SCO 2025 में पीएम मोदी की Putin-Xi मुलाकात
शंघाई सहयोग संगठन (SCO 2025) के हालिया शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस मुलाकात को लेकर अमेरिकी पूर्व प्रशासन के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो (Peter Navarro) ने तीखी आलोचना की। उन्होंने इसे “शर्मनाक” करार दिया और कहा कि मोदी को पुतिन और जिनपिंग के साथ इतनी नजदीकी नहीं बनानी चाहिए थी।
रूस से सस्ता तेल खरीदने पर विवाद
Peter Navarro ने भारत द्वारा रूस से सस्ता तेल (Cheap Russian Oil) खरीदने की नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने इसे “भारत के लोगों की कीमत पर ब्राह्मणों का मुनाफा” बताते हुए कहा कि भारत अनजाने में रूस के युद्ध प्रयासों में मदद कर रहा है।
मोदी की रणनीतिक स्वायत्तता
हालांकि, पीएम मोदी ने SCO Summit में भाग लेकर यह संकेत दिया कि भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) बनाए रखते हुए वैश्विक मंच पर संतुलित नीति अपनाएगा। मोदी की यह नीति यह स्पष्ट करती है कि भारत अमेरिका, रूस और चीन—तीनों के साथ अपने संबंधों को संतुलित रखना चाहता है।
विशेषज्ञों की राय
विश्लेषकों का मानना है कि नवारो की टिप्पणी भारत के लिए चिंता का विषय नहीं है। भारत अपनी विदेश नीति में स्वतंत्र निर्णय लेने का अधिकार बनाए रखेगा और अपनी ऊर्जा तथा सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुसार रूस और चीन के साथ सहयोग जारी रखेगा।
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