पटना। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव रविवार को रिसर्च स्कॉलर्स के आंदोलन के समर्थन में एक दिन के उपवास पर बैठे। वह पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर हाथ में भगत सिंह की तस्वीर लेकर उपवास कर रहे हैं। इस दौरान उनका एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह नीले गमछे से अपना गला घोंटते नजर आए।
पप्पू यादव ने कहा कि अगर सरकार ने छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो उनके पास आंदोलन को और तेज करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। उन्होंने कहा, “अगर सरकार मांगें नहीं मानती है तो बिहार बंद करेंगे और अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठेंगे।”
बोले- छात्रों की बात नहीं सुनी जा रही
पप्पू यादव ने सरकार पर छात्रों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के बच्चों को ‘बौद्धिक नक्सली’ कह रहे हैं, जबकि बिहार में छात्रों की समस्याओं को सुना नहीं जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रिसर्च स्कॉलर्स की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और जल्द समाधान निकालना चाहिए।
13 दिन से आमरण अनशन पर रिसर्च स्कॉलर
पटना के गर्दनीबाग में ‘ऑल Ph.D. होल्डर एंड रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन ऑफ बिहार’ के बैनर तले अभ्यर्थी पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं।
रिसर्च स्कॉलर्स की प्रमुख मांगों में सहायक प्राध्यापक बहाली में UGC Regulation 2018 के Table 3A को लागू करना शामिल है। इसके अलावा बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करने और 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने समेत कई मांगें रखी गई हैं।
सहायक प्राध्यापक भर्ती में Table 3A की मांग
रिसर्च स्कॉलर्स का कहना है कि सहायक प्राध्यापक भर्ती प्रक्रिया में UGC Regulation 2018 के Table 3A को लागू किया जाना चाहिए। साथ ही सहायक प्राध्यापक पद के अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 55 वर्ष करने की मांग भी की जा रही है।
उनका कहना है कि बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्तियां स्थायी और नियमित आधार पर होनी चाहिए, ताकि लंबे समय से खाली पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
पप्पू यादव पहले भी पहुंचे थे धरनास्थल
पप्पू यादव इससे पहले शुक्रवार को भी गर्दनीबाग पहुंचे थे। उन्होंने रिसर्च स्कॉलर्स से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया था। रविवार को वह एक दिन के उपवास के जरिए आंदोलन में शामिल हुए।
धरनास्थल पर पुलिस-प्रशासन अलर्ट
सांसद के उपवास और आंदोलन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी सतर्क है। गर्दनीबाग धरना स्थल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

