13 अक्टूबर 2025 को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइल में ऐतिहासिक दौरे के दौरान इज़राइल-हमास संघर्ष (Israel-Hamas Conflict) के खत्म होने की घोषणा की। ट्रंप ने इसे “एक महान और खूबसूरत दिन” और “नई शुरुआत” बताते हुए मध्य-पूर्व में स्थायी शांति (lasting peace in Middle East) की उम्मीद जताई।
ट्रंप के आगमन पर इज़राइली राष्ट्रपति आइज़ैक हर्ज़ोग और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनका भव्य स्वागत किया। बैंड की धुनों और सेना की सम्मान रैली के बीच ट्रंप ने हमास द्वारा छोड़े गए पहले बंधकों (hostages) की रिहाई का स्वागत किया। इस अवसर पर ट्रंप ने कनेसैट की गेस्ट बुक में लिखा:
“यह मेरा महान सम्मान है — एक महान और खूबसूरत दिन। नई शुरुआत।”
समझौते का ऐतिहासिक महत्व
यह समझौता उस युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इज़राइल पर हमलों के बाद शुरू हुआ था। इस युद्ध में हजारों लोग प्रभावित हुए थे और दोनों पक्षों में भारी क्षति हुई थी। समझौते के तहत:
- इज़राइली सेना को संभावित सीमा (negotiated line) तक पीछे हटना होगा।
- हमास को सभी बंधकों की रिहाई (release of hostages) सुनिश्चित करनी होगी।
- कतर, मिस्र और तुर्की ने मध्यस्थ (mediators) की अहम भूमिका निभाई।
इस समझौते को मध्य-पूर्व में स्थायी शांति की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि यह न केवल बंधकों की रिहाई का दिन है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता (regional stability) की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
होस्टेज रिहाई और जनता की प्रतिक्रिया
तेल अवीव के होस्टेज स्क्वायर में बंधकों की रिहाई के समय हजारों लोग जमा हुए और उन्होंने खुशी जताई। कई बंधकों को परिवार के सदस्यों ने गले लगाकर स्वागत किया। यह दृश्य दुनिया भर के लिए मानवता और शांति का संदेश (message of humanity and peace) बन गया।
ट्रंप की भूमिका और मध्य-स्थता
पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मिशन में कूटनीतिक सफलता (diplomatic win) हासिल की। उन्होंने कहा कि कतर, मिस्र और तुर्की के योगदान के बिना यह समझौता संभव नहीं था। ट्रंप ने यह भी जोर दिया कि इस ऐतिहासिक दिन का उद्देश्य मध्य-पूर्व में लंबे समय तक चलने वाली शांति (long-term peace in Middle East) स्थापित करना है।
भविष्य की दिशा
हालांकि स्थिति अभी भी संवेदनशील है, लेकिन दोनों पक्षों ने शांति समझौते की शर्तों को लागू करने की दिशा में शुरुआती कदम उठाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भविष्य में इज़राइल और हमास के बीच स्थायी संचार (lasting dialogue) का रास्ता खोल सकता है।
ट्रंप के इस दौरे और समझौते को विश्व मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों ने भी महत्वपूर्ण माना है। यह दिन न केवल मध्य-पूर्व में शांति के लिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और मानवता के लिए भी एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है।
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