Voter List Controversy अब देश की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है। संसद (Parliament) से लेकर सड़क तक विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और I.N.D.I.A. गठबंधन ने चुनाव आयोग (Election Commission) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि बिहार में वोटर लिस्ट संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) जल्दबाजी और गड़बड़ी से भरा है, जिससे लाखों मतदाताओं का नाम कट सकता है।
Parliament में हंगामा और कार्यवाही ठप
18 अगस्त को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए Voter List मुद्दे पर चर्चा की मांग की। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे लेकिन विपक्ष का विरोध जारी रहा।
Rahul Gandhi और INDIA Bloc का मार्च
11 अगस्त को राहुल गांधी की अगुवाई में करीब 300 सांसदों ने संसद से Election Commission Office तक मार्च निकाला। पुलिस ने सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना था कि मार्च के लिए अनुमति नहीं ली गई थी।
“124 साल Not Out” टी-शर्ट बना प्रतीक
बिहार की एक महिला मिन्ता देवी का वोटर कार्ड चर्चा में आ गया, जिसमें उनकी उम्र 124 साल दर्ज थी। इसे विपक्ष ने चुनाव आयोग की लापरवाही बताते हुए बड़ा मुद्दा बनाया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने “124 Not Out” लिखा टी-शर्ट पहनकर प्रदर्शन किया। यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ।
मृत मतदाताओं के साथ चाय! राहुल गांधी का तंज
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि उन्होंने ऐसे लोगों के साथ चाय पी है, जिनके नाम Voter List में हैं लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड में “मृत” दिखाए गए हैं। राहुल ने व्यंग्य करते हुए लिखा – “Thank You Election Commission!”
देशभर में विरोध और कैंडल मार्च
- चंडीगढ़ में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कैंडल मार्च निकाला।
- नागपुर में कार्यकर्ताओं ने वोट चोरी (Vote Chori) के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- विपक्षी दलों का कहना है कि यह लोकतंत्र और मताधिकार पर सीधा हमला है।
Rahul Gandhi की “Voter Adhikar Yatra”
राहुल गांधी ने बिहार से “Voter Adhikar Yatra” शुरू की है। यह यात्रा 16 दिन चलेगी, 20 जिलों से होकर 1300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और 1 सितंबर को पटना में खत्म होगी। कांग्रेस इसे आम जनता को जागरूक करने का अभियान बता रही है।
Election Commission पर विपक्ष का हमला
विपक्ष का आरोप है कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों से गरीब, दलित और वंचित समाज प्रभावित होगा। टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने तो यहां तक कहा कि अगर वोटर लिस्ट गलत साबित होती है तो मौजूदा लोकसभा भंग कर नए चुनाव कराए जाने चाहिए।
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