भारत के रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने SCO Defence Ministers’ Meeting के दौरान चीन और पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारत नई जटिलताओं (new complexities) को बर्दाश्त नहीं करेगा और आतंकवाद (Terrorism) पर Zero Tolerance की नीति अपनाता रहेगा। चीन के रक्षा मंत्री Admiral Dong Jun से हुई मुलाकात में सीमा विवाद, Kailash Mansarovar Yatra और शांति बहाली पर चर्चा हुई।
India-China Meeting: कोई नई Complexity नहीं चाहिए
Rajnath Singh और चीन के रक्षा मंत्री डोंग जून के बीच हुई यह मुलाकात, 2020 गलवान संघर्ष और हालिया लद्दाख तनाव के बाद, एक सकारात्मक और Forward-looking step रही। राजनाथ सिंह ने कहा कि “सीमा पर शांति बनी रहनी चाहिए और किसी भी तरह की नई जटिलता से बचा जाना चाहिए।”
उन्होंने Kailash Yatra के फिर से शुरू होने पर संतोष जताया जो कोरोना और सीमा तनाव के चलते बंद थी। भारत की ओर से सांस्कृतिक सद्भावना दिखाते हुए, डोंग जून को मधुबनी पेंटिंग (Madhubani Painting) भेंट की गई।
SCO Defence Meet: India ने Communique पर Sign करने से किया इनकार
SCO Summit में जारी होने वाले संयुक्त रक्षा बयान (Joint Defence Communique) पर भारत ने हस्ताक्षर नहीं किए। कारण था – उसमें J&K के Pahalgam Attack (22 अप्रैल) का जिक्र नहीं था, जिसमें 26 हिंदू तीर्थयात्री मारे गए थे।
बयान में पाकिस्तान के बलूचिस्तान की घटनाओं का जिक्र था, जिससे भारत ने इसे “Pro-Pak Narrative” बताया। MEA के मुताबिक, एक खास देश (संकेत – पाकिस्तान) ने भारत द्वारा आतंकवाद पर कड़ी भाषा जोड़ने का विरोध किया।
Rajnath Singh का Powerful बयान: Double Standards नहीं चलेंगे
राजनाथ सिंह ने SCO मंच से दो टूक कहा:
“शांति और समृद्धि आतंकवाद के साथ नहीं रह सकती। जो इसे बढ़ावा, समर्थन और वित्तपोषण करते हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराना चाहिए।”
उन्होंने ये भी कहा कि कुछ देश Cross-border Terrorism को अपनी नीति का हिस्सा मानते हैं, लेकिन अब दुनिया को “No Double Standards” अपनाने होंगे।
Held talks with Admiral Don Jun, the Defence Minister of China, on the sidelines of SCO Defence Minitsers’ Meeting in Qingdao. We had a constructive and forward looking exchange of views on issues pertaining to bilateral relations.
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) June 27, 2025
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SCO Communique रद्द: भारत की सख्ती का असर
भारत के विरोध के कारण SCO Defence Communique को इस बार मंजूरी नहीं मिल सकी, जिससे SCO में पहली बार Consensus नहीं बन सका। यह भारत के लिए एक मजबूत कूटनीतिक संकेत है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
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