अमेरिका में IRAN के साथ बढ़ते तनाव के बीच संसद में एक बड़ा फैसला लिया गया है। अमेरिकी संसद के निचले सदन में ऐसा प्रस्ताव पास हुआ है, जिसका मकसद राष्ट्रपति की सैन्य कार्रवाई की शक्तियों को सीमित करना और ईरान के खिलाफ संभावित युद्ध को रोकना है। खास बात यह रही कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के ही 4 सांसदों ने उनके खिलाफ जाकर इस प्रस्ताव के समर्थन में वोट किया।
प्रस्ताव में कहा गया है कि बिना संसद की मंजूरी के अमेरिका ईरान के खिलाफ किसी बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत नहीं करेगा। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिकी नेताओं के बीच ईरान को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं।
हालांकि, यह प्रस्ताव पास होने के बाद भी अंतिम फैसला पूरी तरह तय नहीं माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति के पास इस प्रस्ताव को वीटो करने का अधिकार मौजूद है। यानी राष्ट्रपति चाहें तो इस फैसले को रोक सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच पहले से चल रहा तनाव इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद और चर्चा में आ गया है। आम अमेरिकी नागरिकों के बीच भी युद्ध को लेकर चिंता बढ़ रही है, क्योंकि किसी भी बड़े संघर्ष का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर पड़ सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, ट्रम्प के अपने सांसदों का विरोध में जाना यह दिखाता है कि रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी ईरान नीति को लेकर एकजुटता नहीं है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति में और गरमा सकता है।
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