Madhya Pradesh में चल रहा है एक खतरनाक खेल
बिना किसी रोक-टोक के यूके (UK) से आयात किए गए स्क्रैप टायर यहां डंप किए जा रहे हैं और उनसे अवैध तरीके से तेल निकाला जा रहा है। ये काम भोपाल, मुरैना, धार, देवास, सतना समेत 37 जगहों पर हो रहा है। इस प्रक्रिया में निकलने वाला धुंआ और केमिकल हवा और पानी को जहरीला बना रहा है, जिससे लोगों की सेहत पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
इन स्क्रैप टायरों से ‘पायरोलिसिस ऑयल’ निकाला जा रहा है। इसे बनाने की तकनीक अवैध है क्योंकि इससे भारी मात्रा में ज़हरीला धुआं निकलता है। ज़्यादातर जगहों पर बिना लाइसेंस और पर्यावरणीय मंजूरी के ये फैक्ट्रियां चलाई जा रही हैं। कई प्लांट जंगलों और गांवों के पास लगे हैं जिससे स्थानीय लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है।
भोपाल, मुरैना, सागर, सतना, शहडोल, छतरपुर, रीवा, उज्जैन, देवास, खंडवा, खरगोन, धार और झाबुआ जैसे जिलों में ये अवैध प्लांट सक्रिय हैं। कई प्लांटों के पास कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है और रात के अंधेरे में इनका संचालन होता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हवा में बदबू है, सांस लेने में दिक्कत होती है और पानी भी दूषित हो गया है। कई बच्चों को स्किन प्रॉब्लम और बुजुर्गों को सांस की बीमारी की शिकायतें बढ़ गई हैं। लेकिन अब तक प्रशासन की तरफ से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है।
पर्यावरण का बड़ा संकटविशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के प्लांट्स न सिर्फ हवा और पानी को प्रदूषित करते हैं बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी खराब करते हैं। इन टायरों में मौजूद भारी धातुएं सीधे वातावरण में घुल रही हैं।
MP में चल रहा ये टायरों का अवैध कारोबार न सिर्फ पर्यावरण को बर्बाद कर रहा है, बल्कि इंसानी जिंदगी के लिए भी बड़ा खतरा बन चुका है। अब जरूरी है कि प्रशासन तुरंत एक्शन ले और इन जहरीले प्लांट्स को बंद करवाए।
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