भोपाल मेट्रो को शुरू करने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ गया है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम अब सीधे मेट्रो ट्रैक पर निरीक्षण कर रही है। शुक्रवार सुबह 10 बजे से टीम का निरीक्षण शुरू हुआ, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। इस दौरान टीम खुद मेट्रो में सफर कर सारे तकनीकी और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है
तीन दिन के भोपाल दौरे पर CMRS टीम
नई दिल्ली से आई टीम ने गुरुवार को डिपो, एम्स स्टेशन तक के ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम और सुरक्षा उपायों की जांच की। आरकेएमपी स्टेशन पर रेल ट्रैक की ढाल और पानी निकासी की जांच के लिए ट्रैक पर पानी छोड़ा गया।
पहले दिन टीम लगभग 8 घंटे मेट्रो प्रोजेक्ट की हर डिटेल जांचती रही। सुभाषनगर डिपो में पूरे प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन भी देखा गया।

दूसरे दिन भी भारी निरीक्षण, मेट्रो में सफर कर होगी जांच
शुक्रवार को फिर सुबह 10 बजे से निरीक्षण शुरू हुआ। टीम मेट्रो में बैठकर ट्रैक पर जा रही है ताकि मेट्रो के अंदर से ही हर तकनीकी बिंदु की सटीक जांच की जा सके।
CMRS क्या करता है?
किसी भी मेट्रो को यात्रियों के लिए शुरू करने से पहले अंतिम सुरक्षा स्वीकृति CMRS ही देता है।
टीम इन बिंदुओं पर जांच कर रही है:
- ट्रैक
- सिग्नलिंग
- ब्रेक सिस्टम
- स्टेशन सुरक्षा
- आपात निकासी
- ट्रेन संचालन से जुड़े अन्य पैरामीटर
अगर कोई कमी मिलती है तो उसे ठीक किए बिना मेट्रो को चलाने की अनुमति नहीं मिलती। पिछले दौरे में जो खामियां मिली थीं, उन्हें अब तक ठीक किया जा चुका है। इसलिए इस बार टीम से “ओके रिपोर्ट” मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पहली बार भोपाल पहुंचे मेट्रो कमिश्नर
नए मेट्रो कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता पहली बार भोपाल आए हैं। टीम वही पुरानी है, इसलिए कॉमर्शियल रन में रुकावट की संभावना कम मानी जा रही है।
अक्टूबर में नहीं मिली अनुमति, अब नवंबर में दौड़ने की उम्मीद
सरकार ने पहले अक्टूबर में मेट्रो चलाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन बिहार चुनाव की वजह से निरीक्षण में देरी हुई।
अब माना जा रहा है कि नवंबर में भोपाल मेट्रो यात्रियों के लिए ट्रैक पर दौड़ सकती है।
सीएमआरएस की रिपोर्ट सीधे राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, और मंजूरी मिलते ही कॉमर्शियल रन की फाइनल डेट घोषित होगी।
संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल मेट्रो के पहले यात्री बनें।
पहले ही मिल चुकी है RDSO की ओके रिपोर्ट
रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) पहले ही मेट्रो की टेस्टिंग कर अपनी ओके रिपोर्ट दे चुका है। वहीं से दस्तावेज CMRS को भेजे गए, जिसके बाद निरीक्षण तय हुआ।
2018 में शुरू हुआ था मेट्रो प्रोजेक्ट
- पहला रूट: एम्स से करोंद (16.05 किमी)
- प्राथमिकता कॉरिडोर: एम्स से सुभाषनगर (6.22 किमी)
- सुभाषनगर से RKMपी तक का काम पूरा
- अलकापुरी, एम्स और DRM स्टेशन पर अंतिम काम जारी
- दो बड़े स्टील ब्रिज भी बन चुके हैं
3 अक्टूबर 2023 को पहला ट्रायल हुआ था, जब तब के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मेट्रो में सफर किया था।
अब CMRS की रिपोर्ट का इंतजार है — और उसके बाद भोपाल मेट्रो आम लोगों के लिए कभी भी शुरू हो सकती है।
For more info visit: deshharpal.com भोपाल मेट्रो को शुरू करने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ गया है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम अब सीधे मेट्रो ट्रैक पर निरीक्षण कर रही है। शुक्रवार सुबह 10 बजे से टीम का निरीक्षण शुरू हुआ, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। इस दौरान टीम खुद मेट्रो में सफर कर सारे तकनीकी और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है।
तीन दिन के भोपाल दौरे पर CMRS टीम
नई दिल्ली से आई टीम ने गुरुवार को डिपो, एम्स स्टेशन तक के ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम और सुरक्षा उपायों की जांच की। आरकेएमपी स्टेशन पर रेल ट्रैक की ढाल और पानी निकासी की जांच के लिए ट्रैक पर पानी छोड़ा गया।
पहले दिन टीम लगभग 8 घंटे मेट्रो प्रोजेक्ट की हर डिटेल जांचती रही। सुभाषनगर डिपो में पूरे प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन भी देखा गया।
दूसरे दिन भी भारी निरीक्षण, मेट्रो में सफर कर होगी जांच
शुक्रवार को फिर सुबह 10 बजे से निरीक्षण शुरू हुआ। टीम मेट्रो में बैठकर ट्रैक पर जा रही है ताकि मेट्रो के अंदर से ही हर तकनीकी बिंदु की सटीक जांच की जा सके।
CMRS क्या करता है?
किसी भी मेट्रो को यात्रियों के लिए शुरू करने से पहले अंतिम सुरक्षा स्वीकृति CMRS ही देता है।
टीम इन बिंदुओं पर जांच कर रही है:
- ट्रैक
- सिग्नलिंग
- ब्रेक सिस्टम
- स्टेशन सुरक्षा
- आपात निकासी
- ट्रेन संचालन से जुड़े अन्य पैरामीटर
अगर कोई कमी मिलती है तो उसे ठीक किए बिना मेट्रो को चलाने की अनुमति नहीं मिलती। पिछले दौरे में जो खामियां मिली थीं, उन्हें अब तक ठीक किया जा चुका है। इसलिए इस बार टीम से “ओके रिपोर्ट” मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पहली बार भोपाल पहुंचे मेट्रो कमिश्नर
नए मेट्रो कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता पहली बार भोपाल आए हैं। टीम वही पुरानी है, इसलिए कॉमर्शियल रन में रुकावट की संभावना कम मानी जा रही है।
अक्टूबर में नहीं मिली अनुमति, अब नवंबर में दौड़ने की उम्मीद
सरकार ने पहले अक्टूबर में मेट्रो चलाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन बिहार चुनाव की वजह से निरीक्षण में देरी हुई।
अब माना जा रहा है कि नवंबर में भोपाल मेट्रो यात्रियों के लिए ट्रैक पर दौड़ सकती है।
सीएमआरएस की रिपोर्ट सीधे राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, और मंजूरी मिलते ही कॉमर्शियल रन की फाइनल डेट घोषित होगी।
संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल मेट्रो के पहले यात्री बनें।
पहले ही मिल चुकी है RDSO की ओके रिपोर्ट
रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) पहले ही मेट्रो की टेस्टिंग कर अपनी ओके रिपोर्ट दे चुका है। वहीं से दस्तावेज CMRS को भेजे गए, जिसके बाद निरीक्षण तय हुआ।
2018 में शुरू हुआ था मेट्रो प्रोजेक्ट
- पहला रूट: एम्स से करोंद (16.05 किमी)
- प्राथमिकता कॉरिडोर: एम्स से सुभाषनगर (6.22 किमी)
- सुभाषनगर से RKMपी तक का काम पूरा
- अलकापुरी, एम्स और DRM स्टेशन पर अंतिम काम जारी
- दो बड़े स्टील ब्रिज भी बन चुके हैं
3 अक्टूबर 2023 को पहला ट्रायल हुआ था, जब तब के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मेट्रो में सफर किया था।
अब CMRS की रिपोर्ट का इंतजार है — और उसके बाद भोपाल मेट्रो आम लोगों के लिए कभी भी शुरू हो सकती है।
For more info visit: www.deshharpal.com


