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दवाओं

Health Update: Alcohol वाली दवाओं पर सरकार सख्त, 12% से ज्यादा Content पर बिना Prescription बिक्री बंद

दवाओं की बिक्री को लेकर सरकार ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब 12 प्रतिशत से ज्यादा Alcohol Content वाली दवाएं बिना डॉक्टर के Prescription के नहीं खरीदी जा सकेंगी। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर Cough Syrup, Tonic और अन्य Liquid Medicines पर देखने को मिलेगा, जिनमें अल्कोहल की मात्रा मौजूद होती है। नए नियमों के बाद मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए भी जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। अब उन्हें ऐसी दवाओं की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा और जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराना होगा। Cough Syrup और Tonic पर बढ़ेगी निगरानी कई कफ सिरप और टॉनिक में अल्कोहल का इस्तेमाल दवा को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किया जाता है। हालांकि, इन दवाओं के गलत इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए सरकार ने इनकी बिक्री पर निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है। अब मेडिकल दुकानदारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 12% से अधिक Alcohol वाली Medicines केवल वैध डॉक्टर की पर्ची के आधार पर ही बेची जाएं। Medical Stores को रखना होगा 3 साल का Record नए नियमों के तहत मेडिकल स्टोर संचालकों को अल्कोहल युक्त दवाओं की खरीद और बिक्री से जुड़ा रिकॉर्ड कम से कम 3 साल तक सुरक्षित रखना होगा। इस रिकॉर्ड में दवा की बिक्री, ग्राहक से जुड़ी जानकारी और Prescription से संबंधित दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। जांच के दौरान अगर संबंधित विभाग रिकॉर्ड मांगता है तो दुकानदारों को इसे उपलब्ध कराना होगा। मरीजों के लिए क्या बदलेगा? आम लोगों के लिए राहत की बात यह है कि सभी दवाओं की खरीद पर नया नियम लागू नहीं होगा। यह नियम केवल उन्हीं दवाओं पर लागू होगा जिनमें अल्कोहल की मात्रा तय सीमा से ज्यादा है। अगर किसी मरीज को ऐसी दवा की जरूरत होगी तो उसे डॉक्टर की सलाह और Prescription लेना जरूरी हो सकता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि दवा का इस्तेमाल सही कारण और सही मात्रा में किया जाए। सरकार ने क्यों लिया यह फैसला? सरकार का उद्देश्य दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकना और Medicine Sale System को ज्यादा सुरक्षित बनाना है। खासतौर पर अल्कोहल वाली दवाओं को लेकर समय-समय पर उठने वाली चिंताओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं की बिक्री में सख्ती से मरीजों को सुरक्षित इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और बिना जरूरत दवाओं के इस्तेमाल पर रोक लग सकेगी। Pharmacy Sector पर भी पड़ेगा असर नए नियमों के बाद Pharmacy Sector में निगरानी और बढ़ जाएगी। मेडिकल स्टोर्स को अब हर बिक्री में नियमों का पालन करना होगा। बिना Prescription के ऐसी दवाएं बेचने पर दुकानदारों को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। कुल मिलाकर, 12% से ज्यादा Alcohol Content वाली Medicines को लेकर सरकार का यह नया नियम मरीजों की सुरक्षा और दवाओं के सही इस्तेमाल की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CM Yogi

UP Politics: हनुमानगढ़ी से Jama Masjid तक छिड़ी बहस, CM Yogi के बयान से गरमाई सियासत

उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर धार्मिक मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। CM Yogi ने समाजवादी पार्टी (SP) पर निशाना साधते हुए हनुमानगढ़ी से जुड़े पुराने विवाद का जिक्र किया। योगी ने सवाल उठाया कि अगर किसी धार्मिक स्थल की मर्यादा का सवाल उठता है, तो क्या वही नियम हर जगह लागू किया जा सकता है? सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या की हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ाने की कोशिश को लेकर पहले विवाद सामने आया था। उन्होंने इस घटना को लेकर सपा पर हमला बोला और कहा कि आस्था से जुड़े स्थानों की अपनी परंपराएं और सम्मान होता है, जिसका पालन किया जाना चाहिए। योगी का SP पर सीधा हमला, उठाया बड़ा सवाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में कहा कि कुछ राजनीतिक दल धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों को अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने सपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकारों में तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया गया। योगी ने सवाल किया कि अगर हनुमानगढ़ी जैसे धार्मिक स्थल पर ऐसी मांग की जा सकती है, तो क्या जामा मस्जिद जैसे दूसरे धार्मिक स्थल पर हनुमान चालीसा पढ़ने की अनुमति दी जाएगी? उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। Ayodhya Politics: धार्मिक मुद्दों पर फिर गर्म हुई सियासत अयोध्या हमेशा से उत्तर प्रदेश की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। राम मंदिर निर्माण के बाद भी अयोध्या से जुड़े कई मुद्दे समय-समय पर राजनीतिक बहस का हिस्सा बनते रहे हैं। योगी आदित्यनाथ के इस बयान को भाजपा समर्थक जहां धार्मिक समानता और परंपराओं की बात बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दे रहा है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर BJP और SP के बीच जुबानी जंग को तेज कर दिया है। CM Yogi ने कानून व्यवस्था और परंपरा पर दिया जोर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी सभी धर्मों की आस्था और कानून व्यवस्था को बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल की गरिमा को बनाए रखना जरूरी है और समाज में शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दे हमेशा चुनावी राजनीति को प्रभावित करते रहे हैं। ऐसे में योगी का यह बयान आने वाले दिनों में सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jagannath Rath Yatra

Jagannath Rath Yatra 2026: Tradition बनाम अलग आयोजन, ISKCON को लेकर पुरी राजा ने उठाई आवाज

भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक Jagannath Puri Rath Yatra को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। पुरी के राजा ने ISKCON (International Society for Krishna Consciousness) की ओर से अलग समय पर रथयात्रा आयोजित किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस मामले में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भगवान जगन्नाथ की सदियों पुरानी परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं की रक्षा करने की अपील की है। पुरी राजा का कहना है कि Jagannath Rath Yatra सिर्फ एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसलिए इससे जुड़े नियमों और परंपराओं का पालन बेहद जरूरी है। ISKCON की अलग रथयात्रा पर क्यों उठा विवाद? ISKCON दुनिया के कई देशों में भगवान कृष्ण और भगवान जगन्नाथ से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करता है। संस्था की ओर से कई जगहों पर Rath Yatra का आयोजन भी किया जाता है। हालांकि, पुरी की मुख्य रथयात्रा की अपनी अलग धार्मिक मान्यता और परंपरागत व्यवस्था है। पुरी राजा ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अलग-अलग समय पर रथयात्रा आयोजित होने से भगवान जगन्नाथ की परंपरा को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि इस विषय पर ध्यान दिया जाए और सदियों से चली आ रही धार्मिक व्यवस्था को सुरक्षित रखा जाए। President और PM को लिखा पत्र, परंपरा बचाने की अपील पुरी राजा की ओर से लिखे गए पत्र में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से अनुरोध किया गया है कि भगवान जगन्नाथ से जुड़ी परंपराओं की गरिमा बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि पुरी की रथयात्रा केवल ओडिशा की पहचान नहीं है, बल्कि देश-विदेश में रहने वाले करोड़ों भक्तों की भावनाओं से जुड़ी हुई है। ऐसे में इससे जुड़े किसी भी बदलाव को संवेदनशीलता के साथ देखा जाना चाहिए। Jagannath Rath Yatra का है ऐतिहासिक महत्व पुरी की जगन्नाथ रथयात्रा भारत के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक आयोजनों में से एक है। हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए पुरी पहुंचते हैं। इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर गुंडिचा मंदिर की ओर जाते हैं। सदियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जाती है। आस्था और Tradition के बीच बढ़ी बहस Jagannath Puri Rath Yatra से जुड़ा यह विवाद एक बार फिर इस बात को सामने लाता है कि धार्मिक परंपराओं और आधुनिक आयोजनों के बीच संतुलन कितना जरूरी है। जहां ISKCON दुनिया भर में भगवान जगन्नाथ और कृष्ण भक्ति का प्रचार करता है, वहीं पुरी की पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े लोग मूल परंपराओं और धार्मिक नियमों को बनाए रखने की मांग कर रहे हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि सरकार और संबंधित पक्ष इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल, Jagannath Puri Rath Yatra Controversy ने धार्मिक और सामाजिक स्तर पर नई चर्चा शुरू कर दी है।
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Ayushi

Mother Murder Case: Ayushi का चौंकाने वाला रवैया, गिरफ्तारी के बाद Police को भी धमकाने का आरोप

किसी भी हत्या के मामले में गिरफ्तारी के बाद आरोपी के चेहरे पर घबराहट, तनाव या पछतावे के भाव देखने को मिलते हैं। लेकिन Ayushi Murder Case में पुलिस के सामने जो तस्वीर आई, उसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। मां की हत्या के आरोप में गिरफ्तार आयुषी ने पूछताछ के दौरान न केवल बेखौफ अंदाज दिखाया, बल्कि कई सवालों पर पुलिस को ही उल्टे जवाब देती रही। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, उसके व्यवहार में अपराधबोध या पछतावे के कोई स्पष्ट संकेत नजर नहीं आए। Police पूछताछ में दिखा अलग ही अंदाज जांच अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आयुषी से कई दौर की पूछताछ की गई। इस दौरान उससे घटना की पूरी जानकारी और हत्या के पीछे की वजह जानने की कोशिश की गई। हालांकि, पूछताछ के दौरान उसका रवैया सामान्य आरोपियों से बिल्कुल अलग दिखाई दिया। सूत्रों का दावा है कि कई सवालों के जवाब देने के बजाय वह बहस करने लगी। कुछ मौकों पर उसने पुलिस टीम से तीखे लहजे में बात की और कथित तौर पर धमकी भरे अंदाज में भी जवाब दिए। अधिकारियों का कहना है कि उसका यह व्यवहार जांच का एक अहम हिस्सा बन गया है। चेहरे पर नहीं दिखा पछतावा पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आयुषी के चेहरे पर किसी तरह की घबराहट या अफसोस नहीं दिखा। यही वजह है कि जांच एजेंसियां अब उसके व्यवहार और मानसिक स्थिति के पहलुओं का भी अध्ययन कर रही हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक मनोवैज्ञानिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। हर एंगल से हो रही है जांच पुलिस केवल आरोपी के बयान पर निर्भर नहीं है। मामले से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल फोन का डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), डिजिटल सबूत और सीसीटीवी फुटेज की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य केवल आरोपी के बयान पर भरोसा करना नहीं, बल्कि हर तथ्य को वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर परखना है। परिवार और परिचितों से भी पूछताछ जांच टीम परिवार के अन्य सदस्यों, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से भी लगातार जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले परिवार में क्या परिस्थितियां थीं और क्या किसी तरह का विवाद या तनाव पहले से मौजूद था। जल्द सामने आ सकती है पूरी सच्चाई पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण रिपोर्ट का इंतजार है। सभी फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्य मिलने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी। इसके बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। फिलहाल Ayushi Murder Case ने लोगों को इसलिए भी चौंकाया है क्योंकि आरोपी का कथित व्यवहार सामान्य आपराधिक मामलों से अलग बताया जा रहा है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir: VIP Darshan Pass System में बड़ा बदलाव, महंत दिनेंद्र दास को मिली अहम जिम्मेदारी

Ram Mandir में VIP दर्शन (VIP Darshan) को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की VIP दर्शन पास जारी करने वाली डिजिटल आईडी निष्क्रिय कर दी है। अब यह जिम्मेदारी ट्रस्ट के वरिष्ठ संत महंत दिनेंद्र दास को सौंपी गई है। ट्रस्ट का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य दर्शन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाना है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब ट्रस्ट से जुड़े कुछ मामलों की जांच जारी है और मंदिर प्रशासन में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए जा रहे हैं। क्यों बदली गई VIP Darshan Pass की व्यवस्था? पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर ट्रस्ट चर्चा में बना हुआ है। मंदिर के प्रशासन, दान प्रबंधन और VIP दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने के बाद ट्रस्ट ने व्यवस्था की समीक्षा की। इसके बाद फैसला लिया गया कि अब VIP पास जारी करने की प्रक्रिया को पहले से अधिक नियंत्रित और पारदर्शी बनाया जाएगा। इसी के तहत चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की डिजिटल आईडी बंद कर दी गईं। इन्हीं आईडी के जरिए अब तक विशिष्ट और सुगम दर्शन के लिए VIP पास जारी किए जाते थे। अब किसके पास होगी VIP Pass जारी करने की जिम्मेदारी? नई व्यवस्था के अनुसार, महंत दिनेंद्र दास अब VIP दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभालेंगे। विशेष परिस्थितियों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उनकी अनुशंसा पर पास जारी किए जाएंगे। ट्रस्ट का मानना है कि इससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और किसी भी तरह के दुरुपयोग की संभावना कम होगी। ट्रस्ट में क्यों हो रहे हैं लगातार बदलाव? VIP पास व्यवस्था में बदलाव केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं है। हाल ही में ट्रस्ट के भीतर कई बड़े बदलाव हुए हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद छोड़ दिए हैं और ट्रस्ट अब प्रशासनिक ढांचे को नए सिरे से मजबूत करने में जुटा है। सूत्रों के अनुसार, भविष्य में मंदिर प्रशासन को अधिक पेशेवर तरीके से संचालित करने के लिए Chief Executive Officer (CEO) नियुक्त करने की तैयारी भी की जा रही है। इससे वित्तीय प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और प्रशासनिक कामकाज को और बेहतर बनाया जा सकेगा। जांच के बीच ट्रस्ट का बड़ा संदेश ट्रस्ट का कहना है कि मौजूदा बदलाव किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए किए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां अपने स्तर पर काम कर रही हैं और ट्रस्ट पूरी तरह सहयोग कर रहा है। इस बीच, राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, जिस पर सुनवाई प्रस्तावित है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और अहम घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। श्रद्धालुओं के लिए क्या बदलेगा? राम मंदिर आने वाले आम श्रद्धालुओं को घबराने की जरूरत नहीं है। सामान्य दर्शन व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। बदलाव केवल VIP दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया में किया गया है। ट्रस्ट का उद्देश्य है कि VIP पास केवल वास्तविक आवश्यकता वाले लोगों को ही मिले और पूरी व्यवस्था पारदर्शी तरीके से संचालित हो। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन लगातार नई सुविधाएं और बेहतर प्रबंधन की दिशा में काम कर रहा है।
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BJP

Delhi MCD Update: BJP में शामिल होगी IVP, 16 पार्षदों के फैसले से AAP को बड़ा झटका

दिल्ली की सियासत में शुक्रवार का दिन बड़ा राजनीतिक संदेश देने वाला साबित हो सकता है। आम आदमी पार्टी (AAP) से अलग होकर बनी इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हिस्सा बनने जा रही है। पार्टी के सभी 16 पार्षद भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस फैसले को सिर्फ एक राजनीतिक विलय नहीं, बल्कि दिल्ली नगर निगम (MCD) की सत्ता और भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम आने वाले नगर निगम चुनावों से पहले भाजपा की स्थिति को और मजबूत कर सकता है, जबकि AAP के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है। AAP से अलग होकर बनी थी IVP दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी के बीच वरिष्ठ नेता मुकेश गोयल समेत 16 पार्षदों ने अलग रास्ता चुना था। इसके बाद इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) का गठन हुआ। नई पार्टी बनने के बाद से ही कई अहम मौकों पर IVP ने भाजपा का समर्थन किया, जिससे दोनों दलों के बीच नजदीकियां लगातार बढ़ती रहीं। अब कई दौर की बातचीत के बाद IVP का भाजपा में विलय लगभग तय हो चुका है। इसके साथ ही पार्टी का अलग राजनीतिक अस्तित्व भी समाप्त हो जाएगा। BJP को कैसे मिलेगा राजनीतिक फायदा? 16 पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद दिल्ली नगर निगम में पार्टी की संख्या और मजबूत होगी। इससे भाजपा को निगम की विभिन्न समितियों, प्रशासनिक फैसलों और संगठनात्मक गतिविधियों में अधिक प्रभाव मिल सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह सिर्फ संख्या बढ़ाने की कवायद नहीं है, बल्कि भाजपा भविष्य की चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए अपने संगठन का विस्तार कर रही है। इससे MCD में पार्टी की पकड़ पहले के मुकाबले और मजबूत होने की संभावना है। क्या AAP के लिए बढ़ेंगी मुश्किलें? IVP का गठन ही AAP के भीतर असंतोष के कारण हुआ था। अब उसी पार्टी का भाजपा में विलय होना आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। पिछले कुछ समय में AAP को कई नेताओं और पार्षदों के पार्टी छोड़ने का सामना करना पड़ा है। ऐसे में 16 पार्षदों का भाजपा के साथ जाना विपक्षी दल के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तर पर चुनौती बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर आने वाले MCD चुनावों और निगम के भीतर होने वाले अहम फैसलों पर भी दिखाई दे सकता है। समझौते के पीछे क्या है रणनीति? सूत्रों के मुताबिक भाजपा और IVP नेतृत्व के बीच पिछले कुछ दिनों से लगातार बातचीत चल रही थी। बताया जा रहा है कि विलय से पहले कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। इसमें IVP के नेताओं को संगठन में उचित जिम्मेदारी देने और भविष्य के नगर निगम चुनावों में मौजूदा पार्षदों को प्राथमिकता देने जैसे बिंदु शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। MCD की राजनीति में बदल सकते हैं समीकरण दिल्ली नगर निगम में पिछले कुछ वर्षों से भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच सीधी राजनीतिक टक्कर देखने को मिलती रही है। ऐसे में IVP का भाजपा में विलय निगम के शक्ति संतुलन को बदल सकता है। भाजपा को जहां संगठनात्मक मजबूती मिलेगी, वहीं AAP को अपनी राजनीतिक रणनीति पर नए सिरे से काम करना पड़ सकता है। आने वाले दिनों में निगम की स्थायी समितियों, वार्ड समितियों और अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। आज होगा औपचारिक विलय जानकारी के अनुसार, भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान IVP के सभी 16 पार्षद औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इसके बाद दिल्ली नगर निगम में भाजपा की स्थिति पहले से अधिक मजबूत मानी जा रही है। राजनीतिक गलियारों में अब नजर इस बात पर रहेगी कि AAP इस झटके का जवाब किस रणनीति से देती है और भाजपा इस नए राजनीतिक समीकरण को आने वाले चुनावों में किस तरह भुनाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Monsoon देशभर में बारिश का दौर, Ghaziabad में कार गड्ढे में गिरी; Uttarakhand में मकान ढहा

देशभर में बारिश का इंतजार अब खत्म हो चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे भारत को कवर कर लिया है। यह किसानों के लिए राहत भरी खबर है, लेकिन कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश अब लोगों की परेशानी का कारण भी बन रही है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सड़क धंसने से एक कार और बाइक गहरे गड्ढे में जा गिरीं, जबकि उत्तराखंड के उत्तरकाशी और टिहरी में भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। IMD ने दी मानसून की आधिकारिक पुष्टि भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के सभी हिस्सों तक पहुंच चुका है। सामान्य समय से पहले पूरे देश में मानसून की एंट्री को कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। अच्छी बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने और जलाशयों में पानी बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, जहां बारिश खेती के लिए वरदान साबित हो सकती है, वहीं कई शहरों और पहाड़ी इलाकों में यह आफत का रूप भी ले रही है। Ghaziabad में सड़क धंसने से मचा हड़कंप उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में लगातार बारिश के बीच एक व्यस्त सड़क अचानक धंस गई। सड़क धंसते ही वहां मौजूद एक कार और एक बाइक गहरे गड्ढे में समा गईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और आसपास का यातायात कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस, नगर निगम और राहत दल मौके पर पहुंचे। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी कमजोर होने से यह घटना हुई। Uttarakhand में बारिश बनी बड़ी चुनौती उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर सबसे ज्यादा पहाड़ी जिलों में देखने को मिल रहा है। उत्तरकाशी और टिहरी में कई स्थानों पर लैंडस्लाइड हुई, जिससे सड़कें बंद हो गईं और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। उत्तरकाशी में पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया। कई इलाकों में मशीनों की मदद से मलबा हटाकर रास्ते खोलने का काम जारी है। कई राज्यों में Heavy Rain Alert IMD ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील भारी बारिश को देखते हुए विभिन्न राज्यों के प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से परहेज करने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों पर ध्यान देने की अपील की है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं। किसानों के लिए राहत, शहरों के लिए चुनौती मानसून का पूरे देश में पहुंचना कृषि क्षेत्र के लिए अच्छी खबर है। इससे खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी और जल संकट से जूझ रहे कई क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर, लगातार हो रही तेज बारिश ने कई शहरों में जलभराव, सड़क धंसने और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं पैदा कर दी हैं। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, होर्मुज स्ट्रेट में दखल पर ‘करारा जवाब’ देने की बात; क्षेत्र में बढ़ा तनाव

तेहरान। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में किसी तरह का हस्तक्षेप किया गया तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, IRGC का कहना है कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे तो होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य स्थिति बहाल होना मुश्किल होगा, जिसका असर वैश्विक व्यापार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। वहीं ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि अमेरिका ने उत्तरी ईरान में चीन और रूस से जुड़े एक रणनीतिक रेलवे पुल पर क्रूज मिसाइल से हमला किया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिका का दावा- 170 से अधिक सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, पिछले दो दिनों में ईरान के 170 से अधिक सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और मिसाइल भंडार, सैन्य स्पीड बोट तथा होर्मुज स्ट्रेट के आसपास मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट वैश्विक बाजार की बढ़ी चिंता होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। फिलहाल अमेरिका और ईरान के दावों तथा सैन्य गतिविधियों पर दुनिया की नजर बनी हुई है। अधिक जानकारी देश-दुनिया और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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Covid-19

Covid-19 Case in Andhra Pradesh: 4 दिन इलाज के बाद मरीज की मौत, 5 Active Cases ने बढ़ाई चिंता

आंध्र प्रदेश में एक बार फिर कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में 46 वर्षीय एक व्यक्ति की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए चार दिनों तक लगातार इलाज किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका। इसी बीच राज्य के दो जिलों से कोरोना के पांच एक्टिव केस सामने आए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। चार दिन तक चला इलाज, आखिर नहीं बच सकी जान स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संक्रमित व्यक्ति को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में उसके कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद डॉक्टरों की टीम लगातार उसका इलाज करती रही। चार दिनों तक चले उपचार के बावजूद मरीज की हालत लगातार गंभीर बनी रही और अंततः उसकी मौत हो गई। अधिकारियों का कहना है कि मरीज की मेडिकल हिस्ट्री की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि संक्रमण के अलावा कोई अन्य गंभीर बीमारी भी उसकी स्थिति पर असर डाल रही थी या नहीं। संक्रमण फैलने से रोकने के लिए कंटेनमेंट जोन में रखा गया कोरोना की पुष्टि होने के बाद मरीज को निर्धारित कंटेनमेंट व्यवस्था के तहत अलग रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग ने उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान शुरू कर दी है। सभी संभावित संपर्कों की जांच और स्वास्थ्य निगरानी की जा रही है ताकि संक्रमण आगे न फैल सके। दो जिलों में 5 Active Cases, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मरीज की मौत के साथ ही राज्य के दो जिलों में कोविड-19 के पांच सक्रिय मामले भी दर्ज किए गए हैं। सभी संक्रमितों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और उनकी नियमित निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन किसी भी नई स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से सतर्क रहने की अपील स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को बुखार, खांसी, गले में दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जरूरत पड़ने पर कोविड जांच कराएं। विशेष रूप से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने, हाथों की सफाई रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता का पालन करने की भी सलाह दी गई है। फिलहाल घबराने की नहीं, सावधानी बरतने की जरूरत विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय घबराने की बजाय सतर्क रहना ज्यादा जरूरी है। कोरोना के मामले अभी सीमित संख्या में हैं, लेकिन समय रहते सावधानी बरतने से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाने की तैयारी में है।
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TMC

TMC Bank Account Case: हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, फ्रीज खातों से खर्च की मिली अनुमति

तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बैंक अकाउंट फ्रीज मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने पार्टी को फ्रीज किए गए बैंक खातों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं। कोर्ट के इस फैसले के बाद TMC अपने संगठन से जुड़े जरूरी खर्चों को पूरा कर सकेगी। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि बैंक खातों का इस्तेमाल पूरी तरह से नियमों और निगरानी के तहत किया जाएगा। खातों से होने वाले हर लेनदेन पर नजर रखी जाएगी, ताकि वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे। TMC को मिली बड़ी राहत, लेकिन रहेगी निगरानी कलकत्ता हाई कोर्ट ने TMC के फ्रीज बैंक अकाउंट्स को सीमित तरीके से दोबारा ऑपरेट करने की अनुमति दी है। अदालत ने साफ किया कि पार्टी इन खातों का इस्तेमाल रोजमर्रा के जरूरी खर्चों और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए कर सकती है। हालांकि, कोर्ट ने इस प्रक्रिया को नियंत्रित रखने के लिए निगरानी व्यवस्था भी तय की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बैंक खातों से होने वाले सभी लेनदेन नियमों के अनुसार हों। क्या है पूरा Bank Account Freeze Case? दरअसल, TMC के कुछ बैंक खातों को जांच और शिकायतों के आधार पर फ्रीज किया गया था। इसके बाद पार्टी ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था। TMC की ओर से दलील दी गई कि बैंक खाते फ्रीज होने से पार्टी के नियमित कामकाज और जरूरी खर्च प्रभावित हो रहे हैं। पार्टी ने अदालत से खातों के संचालन की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने कार्रवाई पर उठाए थे सवाल सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल पूछे थे। अदालत ने जांच एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई के आधार और प्रक्रिया की जानकारी मांगी थी। इसके बाद कोर्ट ने संतुलित फैसला देते हुए TMC को राहत दी, लेकिन साथ ही निगरानी की शर्त भी लागू कर दी। West Bengal Politics में फिर बढ़ी हलचल TMC के बैंक खातों से जुड़ा यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी चर्चा का विषय रहा है। पार्टी ने जहां इसे अपने कामकाज में बाधा बताया, वहीं विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। TMC को राहत जरूर मिली है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी जारी रहेगी। TMC के लिए क्यों अहम है यह फैसला? बैंक खातों के इस्तेमाल की अनुमति मिलने से पार्टी को अपने रोजमर्रा के खर्च, प्रशासनिक काम और संगठनात्मक गतिविधियों को चलाने में मदद मिलेगी। हालांकि, कोर्ट की शर्तों के कारण वित्तीय लेनदेन पर पूरी नजर बनी रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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