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Vastu Tips: पीली रोटी का 43 दिन का उपाय, बढ़ सकता है Wealth और Bank Balance

Vastu Tips: पीली रोटी का 43 दिन का उपाय, बढ़ सकता है Wealth और Bank Balance

Vastu शास्त्र में कई ऐसे आसान उपाय बताए गए हैं जिन्हें अपनाकर लोग अपनी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव महसूस करने का दावा करते हैं। इन्हीं में से एक उपाय इन दिनों काफी चर्चा में है—पीली रोटी का उपाय। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति लगातार 43 दिनों तक पीली रोटी का एक छोटा सा उपाय करता है, तो इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और आर्थिक स्थिति में सुधार होने की संभावना बताई जाती है। माना जाता है कि यह उपाय धन, समृद्धि और स्थिरता को आकर्षित करने में मदद कर सकता है। हालांकि, यह भी कहा जाता है कि यह पूरी तरह से आस्था और विश्वास पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन कई लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करके मानसिक संतोष और सकारात्मकता महसूस करते हैं। आज के समय में जब लोग आर्थिक परेशानियों से गुजर रहे हैं, ऐसे वास्तु उपायों की चर्चा सोशल मीडिया और धार्मिक प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे उपायों के साथ-साथ मेहनत, सही प्लानिंग और आर्थिक अनुशासन भी बेहद जरूरी है।
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वैभव सूर्यवंशी की ब्रांड वैल्यू में रॉकेट सी तेजी, IPLमें रनों का अंबार लगाने के बाद 100 फीसदी तक बढ़ाई ऐड फीस- सूत्र

वैभव सूर्यवंशी की ब्रांड वैल्यू में रॉकेट सी तेजी, IPLमें रनों का अंबार लगाने के बाद 100 फीसदी तक बढ़ाई ऐड फीस- सूत्र

IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की लोकप्रियता और ब्रांड वैल्यू में रॉकेट जैसी तेजी देखने को मिल रही है। सूत्रों के मुताबिक, उनकी विज्ञापन फीस में करीब 100 फीसदी तक का इजाफा हुआ है, जिससे वे अब देश के सबसे तेजी से उभरते स्पोर्ट्स स्टार्स में शामिल हो गए हैं। IPL ने बदली पूरी तस्वीर आईपीएल में लगातार रन बनाने और मैच जिताऊ पारियों ने वैभव सूर्यवंशी को रातों-रात सुर्खियों में ला दिया है। उनके खेल ने न सिर्फ क्रिकेट फैंस का ध्यान खींचा, बल्कि बड़े-बड़े ब्रांड्स की नजरें भी उन पर टिक गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई कंपनियां उन्हें अपने विज्ञापन अभियानों से जोड़ने के लिए कतार में हैं। ऐड फीस में दोगुना तक इजाफा सूत्रों के मुताबिक, वैभव की एक विज्ञापन डील की फीस पहले जहां एक निश्चित स्तर पर थी, वहीं अब इसमें लगभग 100% की बढ़ोतरी देखी जा रही है। यानी उनकी मार्केट वैल्यू और कमर्शियल डिमांड दोनों तेजी से बढ़ रही हैं। क्यों बढ़ी इतनी डिमांड? ब्रांड विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे तीन बड़े कारण हैं: इन्हीं वजहों से ब्रांड उन्हें “फ्यूचर फेस ऑफ इंडियन क्रिकेट” के तौर पर देख रहे हैं। क्रिकेट से ब्रांड तक का सफर वैभव सूर्यवंशी का यह उछाल दिखाता है कि आज के समय में खिलाड़ी सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बड़े ब्रांड्स की मार्केटिंग रणनीति का अहम हिस्सा भी बन चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर उनका फॉर्म इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले समय में उनकी ब्रांड वैल्यू और भी तेजी से बढ़ सकती है।
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UP चुनाव 2027: अखिलेश का मास्टरस्ट्रोक! 2-3 महीने पहले ही घोषित होंगे प्रत्याशी, कांग्रेस के साथ 80 सीटों पर बन सकता है फॉर्मूला

UP चुनाव 2027: अखिलेश का मास्टरस्ट्रोक! 2-3 महीने पहले ही घोषित होंगे प्रत्याशी, कांग्रेस के साथ 80 सीटों पर बन सकता है फॉर्मूला

UP में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल अभी से तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (SP) ने चुनावी रणनीति को लेकर बड़ा दांव खेलने की तैयारी शुरू कर दी है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव चुनाव की तारीखों से करीब 2-3 महीने पहले ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकते हैं। इस कदम को पार्टी के अंदर “बगावत रोकने और संगठन को मजबूत करने” की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पहले से प्रत्याशी उतारने की रणनीति क्यों? रिपोर्ट्स के अनुसार, सपा चाहती है कि उम्मीदवारों को प्रचार के लिए ज्यादा समय मिले और जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ मजबूत हो। समय से पहले टिकट घोषित करने से अंदरूनी असंतोष और टिकट विवादों को भी कम करने की कोशिश होगी। कांग्रेस के साथ गठबंधन पर क्या है प्लान? सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर शुरुआती बातचीत में लगभग 80 सीटों का फॉर्मूला चर्चा में है। यह वही मॉडल माना जा रहा है, जिसे दोनों दल 2024 लोकसभा चुनाव में भी आंशिक रूप से आजमा चुके हैं। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दोनों दलों के बीच बातचीत लगातार जारी है। सीट बंटवारे में सबसे बड़ी चुनौती राजनीतिक जानकारों का मानना है कि असली चुनौती सीटों के बंटवारे को लेकर होगी। कांग्रेस ज्यादा सीटों की मांग कर सकती है, जबकि सपा अपने मजबूत क्षेत्रों को छोड़ने के मूड में नहीं है। यही वजह है कि शुरुआती स्तर पर बातचीत “कठिन लेकिन जारी” बताई जा रही है।
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Italy में पाकिस्तानियों को कार में बंद करके कौन जला रहा? 4 लोगों की मौत के बाद जांच जारी

Italy में पाकिस्तानियों को कार में बंद करके कौन जला रहा? 4 लोगों की मौत के बाद जांच जारी

Italy के दक्षिणी इलाके कैलाब्रिया (Calabria) में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां चार लोगों के जले हुए शव एक मिनीवैन (छोटी गाड़ी) के अंदर मिले हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन सभी की मौत आग लगने से हुई है और मामले में हत्या की आशंका जताई जा रही है। कैसे हुई घटना? स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना एक पेट्रोल पंप के पास हुई, जहां एक खड़ी मिनीवैन में आग लगने के बाद चार लोगों के शव अंदर से बरामद किए गए। पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक गाड़ी पूरी तरह जल चुकी थी। CCTV फुटेज के आधार पर जांच में यह शक गहराया है कि कुछ लोगों ने गाड़ी के दरवाजे बाहर से बंद किए और अंदर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाई, जिसके बाद वे मौके से फरार हो गए। कौन थे पीड़ित? प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मृतक चारों लोग पाकिस्तानी मूल के खेतिहर मजदूर (farm workers) थे, जो इलाके में काम कर रहे थे। हालांकि, अभी अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से उनकी पहचान की पुष्टि पूरी तरह से नहीं की है। जांच में क्या सामने आया? इटली पुलिस ने मामले को गंभीर हत्या (murder) मानते हुए जांच शुरू कर दी है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, इस मामले में दो पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में भी लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह घटना आपसी रंजिश, काम के बंटवारे या प्रवासी मजदूरों के बीच तनाव से जुड़ी हो सकती है, लेकिन अभी सभी पहलुओं की जांच जारी है।
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ICC के नए नियम: क्रिकेट में बड़ा बदलाव, खेल और खिलाड़ियों पर होगा असर? जानें कब से लागू होंगे

ICC के नए नियम: क्रिकेट में बड़ा बदलाव, खेल और खिलाड़ियों पर होगा असर? जानें कब से लागू होंगे

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने हाल ही में खेल के नियमों और Playing Conditions में कई बड़े बदलावों को मंजूरी दी है। इन नए नियमों का असर टेस्ट, ODI और T20 तीनों फॉर्मेट पर देखने को मिलेगा। इन बदलावों का मकसद खेल को और ज्यादा तेज, पारदर्शी और आधुनिक बनाना बताया जा रहा है। क्या हैं ICC के नए बड़े नियम? ICC के नए नियमों में कुछ अहम बदलाव शामिल हैं: कब से लागू होंगे नए नियम? ICC द्वारा जारी जानकारी के अनुसार: खेल पर क्या होगा असर? इन बदलावों का सीधा असर मैच की रणनीति और खिलाड़ियों की भूमिका पर पड़ेगा:
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Twisha केस: पति और सास को जेल भेजा गया, CBI ने रिमांड नहीं मांगी

Twisha केस: पति और सास को जेल भेजा गया, CBI ने रिमांड नहीं मांगी; गिरिबाला का बड़ा आरोप – वकील ने समर्थ से की मारपीट

Twisha केस में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अदालत ने आरोपी पति और सास को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की जांच कर रही CBI ने फिलहाल किसी भी तरह की पुलिस रिमांड की मांग नहीं की, जिससे केस की दिशा और तेज हो गई है। यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और हर दिन नए आरोप-प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं। कोर्ट का फैसला और जांच की स्थिति सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों आरोपियों को जेल भेजने का आदेश दिया। वहीं CBI की ओर से रिमांड न मांगने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि अभी कई पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। गिरिबाला का आरोप – वकील पर गंभीर आरोप इस बीच आरोपी पक्ष से जुड़ी गिरिबाला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ट्विशा के वकील ने उनके बेटे समर्थ के साथ मारपीट की है। हालांकि, इस आरोप की अभी तक किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। मामला क्यों है चर्चा में? यह केस लगातार इसलिए सुर्खियों में है क्योंकि इसमें: जांच जारी, कई सवाल अनसुलझे CBI फिलहाल सभी दावों और सबूतों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले में और ठोस अपडेट सामने आ सकते हैं।
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शादी के बाद भी बेटी का मायके पर हक कायम: सरकार इनकार नहीं कर सकती – सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

शादी के बाद भी बेटी का मायके पर हक कायम: सरकार इनकार नहीं कर सकती – Supreme court का अहम फैसला

Supreme court ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि शादी के बाद भी बेटी का अपने मायके से संबंध खत्म नहीं होता। अदालत ने साफ किया कि बेटी को पैतृक संपत्ति या अधिकारों से पूरी तरह वंचित नहीं किया जा सकता और सरकार इस तरह के अधिकार देने से इनकार नहीं कर सकती। यह टिप्पणी उस मामले की सुनवाई के दौरान आई, जिसमें महिलाओं के संपत्ति और उत्तराधिकार अधिकारों को लेकर सवाल उठे थे। कोर्ट ने अपने विचार में यह स्पष्ट किया कि बेटी सिर्फ शादी के बाद “दूसरे घर की सदस्य” बन जाने से अपने मूल परिवार के अधिकारों से बाहर नहीं हो जाती। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून का उद्देश्य समानता सुनिश्चित करना है और किसी भी स्थिति में बेटी को बेटों के बराबर अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। यह फैसला महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फैसले भविष्य में महिलाओं के संपत्ति अधिकारों को और मजबूत करेंगे और पारिवारिक विवादों में भी स्पष्टता लाएंगे। फिलहाल यह फैसला समाज में बेटियों के अधिकारों को लेकर चल रही बहस को एक नई दिशा देता नजर आ रहा है।
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ममता बनर्जी की TMC में अंदरूनी कलह तेज: क्या बंगाल में भी दोहराएगा महाराष्ट्र जैसा राजनीतिक बिखराव?

ममता बनर्जी की TMC में अंदरूनी कलह तेज: क्या बंगाल में भी दोहराएगा महाराष्ट्र जैसा राजनीतिक बिखराव?

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर कथित मतभेद और नेताओं की नाराजगी की खबरों ने सियासी माहौल को हिला दिया है। सवाल यह उठने लगा है कि क्या बंगाल भी महाराष्ट्र की तरह राजनीतिक टूट का गवाह बनेगा, जैसा शिवसेना और एनसीपी में देखने को मिला था। पार्टी के भीतर कुछ नेताओं के बीच असंतोष की चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि संगठन में फैसलों को लेकर मतभेद बढ़ रहे हैं, जिससे अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। हालांकि, TMC की ओर से अभी तक किसी बड़े टूट या विभाजन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह असंतोष बढ़ता है, तो यह आने वाले चुनावों में पार्टी की रणनीति और एकजुटता पर असर डाल सकता है। वहीं, विपक्षी दल इस स्थिति को TMC की कमजोरी के रूप में पेश करने की कोशिश कर सकते हैं। ममता बनर्जी, जो लंबे समय से पार्टी की मजबूत नेता मानी जाती हैं, फिलहाल संगठन को एकजुट रखने की कोशिश में लगी हुई हैं। लेकिन राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाएं इस बात को हवा दे रही हैं कि सब कुछ उतना आसान नहीं है जितना बाहर से दिखता है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह सिर्फ अंदरूनी असहमति है या किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत। आने वाले दिन यह तय करेंगे कि बंगाल की राजनीति किस दिशा में जाएगी।
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Rajat Patidar: कहानी उस शांत कप्तान की जिसने RCB को IPL चैंपियन बनाया, लेकिन चर्चा फिर भी कम है

Rajat Patidar: कहानी उस शांत कप्तान की जिसने RCB को IPL चैंपियन बनाया, लेकिन चर्चा फिर भी कम है

IPL में हर साल किसी न किसी खिलाड़ी या कप्तान की खूब चर्चा होती है, लेकिन इस बार एक नाम लगातार सुर्खियों में होकर भी “कम शोर” में रह गया — वह हैं Rajat Patidar। जहां विराट कोहली, बड़े सितारे और टीम की जीत की कहानियां छाई रहीं, वहीं पाटीदार ने चुपचाप अपनी कप्तानी से एक ऐसी टीम खड़ी कर दी जिसने RCB को ऐतिहासिक सफलता दिलाई। कैसे बने रजत पाटीदार RCB के कप्तान? रजत पाटीदार का IPL सफर आसान नहीं रहा। इसी भरोसे के दम पर RCB ने उन्हें कप्तानी सौंपी — और यहीं से कहानी बदल गई। कप्तान बनते ही बदल गई RCB की किस्मतकप्तान बनने के बाद पाटीदार ने टीम को एक नई दिशा दी: नतीजा यह हुआ कि RCB ने लंबे इंतजार के बाद IPL खिताब अपने नाम किया। जीत के बाद भी क्यों कम हो रही चर्चा? RCB की जीत के बाद भी पाटीदार की चर्चा उतनी नहीं हो रही, जितनी होनी चाहिए थी। इसके पीछे कुछ कारण हैं: खास बात जो उन्हें अलग बनाती हैरजत पाटीदार की सबसे बड़ी ताकत उनकी सादगी है। ना ज्यादा बयानबाजी यही वजह है कि वह “कम बोले लेकिन बड़ा असर छोड़ने वाले कप्तान” बनकर उभरे हैं।
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ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर सरकार और विपक्ष क्यों आमने-सामने? समझिए पूरा मामला

ग्रेट nicobar प्रोजेक्ट पर सरकार और विपक्ष क्यों आमने-सामने? समझिए पूरा मामला

ग्रेट nicobar प्रोजेक्ट एक बार फिर देश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है। एक तरफ सरकार इसे देश के विकास और रणनीतिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी बता रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष और कुछ पर्यावरण विशेषज्ञ इसे पर्यावरण और आदिवासी समुदाय के लिए खतरा मान रहे हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर विवाद है क्या। क्या है ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट? ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के ग्रेट निकोबार आइलैंड में प्रस्तावित एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसके तहत: बनाने की योजना है। सरकार का कहना है कि यह प्रोजेक्ट भारत की समुद्री ताकत और व्यापार को मजबूत करेगा। सरकार का पक्ष क्या है? सरकार इस प्रोजेक्ट को “गेम चेंजर” मानती है। इसके पीछे प्रमुख तर्क हैं: सरकार का दावा है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को लंबे समय में बड़ा फायदा मिलेगा। विपक्ष क्यों कर रहा है विरोध? विपक्ष और पर्यावरण विशेषज्ञ इस प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं: उनका कहना है कि विकास के नाम पर पर्यावरण और स्थानीय लोगों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। सबसे बड़ा विवाद क्या है? इस पूरे मामले का सबसे बड़ा मुद्दा “विकास बनाम पर्यावरण” है।एक तरफ देश की रणनीतिक जरूरतें हैं, तो दूसरी तरफ प्रकृति और आदिवासी जीवन की सुरक्षा। यही वजह है कि यह प्रोजेक्ट राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है। आगे क्या होगा? आने वाले समय में इस प्रोजेक्ट पर और चर्चाएं और समीक्षा होने की संभावना है। पर्यावरण मंजूरी और स्थानीय लोगों की सहमति इस प्रोजेक्ट की दिशा तय करेगी।
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बस्तर: रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने आरोपी से जेल में रचाई शादी, कोर्ट की अनुमति से लिए सात फेरे

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने बाद में उसी युवक से कोर्ट की अनुमति के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल में विवाह कर लिया। शादी वैदिक रीति-रिवाजों से जेल परिसर में कराई गई, जिसमें दोनों परिवारों के सदस्य, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और जेल प्रशासन मौजूद रहे। हालांकि, विवाह के बाद भी युवक को जेल से रिहाई नहीं मिली है। वह न्यायिक हिरासत में रहेगा और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उसकी रिहाई पर फैसला होगा। प्रेम संबंध से शुरू हुई कहानी, कानूनी विवाद तक पहुंची जानकारी के अनुसार, मनमती कश्यप और सुरेश सेठिया जगदलपुर के एक पेट्रोल पंप पर साथ काम करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों विवाह करना चाहते थे, लेकिन युवक के परिजनों ने इस रिश्ते का विरोध किया। युवती का आरोप है कि सुरेश ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में परिवार के दबाव में शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद युवती ने परपा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवक को गिरफ्तार किया। SC/ST एक्ट सहित अन्य धाराएं लगने के कारण वह पिछले सात महीने से जेल में बंद है। जेल में भी मिलती रही युवती जेल में बंद रहने के दौरान मनमती कई बार सुरेश से मिलने पहुंची। दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने और विवाह करने का निर्णय लिया। इसके बाद युवती ने अधिवक्ता की मदद से अदालत में आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि दोनों अपनी इच्छा से विवाह करना चाहते हैं। अदालत ने आवेदन पर सुनवाई के बाद जेल प्रशासन को नियमों के अनुसार विवाह कराने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश पर जेल में सजा मंडप कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल परिसर में विवाह की तैयारियां की गईं। जेल प्रशासन ने मंडप बनवाया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोनों का विवाह संपन्न कराया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। विवाह समारोह में दोनों परिवारों के सदस्य, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। युवती बोली- समाज में सम्मान बचाने के लिए दर्ज कराई थी FIR मनमती कश्यप ने बताया कि जब सुरेश ने शादी से इनकार किया तो समाज में उनकी बदनामी हुई और इसी कारण उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बाद में दोनों के बीच बातचीत हुई और उन्होंने आपसी सहमति से विवाह करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि अब उनकी इच्छा है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके पति जल्द जेल से बाहर आएं। युवक ने कहा- अब दोनों ने मिलकर लिया फैसला सुरेश सेठिया ने कहा कि पारिवारिक विरोध के कारण स्थिति बिगड़ गई थी। बाद में दोनों ने बातचीत कर विवाद सुलझाया और अदालत की अनुमति से शादी कर ली। उन्होंने कहा कि अब वे कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। जेल अधीक्षक बोले- पहली बार हुआ ऐसा विवाह जगदलपुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक एस.एल. नायर ने बताया कि जेल में विवाह का यह पहला मामला है। अदालत के आदेश और जेल नियमावली के तहत सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर विवाह कराया गया। वहीं, अधिवक्ता अवधेश झा ने बताया कि दोनों बालिग हैं और संयुक्त आवेदन के आधार पर विशेष न्यायालय ने विवाह की अनुमति दी थी। छत्तीसगढ़, बस्तर और देश की ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

गुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में दो चोरी की वारदात, यात्रियों के लाखों के सामान पर हाथ साफ

गुना। मध्य प्रदेश के गुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में चोरी की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। दोनों मामलों में अज्ञात चोर यात्रियों के सिरहाने रखे लेडीज पर्स चोरी कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर जीआरपी थाना गुना ने दोनों प्रकरणों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना: लाखों के जेवर, मोबाइल और नकदी चोरी पहली घटना में रीवा जिले के बदराव निवासी पंकज चतुर्वेदी अपनी पत्नी अपर्णा और बच्चों के साथ ट्रेन संख्या 08611 से दमोह से कोटा (सोगरिया) की यात्रा कर रहे थे। बताया गया कि तड़के करीब 4:15 बजे, जब ट्रेन गुना रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी बी-1 कोच की सीट नंबर 7 पर सो रही उनकी पत्नी के सिरहाने रखा लेडीज पर्स चोरी हो गया। पीड़ित के अनुसार पर्स में सोने की एक चेन, तीन सोने की अंगूठियां, तीन मोबाइल फोन, एक हाथ घड़ी और 6 हजार रुपये नकद रखे थे। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार चोरी गए सामान की कीमत करीब 2.75 लाख रुपये आंकी जा रही है। वहीं एफआईआर में सोने की चेन, तीन अंगूठियों की कीमत 62 हजार रुपये तथा नकदी का उल्लेख किया गया है। चोरी हुए मोबाइल में वनप्लस 9 प्रो, ओप्पो और वीवो कंपनी के फोन शामिल हैं। पीड़ित ने पहले कोटा जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई थी। घटना गुना रेलखंड की होने के कारण मामला जीआरपी थाना गुना को स्थानांतरित कर दिया गया। दूसरी घटना: नकदी और मोबाइल लेकर फरार हुए चोर दूसरे मामले में भिंड निवासी धर्मेंद्र सिंह मौर्य (39) अपनी पत्नी के साथ ट्रेन संख्या 11085 के एस-1 कोच में ग्वालियर की यात्रा कर रहे थे। गुना स्टेशन के पास उनकी नींद खुली तो सिरहाने रखा लेडीज पर्स गायब मिला। पर्स में करीब 16 हजार रुपये कीमत के दो मोबाइल, 7,200 रुपये नकद और कई जरूरी दस्तावेज रखे थे। इस मामले में पहले ग्वालियर जीआरपी में शून्य एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे बाद में जांच के लिए जीआरपी थाना गुना भेज दिया गया। जीआरपी ने शुरू की जांच जीआरपी थाना गुना ने दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(सी) के तहत प्रकरण दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में लगे सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। मध्य प्रदेश, गुना और रेलवे से जुड़ी ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CJI सूर्यकांत की सफाई: CJP लाठीचार्ज मामले में सुनवाई से इनकार नहीं किया, मीडिया रिपोर्टों को बताया गलत

नई दिल्ली। भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस लाठीचार्ज और ज्यादती से जुड़ी किसी याचिका की सुनवाई से इनकार नहीं किया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं की गई थी, इसलिए सुनवाई से इनकार करने का सवाल ही नहीं उठता। मीडिया रिपोर्टों पर जताई नाराजगी CJI सूर्यकांत ने उन मीडिया रिपोर्टों की आलोचना की, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने CJP प्रदर्शन से जुड़े मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मीडिया ने गलत रिपोर्ट किया कि मैंने मामले को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया। पिछले दो दिनों से पूरी तरह गलत जानकारी दी जा रही है। जबकि इस मामले में एक भी पन्ना दाखिल नहीं हुआ था। केवल एक प्रतिनिधित्व भेजा गया था, जिसे मिश्रा या किसी अन्य व्यक्ति ने प्रस्तुत किया था।” पहले वीडियो देखने पर की थी टिप्पणी इससे पहले बुधवार को अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा ने दिल्ली में CJP के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई के मामले में तत्काल सुनवाई की मौखिक मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल थे, के समक्ष यह अनुरोध रखा गया था। सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है। जब वकील ने दूसरी बार वीडियो देखने का आग्रह किया, तो उन्होंने कहा कि अदालत और अपना समय व्यर्थ न करें। इसी टिप्पणी के बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया, जिस पर अब CJI ने स्थिति स्पष्ट की है। कैसे चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’? कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत मई 2026 में सोशल मीडिया पर हुई थी। इसका नाम CJI सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद चर्चा में आया और देखते ही देखते यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान युवा वकीलों की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा था कि कई युवा रोजगार के अभाव में सोशल मीडिया और RTI एक्टिविज्म की ओर बढ़ रहे हैं। इसी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से अभियान शुरू हुआ, जिसने बाद में एक बड़े ऑनलाइन आंदोलन का रूप ले लिया। अधिक राष्ट्रीय, न्यायपालिका और राजनीति से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

राहुल गांधी ने घायल छात्र के साथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा’

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने आवास 10 जनपथ पर NEET परीक्षा से जुड़े विरोध प्रदर्शन में घायल हुए छात्र साहिल लोचाब के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि “धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। वे देश की शिक्षा व्यवस्था के ध्वस्त होने का प्रतीक बन चुके हैं। उन्हें अपने पद से हटना ही होगा। उनकी नीतियों की वजह से हजारों छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।” प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने घायल छात्र के हाथ, पीठ और छाती पर लगे घाव भी दिखाए। उन्होंने कहा कि साहिल शांतिपूर्ण तरीके से हाथ में तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तभी उन्हें पैलेट गन का सामना करना पड़ा। NEET पेपर लीक के विरोध में हुआ था प्रदर्शन 20 जुलाई को NEET पेपर लीक मामले के विरोध में छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा संसद मार्च निकाला गया था। इस दौरान जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें 100 से अधिक छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। साहिल लोचाब भी इसी घटना में गंभीर रूप से घायल हुए। साहिल लोचाब की आंख की रोशनी जाने का खतरा 19 वर्षीय साहिल लोचाब दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ के निवासी हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) के छात्र हैं। प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन लगने से उनकी दाहिनी आंख गंभीर रूप से घायल हो गई। उनका इलाज AIIMS के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में किया गया, जहां उनकी सर्जरी भी हुई। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया है कि घायल आंख की रोशनी वापस आने की संभावना केवल 1 प्रतिशत है, क्योंकि आंख की पुतली को गंभीर नुकसान पहुंचा है। परिवार ने क्या कहा? साहिल की मां ज्योति ने बताया कि उनका बेटा पहले भी छात्र आंदोलनों में हिस्सा ले चुका था। उन्होंने कहा कि साहिल का मानना था कि NEET से जुड़ा यह मुद्दा उसके भविष्य और शिक्षा से सीधे जुड़ा है। परिवार के अनुसार, साहिल का सपना पुलिस अधिकारी बनने का है। अधिक राष्ट्रीय, राजनीति और शिक्षा से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Rahul Gandhi

Education पर Rahul Gandhi का बड़ा बयान, Dharmendra Pradhan को बताया ‘क्रिमिनल शिक्षा मंत्री’

देश में शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। Rahul Gandhi ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय की कथित लापरवाही के कारण हजारों छात्र परेशान हैं और अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। Rahul Gandhi ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें “क्रिमिनल शिक्षा मंत्री” बताया और कहा कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था, छात्रों की समस्याओं और सरकार की जवाबदेही को लेकर केंद्र पर कई सवाल उठाए। Student Protest को लेकर राहुल का बड़ा हमला राहुल गांधी ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भरोसा प्रभावित हुआ है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जिन छात्रों ने मेहनत करके अपने भविष्य के लिए तैयारी की, उन्हें अब अनिश्चितता और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से छात्रों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की। घायल छात्र की चोट दिखाकर सरकार को घेरा प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने एक घायल छात्र का मुद्दा उठाया। उन्होंने छात्र की टी-शर्ट उठाकर उसकी चोट दिखाई और आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में छात्र घायल हुआ। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनकी मांगों पर बातचीत करे। Education System पर उठे सवाल राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों में छात्रों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह छात्रों की परेशानियों को नजरअंदाज कर रही है और जिम्मेदारी तय करने से बच रही है। Dharmendra Pradhan पर बढ़ा राजनीतिक दबाव राहुल गांधी के बयान के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष लगातार शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है। वहीं, इस मामले में सरकार और बीजेपी की प्रतिक्रिया का इंतजार है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में संसद और चुनावी राजनीति में बड़ा विषय बन सकते हैं। छात्रों के भविष्य को लेकर जारी है बहस शिक्षा किसी भी देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा सबसे अहम मुद्दा है। यही वजह है कि परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्रों की सुरक्षा जैसे सवालों पर लगातार चर्चा हो रही है। राहुल गांधी के इस हमले के बाद अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम और विपक्ष के आगे के रुख पर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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