अमेरिका और भारत (India-US) के बीच Trade War 2025 तेज़ हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भारत से आने वाले कई उत्पादों पर 50% Tariff लगा दिया है। ट्रम्प का आरोप है कि भारत अमेरिकी सामान पर 100% Duty/Tax लगाता है, जिससे ट्रेड असंतुलित हो गया है।
भारत ने इसे अनुचित बताते हुए WTO (World Trade Organization) में अमेरिका के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। अब यह विवाद सिर्फ India-US Relations तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक मार्केट्स पर भी दिख रहा है।
Trump का बड़ा फैसला: 50% Tariff लागू
- अमेरिका ने अगस्त 2025 से भारत पर 50% Import Duty लागू की।
- इसमें 25% “reciprocal tariff” और 25% “Russian oil penalty” शामिल है।
- इसका सीधा असर भारतीय कपड़ा (Textile), झींगा (Shrimp), गहने (Jewelry) और फर्नीचर (Furniture) जैसे उद्योगों पर पड़ा है।
India का जवाब: WTO में लड़ाई और नई Strategy
भारत सरकार ने साफ कहा कि वह किसी दबाव में झुकने वाली नहीं है। Commerce Minister Piyush Goyal ने कहा कि भारत WTO में कानूनी लड़ाई लड़ेगा और साथ ही नए Global Markets पर ध्यान देगा।
- भारत ने Russia, Brazil, Netherlands में Pharma Export बढ़ाने की योजना बनाई है।
- साथ ही UK, UAE, Switzerland, Japan और Australia जैसे देशों के साथ FTA (Free Trade Agreements) को तेज़ किया जा रहा है।
Indian Industries पर Impact
- Southern India Mills Association (SIMA) के अनुसार, 50% Tariff से 70% Textile Export प्रभावित होगा।
- Global Trade Research Initiative (GTRI) ने चेताया कि कुल मिलाकर 43% Indian Export पर असर पड़ सकता है।
Modi का कूटनीतिक दांव
PM Narendra Modi हाल ही में Shanghai Cooperation Organization (SCO) सम्मेलन में चीन और रूस के नेताओं से मिले। इसे भारत के अमेरिका के दबाव से हटकर रूस-चीन की ओर झुकाव के रूप में देखा जा रहा है।
साथ ही विपक्षी नेताओं ने मोदी सरकार से अमेरिका को कड़ा जवाब देने की मांग की है। Arvind Kejriwal ने सुझाव दिया कि भारत भी 100% Tariff on US Imports लगाकर जवाब दे।
America में भी विरोध
- अमेरिकी सांसद Ro Khanna ने चेतावनी दी कि ट्रम्प का फैसला 30 Years Indo-US Strategic Partnership को नुकसान पहुंचा सकता है।
- कई विशेषज्ञों ने इसे “Strategic Blunder” बताया और कहा कि इससे भारत रूस-चीन की ओर और ज्यादा झुक सकता है।
India-US Trade War का यह नया अध्याय केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। इसका असर Global Politics, Energy Security और Export Markets पर भी साफ दिख रहा है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि WTO और आने वाली मीटिंग्स में यह विवाद किस दिशा में जाएगा।
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