1959 में तिब्बत से पलायन कर जब Dalai Lama भारत पहुंचे, तो हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित Swarg Ashram उनका पहला ठिकाना बना। यहीं से Tibetan Government-in-Exile की नींव रखी गई। आज McLeodganj को “Mini Lhasa” भी कहा जाता है – जहां बौद्ध संस्कृति, मंदिर, और तिब्बती पहचान आज भी ज़िंदा है।
Dalai Lama ने 90वें जन्मदिन पर किया बड़ा Reincarnation Announcement
2 जुलाई को धर्मशाला में हुए Grand Spiritual Gathering में दलाई लामा ने स्पष्ट किया कि:
Dalai Lama की परंपरा जारी रहेगी
अगला अवतार स्वतंत्र देश में जन्म लेगा – ना कि चीन के प्रभाव में
उत्तराधिकारी का चयन Gaden Phodrang Trust और तिब्बती बौद्ध गुरुओं की सलाह से होगा
इस घोषणा ने China की उस नीति को सीधे चुनौती दी जिसमें वह खुद दलाई लामा के उत्तराधिकारी को चुनने का दावा करता है।
China की चेतावनी – Dalai Lama Succession हमारा अधिकार
दलाई लामा की घोषणा के बाद China ने भारत को सख्त संदेश दिया:
“India should choose words carefully”
चीन का दावा है कि धार्मिक प्रक्रिया उनके नियंत्रण में है और Beijing ही अगला दलाई लामा घोषित करेगा।
यह बयान तिब्बत को लेकर चल रहे China-India diplomatic tensions को और बढ़ा सकता है।
Reincarnation Process: क्या होगा अगला कदम?
फिलहाल यह तय नहीं है कि अगला Dalai Lama:
- पुरुष होगा या महिला?
- भारत में जन्म लेगा या किसी अन्य देश में?
- बालक होगा या वयस्क?
इन सवालों का जवाब समय के साथ मिलेगा, लेकिन अब यह साफ है – बीजिंग नहीं तय करेगा दलाई लामा का भविष्य।
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