अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने गाज़ा संकट को खत्म करने के लिए 20-Point Gaza Peace Plan पेश किया है। इसमें immediate ceasefire (तत्काल युद्धविराम), hostages release (बंधकों की रिहाई), Hamas disarmament (हमास का निरस्त्रीकरण) और Israel की phased withdrawal (गाज़ा से इज़रायल की चरणबद्ध वापसी) जैसी अहम बातें शामिल हैं। इस शांति पहल का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इसे “दीर्घकालिक शांति और विकास की दिशा में ठोस मार्ग” बताया।
PM Modi का बयान
Modi ने कहा कि यह Peace Plan इज़रायल-फिलिस्तीन संघर्ष को खत्म करने और West Asia में long-term peace, security और development की दिशा में मजबूत कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी संबंधित पक्ष इस पहल का समर्थन करेंगे और हिंसा को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
Israel और Palestine की प्रतिक्रिया
- Benjamin Netanyahu (PM Israel) ने इस प्लान को सकारात्मक बताया लेकिन कुछ शर्तों पर एतराज़ भी जताया।
- Hamas ने कहा कि उसे अभी तक इस प्रस्ताव की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली।
- Palestinian Authority ने इस Peace Initiative का स्वागत किया और अमेरिका सहित अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सहयोग की इच्छा जताई।
Arab Countries का Response
सऊदी अरब, मिस्र, तुर्की और क़तर जैसे देशों ने Trump Peace Plan की तारीफ की। उनका कहना है कि यह Gaza Strip में जारी दशकों पुराने संघर्ष को खत्म कर सकता है और पूरे Middle East में स्थिरता ला सकता है।
India का Balanced Stand
भारत ने हमेशा Israel और Palestine मुद्दे पर संतुलित भूमिका निभाई है। मोदी का बयान साफ करता है कि India diplomacy और dialogue के जरिए शांति का समर्थन करता है। यह संदेश भी जाता है कि भारत वैश्विक शांति पहलों में सक्रिय भागीदार बनना चाहता है।
आगे का रास्ता (Way Forward)
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर सभी पक्ष सहमत होते हैं तो ceasefire और hostages release का रास्ता खुल सकता है। लेकिन Hamas का रुख और Israel की सुरक्षा शर्तें इस योजना के लिए चुनौती हो सकती हैं। ऐसे में UN और regional mediators की भूमिका निर्णायक रहेगी।
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