आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलBittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावितBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ कियाBREAKINGदेश-हरपलSwatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत मेंBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमतिBREAKINGदेश-हरपलBittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावितBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ कियाBREAKINGदेश-हरपलSwatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत मेंBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

NE

News Elementor

Banner

Latest Posts

Commonwealth Games

Commonwealth Games प्रीति पवार ने दिलाया Silver, आज भारत के लिए Gold जीतने का बड़ा मौका

Commonwealth Games 2026 का नौवां दिन भारत के लिए शानदार खबर लेकर आया। भारतीय महिला मुक्केबाज़ प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में दमदार जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बना ली है। इसके साथ ही उन्होंने देश के लिए कम से कम सिल्वर मेडल सुनिश्चित कर दिया है। अब पूरे देश की उम्मीदें उनके गोल्ड मेडल मुकाबले पर टिकी हैं। भारत का प्रदर्शन इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार बेहतर होता जा रहा है। हर दिन भारतीय खिलाड़ी नए पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ा रहे हैं और नौवें दिन भी कई खेलों में भारत के पास मेडल जीतने का सुनहरा मौका है। प्रीति पवार ने दिखाया दम, फाइनल में बनाई जगह महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में प्रीति पवार ने जाम्बिया की मुक्केबाज़ कैथरीन म्वापे के खिलाफ शानदार खेल दिखाया। मुकाबले की शुरुआत से ही उन्होंने आत्मविश्वास और आक्रामक रणनीति अपनाई, जिसका फायदा उन्हें जीत के रूप में मिला। इस जीत के साथ प्रीति ने फाइनल का टिकट कटाया और भारत के लिए सिल्वर मेडल पक्का कर दिया। अब फाइनल मुकाबले में उनकी नजर गोल्ड जीतकर इतिहास रचने पर होगी। अगर वह स्वर्ण पदक अपने नाम करती हैं तो यह भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक और बड़ी उपलब्धि होगी। Neeraj Chopra पर टिकी करोड़ों भारतीयों की नजर नौवें दिन का सबसे बड़ा आकर्षण ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा का जेवलिन थ्रो फाइनल रहेगा। भारतीय खेल प्रेमियों को उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद है। नीरज का अनुभव और मौजूदा फॉर्म भारत के लिए बड़ी ताकत मानी जा रही है। कई खेलों में मेडल की उम्मीद बॉक्सिंग के अलावा भारत के खिलाड़ी एथलेटिक्स, जूडो, लॉन बॉल्स, ट्रैक साइक्लिंग और अन्य स्पर्धाओं में भी चुनौती पेश कर रहे हैं। कई भारतीय खिलाड़ी अपने-अपने इवेंट के अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं, जिससे पदकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है। भारतीय बॉक्सिंग दल इस बार विशेष रूप से शानदार प्रदर्शन कर रहा है। कई मुक्केबाज़ पहले ही पदक पक्का कर चुके हैं, जबकि कुछ खिलाड़ी गोल्ड मेडल की दौड़ में बने हुए हैं। ऐसे में टीम इंडिया का आत्मविश्वास पहले से कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है। भारत के लिए अहम साबित हो सकता है Day 9 कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का नौवां दिन भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि नीरज चोपड़ा सहित अन्य खिलाड़ी भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करते हैं तो भारत की पदक तालिका में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। प्रीति पवार का सिल्वर मेडल सुनिश्चित होना भारतीय खेल प्रेमियों के लिए गर्व की बात है। अब हर किसी की निगाहें उनके फाइनल मुकाबले और उन भारतीय खिलाड़ियों पर हैं जो आज देश के लिए नए पदक जीतने मैदान में उतरेंगे। Commonwealth Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का जज्बा यह दिखा रहा है कि आने वाले दिनों में भी देश के खाते में कई और मेडल जुड़ सकते हैं। करोड़ों भारतीय प्रशंसक अपने खिलाड़ियों से एक और यादगार दिन की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
Read more

ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के 12 मेजबान शहरों का किया ऐलान, 24 साल बाद अफ्रीका में लौटेगा टूर्नामेंट

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए 12 मेजबान शहरों की घोषणा कर दी है। क्रिकेट का यह महाकुंभ 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। 24 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी फिर से अफ्रीकी महाद्वीप को मिली है। दक्षिण अफ्रीका के 8 शहरों में होंगे सबसे ज्यादा मुकाबले टूर्नामेंट के अधिकांश मैच दक्षिण अफ्रीका में खेले जाएंगे। यहां जोहानसबर्ग, सेंचुरियन, डरबन, ग्केबेर्हा, कुगोम्पो सिटी, केपटाउन, पार्ल और ब्लोमफोंटेन को मेजबान शहर बनाया गया है। वहीं जिम्बाब्वे के हरारे, बुलावायो और विक्टोरिया फॉल्स, जबकि नामीबिया की राजधानी विंडहोक में भी मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। फाइनल मुकाबला जोहानसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम या केपटाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम में आयोजित किया जा सकता है। 24 साल बाद अफ्रीका में लौटेगा वनडे वर्ल्ड कप इससे पहले वर्ष 2003 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या ने संयुक्त रूप से वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका 2007 टी-20 वर्ल्ड कप, 2009 चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 महिला टी-20 वर्ल्ड कप की सफल मेजबानी कर चुका है। वहीं नामीबिया पहली बार किसी सीनियर ICC टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। हालांकि इस वर्ष उसने जिम्बाब्वे के साथ मिलकर अंडर-19 वर्ल्ड कप का आयोजन किया था। 54 मैचों में से 41 मुकाबले दक्षिण अफ्रीका में संभव 2027 वर्ल्ड कप में कुल 54 मैच खेले जाएंगे। इनमें से कम से कम 41 मुकाबले दक्षिण अफ्रीका, 7 से 10 मैच जिम्बाब्वे और कम से कम तीन मैच नामीबिया में होने की संभावना है। इसके अलावा बेनोनी और पोटचेफस्ट्रूम को वॉर्म-अप मैचों के लिए चुना गया है। यही शहर अगले वर्ष होने वाले वर्ल्ड कप क्वालिफायर की भी मेजबानी कर सकते हैं। विक्टोरिया फॉल्स पहली बार बनेगा वर्ल्ड कप वेन्यू इस बार 12 मेजबान शहरों में विक्टोरिया फॉल्स नया नाम है। यहां लगभग 10 हजार दर्शकों की क्षमता वाला नया स्टेडियम बनाया जा रहा है, जिसके इस वर्ष के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है। 14 टीमों के साथ नए फॉर्मेट में खेला जाएगा वर्ल्ड कप ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए नया थ्री-स्टेज फॉर्मेट लागू किया है। टूर्नामेंट में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। भारत-पाकिस्तान के बीच तीन मुकाबलों की संभावना नए फॉर्मेट के चलते भारत और पाकिस्तान के बीच अधिकतम तीन मैच खेले जा सकते हैं। यदि दोनों टीमें एक ही ग्रुप में रहती हैं तो पहला मुकाबला ग्रुप स्टेज में होगा। दोनों के सुपर-7 में पहुंचने पर दूसरी भिड़ंत होगी और यदि दोनों सेमीफाइनल या फाइनल तक पहुंचते हैं तो तीसरी बार आमना-सामना संभव है। मेजबान देशों की क्वालिफिकेशन स्थिति ICC के फुल मेंबर होने के कारण दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे सीधे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं। वहीं तीसरे मेजबान नामीबिया को टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह टूर्नामेंट 2027-31 फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) का पहला ICC इवेंट भी होगा। अधिक जानकारी और ताज़ा खेल खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more
Indian Hockey Team

Indian Hockey Team Jersey Controversy: Orange Jersey पर मचा बवाल

भारतीय हॉकी टीम (Indian Hockey Team) की नई Orange Jersey इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। टीम के पारंपरिक Blue Color को लेकर विवाद शुरू हो गया है। पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान रास्किन्हा ने जर्सी के रंग में बदलाव पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीला रंग भारतीय हॉकी की पहचान रहा है और इससे खिलाड़ियों व फैंस की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। वहीं, Hockey India ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि नई जर्सी का चुनाव खिलाड़ियों की पसंद और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। संस्था का कहना है कि रंग बदलने का मतलब भारतीय हॉकी की पुरानी पहचान को खत्म करना नहीं है। Blue Jersey से जुड़ी है भारतीय हॉकी की यादें भारतीय हॉकी टीम की नीली जर्सी लंबे समय से देश की खेल पहचान का हिस्सा रही है। मैदान पर जब खिलाड़ी नीले रंग की जर्सी पहनकर उतरते हैं तो फैंस के बीच एक अलग ही जुड़ाव देखने को मिलता है। रास्किन्हा का कहना है कि जर्सी का रंग सिर्फ कपड़े का एक हिस्सा नहीं होता, बल्कि वह देश की भावनाओं और खेल की विरासत को भी दर्शाता है। उनके अनुसार, नीला रंग भारतीय हॉकी के गौरवशाली इतिहास से जुड़ा हुआ है। Hockey India ने बताया बदलाव का कारण हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ने Orange Jersey को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा कि खिलाड़ियों की राय को महत्व दिया गया है। उन्होंने बताया कि टीम की सुविधा, आत्मविश्वास और खिलाड़ियों की पसंद को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय हॉकी की पहचान सिर्फ जर्सी के रंग से नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन, मेहनत और उपलब्धियों से बनती है। Social Media पर फैंस की अलग-अलग राय नई Orange Jersey को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस देखने को मिल रही है। कुछ फैंस ने इसे नया और आकर्षक बदलाव बताया, जबकि कई लोगों का मानना है कि भारतीय टीम की पारंपरिक Blue Jersey को ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कई खेल प्रेमियों का कहना है कि टीम की जर्सी देश की भावनाओं से जुड़ी होती है, इसलिए ऐसे बदलावों को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। क्या Orange Jersey बनेगी नई पहचान? भारतीय खेल टीमों की जर्सी हमेशा से चर्चा में रही हैं। समय के साथ डिजाइन और रंगों में बदलाव होते रहे हैं, लेकिन पुरानी यादें और भावनाएं भी अपनी जगह बनाए रखती हैं। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि भारतीय हॉकी टीम नई Orange Jersey के साथ मैदान पर कैसा प्रदर्शन करती है। अगर टीम शानदार नतीजे हासिल करती है, तो यही रंग आने वाले समय में भारतीय हॉकी की नई पहचान भी बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Commonwealth Games

India Wins Third Gold: Commonwealth Games में गावित बने चैंपियन, बासिल और मुरली ने बढ़ाया देश का मान

Commonwealth Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। देश के लिए एक और गौरवपूर्ण पल तब आया, जब पैरा एथलेटिक्स की 100 मीटर दौड़ में भारत के गावित ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया। इसी मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी बासिल ने भी बेहतरीन दौड़ लगाकर रजत पदक (Silver Medal) जीता। इस तरह भारत ने इस स्पर्धा में गोल्ड और सिल्वर दोनों पदकों पर कब्जा जमाकर अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। भारत के लिए खुशी यहीं नहीं रुकी। पुरुषों की पैरा लॉन्ग जंप प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ी मुरली ने दमदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उनके इस प्रदर्शन ने भारत के पदकों की संख्या में एक और इजाफा कर दिया। पैरा 100 मीटर में भारत का दबदबा पैरा 100 मीटर स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही शानदार लय दिखाई। गावित ने तेज रफ्तार और बेहतरीन तकनीक के दम पर सभी प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए फिनिश लाइन सबसे पहले पार की। उनके पीछे भारत के ही बासिल दूसरे स्थान पर रहे। इस प्रदर्शन ने भारतीय दल को एक साथ गोल्ड और सिल्वर दिलाकर देशवासियों को जश्न मनाने का मौका दिया। लॉन्ग जंप में मुरली ने बढ़ाया भारत का गौरव पैरा लॉन्ग जंप स्पर्धा में मुरली ने लगातार बेहतर प्रयास किए और अंततः रजत पदक जीतने में सफल रहे। हालांकि वे स्वर्ण पदक से थोड़ा पीछे रह गए, लेकिन उनके प्रदर्शन ने भारतीय खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया। उनकी इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को और मजबूती मिली। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का शानदार अभियान कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ी विभिन्न खेलों में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। पैरा एथलेटिक्स में मिली इन सफलताओं ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं। गावित का स्वर्ण, बासिल और मुरली के रजत पदक भारतीय दल के आत्मविश्वास को और मजबूत करेंगे। देशभर में खुशी की लहर भारतीय खिलाड़ियों की इस उपलब्धि के बाद खेल प्रेमियों और खेल जगत से लगातार बधाइयों का सिलसिला जारी है। सोशल मीडिया पर भी गावित, बासिल और मुरली के प्रदर्शन की जमकर सराहना हो रही है। खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण ने एक बार फिर पूरे देश को गर्व महसूस कराया है। भारत को उम्मीद है कि आने वाले मुकाबलों में भी खिलाड़ी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में और पदक जोड़ेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Ajinkya Rahane

Ajinkya Rahane Retirement Melbourne Century से Gaba Victory तक, शानदार रहा रहाणे का क्रिकेट सफर

भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाने वाले अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। अपने संयमित स्वभाव, शानदार तकनीक और दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे ने सोशल मीडिया पर संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि अब उनके जीवन का नया सफर शुरू हो रहा है। उनके इस फैसले के साथ भारतीय क्रिकेट के एक यादगार अध्याय का भी समापन हो गया। रहाणे ने अपने करियर में कई अहम पारियां खेलीं, लेकिन साल 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा उन्हें हमेशा भारतीय क्रिकेट इतिहास में खास पहचान दिलाएगा। मुश्किल हालात में उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। Australia Tour 2020-21 ने बनाया इतिहास ऑस्ट्रेलिया दौरे की शुरुआत भारतीय टीम के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। एडिलेड टेस्ट में भारत सिर्फ 36 रन पर ऑलआउट हो गया था। इसके बाद नियमित कप्तान विराट कोहली निजी कारणों से स्वदेश लौट गए और टीम की कमान अजिंक्य रहाणे के हाथों में आ गई। कई दिग्गज खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी और लगातार चोटों के बीच रहाणे ने न सिर्फ टीम का आत्मविश्वास बनाए रखा, बल्कि मेलबर्न टेस्ट में शानदार 112 रन की कप्तानी पारी खेलकर भारत को शानदार जीत दिलाई। इसके बाद युवा खिलाड़ियों के दम पर भारत ने सिडनी टेस्ट ड्रॉ किया और ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए चार मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। इस जीत को भारतीय क्रिकेट के सबसे सुनहरे विदेशी दौरों में गिना जाता है। विदेशी धरती पर हमेशा रहे भरोसेमंद बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे का नाम उन भारतीय बल्लेबाजों में लिया जाता है जिन्होंने विदेशी परिस्थितियों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज जैसी कठिन पिचों पर उन्होंने कई मैच जिताऊ पारियां खेलीं। टेस्ट क्रिकेट में उनका शांत रवैया और टीम की जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी करने की क्षमता उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती थी। कई मौकों पर उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में भारतीय पारी को संभालकर टीम को जीत की राह दिखाई। शानदार रहा अंतरराष्ट्रीय करियर रहाणे ने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी-20 तीनों प्रारूपों में प्रतिनिधित्व किया। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 5,000 से ज्यादा रन बनाए और कई यादगार शतक जड़े। उन्होंने कई बार उपकप्तान और कप्तान के रूप में भी टीम की जिम्मेदारी निभाई और हर भूमिका को पूरी ईमानदारी से निभाया। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीत, मेलबर्न की शतकीय पारी और विदेशी मैदानों पर लगातार शानदार प्रदर्शन शामिल हैं। सोशल मीडिया पर लिखा भावुक संदेश संन्यास की घोषणा करते हुए रहाणे ने कहा कि भारत के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा। उन्होंने अपने परिवार, साथियों, कोचों, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और करोड़ों क्रिकेट प्रशंसकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके प्यार और विश्वास ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी कहा कि हर खिलाड़ी के जीवन में एक समय ऐसा आता है जब उसे नए सफर की शुरुआत करनी होती है और अब वह उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। IPL और घरेलू क्रिकेट में नजर आ सकते हैं रहाणे हालांकि अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है, लेकिन उन्होंने IPL या घरेलू क्रिकेट से दूरी बनाने का कोई संकेत नहीं दिया है। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि उनका अनुभव आने वाले समय में भी भारतीय क्रिकेट और युवा खिलाड़ियों के लिए उपयोगी साबित होगा। भारतीय क्रिकेट में हमेशा याद रहेगा रहाणे का योगदान अजिंक्य रहाणे उन चुनिंदा खिलाड़ियों में रहे जिन्होंने कभी शोर नहीं मचाया, बल्कि अपने बल्ले से जवाब दिया। जब भी टीम मुश्किल में फंसी, उन्होंने जिम्मेदारी उठाई और उदाहरण पेश किया। मेलबर्न की शतकीय पारी, ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत और मैदान पर उनका शांत नेतृत्व हमेशा भारतीय क्रिकेट इतिहास का अहम हिस्सा रहेगा। भले ही उनका अंतरराष्ट्रीय सफर अब समाप्त हो गया हो, लेकिन उनकी उपलब्धियां और योगदान क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में लंबे समय तक जीवित रहेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ज्ञानेश्वरी यादव ने जीता सिल्वर, भारत के खाते में आया पांचवां मेडल

नई दिल्ली। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए पांचवां पदक जीत लिया है। भारतीय वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने महिला 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में कुल 199 किलोग्राम (88 किग्रा स्नैच + 111 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही वेटलिफ्टिंग में भारत का यह चौथा और कुल मिलाकर पांचवां मेडल हो गया है। नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडीह ने कुल 206 किलोग्राम (93+113) वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ और गेम्स रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता। स्नैच में बनाया नया गेम्स रिकॉर्ड 23 वर्षीय ज्ञानेश्वरी यादव ने स्नैच में 88 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड कायम किया। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने क्रमशः 103, 107 और 111 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाए। कुल 199 किलोग्राम के साथ उन्होंने सिल्वर मेडल सुनिश्चित किया, हालांकि डिडीह के रिकॉर्ड प्रदर्शन के सामने उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। मेडल टैली में भारत आठवें स्थान पर ज्ञानेश्वरी के सिल्वर के बाद भारत अब मेडल टैली में आठवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं ऑस्ट्रेलिया 17 स्वर्ण सहित 39 पदकों के साथ तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है। मीराबाई चानू ने दिलाया पहला गोल्ड इससे पहले मीराबाई चानू ने महिला 48 किलोग्राम वर्ग में कुल 190 किलोग्राम (85+105) वजन उठाकर भारत को प्रतियोगिता का पहला स्वर्ण पदक दिलाया था। इसके अलावा ऋषिकांत सिंह (60 किग्रा) और राजा मुथुपांडी (65 किग्रा) सिल्वर मेडल जीत चुके हैं, जबकि झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक हासिल किया। संघर्ष से सफलता तक का सफर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की रहने वाली ज्ञानेश्वरी यादव ने कम उम्र में ही वेटलिफ्टिंग शुरू कर दी थी। उनके पिता बॉडीबिल्डर थे, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते उन्हें खेल छोड़कर इलेक्ट्रीशियन का काम करना पड़ा। पिता के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेते हुए ज्ञानेश्वरी ने जूनियर स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल कीं और राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में भी उन्होंने स्नैच में सिल्वर और कुल प्रदर्शन में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। बॉक्सिंग में भारत की मजबूत शुरुआत भारतीय मुक्केबाज सचिन सिवाच ने पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। अब उनका मुकाबला बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी से होगा। वहीं अंकुश ने 80 किलोग्राम वर्ग में एंटीगुआ और बारबुडा के जलान जान को 5-0 से हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई। एथलेटिक्स और स्विमिंग में भी उम्मीदें कायम एथलेटिक्स में मुरली श्रीशंकर ने पहली ही कोशिश में 8.01 मीटर की छलांग लगाकर लॉन्ग जंप फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। लोकेश सत्यानाथन ने भी 7.77 मीटर के साथ फाइनल में जगह बनाई। स्विमिंग में साजन प्रकाश पुरुष 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल में पहुंच गए, जबकि तेजस शिर्से ने 110 मीटर हर्डल्स के फाइनल में जगह बनाई। जिम्नास्टिक्स में पदक से चूकीं प्रतिष्ठा महिला वॉल्ट फाइनल में प्रतिष्ठा सामंता 12.883 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहीं और पदक से चूक गईं। वहीं भारत के सबसे तेज धावक गुरिंदरवीर सिंह 100 मीटर हीट्स में 10.39 सेकेंड का समय निकालने के बावजूद सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सके। आज इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजर आज महिला 58 किलोग्राम भारोत्तोलन फाइनल में बिंद्यारानी देवी और पुरुष 79 किलोग्राम वर्ग में वी. अजया बाबू भारत के लिए पदक जीतने की चुनौती पेश करेंगे। वहीं हाई जंप फाइनल में तेजस्विन शंकर, सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम से भी देश को बड़ी उम्मीदें हैं। देश और दुनिया की ताजा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more
Indian Cricket Team

Indian Cricket Team फिलहाल Break पर, अगली International Series के लिए जल्द चुनी जाएगी टीम

भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) फिलहाल अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से कुछ समय के लिए ब्रेक पर है। लगातार व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर के बाद खिलाड़ियों को आराम दिया गया है, ताकि वे आगामी चुनौतियों के लिए खुद को पूरी तरह तैयार कर सकें। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें बीसीसीआई (BCCI) की ओर हैं, क्योंकि जल्द ही अगली इंटरनेशनल सीरीज के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड का ऐलान होने की उम्मीद है। लगातार क्रिकेट के बाद मिला आराम पिछले कुछ महीनों में भारतीय टीम (Indian Cricket Team) ने लगातार अलग-अलग प्रारूपों में क्रिकेट खेला। ऐसे व्यस्त कार्यक्रम के बाद खिलाड़ियों को आराम देना टीम मैनेजमेंट की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यह ब्रेक खिलाड़ियों को शारीरिक और मानसिक रूप से तरोताजा होने का मौका देगा, जिससे वे अगले दौरे में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। जल्द घोषित हो सकता है नया Squad सूत्रों के अनुसार, चयन समिति अगले कुछ दिनों में आगामी सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर सकती है। चयन के दौरान खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म, फिटनेस और हालिया प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे में कुछ नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना भी जताई जा रही है, जबकि अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी पर भी सभी की नजर रहेगी। युवा खिलाड़ियों के लिए सुनहरा अवसर घरेलू क्रिकेट और हाल के टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन करने वाले कई युवा खिलाड़ी चयनकर्ताओं की नजर में हैं। यदि उन्हें टीम में जगह मिलती है तो यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की बड़ी शुरुआत साबित हो सकती है। दूसरी ओर, नियमित खिलाड़ियों को भी अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। अगले दौरे की तैयारियां होंगी तेज स्क्वाड की घोषणा के बाद भारतीय टीम का ट्रेनिंग कैंप शुरू होने की संभावना है। यहां खिलाड़ी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देंगे और टीम मैनेजमेंट आगामी सीरीज के लिए रणनीति तय करेगा। भारत का लक्ष्य अगले दौरे में जीत की लय को बरकरार रखते हुए मजबूत शुरुआत करना होगा। फैंस की नजर BCCI के फैसले पर देशभर के क्रिकेट प्रशंसक अब आधिकारिक टीम घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हर किसी के मन में यही सवाल है कि इस बार किन खिलाड़ियों को मौका मिलेगा और क्या टीम में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। स्क्वाड सामने आने के बाद इन सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

भारत ने जिम्बाब्वे को तीसरे टी-20 में हराकर 3-0 से जीती सीरीज, वैभव सूर्यवंशी बने जीत के हीरो

भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी-20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 35 रन से जीत दर्ज की और तीन मैचों की सीरीज पर 3-0 से कब्जा कर लिया। हरारे में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 192 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 7 विकेट पर 157 रन ही बना सकी। भारत की जीत के सबसे बड़े नायक युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने 49 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं गेंदबाजी में मयंक यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके, जबकि यश ठाकुर ने 2 विकेट लेकर मेजबान टीम की कमर तोड़ दी। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और अभिषेक शर्मा सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन ने पारी को संभाला। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 75 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। ईशान किशन ने 29 रन बनाए। ईशान के आउट होने के बाद वैभव ने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर 50 रन की साझेदारी की। वैभव ने 31 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और अंत तक आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। तिलक वर्मा 11 रन बनाकर नाबाद रहे। जिम्बाब्वे की ओर से ब्रैड इवांस ने 2 विकेट लिए, जबकि ब्लेसिंग मुजरबानी, सिकंदर रजा और वेस्ली मधेवेरे को एक-एक सफलता मिली। 193 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही। पहली ही गेंद पर मयंक यादव ने ब्रायन बेनेट को आउट कर दिया। इसके बाद यश ठाकुर ने डिओन मायर्स और सिकंदर रजा को लगातार पवेलियन भेजकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। बाद में रवि बिश्नोई और अशोक शर्मा ने भी एक-एक विकेट लेकर जिम्बाब्वे की उम्मीदों को खत्म कर दिया। भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया ने मुकाबला अपने नाम किया और सीरीज में क्लीन स्वीप कर लिया।
Read more

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ऋषिकांत सिंह ने दिलाया भारत को दूसरा मेडल, 60 किग्रा वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर

नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए शानदार खबर आई है। चौथे दिन पुरुषों की 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में ऋषिकांत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच और क्लीन एंड जर्क मिलाकर कुल 264 किलोग्राम वजन उठाया और दूसरे स्थान पर रहे। मलेशिया के अनिक कसदान ने कुल 266 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता, जबकि केन्या के मबोया ने 260 किलोग्राम के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। स्नैच और क्लीन एंड जर्क में दमदार प्रदर्शन ऋषिकांत सिंह ने स्नैच में 121 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 143 किलोग्राम वजन उठाया। दोनों इवेंट के कुल 264 किलोग्राम के साथ उन्होंने भारत की झोली में गेम्स का दूसरा पदक डाला। इससे पहले भारत के झंडू कुमार ने पुरुष पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। अब भारत के खाते में 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज के साथ कुल दो पदक हो गए हैं और टीम मेडल तालिका में 10वें स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया 12 गोल्ड सहित 23 पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है। ऋषिकांत का दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स यह ऋषिकांत सिंह का दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स है। इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम 2022 में 55 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इस बार उन्होंने पहली बार 60 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया और सिल्वर मेडल जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। वह मौजूदा कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप के भी चैंपियन हैं। 2009 से शुरू हुआ सफर मणिपुर वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन के सचिव और उनके शुरुआती कोच ब्रोजेंद्रो सिंह के अनुसार, ऋषिकांत ने वर्ष 2009 में मणिपुर स्पोर्ट्स अकादमी से वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। बाद में उनका चयन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) में हुआ। इसके बाद वे भारतीय नौसेना और फिर भारतीय सेना के खेल ढांचे से जुड़े, जहां उनकी प्रतिभा और निखरी। ऋषिकांत मणिपुर के इंफाल वेस्ट के रहने वाले हैं। उनके परिवार में दो भाई हैं, जिनमें बड़े भाई भारतीय सेना में कार्यरत हैं। वेटलिफ्टिंग में विजेता कैसे तय होता है? वेटलिफ्टिंग में दो इवेंट होते हैं— दोनों इवेंट में तीन-तीन प्रयास मिलते हैं। स्नैच और क्लीन एंड जर्क में उठाए गए सर्वश्रेष्ठ वजन को जोड़कर कुल स्कोर बनाया जाता है। सबसे अधिक कुल वजन उठाने वाला खिलाड़ी विजेता घोषित होता है। अन्य मुकाबलों पर भी नजर भारत को उम्मीद है कि आने वाले मुकाबलों में उसके खिलाड़ी और पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाएंगे। deshharpal.comअधिक जानकारी और ताज़ा राष्ट्रीय खबरों के लिए विजिट करें:
Read more

भारत vs जिम्बाब्वे तीसरा टी20 आज: टीम इंडिया की नजर क्लीन स्वीप पर, टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी

भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला आज हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जा रहा है। भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे शुरू होगा। टीम इंडिया इस सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए शुरुआती दोनों मैच जीत चुकी है और 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी है। ऐसे में भारतीय टीम की नजर तीसरा मुकाबला जीतकर जिम्बाब्वे का क्लीन स्वीप करने पर होगी। वहीं मेजबान जिम्बाब्वे सम्मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। संभावित प्लेइंग इलेवन भारत अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, प्रिंस यादव, मयंक यादव और यश ठाकुर। जिम्बाब्वे ब्रायन बेनेट, तादीवानाशे मरुमानी, बेन करन, डिओन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, वेस्ली मधेवेरे, ब्रैड इवांस, न्यूमैन न्यामहुरी, रिचर्ड नगारवा और ब्लेसिंग मुजरबानी। अधिक खेल समाचार और ताजा अपडेट के लिए DeshHarpal की वेबसाइट देखें:deshharpal.com
Read more
1 2 3 4 5 6 43

Editor's Picks

Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.