आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGस्पोर्ट्सबेन स्टोक्स ने इंग्लैंड टीम के ‘ड्रिंकिंग कल्चर’ के आरोपों को किया खारिज, बोले- ऐसी कोई समस्या नहींBREAKINGदेश-हरपलजालोर में तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आया ढाई साल का मासूम, मौके पर मौत; चालक हिरासत मेंBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Iran Power Struggle: Araghchi की छुट्टी की चर्चा, Pezeshkian कमजोर और IRGC मजबूतBREAKINGमध्य प्रदेशगुना गैंगरेप प्रयास केस: आरोपियों के अवैध मकानों पर चला बुलडोजर, वन भूमि से हटाया अतिक्रमणBREAKINGमध्य प्रदेशसागर में पारिवारिक विवाद बना खूनी संघर्ष, रिटायर्ड पुलिसकर्मी पर बहू की हत्या का आरोपBREAKINGमध्य प्रदेशजबलपुर: मुंह के छाले की सर्जरी के बाद मुंह के अंदर उगने लगे बाल, मरीज ने डॉक्टर पर लापरवाही का लगाया आरोपBREAKINGदेश-हरपलBihar Politics में बड़ा सियासी ट्विस्ट, Bankipur हार के बाद PM Modi से मिले Nitish KumarBREAKINGदेश-हरपलAir India Flight Turbulence: फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में जोरदार झटके, 12 यात्री घायलBREAKINGस्पोर्ट्सबेन स्टोक्स ने इंग्लैंड टीम के ‘ड्रिंकिंग कल्चर’ के आरोपों को किया खारिज, बोले- ऐसी कोई समस्या नहींBREAKINGदेश-हरपलजालोर में तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आया ढाई साल का मासूम, मौके पर मौत; चालक हिरासत मेंBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Iran Power Struggle: Araghchi की छुट्टी की चर्चा, Pezeshkian कमजोर और IRGC मजबूतBREAKINGमध्य प्रदेशगुना गैंगरेप प्रयास केस: आरोपियों के अवैध मकानों पर चला बुलडोजर, वन भूमि से हटाया अतिक्रमणBREAKINGमध्य प्रदेशसागर में पारिवारिक विवाद बना खूनी संघर्ष, रिटायर्ड पुलिसकर्मी पर बहू की हत्या का आरोपBREAKINGमध्य प्रदेशजबलपुर: मुंह के छाले की सर्जरी के बाद मुंह के अंदर उगने लगे बाल, मरीज ने डॉक्टर पर लापरवाही का लगाया आरोपBREAKINGदेश-हरपलBihar Politics में बड़ा सियासी ट्विस्ट, Bankipur हार के बाद PM Modi से मिले Nitish KumarBREAKINGदेश-हरपलAir India Flight Turbulence: फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में जोरदार झटके, 12 यात्री घायल

NE

News Elementor

Shashi Tharoor Big Statement “PM की हार को India की हार कहना खतरनाक सोच”

Table of Content

भारतीय राजनीति में जब ज़्यादातर बहसें दलों और आरोप-प्रत्यारोप के इर्द-गिर्द घूमती हैं, ऐसे समय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor)का बयान चर्चा का केंद्र बन गया है। थरूर ने साफ शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री की हार को देश की हार के रूप में देखना खतरनाक सोच है, क्योंकि विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा किसी एक पार्टी की बपौती नहीं होती

उनका यह बयान न सिर्फ सियासी हलकों में, बल्कि आम लोगों के बीच भी गंभीर बहस को जन्म दे रहा है।

Foreign Policy किसी Party की नहीं, Nation की होती है

Shashi Tharoor ने कहा कि भारत की विदेश नीति राष्ट्रहित से जुड़ा विषय है, न कि चुनावी राजनीति का हथियार। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री की अंतरराष्ट्रीय असफलता पर खुश होता है, तो वह अनजाने में भारत की वैश्विक छवि को कमजोर करने की कामना कर रहा होता है

थरूर के मुताबिक,

“दुनिया भारत को किसी पार्टी के चश्मे से नहीं देखती, बल्कि प्रधानमंत्री को देश के प्रतिनिधि के रूप में देखती है।”

Pakistan Threat को नजरअंदाज़ करना भारी पड़ सकता है

अपने बयान में थरूर ने पाकिस्तान से जुड़े सुरक्षा खतरों पर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की रणनीति लगातार बदल रही है और वहां की सैन्य शक्ति अब भी असली फैसले ले रही है

थरूर का मानना है कि:

  • भारत को भावनात्मक प्रतिक्रिया की जगह रणनीतिक सोच अपनानी चाहिए
  • पड़ोसी देश की सैन्य गतिविधियों को हल्के में लेना लंबे समय में नुकसानदायक हो सकता है

यह बयान ऐसे समय में आया है जब दक्षिण एशिया में सुरक्षा हालात फिर से संवेदनशील बने हुए हैं।

Congress के भीतर असहजता, बाहर तारीफ

Shashi Tharoor के इस रुख ने कांग्रेस पार्टी के अंदर मतभेद को भी उजागर किया है। पार्टी के कुछ नेताओं को लगता है कि प्रधानमंत्री की सार्वजनिक सराहना से राजनीतिक संदेश कमजोर पड़ता है।

हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि थरूर का यह बयान

  • उन्हें एक परिपक्व और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने वाला नेता दिखाता है
  • यह साबित करता है कि हर मुद्दा सिर्फ सत्ता बनाम विपक्ष का नहीं होता

थरूर ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी दूसरी पार्टी में जाने की सोच नहीं रहे हैं और उनका रुख सैद्धांतिक और वैचारिक है, न कि राजनीतिक अवसरवाद।

Global मंच पर भारत की छवि पर जोर

Shashi Tharoor, जो खुद लंबे समय तक संयुक्त राष्ट्र (UN) में काम कर चुके हैं, मानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि

“अगर भारत कमजोर दिखता है, तो उसका असर सिर्फ सरकार पर नहीं, बल्कि हर नागरिक पर पड़ता है।”

यही वजह है कि वे विदेश नीति को दलगत राजनीति से ऊपर रखने की वकालत करते हैं।

हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

Yukta

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड टीम के ‘ड्रिंकिंग कल्चर’ के आरोपों को किया खारिज, बोले- ऐसी कोई समस्या नहीं

लंदन। इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम में कथित ‘ड्रिंकिंग कल्चर’ की धारणा को खारिज करते हुए कहा है कि सीनियर टीम में शराब से जुड़ी किसी तरह की संस्कृति या समस्या नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर माना कि यूनाइटेड किंगडम में क्रिकेट और शराब का ऐतिहासिक संबंध रहा है। 35 वर्षीय स्टोक्स ने पूर्व क्रिकेटरों स्टुअर्ट ब्रॉड और जोस बटलर के पॉडकास्ट ‘For The Love of Cricket’ में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की सीनियर टीम को शराब की समस्या से जोड़ना सही नहीं है। एशेज सीरीज के दौरान उठा था विवाद इंग्लैंड क्रिकेट में शराब को लेकर बहस उस समय तेज हुई थी, जब एशेज सीरीज के दौरान कुछ खिलाड़ियों के शराब पीने की खबरें सामने आई थीं। विवाद तब और बढ़ गया था, जब सलामी बल्लेबाज बेन डकेट टीम के मिड-सीरीज ब्रेक के दौरान ऑस्ट्रेलिया के नूसा में कथित तौर पर नशे की हालत में नजर आए थे। इसके अलावा, न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में जीत के बाद बेन स्टोक्स तेज गेंदबाज गस एटकिंसन के साथ बाहर गए थे। इस दौरान एक नाइटक्लब में हुई घटना के बाद उन्हें अगले टेस्ट मैच से बाहर बैठना पड़ा था। कोचिंग में बनाना चाहते हैं करियर बेन स्टोक्स ने बताया कि वह इस समय लेवल-3 कोचिंग क्वालिफिकेशन पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सक्रिय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वह खेल से जुड़े रहना चाहते हैं और भविष्य में कोचिंग की भूमिका निभाने की इच्छा रखते हैं। स्टोक्स ने कहा कि उनका लक्ष्य है कि क्रिकेट छोड़ने से पहले कोचिंग की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर लें, ताकि वह भविष्य में टीमों के साथ प्रभावी भूमिका निभा सकें। जो रूट की कप्तानी को लेकर जताई चिंता स्टोक्स ने इंग्लैंड के नए टेस्ट कप्तान जो रूट को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि रूट हमेशा टीम को खुद से पहले रखते हैं और यही बात उन्हें परेशान करती है। उन्होंने बताया कि कप्तान के रूप में रूट पहले भी खुद पर काफी दबाव लेते थे और वह नहीं चाहते कि दोबारा उन्हें उसी मानसिक दबाव का सामना करना पड़े। बेन स्टोक्स ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में इंग्लैंड के लिए 122 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने आक्रामक ‘बैजबॉल’ शैली से टेस्ट क्रिकेट में नई पहचान बनाई। खेल जगत की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com

जालोर में तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आया ढाई साल का मासूम, मौके पर मौत; चालक हिरासत में

जालोर। राजस्थान के जालोर जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में ढाई साल के मासूम की जान चली गई। बागोड़ा थाना क्षेत्र के छाजाला गांव में घर के बाहर खेल रहे बच्चे को तेज रफ्तार डंपर ने कुचल दिया। हादसे के बाद चालक मौके से भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने उसका पीछा कर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। घर के बाहर खेल रहा था मासूम जानकारी के अनुसार, यह हादसा मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे हुआ। मासूम मोहम्मद, पिता बिलाल खान, अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान तेज गति से आए डंपर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना गंभीर था कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने पीछा कर चालक को पकड़ा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने डंपर चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन वह वाहन लेकर भागने लगा। इस पर ग्रामीणों ने उसका पीछा किया और कुछ दूरी पर पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। इकलौता बेटा था मासूम छाजाला गांव के पूर्व सरपंच शरीफ खान ने बताया कि मृतक उनका भांजा था। उन्होंने बताया कि मासूम परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी तीन बड़ी बहनें हैं। बच्चे के पिता बिलाल खान मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने डंपर जब्त कर शुरू की जांच बागोड़ा थाना प्रभारी बलदेव राम ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। डंपर को जब्त कर लिया गया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। राजस्थान और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Araghchi

Iran Power Struggle: Araghchi की छुट्टी की चर्चा, Pezeshkian कमजोर और IRGC मजबूत

ईरान की सियासत में इन दिनों सबकुछ सामान्य नहीं है। सत्ता के अलग-अलग केंद्रों के बीच खींचतान की खबरों ने एक बार फिर देश की राजनीति को चर्चा में ला दिया है। सबसे ज्यादा नजर विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) पर है। रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि उन्हें विदेश मंत्री के पद से हटाने की तैयारी चल रही है। हालांकि, अभी तक अराघची को हटाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में इस खबर को फिलहाल दावे और मीडिया रिपोर्टों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने ईरान की सत्ता में चल रहे बड़े Power Struggle को जरूर सामने ला दिया है। Araghchi को हटाने की आखिर क्यों हो रही चर्चा? अब्बास अराघची ईरान की विदेश नीति के अहम चेहरों में शामिल हैं। अमेरिका के साथ बातचीत और दूसरे देशों के साथ कूटनीतिक संपर्क में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार के भीतर कुछ लोगों को अराघची की कार्यशैली को लेकर आपत्ति है। दावा है कि अमेरिका के साथ बातचीत जैसे संवेदनशील मामलों में विदेश मंत्री और राष्ट्रपति कार्यालय के बीच मतभेद सामने आए हैं। इसी के बाद अराघची को पद से हटाने की चर्चा तेज हुई। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अंतिम फैसला लिया जा चुका है या नहीं। Pezeshkian की सरकार के सामने बढ़ी चुनौती ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की सरकार भी इस पूरे विवाद के केंद्र में है। पेजेश्कियान अपेक्षाकृत सुधारवादी रुख के लिए जाने जाते हैं और विदेश नीति में बातचीत तथा कूटनीति को अहमियत देते रहे हैं। दूसरी ओर, ईरान की सुरक्षा और सैन्य व्यवस्था में Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) का प्रभाव बेहद महत्वपूर्ण है। मौजूदा तनाव के बीच यह सवाल उठ रहा है कि देश के बड़े फैसलों में राष्ट्रपति सरकार की भूमिका कितनी है और सुरक्षा प्रतिष्ठान का प्रभाव कितना बढ़ चुका है। यही सवाल अब ईरान की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। IRGC के बढ़ते प्रभाव की क्यों हो रही चर्चा? ईरान में IRGC सिर्फ एक सामान्य सैन्य संगठन नहीं है। देश की सुरक्षा, क्षेत्रीय रणनीति और राजनीतिक व्यवस्था में इसका लंबे समय से प्रभाव रहा है। हालिया घटनाक्रमों के बाद कई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि IRGC का प्रभाव और मजबूत हुआ है। खासकर युद्ध और क्षेत्रीय तनाव के माहौल में सुरक्षा से जुड़े फैसलों में सैन्य नेतृत्व की भूमिका बढ़ने की बात कही जा रही है। अगर यह स्थिति आगे भी बनी रहती है, तो इसका सीधा असर ईरान की Foreign Policy पर पड़ सकता है। Supreme Leader की भूमिका सबसे अहम ईरान की राजनीतिक व्यवस्था को समझने के लिए Supreme Leader की भूमिका को समझना जरूरी है। राष्ट्रपति सरकार और प्रशासन का नेतृत्व करते हैं, लेकिन देश की सर्वोच्च राजनीतिक और सैन्य सत्ता Supreme Leader के पास रहती है। इसी वजह से राष्ट्रपति और विदेश मंत्री की राजनीतिक स्थिति को केवल सरकार के फैसलों से नहीं देखा जा सकता। ईरान में Supreme Leader, राष्ट्रपति कार्यालय और IRGC जैसे अलग-अलग Power Centres के बीच संतुलन बेहद अहम है। मौजूदा घटनाक्रम में इसी Power Balance को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिका के साथ बातचीत बनी बड़ा मुद्दा अराघची का नाम अमेरिका के साथ बातचीत से भी जुड़ा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच किसी भी तरह की बातचीत देश की आंतरिक राजनीति में बेहद संवेदनशील मुद्दा बन जाती है। एक तरफ बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश दिखाई देती है, तो दूसरी तरफ ईरान के कट्टरपंथी और सुरक्षा से जुड़े धड़े अमेरिका के प्रति सख्त रुख रखने के पक्ष में रहे हैं। ऐसे माहौल में विदेश मंत्री की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इसलिए अराघची को लेकर सामने आई खबरों को ईरान की व्यापक Foreign Policy के संदर्भ में देखा जा रहा है। क्या राष्ट्रपति की Power सच में कम हो रही है? यह सवाल फिलहाल पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पेजेश्कियान अब भी राष्ट्रपति हैं और उनकी सरकार औपचारिक रूप से देश के प्रशासन को संभाल रही है। लेकिन राजनीतिक विश्लेषणों में यह चर्चा जरूर बढ़ी है कि संकट के समय सुरक्षा और सैन्य संस्थानों का प्रभाव बढ़ सकता है। राष्ट्रपति की ताकत कमजोर होने और IRGC के ज्यादा प्रभावशाली होने के दावे भी इसी संदर्भ में सामने आए हैं। हालांकि, इन दावों के हर पहलू की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल ईरान की सत्ता में चल रहे Power Struggle के संकेत के तौर पर देखना ज्यादा सही होगा। Araghchi की कुर्सी का फैसला क्यों होगा अहम? अगर अराघची को वास्तव में विदेश मंत्री पद से हटा दिया जाता है, तो इसका असर सिर्फ ईरान के विदेश मंत्रालय तक सीमित नहीं रहेगा। इससे यह संकेत मिल सकता है कि तेहरान आने वाले दिनों में अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ बातचीत को लेकर अपनी रणनीति बदल रहा है। साथ ही यह भी साफ हो सकता है कि विदेश नीति में राष्ट्रपति सरकार की आवाज ज्यादा मजबूत है या सुरक्षा प्रतिष्ठान का प्रभाव बढ़ रहा है। फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। लेकिन अराघची को लेकर उठी चर्चा ने ईरान की राजनीति में चल रही अंदरूनी खींचतान को जरूर उजागर कर दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि अराघची अपनी कुर्सी बचा पाते हैं या ईरान की सत्ता में चल रहा यह Power Shift विदेश मंत्रालय में भी बड़ा बदलाव लेकर आता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

गुना गैंगरेप प्रयास केस: आरोपियों के अवैध मकानों पर चला बुलडोजर, वन भूमि से हटाया अतिक्रमण

गुना जिले में इंजीनियर और उसकी मंगेतर के साथ मारपीट, लूट और सामूहिक दुष्कर्म के प्रयास के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। आरोपियों के बोरखेड़ा गांव स्थित अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि कई लोग वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान बनाकर रह रहे थे। प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण ध्वस्त कर अतिक्रमण हटाया। जंगल में ले जाकर की थी मारपीट और दुष्कर्म की कोशिश घटना गुरुवार रात की है। नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) में कार्यरत 29 वर्षीय इंजीनियर अपनी मंगेतर के साथ हनुमान टेकरी दर्शन कर लौट रहे थे। शाम करीब 7:30 बजे गादेर गांव के पास रिलायंस पेट्रोल पंप के निकट कुछ बदमाशों ने उनकी बाइक रोक ली। आरोपी दोनों को जबरन सड़क किनारे जंगल में ले गए, जहां उनके साथ मारपीट की, मोबाइल, पर्स और अन्य सामान लूट लिया तथा युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास किया। इसी दौरान एक राहगीर ने घटना की सूचना डायल-112 पुलिस को दी। पुलिस टीम के मौके पर पहुंचते ही आरोपी भाग निकले और युवती के साथ बड़ी घटना होने से बच गई। 24 घंटे में पांच आरोपी गिरफ्तार धरनावदा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और 24 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी: वन भूमि पर अवैध कब्जे हटाए गए आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने उनके मकानों की जांच कराई। जांच में वन भूमि पर अतिक्रमण मिलने के बाद बोरखेड़ा गांव में कार्रवाई करते हुए बुलडोजर से अवैध निर्माण ढहा दिए गए। इस दौरान अन्य अतिक्रमण भी हटाए गए। कलेक्टर ने क्या कहा? कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि गैंगरेप के प्रयास के मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान वन भूमि पर अवैध कब्जे की जानकारी मिली, जिसके बाद वन विभाग ने नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। नोट: मामला अभी जांच के अधीन है। आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप सिद्ध होना शेष है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें:deshharpal.com

सागर में पारिवारिक विवाद बना खूनी संघर्ष, रिटायर्ड पुलिसकर्मी पर बहू की हत्या का आरोप

सागर के गायत्री नगर में मंगलवार सुबह पारिवारिक विवाद के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई। 65 वर्षीय रिटायर्ड पुलिसकर्मी पर अपनी 36 वर्षीय बहू सविता दीक्षित की हत्या करने का आरोप है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और आरोपी ससुर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। मृतका के पति देवेश दीक्षित सीमा सुरक्षा बल (BSF) में जवान हैं और वर्तमान में पश्चिम बंगाल में पदस्थ हैं। घटना की सूचना उन्हें दे दी गई है। सविता अपने सास-ससुर के साथ गायत्री नगर स्थित घर में रहती थीं। पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस मकरोनिया थाना प्रभारी नितिन पाल के अनुसार, बहू के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी घर में ही मौजूद मिला। प्रारंभिक जांच में महिला के शरीर पर 7 से 8 चोटों के निशान मिले हैं। पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी का दूसरा बेटा पुलिस विभाग में कार्यरत है। आरोपी का दावा- बहू ने पहले किया हमला पूछताछ में आरोपी रामनरेश दीक्षित ने दावा किया कि मंगलवार सुबह बहू ने घर में रखे मंदिर को उठाकर फेंक दिया और कुर्सियों में भी तोड़फोड़ की। इसके बाद वह बड़ी बेटी को स्कूल छोड़ने चली गई। आरोपी के मुताबिक, जब वह नहाकर पूजा कर रहे थे, तभी बहू वापस लौटी और छोटी बच्ची को उठाकर पटकने लगी। उसे बचाने पहुंचे तो बहू ने उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनके हाथ में चोट आई। उन्होंने दावा किया कि चाकू छीनने के बाद दोनों के बीच मारपीट हुई, जिसमें बहू गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी मौत हो गई। लंबे समय से चल रहा था पारिवारिक विवाद आरोपी का कहना है कि बहू के घर आने के बाद से परिवार में लगातार विवाद होते थे और मोहल्ले के लोग भी इस स्थिति से परिचित थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस का कहना है कि महिला की मौत का सटीक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल आरोपी के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें:deshharpal.com

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.