मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। पर्यटन विभाग का एक क्रूज तेज आंधी की चपेट में आकर डूब गया। अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रशासन के अनुसार 4 लोग अब भी लापता हैं।
बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त क्रूज में 43 से 47 पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट केवल 29 लोगों की ही कटी थी। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ।
74 किमी/घंटा की रफ्तार से चली हवा, बिगड़े हालात
जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त हवा की रफ्तार करीब 74 किलोमीटर प्रति घंटे थी। अचानक आए तूफान ने क्रूज को अनियंत्रित कर दिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF टीम ने कई लोगों की जान बचाई, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम के कारण राहत कार्य प्रभावित हुआ। शुक्रवार सुबह से फिर सर्च ऑपरेशन जारी है।
PM मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है।

CM मोहन यादव ने दिए जांच के आदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। वे शुक्रवार को जबलपुर पहुंच सकते हैं। वहीं पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी भी मौके पर पहुंचे हैं।
मां-बेटे की मौत ने सभी को झकझोरा
इस हादसे में मरीना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान की मौत ने सभी को भावुक कर दिया। बचाव दल ने दोनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए निकाले। मां ने अपने बच्चे को लाइफ जैकेट में सीने से कसकर थाम रखा था।
यह परिवार दिल्ली से घूमने आया था। पिता प्रदीप मैसी और बेटी सिया किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे।
“संभलने का मौका ही नहीं मिला” — क्रूज पायलट
क्रूज के पायलट महेश ने बताया कि सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे, लेकिन अचानक आए तूफान के कारण स्थिति बेकाबू हो गई और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
यह हादसा एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और मौसम अलर्ट को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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