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Silver ₹1,214 बढ़कर ₹2.51 लाख, Gold ₹347 चढ़कर ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम

Silver ₹1,214 बढ़कर ₹2.51 लाख, Gold ₹347 चढ़कर ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम

आज Gold और Silver के दामों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। बाजार में बढ़ती मांग और वैश्विक हालात के कारण कीमती धातुओं की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। चांदी की कीमत आज ₹1,214 बढ़कर ₹2.51 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई। वहीं, सोने की बात करें तो 10 ग्राम सोने का भाव ₹347 बढ़कर ₹1.52 लाख हो गया है। अगर पूरे साल की बात करें, तो सोना अब तक करीब ₹19,000 तक महंगा हो चुका है। यह बढ़ोतरी आम लोगों के लिए चिंता का कारण बन रही है, खासकर उन परिवारों के लिए जो शादी या निवेश के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता, डॉलर की चाल और निवेशकों का झुकाव सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ने के कारण सोने-चांदी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो थोड़ा सोच-समझकर फैसला लेना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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America ने ईरानी जहाज को रोका, चीन से लौटते वक्त होर्मुज में बढ़ा तनाव

America ने ईरानी जहाज को रोका, चीन से लौटते वक्त होर्मुज में बढ़ा तनाव

दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। America ने चीन से आ रहे ईरान के एक जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है। बताया जा रहा है कि यह जहाज होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी अमेरिकी बलों ने कार्रवाई की। इस घटना के बाद ईरान ने कड़ी नाराजगी जताई है। ईरान के अधिकारियों ने साफ कहा है कि इस कदम का जवाब जल्द दिया जाएगा। उनका कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में तेल की सप्लाई होती है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिंता बढ़ा देती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस मामले पर बनी हुई है कि आगे अमेरिका और ईरान के बीच हालात किस दिशा में जाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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उज्जैन में 40°C के पार तापमान: भीषण गर्मी से इंसान ही नहीं, पुलिस के घोड़े और डॉग भी बेहाल

मध्यप्रदेश के उज्जैन में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे आम लोग ही नहीं, जानवर भी परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि दोपहर में घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। पुलिस लाइन में जानवरों के लिए खास इंतजाम गर्मी को देखते हुए उज्जैन पुलिस लाइन में तैनात घोड़े और डॉग स्क्वाड की विशेष देखभाल की जा रही है। देवास रोड स्थित पुलिस लाइन में 14 घोड़ों और 4 डॉग के लिए कूलर, पंखे और स्प्रिंकलर लगाए गए हैं। उनके रहने की जगह को ठंडा रखने के लिए लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है। AC गाड़ियों में भेजे जा रहे डॉग महाकाल मंदिर और रेलवे स्टेशन जैसी संवेदनशील जगहों पर चेकिंग के लिए जाने वाले डॉग्स को अब केवल एसी गाड़ियों में ही भेजा जा रहा है, ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। खान-पान में भी किया बदलाव भीषण गर्मी को देखते हुए जानवरों की डाइट में भी बदलाव किया गया है। 12 सदस्यीय टीम रख रही खास निगरानी इन जानवरों की देखभाल के लिए 12 लोगों की टीम तैनात की गई है, जो उनकी सफाई, खाना, दवाइयों और नियमित मेडिकल चेकअप का ध्यान रख रही है। पुलिस लाइन के आरआई रंजीत सिंह के अनुसार, गर्मी से बचाव के लिए हर जरूरी इंतजाम किया गया है। रात में थोड़ी राहत, दिन में मुश्किल हालांकि, रात के तापमान में थोड़ी गिरावट आई है। दो दिन पहले जहां न्यूनतम तापमान 23 डिग्री था, वहीं अब यह घटकर 19 डिग्री हो गया है। इससे रात में थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन दिन की तपिश अभी भी लोगों को बेहाल कर रही है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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ग्वालियर किला: रशियन महिला के साथ इन्फ्लुएंसर की अशोभनीय हरकत, वीडियो वायरल

ग्वालियर के ऐतिहासिक किले में घूमने आई एक रशियन महिला पर्यटक के साथ हुई एक शर्मनाक घटना सामने आई है। एक स्थानीय इन्फ्लुएंसर ने “मजाक” के नाम पर महिला के साथ अश्लील टिप्पणी करते हुए वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। बताया जा रहा है कि रूस से आए पर्यटकों का एक दल आगरा से ग्वालियर घूमने पहुंचा था। दोपहर के समय जब वे किले का दौरा कर रहे थे, तभी एक इन्फ्लुएंसर उनसे बातचीत करने लगा। उसने एक विदेशी महिला को रील बनाने के लिए तैयार किया, लेकिन हिंदी भाषा से अनजान होने का फायदा उठाते हुए उसके साथ आपत्तिजनक बातें कही और वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में महिला को इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके साथ क्या कहा जा रहा है। वह मुस्कुराते हुए “यस-यस” कहती नजर आई, जबकि इन्फ्लुएंसर कैमरे पर अश्लील टिप्पणी कर रहा था। सोशल मीडिया पर भड़का गुस्सा वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। यूजर्स का कहना है कि इस तरह की हरकतें न सिर्फ ग्वालियर बल्कि पूरे देश की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और विदेशी पर्यटकों के बीच गलत संदेश देती हैं। पहले भी विवादों में रहा इन्फ्लुएंसर जानकारी के मुताबिक, यह वही इन्फ्लुएंसर है जो पहले भी ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और हाइवे पर हवाई फायरिंग जैसे मामलों को लेकर चर्चा में रह चुका है। अब यह नया वीडियो पुलिस तक पहुंच गया है और मामले की जांच की जा रही है। पर्यटन पर पड़ सकता है असर स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से ग्वालियर की पर्यटन छवि प्रभावित होती है। कई पर्यटक आगरा के बाद सीधे झांसी या ओरछा चले जाते हैं और ग्वालियर में रुकने से बचते हैं। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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Lok Sabha सीटें बढ़ाने वाला बिल गिरा, मोदी सरकार को पहली बड़ी संसदीय हार

Lok Sabha सीटें बढ़ाने वाला बिल गिरा, मोदी सरकार को पहली बड़ी संसदीय हार

Lok Sabha सीटों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा अहम बिल संसद में पास नहीं हो सका। इस बिल को पास करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी, लेकिन सरकार को केवल 298 वोट ही मिल पाए। यानी यह बिल 54 वोटों से गिर गया। यह पहली बार है जब मोदी सरकार किसी बड़े बिल को संसद में पास कराने में नाकाम रही है। सरकार को उम्मीद थी कि उसे पर्याप्त समर्थन मिलेगा, लेकिन विपक्ष के कड़े विरोध और कुछ सहयोगी दलों के रुख के कारण यह संभव नहीं हो पाया। इस बिल का मकसद देश में बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से लोकसभा सीटों का पुनर्गठन करना था, ताकि प्रतिनिधित्व बेहतर हो सके। लेकिन विपक्ष ने इस पर कई सवाल उठाए और इसे लेकर बहस भी काफी तीखी रही। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इस घटना से आने वाले समय में संसद के अंदर सरकार के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं। वहीं, विपक्ष इसे अपनी बड़ी जीत के तौर पर देख रहा है। इस फैसले का असर सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता के प्रतिनिधित्व से भी जुड़ा है। ऐसे में अब लोगों की नजरें इस पर टिकी हैं कि सरकार आगे क्या कदम उठाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Donald Trump की सख्त चेतावनी: IRAN से यूरेनियम हर हाल में लेंगे, समझौता न हुआ तो फिर होगी बमबारी

Donald Trump की सख्त चेतावनी: IRAN से यूरेनियम हर हाल में लेंगे, समझौता न हुआ तो फिर होगी बमबारी

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने Iran को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि किसी भी हाल में ईरान से यूरेनियम लिया जाएगा। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर बुधवार तक दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं होता है, तो मौजूदा सीजफायर खत्म हो सकता है। ऐसे में हालात फिर से बिगड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर नाकेबंदी जारी रहती है, तो अमेरिका दोबारा बमबारी करने से पीछे नहीं हटेगा। उनके इस बयान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर सिर्फ इन दोनों देशों पर ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। आम लोगों के मन में भी यह डर है कि कहीं हालात युद्ध की ओर न बढ़ जाएं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या बुधवार तक कोई समझौता होता है या फिर तनाव और गहरा जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IPL 2026: गुजरात vs कोलकाता आज आमने-सामने, KKR की पहली जीत की तलाश

IPL 2026: गुजरात vs कोलकाता आज आमने-सामने, KKR की पहली जीत की तलाश

IPL 2026 में आज का मैच गुजरात और कोलकाता के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमों की शुरुआत इस सीजन में बिल्कुल अलग रही है। Gujarat Titans ने अपने पिछले मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है। टीम ने दिल्ली और लखनऊ को हराकर मजबूत शुरुआत की है। ऐसे में गुजरात का आत्मविश्वास काफी ऊंचा है। वहीं Kolkata Knight Riders की स्थिति इसके उलट है। टीम अब तक एक भी मैच नहीं जीत सकी है। लगातार हार के कारण टीम पर दबाव बढ़ गया है। आज का मैच उनके लिए “करो या मरो” जैसा हो सकता है। फॉर्म को देखते हुए गुजरात मजबूत नजर आ रही है, लेकिन आईपीएल में कब कौन बाजी मार ले, कहना मुश्किल है। कोलकाता अगर आज जीतती है, तो यह उनके आत्मविश्वास के लिए बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Donald Trump का बड़ा दावा: ईरान यूरेनियम सौंपने को तैयार, ईरानी मीडिया ने बताया ‘हवाई बात’

Donald Trump का बड़ा दावा: ईरान यूरेनियम सौंपने को तैयार, ईरानी मीडिया ने बताया ‘हवाई बात’

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान अब अपने यूरेनियम कार्यक्रम को लेकर समझौता करने के लिए तैयार है। ट्रम्प के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, ईरान की तरफ से इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया गया। ईरानी मीडिया ने साफ शब्दों में कहा कि ऐसी बातें सिर्फ “हवाई किले” हैं और इनका जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है। दरअसल, ईरान का यूरेनियम कार्यक्रम लंबे समय से दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। अमेरिका और कई पश्चिमी देश इसे परमाणु हथियारों की दिशा में उठाया गया कदम मानते हैं, जबकि ईरान बार-बार कहता आया है कि उसका कार्यक्रम केवल ऊर्जा और शांति के उद्देश्य से है। इसी बीच, फारस की खाड़ी में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी तनाव बढ़ता जा रहा है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां किसी भी तरह की अशांति का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आज 40 देशों की एक अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में सुरक्षा, तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस विवाद का शांतिपूर्ण समाधान नहीं निकला, तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ेगा। आम लोगों के लिए इसका मतलब महंगे पेट्रोल-डीजल और बढ़ती महंगाई भी हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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KVS Admission 2026: Class 1 Second Merit List और Lottery Result आज जारी, ऐसे करें चेक

KVS Admission 2026: Class 1 Second Merit List और Lottery Result आज जारी, ऐसे करें चेक

Kendriya Vidyalaya संगठन (KVS) आज कक्षा 1 एडमिशन 2026 के लिए सेकेंड मेरिट लिस्ट और लॉटरी रिजल्ट जारी करने जा रहा है। जिन माता-पिता ने अपने बच्चों का एडमिशन फॉर्म भरा था, उनके लिए आज का दिन काफी अहम है। पहली लिस्ट के बाद अब सेकेंड मेरिट लिस्ट जारी की जा रही है, जिससे उन बच्चों को मौका मिलेगा जिनका नाम पहले चयन में नहीं आया था। कैसे चेक करें KVS Class 1 Result रिजल्ट देखने के लिए पैरेंट्स को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। बस ये आसान स्टेप्स फॉलो करें: Lottery System से होता है चयन केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 1 में एडमिशन लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाता है। इसका मतलब है कि चयन पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से होता है। हर साल हजारों बच्चे आवेदन करते हैं, लेकिन सीटें सीमित होने की वजह से सभी को एडमिशन मिल पाना संभव नहीं होता। जिनका नाम लिस्ट में आए, वे क्या करें? अगर आपके बच्चे का नाम सेकेंड मेरिट लिस्ट में आ जाता है, तो आपको जल्द से जल्द संबंधित स्कूल में जाकर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराना होगा। जरूरी दस्तावेज: एडमिशन की आखिरी प्रक्रिया डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद ही एडमिशन कन्फर्म होगा। तय समय के अंदर प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर सीट किसी दूसरे बच्चे को दी जा सकती है। इसलिए पैरेंट्स को सलाह दी जाती है कि रिजल्ट आते ही तुरंत कार्रवाई करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बिहार में नई सरकार: Samrat Choudhary बने मुख्यमंत्री, दो डिप्टी CM ने भी ली शपथ

बिहार में नई सरकार: Samrat Choudhary बने मुख्यमंत्री, दो डिप्टी CM ने भी ली शपथ

बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Samrat Choudhary ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। उनके साथ विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने डिप्टी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली है। शपथ ग्रहण समारोह में कई बड़े नेता और अधिकारी मौजूद रहे। नई सरकार बनने के बाद लोगों में उम्मीद जगी है कि अब राज्य में विकास के नए काम तेजी से होंगे। सम्राट चौधरी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उन्हें संगठन का मजबूत नेता माना जाता है। मुख्यमंत्री बनने के बाद अब उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। वहीं, विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव का अनुभव सरकार को मजबूती देने में मदद करेगा। राज्य के आम लोगों की नजर अब नई सरकार पर है। लोगों को उम्मीद है कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं पर तेजी से काम होगा। नई सरकार के गठन के साथ ही बिहार में राजनीतिक समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
INDIA Bloc

Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...
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INDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली की। INDIA Bloc के बैनर तले हुई इस रैली में 19 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। रैली का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान ममता बनर्जी का रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर क्या कहा? रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी को हराया गया है। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे का ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत 19 पार्टियों की मौजूदगी दिल्ली की इस रैली में INDIA Bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। SIR विवाद क्या है, जिस पर आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग? इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चाहता है कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर भी दिया जाता है। BJP ने भी निकाला मार्च, दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इसको लेकर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। दिल्ली में एक ही दिन दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रैली और मार्च के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आगे क्या होगा? चुनाव आयोग पर विपक्ष का दबाव जारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc की यह रैली चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा आगे भी उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव की दिशा क्या रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद ट्रम्प के एक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक-दो ठिकानों पर कार्रवाई अभी बाकी है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका 4 नवंबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने वाला है या फिर कोई नया समझौता हो सकता है? Trump-Netanyahu Talk: फोन पर क्या हुई बातचीत? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में ईरान को लेकर आगे की रणनीति और संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। ट्रम्प बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने अभी बाकी नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के एक या दो ठिकानों पर अभी कार्रवाई की जानी बाकी है। इस दौरान उन्होंने पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का भी जिक्र किया। पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक संभावित भूमिगत ठिकाना माना जाता है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यहां परमाणु गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। 4 नवंबर को Iran पर Attack की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर 4 नवंबर की तारीख चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा है। रिपोर्ट्स में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इसी वजह से 4 नवंबर की तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी तक ट्रम्प प्रशासन ने हमले की तारीख या समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अमेरिका की ओर से संभावित हमले की खबरों के बीच ईरान ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान करे, जबकि तेहरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर जोर दे रहा है। Qatar के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ हमले की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान निकल सके। ईरान की ओर से भी बातचीत को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। Strait of Hormuz पर भी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेल आयात और ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी जंग? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रम्प के अगले कदम पर है। नेतन्याहू से बातचीत, ईरान के ठिकानों को लेकर दिया गया बयान और 4 नवंबर को संभावित हमले की रिपोर्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, तो दूसरी तरफ कतर के जरिए कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। अब देखना होगा कि अमेरिका बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालता है या फिर मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य टकराव की स्थिति बनती है। फिलहाल 4 नवंबर को हमले की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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