24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा (Leh Violence) ने लद्दाख में गंभीर हालात पैदा कर दिए। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हुई और 100 से अधिक सुरक्षा बल घायल हुए। लद्दाख के राज्यपाल Kavinder Gupta ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ बिना कोई रियायत के कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि “जो भी इस हिंसा में शामिल होगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर कदम उठाए जाएंगे।”
LG Kavinder Gupta का बयान
Kavinder Gupta ने कहा कि इस हिंसा के पीछे जो भी लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें चिन्हित कर गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले की पूरी पारदर्शिता के साथ मैजिस्ट्रेटल जांच की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि जैसे ही हालात सामान्य होंगे, लगे हुए प्रतिबंधों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। LG ने सभी विरोध प्रदर्शन करने वाले समूहों से केंद्र सरकार के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की अपील की है।
सोनम Wangchuk की गिरफ्तारी
इस हिंसा के बाद प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk को 26 सितंबर को National Security Act (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया। सरकार का आरोप है कि Wangchuk ने провोकटिव बयान देकर हिंसा भड़काई। Wangchuk ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उनका आंदोलन अहिंसा पर आधारित है और वे लद्दाख के राज्यhood और छठे अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रहे थे।
सरकार के कदम और प्रतिबंध
घटना के बाद प्रशासन ने लेह में कर्फ्यू लागू कर दिया और मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया। 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया और Wangchuk के NGO, Students’ Educational and Cultural Movement of Ladakh के लाइसेंस को रद्द कर दिया गया।
भविष्य की रणनीति और शांति का आह्वान
LG Kavinder Gupta ने आश्वासन दिया है कि इस हिंसा की पूरी जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने सभी पक्षों से शांतिपूर्ण बातचीत करने की अपील की है ताकि लेह और पूरे लद्दाख में शांति बहाल हो सके।
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