जापान के प्रधानमंत्री Shigeru Ishiba ने Upper House Election 2025 में करारी हार के बावजूद इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। उनकी गठबंधन सरकार – Liberal Democratic Party (LDP) और Komeito – सिर्फ 47 सीटें ही जीत पाई, जबकि बहुमत के लिए 50 सीटें जरूरी थीं।
इस हार के साथ ही इशिबा सरकार अब निचले और ऊपरी दोनों सदनों में अल्पमत में आ गई है, जिससे जापान में राजनीतिक संकट (Political Crisis) गहरा गया है।
PM Ishiba का बयान – “Desh को इस समय मजबूत leadership की जरूरत”
PM Ishiba ने कहा कि वो इस्तीफा नहीं देंगे क्योंकि:
- अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है, जिसे 1 अगस्त से पहले पूरा करना जरूरी है।
- देश में बढ़ती महंगाई, खासकर चावल और खाने-पीने की चीजों की कीमतों को नियंत्रित करना प्राथमिकता है।
उन्होंने जनता की नाराजगी को स्वीकार किया लेकिन कहा कि टैक्स कटौती से तुरंत राहत नहीं मिलेगी। उन्होंने विपक्ष के साथ काम करने की इच्छा जताई है।
LDP के अंदर भी मचा घमासान, Opposition ने उठाई अविश्वास की मांग
पूर्व प्रधानमंत्री Taro Aso समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने Ishiba की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। मुख्य विपक्षी पार्टी – Constitutional Democratic Party – अब No Confidence Motion लाने की तैयारी में है।
Far-Right Party Sanseito का उभार – नई चिंता
इस चुनाव में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी Sanseito ने चौंकाने वाला प्रदर्शन किया। पहले जहां उनके पास सिर्फ 1 सीट थी, अब वे 14 सीटों के साथ तीसरी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं। इसने जापान की राजनीति में populism और nationalism के उभार की ओर इशारा किया है।
Bazar की प्रतिक्रिया: Sthirta की कमी से Investors चिंतित
- Japanese Yen में थोड़ी मजबूती देखी गई।
- बॉन्ड यील्ड और स्टॉक मार्केट में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं।
- निवेशक अमेरिका के साथ टैरिफ डील की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
क्या PM Ishiba की कुर्सी छिन जाएगी
- Ishiba की सरकार कमजोर हो गई है, लेकिन वो फिलहाल इस्तीफा नहीं देंगे।
- अमेरिका के साथ व्यापार समझौता और घरेलू महंगाई नियंत्रण उनकी सबसे बड़ी चुनौती हैं।
- विपक्ष के हमले और पार्टी के अंदर बढ़ते विरोध के बीच उनका PM बने रहना मुश्किल लग रहा है।
- Sanseito जैसी पार्टियों का उभार बताता है कि जापानी राजनीति अब नई दिशा की ओर बढ़ रही है।
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