बिहार के मोकामा में जनसुराज पार्टी के नेता दुलारचंद यादव (Dularchand Yadav) की मौत ने पूरे राज्य की सियासत को हिला दिया है। पहले कहा गया कि उनकी मौत गोली लगने से हुई, लेकिन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस दावे को झुठला दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, गोली की चोट घातक नहीं थी, बल्कि उनकी मौत का असली कारण आंतरिक चोटें हैं — जो किसी भारी दबाव या कुचलने से हुईं।
Mokama में क्या हुआ था?
30 अक्टूबर 2025 को मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान जनसुराज पार्टी के नेता दुलारचंद यादव की मौत हो गई। वे जनसुराज प्रत्याशी पियूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार कर रहे थे। उसी दौरान जेडीयू उम्मीदवार आनंद सिंह (JDU Candidate Anant Singh) के काफिले से भिड़ंत हो गई। दोनों पक्षों के समर्थकों में झड़प हुई और माहौल हिंसक बन गया।
कथित तौर पर इस दौरान Dularchand Yadav को पैर में गोली लगी, और भगदड़ में एक गाड़ी ने उन्हें कुचल दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ ही देर में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
Postmortem Report में बड़ा खुलासा
मोकामा के सरकारी अस्पताल में तीन डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के मुताबिक:
- दुलारचंद के टखने में गोली की एंट्री और एग्जिट दोनों वाउंड मिले।
- गोली आर-पार निकल गई और यह घातक नहीं थी।
- शव में कई आंतरिक चोटें और अंगों में ब्लंट ट्रॉमा (Blunt Trauma) पाया गया।
- डॉक्टरों का कहना है कि मौत का कारण गोली नहीं बल्कि भीतरी चोटें और दबाव हैं।
डॉ. अजय कुमार ने कहा —
“गोली की चोट सतही थी, इससे मौत नहीं हो सकती। मौत का कारण अंदरूनी चोटें हैं।”
जांच की स्थिति (Investigation Update)
पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन एफआईआर दर्ज की हैं:
- पहली एफआईआर – दुलारचंद यादव के पोते द्वारा, जिसमें 5 लोगों को आरोपी बनाया गया।
- दूसरी एफआईआर – विरोधी पक्ष के समर्थकों की तरफ से, जिसमें 6 नाम शामिल।
- तीसरी एफआईआर – पुलिस द्वारा अज्ञात लोगों के खिलाफ।
अब तक दो गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
Election Commission की सख्ती
यह घटना बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुई, इसलिए चुनाव आयोग (Election Commission) ने बिहार डीजीपी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि चुनाव प्रचार में सुरक्षा व्यवस्था की भारी चूक हुई है।
मोकामा और आसपास के इलाकों में अब भारी पुलिस बल तैनात है ताकि तनाव और न बढ़े।
Political Reaction
जनसुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने इस हत्या को “राजनीतिक साजिश” बताया।
“हमारे कार्यकर्ता को साजिश के तहत मारा गया। सच्चाई सामने लाने तक हम चुप नहीं बैठेंगे।” — प्रशांत किशोर
वहीं, जेडीयू नेताओं का कहना है कि यह घटना प्रचार के दौरान हुई अनियंत्रित भीड़ की वजह से हुई, और जांच से पहले किसी पर आरोप लगाना गलत होगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि Dularchand Yadav की मौत गोली से नहीं, बल्कि अंदरूनी चोटों से हुई है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और चश्मदीद गवाहों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
मोकामा कांड अब सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि Bihar Election 2025 की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन गया है।
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