पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने कई अहम फैसले लेकर पूर्व सरकार की नीतियों पर सीधा असर डाल दिया है। इन फैसलों को लेकर राज्य की सियासत में गर्मी बढ़ गई है, क्योंकि इन्हें ममता बनर्जी सरकार के कई पुराने फैसलों के उलट माना जा रहा है।
पहली ही बैठक में लिए गए इन निर्णयों को सरकार ने “डबल इंजन विकास” और प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
शुभेंदु सरकार के प्रमुख फैसले
BSF को जमीन ट्रांसफर का फैसला
भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को जमीन देने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसे 45 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सीमा सुरक्षा पर फोकस
घुसपैठ और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तेज़ी से काम करने का निर्देश दिया गया।
Ayushman Bharat योजना लागू
राज्य में केंद्र की स्वास्थ्य योजना ‘आयुष्मान भारत’ लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
राज्य की स्वास्थ्य योजनाओं में बदलाव
पहले से चल रही राज्य स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा और समायोजन की बात कही गई।
जनगणना प्रक्रिया को मंजूरी
राज्य में Census प्रक्रिया को तुरंत लागू करने का निर्णय लिया गया।
प्रशासनिक सुधार पर जोर
सरकारी कामकाज में तेजी और पारदर्शिता लाने के निर्देश दिए गए।
केंद्र-राज्य सहयोग बढ़ाने पर फोकस
केंद्र सरकार की योजनाओं को राज्य में तेजी से लागू करने की रणनीति बनाई गई। विकास योजनाओं में तेजी
अटकी हुई विकास परियोजनाओं को दोबारा गति देने की योजना तैयार की गई।
पोर्टफोलियो बंटवारा
पहले चरण में मंत्रियों को विभाग सौंपे गए, जिसमें ग्रामीण विकास, महिला कल्याण और जनजातीय विकास जैसे विभाग शामिल हैं।
कैबिनेट विस्तार का संकेत
सरकार ने संकेत दिया है कि आगे और मंत्रियों को शामिल किया जाएगा।



