Global Market में आज ज़बरदस्त हलचल देखी जा रही है। इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते Middle East Crisis ने तेल के दामों को आसमान पर पहुंचा दिया है। इसी बीच China ने धीरे-धीरे एक बड़ा Crude Oil Reserve बनाना शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ, Hedge Funds ने Asia की तेजी पर बड़ा दांव लगाया है। वहीं Central Banks जैसे BOJ और US Fed निवेशकों की नजरों में हैं।
Middle East War Tension से Crude Oil Price में बढ़ोतरी
Israel-Iran टेंशन ने Oil Global Market को हिला दिया है। Brent Crude करीब 2% बढ़कर $74 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। इसके चलते Gold और US Treasury जैसी Safe-Haven Assets की डिमांड भी बढ़ गई है। बाजारों में Volatility लगातार बनी हुई है।
🇨🇳 China का Hidden Crude Oil War Chest
चीन ने हाल के महीनों में अपनी Refinery Output से ज्यादा Crude Oil Import किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर दिन लगभग 14 लाख बैरल अतिरिक्त तेल स्टोर किया जा रहा है। यह रणनीति चीन को रूस और ईरान जैसे देशों से सस्ता तेल खरीदकर भविष्य में Energy Security सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
Hedge Funds का Asia पर भरोसा, लेकिन China पर Doubt
Goldman Sachs के डेटा के अनुसार, Hedge Funds ने June के पहले हफ्ते में Japan, India, Taiwan और Hong Kong जैसे बाजारों में भारी Long Positions ली हैं। जबकि China में शॉर्ट सेलिंग की गई है। इसका कारण है Trade Tension में कमी, South Korea में बिजनेस फ्रेंडली सरकार और De-Dollarization की वैश्विक लहर।
Central Banks पर सबकी नजर – BOJ और US Fed की रणनीति
Bank of Japan (BOJ) ने ब्याज दरें 0.5% पर बनाए रखीं और साथ ही Bond Buying को धीरे-धीरे कम करने की योजना बनाई। वहीं US Federal Reserve इस हफ्ते Interest Rates में कोई बदलाव नहीं करेगा, लेकिन आगे Rate Cut की उम्मीदें बनी हुई हैं। इससे Global Equity Markets में अनिश्चितता बनी हुई है।
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