हरियाणा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी IPS वाई. पूरन कुमार की रहस्यमयी मौत ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। इस Haryana IPS Suicide Case को एक हफ्ता बीत चुका है, लेकिन अब तक पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया है। परिवार न्याय की मांग पर अड़ा है, वहीं सरकार ने इस बीच बड़ा कदम उठाते हुए DGP शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया और ओपी सिंह को कार्यकारी DGP (Acting DGP) नियुक्त किया है।
7 दिन बाद भी नहीं हुआ पोस्टमॉर्टम, परिवार बोला – पहले इंसाफ फिर संस्कार
मृतक अधिकारी की पत्नी आमनीत पी. कुमार, जो स्वयं एक IAS अधिकारी हैं, का कहना है कि उनके पति को मानसिक और पेशेवर रूप से परेशान किया गया।
उन्होंने साफ कहा कि “जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते और निष्पक्ष जांच शुरू नहीं होती, तब तक हम पोस्टमॉर्टम नहीं करवाएंगे।”
आमनीत ने पूर्व SP नरेंदर बिजारणिया और DGP शत्रुजीत कपूर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
‘महापंचायत’ का अल्टीमेटम: कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन
पूरन कुमार के समर्थन में बनी महापंचायत समिति ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।
समिति ने चेतावनी दी थी कि अगर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो हरियाणा में राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।
इस चेतावनी के बाद ही सरकार ने DGP को छुट्टी पर भेजने का फैसला लिया।
Government Action: DGP Kapoor छुट्टी पर, ओपी सिंह को मिली कमान
बढ़ते दबाव और विरोध के बीच हरियाणा सरकार ने DGP शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया है।
उनकी जगह वरिष्ठ IPS अधिकारी ओपी सिंह को कार्यकारी DGP की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह कदम प्रशासनिक सुधार और जनता के गुस्से को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
Rahul Gandhi Chandigarh पहुंचे, कहा – ‘सिस्टम ने एक ईमानदार अफसर खो दिया’
इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे।
उन्होंने दिवंगत IPS वाई. पूरन कुमार के परिवार से मुलाकात की और शोक जताया।
राहुल ने कहा – “पूरन कुमार जैसे ईमानदार अफसर देश की शान होते हैं। लेकिन जब सिस्टम उन्हें सपोर्ट नहीं करता, तो यह देश के लिए शर्म की बात है।”
उनकी इस यात्रा के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया है।
राजनीतिक हलचल तेज, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम रद्द
इस केस ने हरियाणा की राजनीति में भूचाल मचा दिया है।
- मुख्यमंत्री के कई कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।
- विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है।
- सोशल मीडिया पर #JusticeForYPooranKumar ट्रेंड कर रहा है।
CBI जांच की मांग तेज, सरकार ने दिए संकेत
अब यह मामला CBI जांच की ओर बढ़ता दिख रहा है।
हरियाणा सरकार ने कहा है कि यदि परिवार चाहे तो जांच CBI को सौंपी जा सकती है।
वहीं लोगों का कहना है कि निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब सभी आरोपी अधिकारियों को निलंबित कर गिरफ्तारी की जाए।
IPS वाई. पूरन कुमार की मौत सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि सिस्टम की खामियों का आईना है।
एक ईमानदार अफसर की जान जाने के बाद अब सवाल उठ रहा है — “क्या हमारे सिस्टम में सच्चाई और ईमानदारी की जगह बची है?”
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