आज संसद में VB‑जी राम जी 2025 पारित हो गया, जो ग्रामीण रोजगार की पुरानी योजना मनरेगा (MGNREGA) का नया रूप है। सरकार का दावा है कि यह बिल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को आधुनिक और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए लाया गया है।
हालांकि, बिल के पारित होते ही लोकसभा में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। कई सांसदों ने विरोध के रूप में बिल की प्रतियां फाड़ दीं, नारे लगाए और पारित प्रक्रिया पर सवाल उठाए। विपक्ष का कहना है कि इस बिल को संसदीय समिति में भेजकर विस्तार से चर्चा करनी चाहिए थी, न कि इसे जल्दबाजी में पारित किया जाए।
विपक्ष की नाराजगी के मुख्य कारण:
- महात्मा गांधी का नाम हटना: नए बिल में मनरेगा का नाम बदलकर गांधी का नाम हटा दिया गया है। विपक्ष इसे गांधी की विरासत के खिलाफ बताते हुए विरोध कर रहा है।
- बिल पारित करने की प्रक्रिया: विपक्ष का कहना है कि इस बिल की समीक्षा के बिना पारित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।
सरकार का पक्ष:
सरकार का कहना है कि यह बिल ग्रामीण रोजगार योजनाओं को नवीन और अधिक व्यापक बनाने का प्रयास है। रिपोर्ट्स के अनुसार, नए बिल के लागू होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के गारंटीकृत दिनों में वृद्धि हो सकती है।
इस बीच, राज्यसभा में भी इस बिल को लेकर हंगामा और चर्चा की संभावना बनी हुई है। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वे बिल के खिलाफ सशक्त विरोध जारी रखेंगे।
इस बिल का असर सीधे ग्रामीण रोजगार और रोज़गार सुरक्षा पर होगा, इसलिए जनता और स्थानीय प्रतिनिधियों की नजर इस बिल पर बनी रहेगी।
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