मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है, जब इज़राइल ने ईरान के प्रमुख न्यूक्लियर साइट्स पर एक बड़ा हमला किया। यह हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाते हुए किया गया, जिसमें 50 से अधिक इज़राइली फाइटर जेट्स शामिल थे। सबसे बड़ा हमला नतांज (Natanz) और तेहरान (Tehran) में स्थित सेंट्रीफ्यूज निर्माण केंद्रों पर हुआ।
हमले की बड़ी बातें:
- इज़राइल ने Natanz, Esfahan और Arak में मौजूद यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) केंद्रों पर अटैक किया।
- नतांज साइट पर ऊपरी संरचनाएं, पावर सप्लाई सिस्टम और कंट्रोल रूम पूरी तरह तबाह कर दिए गए।
- हमला इतनी गहराई तक हुआ कि विशेषज्ञ मानते हैं कि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम में 6 महीने से 1 साल की देरी हो सकती है।
- Fordow साइट भी निशाने पर थी, लेकिन क्योंकि वह भूमिगत है, इसलिए बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
ईरान की जवाबी कार्रवाई:
- ईरान ने इस हमले के जवाब में ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिससे इज़राइल में नागरिक हताहत हुए।
- तेहरान में धमाकों के बाद दहशत का माहौल है, और चीन ने अपने नागरिकों को निकालना शुरू कर दिया है।
- इज़राइल ने भी सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया:
- IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) ने पुष्टि की कि Natanz साइट पर हमला हुआ है और सतही संरचनाएं बर्बाद हो चुकी हैं।
- अमेरिका और यूरोपीय देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
- पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका भी Iran के underground nuclear facilities को टारगेट कर सकता है।
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