भोपाल। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा और वन सेवा भर्ती परीक्षा 2027 सहित भविष्य की कई भर्ती परीक्षाओं की नई वैकेंसी पर संकट खड़ा हो गया है। नई भर्तियों के विज्ञापन तब तक जारी नहीं हो पाएंगे, जब तक सरकार ओबीसी आरक्षण से जुड़े 87-13 फॉर्मूले पर कोई निर्णय नहीं ले लेती।
ओबीसी आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट के फैसले के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। राज्य सरकार को वहां से राहत मिलने का इंतजार है। यदि सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलती है, तो सरकार को 30 दिसंबर से पहले इस मामले में कोई फैसला लेना होगा। ऐसा नहीं होने पर 2027 की राज्य सेवा और वन सेवा परीक्षाओं की अधिसूचना जारी करने में मुश्किल आ सकती है।
31 दिसंबर से पहले जारी करनी होती है अधिसूचना
MPPSC के लिए राज्य सेवा और वन सेवा जैसी परीक्षाओं की अधिसूचना 31 दिसंबर से पहले जारी करना जरूरी है। इसी वजह से आयोग हर साल 30 दिसंबर को इन परीक्षाओं का विज्ञापन जारी करता है।
ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत रहे या इसे बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया जाए, इस विवाद के कारण सितंबर 2022 से आयोग परिणाम और चयन सूची 87-13 फॉर्मूले के तहत जारी कर रहा था। हर परीक्षा के विज्ञापन में भी इस व्यवस्था का उल्लेख शर्तों के साथ किया जाता रहा है।
अब भर्ती विज्ञापन में स्थिति स्पष्ट करना जरूरी
हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब MPPSC को नई भर्ती परीक्षाओं के विज्ञापन में यह स्पष्ट करना होगा कि परिणाम 100 प्रतिशत घोषित किए जाएंगे या 87-13 का फॉर्मूला लागू रहेगा।
यदि स्थिति स्पष्ट किए बिना विज्ञापन जारी किए जाते हैं, तो बाद में आयोग के सामने कानूनी उलझन बढ़ सकती है। इसी कारण सरकार के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
सीनियर प्रोफेसर डॉ. गायत्री पलोड के मुताबिक, अभ्यर्थियों ने अलग-अलग मांग पत्रों के माध्यम से रुके हुए 13 प्रतिशत परिणाम जल्द घोषित करने की मांग की है। ऐसे में जल्द ही स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
2027 में 10 से ज्यादा भर्ती परीक्षाओं के विज्ञापन आने की संभावना
वर्ष 2027 में वन सेवा और राज्य सेवा के अलावा 10 से ज्यादा भर्ती परीक्षाओं की अधिसूचनाएं जारी होने की संभावना है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस
- असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती
- SET (स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट)
- मेडिकल ऑफिसर भर्ती
- मेडिकल एक्सपर्ट भर्ती
- डेंटल सर्जन भर्ती
- होम्योपैथी मेडिकल ऑफिसर
- आयुर्वेद मेडिकल ऑफिसर
- यूनानी मेडिकल ऑफिसर
- असिस्टेंट मैनेजर
- फूड सेफ्टी ऑफिसर
इन परीक्षाओं के विज्ञापन जारी होने से पहले आरक्षण और 87-13 फॉर्मूले पर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। यदि समय पर निर्णय नहीं हुआ, तो इन भर्तियों की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल अभ्यर्थियों की नजर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले और राज्य सरकार के फैसले पर है। इसका असर MPPSC की वर्ष 2027 की भर्ती परीक्षाओं के कैलेंडर पर पड़ सकता है।
