India ने Russia Oil Import पर Ban नहीं लगाया
पिछले कुछ दिनों से चर्चा है कि भारत ने Russia से तेल खरीदना बंद कर दिया है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम को “Good Step” कहा। लेकिन हकीकत कुछ और है। भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि रूसी तेल आयात पर कोई आधिकारिक Ban नहीं लगाया गया है, बल्कि यह कदम सिर्फ मार्केट प्राइस और डिस्काउंट घटने के कारण लिया गया है।
क्या सच में रूसी तेल पर रोक लगी?
- सरकारी तेल कंपनियां (IOC, BPCL, HPCL, MRPL) ने हाल ही में स्पॉट मार्केट से रूसी तेल की नई खरीद अस्थायी रूप से रोकी है।
- वजह है – डिस्काउंट का कम होना और ट्रंप की ओर से 100% टैरिफ लगाने की धमकी।
- हालांकि, प्राइवेट कंपनियां अभी भी लंबे कॉन्ट्रैक्ट के तहत रूसी तेल का आयात कर रही हैं, यानी पूरी तरह से Ban नहीं हुआ है।
सरकार का क्लियर स्टैंड
- विदेश मंत्रालय ने कहा – “भारत की तेल खरीद राष्ट्रीय हित और मार्केट कंडीशंस के हिसाब से तय होती है।”
- भारत और रूस के रिश्ते स्थिर और समय-परखे हुए हैं, जिन्हें किसी तीसरे देश की नजर से नहीं देखा जाएगा।
- सरकार ने यह भी साफ किया कि कंपनियों को रूस से तेल न खरीदने का कोई आदेश नहीं दिया गया है।
ट्रंप का बयान बनाम हकीकत
- डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद किया है, इसे उन्होंने सराहा।
- असल में सिर्फ सरकारी कंपनियों ने अस्थायी तौर पर खरीद रोकी है, जबकि प्राइवेट कंपनियां अभी भी आयात कर रही हैं।
क्यों बदली स्ट्रेटेजी?
- Russia से मिलने वाला डिस्काउंट 2022 के मुकाबले सबसे कम स्तर पर आ गया है।
- ट्रंप के टैरिफ से भारत-अमेरिका ट्रेड (87 बिलियन डॉलर) प्रभावित हो सकता है।
- इसी कारण सरकारी रिफाइनर अब मिडल ईस्ट और वेस्ट अफ्रीका से तेल खरीदने की योजना बना रहे हैं।
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