ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते युद्ध के हालात को देखते हुए भारत ने न केवल अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने का फैसला लिया है, बल्कि अब Nepal और Sri Lanka के नागरिकों की भी मदद कर रहा है। Operation Sindhu के तहत भारत ईरान से इन देशों के नागरिकों को भी निकाल रहा है, जो भारत की क्षेत्रीय लीडरशिप और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है।
Operation Sindhu: अब तक कितनों को निकाला गया?
अब तक 517 से ज़्यादा भारतीय नागरिकों, जिनमें अधिकतर छात्र शामिल हैं, को ईरान के विभिन्न शहरों जैसे Mashhad और Tehran से निकाला जा चुका है।
- 21 जून को अश्गाबात (तुर्कमेनिस्तान) से निकाली गई फ्लाइट भारत पहुंची।
- पहले चरण में 290 छात्र सीधे ईरान से फ्लाइट द्वारा दिल्ली लाए गए थे।
- कुछ लोगों को ज़मीन मार्ग से Armenia और Turkmenistan के ज़रिए भी रेस्क्यू किया गया।
Nepal और Sri Lanka के नागरिक भी शामिल
Nepal और Sri Lanka सरकारों ने भारत से अपने नागरिकों की मदद के लिए अनुरोध किया था, जिसे भारत ने तुरंत स्वीकार किया। अब भारत के Operation Sindhu मिशन में इन देशों के लोग भी शामिल हैं।
🇮🇷 ईरान ने दी विशेष अनुमति
ईरान ने भारत को अपने एयरस्पेस से निकासी फ्लाइट्स उड़ाने की इजाजत दी है। यह इजाज़त ऐसे समय में दी गई है जब देश गंभीर युद्ध जैसी स्थिति में है। यह भारत और ईरान के बीच मजबूत डिप्लोमैटिक रिलेशन को दर्शाता है।
मानवीय मिशन बना Operation Sindhu
यह मिशन अब केवल भारतीयों के लिए नहीं, बल्कि भारत के पड़ोसी देशों के लिए भी एक Humanitarian Rescue Mission बन चुका है। भारत का यह कदम 2006 के Operation Sukoon की याद दिलाता है, जब भारत ने लेबनान युद्ध में फंसे कई देशों के लोगों को निकाला था।
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