Nepal की राजनीति में इस समय बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आम चुनावों की मतगणना के शुरुआती रुझानों में पूर्व प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli अपनी सीट पर पीछे चल रहे हैं, जबकि काठमांडू के पूर्व मेयर Balendra Shah ने मजबूत बढ़त बना ली है।
प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक बालेन शाह करीब 6000 वोटों से आगे चल रहे हैं। यह रुझान Nepal की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है।
झापा सीट पर कड़ा मुकाबला
चुनाव परिणामों की गिनती के दौरान सामने आए रुझानों में देखा गया कि झापा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे केपी शर्मा ओली को उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिल रहा है।
दूसरी ओर, बालेन शाह को युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं का अच्छा समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। शुरुआती मतगणना में शाह को लगभग 10 हजार से अधिक वोट मिले हैं, जबकि ओली लगभग 4 हजार वोटों के आसपास बताए जा रहे हैं।
RSP पार्टी को भी मिल रही बढ़त
बालेन शाह से जुड़ी पार्टी Rastriya Swatantra Party (RSP) भी चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करती नजर आ रही है। शुरुआती रुझानों के अनुसार पार्टी करीब 47 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम नेपाल में पारंपरिक राजनीति के खिलाफ बढ़ती नाराजगी को भी दिखाता है।
नेपाल की संसद में कितनी सीटें?
Nepal की संसद में कुल 275 सीटें हैं। इनमें
- 165 सीटें सीधे चुनाव से तय होती हैं
- जबकि 110 सीटें proportional representation सिस्टम के जरिए भरी जाती हैं।
सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को बहुमत का आंकड़ा पार करना जरूरी होता है।
युवाओं का बदलता रुख
इस चुनाव में एक दिलचस्प बात यह भी है कि बड़ी संख्या में युवा मतदाताओं ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया है। यही वजह है कि नए चेहरे और अपेक्षाकृत नई पार्टियों को लोगों का समर्थन मिलता दिख रहा है।
यदि शुरुआती रुझान अंतिम नतीजों में भी कायम रहते हैं, तो नेपाल की राजनीति में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है।
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