग्लादेश अब चीन की ओर झुकता दिख रहा है। चीन वहाँ भारी निवेश कर रहा है और रणनीतिक तौर पर भारत की घेराबंदी की कोशिश कर रहा है। ऐसे में बांग्लादेश की चुप्पी और भारत के खिलाफ बयान चिंता का कारण हैं। क्या मोदी सरकार दिखाएगी सख्ती?मोदी सरकार अब इस पूरे मामले पर बारीकी से नज़र रखे हुए है। जानकारों का मानना है कि भारत जल्द ही कड़ा संदेश दे सकता है। यह वक्त है जब भारत को अपनी उदारता और राष्ट्रीय हितों में संतुलन बैठाना होगा।
Read more
Saudi Arabia

PM Modi की Saudi Arabia यात्रा 22-23 April को, Strategic Ties और Trade Cooperation पर होगी चर्चा: MEA

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22-23 अप्रैल 2025 को Saudi Arabia की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। यह यात्रा क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान के निमंत्रण पर हो रही है। यह मोदी जी की सऊदी अरब की तीसरी यात्रा होगी, इससे पहले वे 2016 और 2019 में वहां गए थे।​ 🇮🇳 भारत-Saudi Arabia रणनीतिक साझेदारी: एक नया अध्याय प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा सितंबर 2023 में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की भारत यात्रा के बाद हो रही है, जब उन्होंने G20 शिखर सम्मेलन में भाग लिया और भारत-सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी परिषद की पहली बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस परिषद की स्थापना 2019 में हुई थी, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है। प्रमुख एजेंडा: ऊर्जा, सुरक्षा और व्यापार इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के नेता ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, व्यापार और निवेश, स्वास्थ्य देखभाल और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) की प्रगति पर भी विचार किया जाएगा, जो सितंबर 2023 में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान घोषित किया गया था। ​ भारतीय प्रवासी समुदाय की भूमिका सऊदी अरब में भारतीय प्रवासी समुदाय इस यात्रा को लेकर उत्साहित है। रियाद और जेद्दा में भारतीय समुदाय के संगठनों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पहले, 2024 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सऊदी अरब में भारतीय दूतावास और सऊदी खेल मंत्रालय के सहयोग से योग कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें सऊदी महिला प्रशिक्षकों ने भी भाग लिया था। आर्थिक संबंधों में वृद्धि भारत और सऊदी अरब के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2022-2023 में $52.8 बिलियन से अधिक रहा। दोनों देश ऊर्जा, पेट्रोलियम भंडारण, नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन उत्पादन, और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का अवसर प्रदान करेगी। इससे न केवल द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भी दोनों देशों की भूमिका सुदृढ़ होगी।
Read more
मेरठ में आंधी-बारिश का कहर: दो मकान गिरे, 9 महीने की मासूम समेत दो की दर्दनाक मौत; कई राज्यों में मौसम ने बदला मिजाज

MEERUT में आंधी-बारिश का कहर: दो मकान गिरे, 9 महीने की मासूम समेत दो की दर्दनाक मौत; कई राज्यों में मौसम ने बदला मिजाज

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीती रात तेज आंधी और बारिश ने बड़ा कहर मचाया। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते दो मकान ढह गए। इस हादसे में एक 9 महीने की मासूम बच्ची और एक बुजुर्ग की जान चली गई। परिवार के लिए यह एक ऐसा ग़म बन गया है, जो उम्र भर नहीं भरेगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसा देर रात हुआ, जब सभी लोग गहरी नींद में थे। अचानक ज़ोरदार आवाज़ के साथ दीवारें गिर गईं और सब कुछ मलबे में तब्दील हो गया। पड़ोसियों ने तुरंत मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दो लोगों की सांसे थम चुकी थीं। राजौरी (जम्मू-कश्मीर) में ओलावृष्टि: दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में मौसम ने करवट ली और जोरदार ओले गिरे। खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। किसान परेशान हैं, क्योंकि उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। राजस्थान में हीटवेव का अलर्ट: राजस्थान के कई जिलों में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम विभाग ने हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। जयपुर, बीकानेर, जोधपुर समेत कई जगहों पर तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लोगों को दिन में बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। देश के कोने-कोने में मौसम का कहर:एक ओर बारिश और तूफान जान ले रहे हैं, तो दूसरी ओर गर्मी से लोग बेहाल हैं। मौसम का यह बदलता रूप आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है। ज़रूरत है सतर्क रहने की, ताकि जान-माल का नुकसान रोका जा सके।
Read more
1 49 50 51 52 53

Editor's Picks

बस्तर: रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने आरोपी से जेल में रचाई शादी, कोर्ट की अनुमति से लिए सात फेरे

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने बाद में उसी युवक से कोर्ट की अनुमति के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल में विवाह कर लिया। शादी वैदिक रीति-रिवाजों से जेल परिसर में कराई गई, जिसमें दोनों परिवारों के सदस्य, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और जेल प्रशासन मौजूद रहे। हालांकि, विवाह के बाद भी युवक को जेल से रिहाई नहीं मिली है। वह न्यायिक हिरासत में रहेगा और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उसकी रिहाई पर फैसला होगा। प्रेम संबंध से शुरू हुई कहानी, कानूनी विवाद तक पहुंची जानकारी के अनुसार, मनमती कश्यप और सुरेश सेठिया जगदलपुर के एक पेट्रोल पंप पर साथ काम करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों विवाह करना चाहते थे, लेकिन युवक के परिजनों ने इस रिश्ते का विरोध किया। युवती का आरोप है कि सुरेश ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में परिवार के दबाव में शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद युवती ने परपा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवक को गिरफ्तार किया। SC/ST एक्ट सहित अन्य धाराएं लगने के कारण वह पिछले सात महीने से जेल में बंद है। जेल में भी मिलती रही युवती जेल में बंद रहने के दौरान मनमती कई बार सुरेश से मिलने पहुंची। दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने और विवाह करने का निर्णय लिया। इसके बाद युवती ने अधिवक्ता की मदद से अदालत में आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि दोनों अपनी इच्छा से विवाह करना चाहते हैं। अदालत ने आवेदन पर सुनवाई के बाद जेल प्रशासन को नियमों के अनुसार विवाह कराने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश पर जेल में सजा मंडप कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल परिसर में विवाह की तैयारियां की गईं। जेल प्रशासन ने मंडप बनवाया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोनों का विवाह संपन्न कराया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। विवाह समारोह में दोनों परिवारों के सदस्य, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। युवती बोली- समाज में सम्मान बचाने के लिए दर्ज कराई थी FIR मनमती कश्यप ने बताया कि जब सुरेश ने शादी से इनकार किया तो समाज में उनकी बदनामी हुई और इसी कारण उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बाद में दोनों के बीच बातचीत हुई और उन्होंने आपसी सहमति से विवाह करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि अब उनकी इच्छा है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके पति जल्द जेल से बाहर आएं। युवक ने कहा- अब दोनों ने मिलकर लिया फैसला सुरेश सेठिया ने कहा कि पारिवारिक विरोध के कारण स्थिति बिगड़ गई थी। बाद में दोनों ने बातचीत कर विवाद सुलझाया और अदालत की अनुमति से शादी कर ली। उन्होंने कहा कि अब वे कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। जेल अधीक्षक बोले- पहली बार हुआ ऐसा विवाह जगदलपुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक एस.एल. नायर ने बताया कि जेल में विवाह का यह पहला मामला है। अदालत के आदेश और जेल नियमावली के तहत सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर विवाह कराया गया। वहीं, अधिवक्ता अवधेश झा ने बताया कि दोनों बालिग हैं और संयुक्त आवेदन के आधार पर विशेष न्यायालय ने विवाह की अनुमति दी थी। छत्तीसगढ़, बस्तर और देश की ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

गुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में दो चोरी की वारदात, यात्रियों के लाखों के सामान पर हाथ साफ

गुना। मध्य प्रदेश के गुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में चोरी की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। दोनों मामलों में अज्ञात चोर यात्रियों के सिरहाने रखे लेडीज पर्स चोरी कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर जीआरपी थाना गुना ने दोनों प्रकरणों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना: लाखों के जेवर, मोबाइल और नकदी चोरी पहली घटना में रीवा जिले के बदराव निवासी पंकज चतुर्वेदी अपनी पत्नी अपर्णा और बच्चों के साथ ट्रेन संख्या 08611 से दमोह से कोटा (सोगरिया) की यात्रा कर रहे थे। बताया गया कि तड़के करीब 4:15 बजे, जब ट्रेन गुना रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी बी-1 कोच की सीट नंबर 7 पर सो रही उनकी पत्नी के सिरहाने रखा लेडीज पर्स चोरी हो गया। पीड़ित के अनुसार पर्स में सोने की एक चेन, तीन सोने की अंगूठियां, तीन मोबाइल फोन, एक हाथ घड़ी और 6 हजार रुपये नकद रखे थे। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार चोरी गए सामान की कीमत करीब 2.75 लाख रुपये आंकी जा रही है। वहीं एफआईआर में सोने की चेन, तीन अंगूठियों की कीमत 62 हजार रुपये तथा नकदी का उल्लेख किया गया है। चोरी हुए मोबाइल में वनप्लस 9 प्रो, ओप्पो और वीवो कंपनी के फोन शामिल हैं। पीड़ित ने पहले कोटा जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई थी। घटना गुना रेलखंड की होने के कारण मामला जीआरपी थाना गुना को स्थानांतरित कर दिया गया। दूसरी घटना: नकदी और मोबाइल लेकर फरार हुए चोर दूसरे मामले में भिंड निवासी धर्मेंद्र सिंह मौर्य (39) अपनी पत्नी के साथ ट्रेन संख्या 11085 के एस-1 कोच में ग्वालियर की यात्रा कर रहे थे। गुना स्टेशन के पास उनकी नींद खुली तो सिरहाने रखा लेडीज पर्स गायब मिला। पर्स में करीब 16 हजार रुपये कीमत के दो मोबाइल, 7,200 रुपये नकद और कई जरूरी दस्तावेज रखे थे। इस मामले में पहले ग्वालियर जीआरपी में शून्य एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे बाद में जांच के लिए जीआरपी थाना गुना भेज दिया गया। जीआरपी ने शुरू की जांच जीआरपी थाना गुना ने दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(सी) के तहत प्रकरण दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में लगे सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। मध्य प्रदेश, गुना और रेलवे से जुड़ी ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CJI सूर्यकांत की सफाई: CJP लाठीचार्ज मामले में सुनवाई से इनकार नहीं किया, मीडिया रिपोर्टों को बताया गलत

नई दिल्ली। भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस लाठीचार्ज और ज्यादती से जुड़ी किसी याचिका की सुनवाई से इनकार नहीं किया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं की गई थी, इसलिए सुनवाई से इनकार करने का सवाल ही नहीं उठता। मीडिया रिपोर्टों पर जताई नाराजगी CJI सूर्यकांत ने उन मीडिया रिपोर्टों की आलोचना की, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने CJP प्रदर्शन से जुड़े मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मीडिया ने गलत रिपोर्ट किया कि मैंने मामले को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया। पिछले दो दिनों से पूरी तरह गलत जानकारी दी जा रही है। जबकि इस मामले में एक भी पन्ना दाखिल नहीं हुआ था। केवल एक प्रतिनिधित्व भेजा गया था, जिसे मिश्रा या किसी अन्य व्यक्ति ने प्रस्तुत किया था।” पहले वीडियो देखने पर की थी टिप्पणी इससे पहले बुधवार को अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा ने दिल्ली में CJP के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई के मामले में तत्काल सुनवाई की मौखिक मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल थे, के समक्ष यह अनुरोध रखा गया था। सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है। जब वकील ने दूसरी बार वीडियो देखने का आग्रह किया, तो उन्होंने कहा कि अदालत और अपना समय व्यर्थ न करें। इसी टिप्पणी के बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया, जिस पर अब CJI ने स्थिति स्पष्ट की है। कैसे चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’? कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत मई 2026 में सोशल मीडिया पर हुई थी। इसका नाम CJI सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद चर्चा में आया और देखते ही देखते यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान युवा वकीलों की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा था कि कई युवा रोजगार के अभाव में सोशल मीडिया और RTI एक्टिविज्म की ओर बढ़ रहे हैं। इसी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से अभियान शुरू हुआ, जिसने बाद में एक बड़े ऑनलाइन आंदोलन का रूप ले लिया। अधिक राष्ट्रीय, न्यायपालिका और राजनीति से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

राहुल गांधी ने घायल छात्र के साथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा’

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने आवास 10 जनपथ पर NEET परीक्षा से जुड़े विरोध प्रदर्शन में घायल हुए छात्र साहिल लोचाब के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि “धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। वे देश की शिक्षा व्यवस्था के ध्वस्त होने का प्रतीक बन चुके हैं। उन्हें अपने पद से हटना ही होगा। उनकी नीतियों की वजह से हजारों छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।” प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने घायल छात्र के हाथ, पीठ और छाती पर लगे घाव भी दिखाए। उन्होंने कहा कि साहिल शांतिपूर्ण तरीके से हाथ में तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तभी उन्हें पैलेट गन का सामना करना पड़ा। NEET पेपर लीक के विरोध में हुआ था प्रदर्शन 20 जुलाई को NEET पेपर लीक मामले के विरोध में छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा संसद मार्च निकाला गया था। इस दौरान जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें 100 से अधिक छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। साहिल लोचाब भी इसी घटना में गंभीर रूप से घायल हुए। साहिल लोचाब की आंख की रोशनी जाने का खतरा 19 वर्षीय साहिल लोचाब दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ के निवासी हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) के छात्र हैं। प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन लगने से उनकी दाहिनी आंख गंभीर रूप से घायल हो गई। उनका इलाज AIIMS के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में किया गया, जहां उनकी सर्जरी भी हुई। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया है कि घायल आंख की रोशनी वापस आने की संभावना केवल 1 प्रतिशत है, क्योंकि आंख की पुतली को गंभीर नुकसान पहुंचा है। परिवार ने क्या कहा? साहिल की मां ज्योति ने बताया कि उनका बेटा पहले भी छात्र आंदोलनों में हिस्सा ले चुका था। उन्होंने कहा कि साहिल का मानना था कि NEET से जुड़ा यह मुद्दा उसके भविष्य और शिक्षा से सीधे जुड़ा है। परिवार के अनुसार, साहिल का सपना पुलिस अधिकारी बनने का है। अधिक राष्ट्रीय, राजनीति और शिक्षा से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Rahul Gandhi

Education पर Rahul Gandhi का बड़ा बयान, Dharmendra Pradhan को बताया ‘क्रिमिनल शिक्षा मंत्री’

देश में शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। Rahul Gandhi ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय की कथित लापरवाही के कारण हजारों छात्र परेशान हैं और अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। Rahul Gandhi ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें “क्रिमिनल शिक्षा मंत्री” बताया और कहा कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था, छात्रों की समस्याओं और सरकार की जवाबदेही को लेकर केंद्र पर कई सवाल उठाए। Student Protest को लेकर राहुल का बड़ा हमला राहुल गांधी ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भरोसा प्रभावित हुआ है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जिन छात्रों ने मेहनत करके अपने भविष्य के लिए तैयारी की, उन्हें अब अनिश्चितता और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से छात्रों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की। घायल छात्र की चोट दिखाकर सरकार को घेरा प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने एक घायल छात्र का मुद्दा उठाया। उन्होंने छात्र की टी-शर्ट उठाकर उसकी चोट दिखाई और आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में छात्र घायल हुआ। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनकी मांगों पर बातचीत करे। Education System पर उठे सवाल राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों में छात्रों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह छात्रों की परेशानियों को नजरअंदाज कर रही है और जिम्मेदारी तय करने से बच रही है। Dharmendra Pradhan पर बढ़ा राजनीतिक दबाव राहुल गांधी के बयान के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष लगातार शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है। वहीं, इस मामले में सरकार और बीजेपी की प्रतिक्रिया का इंतजार है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में संसद और चुनावी राजनीति में बड़ा विषय बन सकते हैं। छात्रों के भविष्य को लेकर जारी है बहस शिक्षा किसी भी देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा सबसे अहम मुद्दा है। यही वजह है कि परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्रों की सुरक्षा जैसे सवालों पर लगातार चर्चा हो रही है। राहुल गांधी के इस हमले के बाद अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम और विपक्ष के आगे के रुख पर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.