बिलासपुर जिले के धान खरीदी केंद्रों पर किसानों से नियमों के विपरीत वसूली और मनमानी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। आरोप है कि व्यापारी और बिचौलियों का धान खरीदी केंद्रों में खपाया जा रहा है, जबकि जरूरतमंद किसान टोकन मिलने के बाद भी धान बेचने के लिए भटकने को मजबूर हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रशासन ने अवैध धान भंडारण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राइस मिल और किराना दुकान से करीब 3 लाख रुपए का धान जब्त किया है।
समर्थन मूल्य की व्यवस्था पर सवाल
राज्य सरकार ने किसानों को उनकी उपज का समर्थन मूल्य (MSP) दिलाने के लिए धान खरीदी की व्यवस्था की है, लेकिन जमीनी स्तर पर अफसरों और खरीदी केंद्र प्रभारियों की मिलीभगत से व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप है। किसानों का कहना है कि उनका धान पीछे किया जा रहा है, जबकि बिचौलियों का धान आसानी से खरीदा जा रहा है।
प्रति बोरी 1 किलो तक ज्यादा धान लेने का आरोप
शासन के नियमों के अनुसार एक बोरी में 40 किलो 700 ग्राम धान लिया जाना चाहिए, लेकिन कई केंद्रों पर किसानों से 41 किलो 500 ग्राम से 41 किलो 700 ग्राम तक धान लिया जा रहा है। यानी प्रति बोरी करीब 1 किलो अतिरिक्त। किसानों ने इसकी शिकायतें भी कीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
टोकन के बाद भी नहीं हो रही तौल
किसानों का कहना है कि टोकन कटवाने के बाद भी उनकी तौल नहीं हो रही। शुक्रवार को पहुंचे किसानों की तौल नहीं हुई और शनिवार-रविवार केंद्र बंद रहने के कारण उन्हें सोमवार तक इंतजार करना पड़ेगा। किसानों को डर है कि सोमवार को भी नंबर आएगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं।
प्रशासन की कार्रवाई, 3 लाख का धान जब्त
जिला प्रशासन का दावा है कि अवैध धान भंडारण पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन केस दर्ज किया गया।
- ग्राम कोनचरा के यंग प्रोविजन स्टोर से 117 कट्टी (46 क्विंटल 80 किलो) धान जब्त
- ग्राम मनगवां की अरिहंत राइस मिल से 122 कट्टा (48 क्विंटल 80 किलो) अवैध धान जब्त
यह कार्रवाई बेलगहना नायब तहसीलदार समर्थ थवाईत, कोटा मंडी उप निरीक्षक सीजी गोस्वामी और नीतिश नायक की टीम ने की। कुल मिलाकर करीब 3 लाख रुपए का धान जब्त किया गया और मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

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