भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए जल्द ही एक India-US 10 Year Defence Framework Agreement पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) नई ऊंचाई पर पहुंचेगी, खासकर Indo-Pacific क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए।
क्या है India-US 10 Year Defence Framework?
यह एक 10 वर्षीय रक्षा सहयोग समझौता है जो भारत और अमेरिका को:
- संयुक्त सैन्य अभ्यास (Joint Military Exercises)
- रक्षा उत्पादन में सहयोग (Defence Manufacturing Cooperation)
- लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी शेयरिंग (Logistics & Technology Sharing)
- इंटरऑपरेबिलिटी (Interoperability) में सुधार
जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने का अवसर देगा।
इस समझौते पर 2025 के अंत तक हस्ताक्षर होने की संभावना है। इससे पहले दोनों देशों ने LEMOA, COMCASA, BECA और SOSA जैसे प्रमुख रक्षा समझौते किए हैं।
मुख्य मुद्दे और प्रगति
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने कई महत्वपूर्ण रक्षा प्रोजेक्ट्स पर चर्चा की:
- भारत के Tejas Fighter Jet के लिए GE F404 इंजन की आपूर्ति।
- HAL और GE Aerospace के बीच GE F414 इंजन के संयुक्त निर्माण की योजना।
- भविष्य में तकनीकी ट्रांसफर, सप्लाई चेन सुरक्षा और रक्षा अनुसंधान में सहयोग पर जोर।
यह डील मेक इन इंडिया डिफेंस इनिशिएटिव को भी मजबूती देगी।
Indo-Pacific में रणनीतिक महत्व
यह डिफेंस फ्रेमवर्क भारत और अमेरिका को Indo-Pacific क्षेत्र में चीन की बढ़ती मौजूदगी के खिलाफ एकजुट रणनीति अपनाने में मदद करेगा। दोनों देश इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और फ्री नेविगेशन के समर्थक हैं।
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