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खंडवा बीजेपी में संगठन विस्तार तेज, अनूप पटेल बने ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में भाजपा संगठन ने मोर्चा स्तर पर नई नियुक्तियों का दौर शुरू कर दिया है। एससी और एसटी मोर्चा के बाद अब ओबीसी मोर्चा की कमान अनूप पटेल को सौंपी गई है। अनूप पटेल को मंत्री विजय शाह का करीबी माना जाता है और वे फिलहाल पुरानी कार्यकारिणी के अनुसार युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। कुनबी पटेल समाज को साधने की रणनीति भाजपा का यह फैसला राजनीतिक नजरिए से भी अहम माना जा रहा है। पार्टी ने ओबीसी मोर्चा की जिम्मेदारी देकर कुनबी पटेल समाज को साधने की कोशिश की है। दरअसल, कांग्रेस भी इस समाज पर फोकस कर रही है और जिला कांग्रेस कमेटी ने अपने दो ब्लॉक अध्यक्ष इसी समाज से बनाए हैं। इसी के जवाब में भाजपा ने भी संतुलन साधते हुए अनूप पटेल को यह अहम जिम्मेदारी दी है। अन्य दावेदारों पर असर अनूप पटेल के ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष बनने के बाद अब पटेल समाज से जुड़े अन्य युवा नेताओं की दावेदारी कमजोर पड़ सकती है। खासकर मोर्चा संगठनों में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे कार्यकर्ताओं के लिए यह फैसला झटका माना जा रहा है। युवा मोर्चा में भी मुकाबला दिलचस्प इधर, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष पद को लेकर भी खींचतान जारी है। सांसद समर्थक सागर आरतानी के सामने पटेल समाज के ही शुभम पटेल मजबूत दावेदार के रूप में उभरे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े शुभम पटेल का युवाओं के बीच अच्छा नेटवर्क और जमीनी पकड़ मानी जाती है। छात्र राजनीति के जरिए उन्होंने मजबूत पहचान बनाई है। संगठन में बदलता ट्रेंड भाजपा संगठन में इन दिनों पेशेवर और प्रभावशाली चेहरों को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे में कई जगहों पर पुराने और जमीनी कार्यकर्ताओं के उपेक्षित होने की चर्चा भी तेज हो गई है। खंडवा में ये नई नियुक्तियां आने वाले समय में संगठन और राजनीतिक समीकरणों को किस तरह प्रभावित करेंगी, इस पर सबकी नजर बनी हुई है। 👉 राजनीति और प्रदेश की हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें —www.deshharpal.com
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ग्वालियर केंद्रीय जेल में अवैध गतिविधियों का वीडियो वायरल, न्यायिक जांच के आदेश

मध्य प्रदेश के ग्वालियर केंद्रीय जेल से जुड़ा एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने जेल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पूरे मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। क्या है वीडियो में? बताया जा रहा है कि यह वीडियो एक जेल प्रहरी और एक बंदी द्वारा साझा किया गया है। इसमें जेल के अंदर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, कैदियों की प्रताड़ना, नशे की सप्लाई, पैसे लेकर बैरक बदलने और यहां तक कि वेश्यावृत्ति जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। खाने-पीने की चीजों में भी वसूली वीडियो में दावा किया गया है कि कैदियों से खाने-पीने की चीजों के लिए तय दरों से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं।आरोपों के मुताबिक— नशा और अन्य अवैध सुविधाओं के आरोप वीडियो में यह भी आरोप लगाया गया है कि जेल के अंदर पैसे देकर नशा उपलब्ध कराया जाता है। यहां तक कि ज्यादा पैसे देने पर वेश्यावृत्ति जैसी सुविधाएं मिलने की बात भी सामने आई है। नए कैदियों से प्रताड़ना के आरोप वीडियो में कहा गया है कि नए कैदियों को पैसे के लिए प्रताड़ित किया जाता है। जब तक उनके घर से पैसे नहीं आते, तब तक उन्हें मारपीट और जबरन काम कराया जाता है। कुछ कैदियों द्वारा आत्महत्या करने के आरोप भी सामने आए हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। बैरक बदलने के लिए लाखों की मांग आरोप है कि हवालात से दूसरी बैरक में शिफ्ट होने के लिए 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की मांग की जाती है।एक कैदी ने दावा किया कि उसने 50 हजार रुपये देकर अपनी बैरक बदलवाई। प्रशासन की कार्रवाई और जांच वीडियो सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने संबंधित प्रहरी को निलंबित कर दिया है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि उसकी बयानबाजी से जेल की छवि खराब हुई है। वहीं, जिला एवं सत्र न्यायालय के रजिस्ट्रार भूपेंद्र कुशवाह ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। अब सभी आरोपों की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जाएगी। 👉 ऐसी ही सटीक और भरोसेमंद खबरों के लिए विजिट करें — मध्य प्रदेश के ग्वालियर केंद्रीय जेल से जुड़ा एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने जेल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पूरे मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। क्या है वीडियो में? बताया जा रहा है कि यह वीडियो एक जेल प्रहरी और एक बंदी द्वारा साझा किया गया है। इसमें जेल के अंदर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, कैदियों की प्रताड़ना, नशे की सप्लाई, पैसे लेकर बैरक बदलने और यहां तक कि वेश्यावृत्ति जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। खाने-पीने की चीजों में भी वसूली वीडियो में दावा किया गया है कि कैदियों से खाने-पीने की चीजों के लिए तय दरों से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं।आरोपों के मुताबिक— नशा और अन्य अवैध सुविधाओं के आरोप वीडियो में यह भी आरोप लगाया गया है कि जेल के अंदर पैसे देकर नशा उपलब्ध कराया जाता है। यहां तक कि ज्यादा पैसे देने पर वेश्यावृत्ति जैसी सुविधाएं मिलने की बात भी सामने आई है। नए कैदियों से प्रताड़ना के आरोप वीडियो में कहा गया है कि नए कैदियों को पैसे के लिए प्रताड़ित किया जाता है। जब तक उनके घर से पैसे नहीं आते, तब तक उन्हें मारपीट और जबरन काम कराया जाता है। कुछ कैदियों द्वारा आत्महत्या करने के आरोप भी सामने आए हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। बैरक बदलने के लिए लाखों की मांग आरोप है कि हवालात से दूसरी बैरक में शिफ्ट होने के लिए 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की मांग की जाती है।एक कैदी ने दावा किया कि उसने 50 हजार रुपये देकर अपनी बैरक बदलवाई। प्रशासन की कार्रवाई और जांच वीडियो सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने संबंधित प्रहरी को निलंबित कर दिया है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि उसकी बयानबाजी से जेल की छवि खराब हुई है। वहीं, जिला एवं सत्र न्यायालय के रजिस्ट्रार भूपेंद्र कुशवाह ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। अब सभी आरोपों की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जाएगी। 👉 ऐसी ही सटीक और भरोसेमंद खबरों के लिए विजिट करें —www.deshharpal.com
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सागर में विधायक की बेटी का विवादित वीडियो वायरल, युवक की जूतों से पिटाई; दोनों पक्षों के अलग-अलग आरोप

मध्य प्रदेश के सागर जिले की देवरी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक बृजबिहारी पटेरिया की बेटी प्रियंका पटेरिया एक बार फिर चर्चा में हैं। उनका एक विवादित सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रियंका एक युवक की जूतों से पिटाई करती नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना सोमवार की है, जबकि वीडियो मंगलवार को सामने आया। क्या है पूरा मामला? पीड़ित युवक राजेश शर्मा, जो मढ़ी जमुनिया का रहने वाला है, के अनुसार वह सोमवार को गौरझामर स्थित एक बैंक में काम से गया था। इसी दौरान उसे मैसेज मिला कि प्रियंका पटेरिया उसे बाहर बुला रही हैं। राजेश का कहना है कि जैसे ही वह उनकी कार के पास पहुंचा, प्रियंका कार से उतरीं और बिना कुछ कहे उस पर जूतों से हमला कर दिया। घटना के बाद युवक ने गौरझामर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। प्रियंका पटेरिया ने क्या कहा? दूसरी ओर, प्रियंका पटेरिया ने मारपीट की बात स्वीकार की है, लेकिन इसे अपनी मजबूरी बताया है। उनका आरोप है कि राजेश शर्मा काफी समय से उनका पीछा कर रहा था। प्रियंका के मुताबिक, युवक उनकी कार का पीछा करता था और कई बार खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने की कोशिश भी कर चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि एक साल पहले दर्ज एक एफआईआर में भी राजेश का नाम सामने आया था, लेकिन इसके बावजूद उसकी हरकतें नहीं रुकीं। प्रियंका ने कहा, “मैंने उसे सिर्फ यह पूछने के लिए बुलाया था कि वह ऐसा क्यों कर रहा है, लेकिन बात बढ़ गई।” पुलिस जांच जारी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस फिलहाल खुलकर कुछ भी कहने से बच रही है। हालांकि, शिकायत दर्ज कर ली गई है और वायरल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच जारी है। यह मामला अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। 👉 ऐसी ही ताज़ा और भरोसेमंद खबरों के लिए विजिट करें — www.deshharpal.com
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IPL में ऐतिहासिक डेब्यू: Praful ने पहले ही ओवर में झटके 3 विकेट

IPL में ऐतिहासिक डेब्यू: Praful ने पहले ही ओवर में झटके 3 विकेट

IPL मैच में एक ऐसा पल देखने को मिला, जिसने सभी क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। युवा गेंदबाज Prafulप्रफुल्ल ने अपने डेब्यू मैच के पहले ही ओवर में 3 विकेट लेकर इतिहास रच दिया। ऐसा करने वाले वह IPL के पहले गेंदबाज बन गए हैं। मैच के बड़े मोमेंट्स रिकॉर्ड और खास बातें हर खिलाड़ी अपने पहले मैच को यादगार बनाना चाहता है, लेकिन प्रफुल्ल ने इसे इतिहास में दर्ज करवा दिया। वहीं, वैभव जैसे युवा खिलाड़ी के लिए यह सीखने वाला दिन रहा। क्रिकेट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि हर पल नई कहानी लिखता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar New CM LIVE: नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा, सम्राट चौधरी बनेंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री

Live Update-पटना: बिहार की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Nitish Kumar ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे राज्य में सत्ता परिवर्तन का रास्ता साफ हो गया है। करीब दो दशकों तक बिहार की कमान संभालने के बाद उनका यह फैसला राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। इस्तीफे के तुरंत बाद Bharatiya Janata Party (भाजपा) विधायक दल की बैठक शुरू हुई, जिसमें Samrat Choudhary को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। परंपरा के अनुसार, भाजपा विधायक दल का नेता ही एनडीए सरकार का मुख्यमंत्री बनता है। अब National Democratic Alliance (एनडीए) की बैठक में सम्राट चौधरी के नाम पर अंतिम मुहर लगना लगभग तय माना जा रहा है। इसके बाद वे बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह आज शाम या कल आयोजित हो सकता है, जिसमें केंद्र और राज्य के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस घटनाक्रम के साथ ही बिहार की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। फिलहाल, राज्य में सियासी हलचल तेज है और सभी की नजरें एनडीए की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं। लाइव अपडेट के लिए बने रहें। Bihar CM Nitish Kumar ने अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक कर ली है। इस बैठक के बाद अब वह आज दोपहर 3 बजे के बाद अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं। कैबिनेट बैठक से पहले Nitish Kumar ने Samrat Choudhary के साथ मिलकर B. R. Ambedkar को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह कार्यक्रम बेहद शांत और गरिमामय माहौल में हुआ। राजनीतिक हलकों में इस इस्तीफे को लेकर काफी हलचल है। माना जा रहा है कि इसके बाद बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालांकि अभी तक आगे की रणनीति को लेकर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लंबे समय से बिहार की राजनीति में सक्रिय रहे Nitish Kumar के इस फैसले से राज्य की सियासत में नया मोड़ आ गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और सरकार किस दिशा में आगे बढ़ेगी। इस पूरे घटनाक्रम ने आम लोगों के बीच भी चर्चा तेज कर दी है। लोग जानना चाहते हैं कि इस बदलाव का असर उनके जीवन और राज्य के विकास पर क्या पड़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MP Board Second Exam 2026: 10वीं-12वीं की दूसरी परीक्षा 7 मई से, एक हफ्ते में करें आवेदन

MP Board Second Exam 2026: 10वीं-12वीं की दूसरी परीक्षा 7 मई से, एक हफ्ते में करें आवेदन

मध्य प्रदेश के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्य प्रदेश (MP Board) ने 10वीं और 12वीं की दूसरी परीक्षा (Second Exam) का टाइम टेबल जारी कर दिया है। जो छात्र किसी कारण से पहली परीक्षा में सफल नहीं हो पाए या अपने अंक सुधारना चाहते हैं, उनके लिए यह एक सुनहरा मौका है। बोर्ड के अनुसार, 10वीं और 12वीं की दूसरी परीक्षा 7 मई 2026 से शुरू होगी। खास बात यह है कि इस परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को केवल एक हफ्ते के भीतर आवेदन करना होगा। इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे समय पर फॉर्म भर लें, ताकि यह मौका हाथ से न निकल जाए। इस बार बोर्ड ने छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया को आसान बनाया है। परीक्षा का पूरा शेड्यूल बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा, जहां से छात्र अपने विषय अनुसार तारीख देख सकते हैं। यह दूसरी परीक्षा उन छात्रों के लिए उम्मीद की नई किरण है, जो पहली बार में सफल नहीं हो पाए। सही तैयारी और आत्मविश्वास के साथ छात्र इस बार अच्छे अंक हासिल कर सकते हैं। महत्वपूर्ण बातें: छात्रों और अभिभावकों से अपील है कि वे समय पर आवेदन करें और परीक्षा की तैयारी में जुट जाएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal में भाजपा का संकल्प पत्र जारी: शाह का ममता सरकार पर तीखा हमला

West Bengal में भाजपा का संकल्प पत्र जारी: शाह का ममता सरकार पर तीखा हमला

West Bengal में चुनावी माहौल के बीच Amit Shah ने भारतीय जनता पार्टी का संकल्प पत्र जारी किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की Mamata Banerjee सरकार पर जमकर निशाना साधा। अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार “घुसपैठियों” के सहारे तीसरी बार सत्ता में आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अवैध घुसपैठ एक बड़ी समस्या बन चुकी है, जिसे रोकने के लिए भाजपा सख्त कदम उठाएगी। शाह ने साफ कहा कि अगर भाजपा बंगाल में सत्ता में आती है, तो घुसपैठियों के खिलाफ “Detect, Delete और Deport” की नीति अपनाई जाएगी।उन्होंने कहा कि: भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में बंगाल के विकास, सुरक्षा और रोजगार पर जोर दिया है। शाह ने कहा कि पार्टी राज्य को “घुसपैठ मुक्त” बनाकर यहां के लोगों के अधिकारों की रक्षा करेगी। बंगाल के कई लोगों का मानना है कि राज्य में सुरक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे उनके रोजमर्रा के जीवन से जुड़े हैं। ऐसे में चुनावी वादों से लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। अब देखना होगा कि जनता किस पर भरोसा जताती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan के रक्षा मंत्री का विवादित बयान: इजराइल को बताया ‘कैंसर’, विरोध के बाद पोस्ट हटाई

Pakistan के रक्षा मंत्री का विवादित बयान: इजराइल को बताया ‘कैंसर’, विरोध के बाद पोस्ट हटाई

Pakistan के रक्षा मंत्री Khawaja Asif एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर इजराइल को ‘कैंसर’ जैसा देश बताते हुए बेहद कड़ी टिप्पणी की। इतना ही नहीं, उन्होंने इजराइल बनाने वालों के लिए भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इस बयान के सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाराजगी देखने को मिली। खासतौर पर Israel की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई। बढ़ते विवाद और आलोचना के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री को अपनी पोस्ट हटानी पड़ी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब दुनिया के कई हिस्सों में तनाव पहले से ही बना हुआ है। ऐसे में नेताओं के इस तरह के बयान माहौल को और ज्यादा संवेदनशील बना सकते हैं। आम लोगों का मानना है कि नेताओं को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए, क्योंकि उनके बयान का असर सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आम जनता की भावनाओं पर भी पड़ता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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कुछ मंदिरों में प्रसाद में शराब दी जाती है: सरकार का Supreme Court में बयान

कुछ मंदिरों में प्रसाद में शराब दी जाती है: सरकार का Supreme Court में बयान

देश में आस्था और परंपराओं से जुड़े मामलों पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। सबरीमाला मंदिर से जुड़े केस की सुनवाई के दौरान सरकार ने Supreme Court में एक अहम बात कही है। सरकार ने अदालत को बताया कि देश के कई मंदिरों में प्रसाद के रूप में शराब भी चढ़ाई जाती है और यह वहां की परंपरा का हिस्सा है। ऐसे में कोर्ट यह नहीं कह सकता कि वहां शराब का इस्तेमाल बंद कर दिया जाए। यह सुनवाई केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से जुड़ी है, जहां महिलाओं के प्रवेश और धार्मिक परंपराओं को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस दौरान धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों की सीमा को लेकर भी चर्चा हो रही है। सरकार ने कहा कि भारत में अलग-अलग जगहों पर धार्मिक परंपराएं अलग होती हैं। कुछ मंदिरों में शराब को भी प्रसाद के रूप में स्वीकार किया जाता है। यह सदियों पुरानी मान्यता है, जिसे अदालत बदलने का निर्देश नहीं दे सकती। सरकार का यह भी कहना है कि कोर्ट को धार्मिक परंपराओं में दखल देने से बचना चाहिए, क्योंकि यह लोगों की आस्था से जुड़ा मामला है। सुनवाई के दौरान यह सवाल भी उठा कि क्या अदालत को धार्मिक परंपराओं की समीक्षा करने का अधिकार है। इस पर कोर्ट ने कहा कि उसे संविधान के तहत रिव्यू करने का पूरा अधिकार है। यह मामला सिर्फ सबरीमाला मंदिर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में धार्मिक स्वतंत्रता और परंपराओं के अधिकार से जुड़ा हुआ है। आने वाला फैसला यह तय कर सकता है कि धार्मिक मामलों में कोर्ट की सीमा कहां तक है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IRAN बोला- अमेरिका ने सीजफायर की 3 शर्तें तोड़ीं:अब बातचीत बेकार

IRAN बोला- अमेरिका ने सीजफायर की 3 शर्तें तोड़ीं:अब बातचीत बेकार

Iran और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने साफ कहा है कि अमेरिका ने सीजफायर की तीन अहम शर्तों का उल्लंघन किया है, जिससे अब बातचीत का कोई मतलब नहीं रह गया है। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि जब समझौते की शर्तों का सम्मान ही नहीं किया जाएगा, तो शांति की उम्मीद करना मुश्किल है। इससे दोनों देशों के बीच भरोसा और भी कमजोर हुआ है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने: इन वजहों से ईरान ने बातचीत को “बेकार” बताते हुए सख्त रुख अपना लिया है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, तब तक ईरान के आसपास अमेरिकी सेना तैनात रहेगी। उनका कहना है कि यह कदम सुरक्षा और दबाव बनाए रखने के लिए जरूरी है, ताकि ईरान बातचीत के लिए मजबूर हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयानबाजी के बाद: इस पूरे घटनाक्रम से सबसे ज्यादा चिंता आम नागरिकों को है, क्योंकि हर बार की तरह युद्ध या तनाव का असर सीधे लोगों की जिंदगी और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AAP

Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
IND vs NZ

IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
INDIA Bloc

Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...
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INDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली की। INDIA Bloc के बैनर तले हुई इस रैली में 19 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। रैली का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान ममता बनर्जी का रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर क्या कहा? रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी को हराया गया है। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे का ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत 19 पार्टियों की मौजूदगी दिल्ली की इस रैली में INDIA Bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। SIR विवाद क्या है, जिस पर आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग? इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चाहता है कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर भी दिया जाता है। BJP ने भी निकाला मार्च, दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इसको लेकर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। दिल्ली में एक ही दिन दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रैली और मार्च के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आगे क्या होगा? चुनाव आयोग पर विपक्ष का दबाव जारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc की यह रैली चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा आगे भी उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव की दिशा क्या रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद ट्रम्प के एक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक-दो ठिकानों पर कार्रवाई अभी बाकी है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका 4 नवंबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने वाला है या फिर कोई नया समझौता हो सकता है? Trump-Netanyahu Talk: फोन पर क्या हुई बातचीत? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में ईरान को लेकर आगे की रणनीति और संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। ट्रम्प बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने अभी बाकी नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के एक या दो ठिकानों पर अभी कार्रवाई की जानी बाकी है। इस दौरान उन्होंने पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का भी जिक्र किया। पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक संभावित भूमिगत ठिकाना माना जाता है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यहां परमाणु गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। 4 नवंबर को Iran पर Attack की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर 4 नवंबर की तारीख चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा है। रिपोर्ट्स में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इसी वजह से 4 नवंबर की तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी तक ट्रम्प प्रशासन ने हमले की तारीख या समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अमेरिका की ओर से संभावित हमले की खबरों के बीच ईरान ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान करे, जबकि तेहरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर जोर दे रहा है। Qatar के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ हमले की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान निकल सके। ईरान की ओर से भी बातचीत को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। Strait of Hormuz पर भी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेल आयात और ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी जंग? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रम्प के अगले कदम पर है। नेतन्याहू से बातचीत, ईरान के ठिकानों को लेकर दिया गया बयान और 4 नवंबर को संभावित हमले की रिपोर्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, तो दूसरी तरफ कतर के जरिए कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। अब देखना होगा कि अमेरिका बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालता है या फिर मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य टकराव की स्थिति बनती है। फिलहाल 4 नवंबर को हमले की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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