Education News-NMMS 2025-26 Scholarship Scheme: आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों के लिए केंद्र सरकार की बड़ी योजना। जानिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न और स्कॉलरशिप राशि की पूरी जानकारी
अक्सर देखा जाता है कि कई होनहार बच्चे सिर्फ आर्थिक कमजोरी की वजह से 8वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। केंद्र सरकार की NMMS (National Means-cum-Merit Scholarship) योजना ऐसे ही छात्रों के लिए किसी लाइफलाइन से कम नहीं है।
यह योजना उन स्टूडेंट्स को आगे बढ़ाने के लिए बनाई गई है जो पढ़ाई में अच्छे हैं लेकिन घर की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है।
हर महीने मिलेंगे पैसे – जानिए पूरा गणित
इस स्कॉलरशिप के तहत चयनित छात्रों को:
- ₹1000 प्रति माह
- यानी ₹12,000 हर साल
- और यह मदद क्लास 9 से 12 तक जारी रहती है
मतलब अगर आप लगातार पढ़ाई करते हैं, तो कुल ₹48,000 तक की सहायता मिल सकती है।
कौन भर सकता है फॉर्म? (यहीं लोग करते हैं सबसे बड़ी गलती)
अगर आप या आपके घर में कोई बच्चा 8वीं में है, तो ये शर्तें ध्यान से पढ़ें:
- छात्र सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में पढ़ रहा हो
- 7वीं में कम से कम 55% नंबर (आरक्षित वर्ग को छूट)
- परिवार की सालाना आय ₹3.5 लाख से कम
- किसी और बड़ी स्कॉलरशिप का लाभ नहीं ले रहा हो
ध्यान रखें: प्राइवेट स्कूल, केवी और नवोदय के स्टूडेंट्स इस योजना में शामिल नहीं होते
सिर्फ फॉर्म भरना काफी नहीं – यह परीक्षा पास करनी होगी
NMMS पाने के लिए एक एग्जाम देना होता है, जिसमें दो हिस्से होते हैं:
- मेंटल एबिलिटी टेस्ट (MAT) – दिमागी क्षमता चेक होती है
- स्कॉलास्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट (SAT) – पढ़ाई से जुड़े सवाल
पास होने के लिए दोनों में अच्छे अंक लाना जरूरी है, तभी मेरिट लिस्ट में नाम आता है।
फॉर्म कैसे भरें?
- आवेदन अपने राज्य के शिक्षा विभाग या SCERT के जरिए
- कई जगह ऑनलाइन + ऑफलाइन दोनों विकल्प
- National Scholarship Portal (NSP) पर रजिस्ट्रेशन जरूरी
स्कूल से जानकारी लेना सबसे आसान तरीका रहता है
डेट्स मिस कीं तो पछताना पड़ेगा
हर राज्य की तारीखें अलग होती हैं, लेकिन आमतौर पर:
- आवेदन: जुलाई से अक्टूबर के बीच
- परीक्षा: दिसंबर से फरवरी
इसलिए अपडेट्स पर नजर बनाए रखें
स्कॉलरशिप चालू रखने के लिए ये नियम याद रखें
- हर साल अगली क्लास में पास होना जरूरी
- 10वीं में अच्छे नंबर लाने होंगे
- पढ़ाई छोड़ने या नियम तोड़ने पर स्कॉलरशिप बंद हो सकती है
क्यों ये स्कीम हर स्टूडेंट के लिए गेम चेंजर है?
- पढ़ाई बीच में छोड़ने की समस्या कम
- परिवार पर आर्थिक बोझ घटता है
- स्टूडेंट्स को आगे बढ़ने का कॉन्फिडेंस मिलता है
Final बात जो आपको अभी समझनी चाहिए
अगर आप 8वीं में हैं या आपके घर में कोई बच्चा है, तो NMMS 2025-26 को बिल्कुल हल्के में मत लें। यह सिर्फ स्कॉलरशिप नहीं, बल्कि भविष्य बदलने का मौका है।
