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छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: स्टार्टअप-NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़, कर्मचारियों की उम्र सीमा 45 साल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में युवाओं, कर्मचारियों, निर्यात और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन के तहत 500 करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सरकारी और संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत दी गई है। अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। वहीं, छत्तीसगढ़ को प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी गई है। स्टार्टअप और NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़ कैबिनेट ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन को मंजूरी दी है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें औपचारिक रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी दी है। नीति के तहत मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना भी नीति का प्रमुख लक्ष्य होगा। नवा रायपुर में 200 करोड़ की लागत से बनेगा NSTI कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए 10 एकड़ शासकीय भूमि केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को मुफ्त उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और हॉस्टल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। NSTI में हर साल दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों के तहत करीब 1,000 प्रशिक्षुओं और अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी। सरकारी कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 45 साल कैबिनेट ने राज्य शासन के स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के साथ निगम-मंडल, स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी है। अब दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष किए जाने का फैसला लिया गया है। सरकार के इस फैसले से संबंधित कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन करने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकेंगे। इसके लिए राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। दुर्ग में बनेगा नया जिला न्यायालय भवन दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण का रास्ता भी कैबिनेट के फैसले से साफ हो गया है। सरकार ने ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों जमीनों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है। इस फैसले के बाद दुर्ग में आधुनिक सुविधाओं से लैस और सुव्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
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इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस का बड़ा दावा, 24 घंटे में 50 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन

इंदौर। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने बड़ा दावा किया है। पार्टी के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए महज 24 घंटे में 50 हजार से अधिक युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। कांग्रेस का दावा है कि अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा पंजीयन हो चुके हैं। रजिस्ट्रेशन के इस आंकड़े को लेकर बुधवार शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदौर के परदेशीपुरा चौराहे पर जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी मौजूद रहे। परदेशीपुरा चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने युवाओं के बढ़ते रजिस्ट्रेशन को लेकर उत्साह जताया। पार्टी नेताओं ने इसे राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि बताया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बड़ी संख्या में युवाओं और विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन सरकार के प्रति उनके असंतोष को दर्शाता है। पार्टी ने दावा किया कि युवाओं की इस भागीदारी से प्रदेश की भाजपा सरकार में भी हलचल बढ़ी है। छात्रों और युवाओं के मुद्दे उठाने का दावा शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि कांग्रेस लगातार छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाती रही है। उनके मुताबिक, लोकसभा सत्र के दौरान राहुल गांधी ने विद्यार्थियों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया था। चौकसे ने कहा कि इससे छात्रों में यह उम्मीद बनी है कि राहुल गांधी के माध्यम से उनकी समस्याएं भी सामने आएंगी और उनके समाधान की दिशा में आवाज उठेगी। सरकार के रवैये से छात्रों में नाराजगी का दावा चिंटू चौकसे ने भाजपा की दिल्ली और भोपाल सरकार के रवैये को लेकर छात्रों में नाराजगी होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विद्यार्थियों की समस्याओं और उनकी चिंताओं को सरकार तक पहुंचाने का काम करेगी। कांग्रेस के मुताबिक, राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। हालांकि, कार्यक्रम में वास्तविक उपस्थिति और भागीदारी की तस्वीर आयोजन के दिन ही स्पष्ट होगी।
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स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर MP के इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन, भोपाल में सड़क पर बैठे

भोपाल:  मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी है। राजधानी भोपाल में डॉक्टरों का सबसे बड़ा प्रदर्शन कमला पार्क के पास चल रहा है, जहां बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर सड़क पर बैठकर विरोध जता रहे हैं। इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन का असर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी देखने को मिल रहा है। कई अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुई हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। हमीदिया अस्पताल में 12 बजे तक OPD बंद भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बुधवार को दोपहर 12 बजे तक ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। इस दौरान सीनियर डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया। अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे किडनी और लिवर के मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया गया कि हमीदिया अस्पताल में बुधवार को सिर्फ 2 ऑपरेशन हुए, जबकि सामान्य दिनों में यहां 40 से ज्यादा ऑपरेशन किए जाते हैं। इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल के चलते अस्पताल की नियमित व्यवस्थाओं पर इसका असर पड़ा है। कमला पार्क के पास डॉक्टरों का प्रदर्शन भोपाल में कमला पार्क के पास बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने रास्ते को वन-वे कर दिया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से बातचीत कर रहे हैं, ताकि आंदोलन के कारण आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। ‘मांग पूरी होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन’ इंटर्न डॉक्टर सौरभ सोनी ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। डॉक्टरों का कहना है कि स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर सरकार से लंबे समय से मांग की जा रही है। वहीं, डॉ. शालिनी खन्ना ने बताया कि तेज धूप और गर्मी के कारण प्रदर्शन के दौरान काफी परेशानी हो रही है। हालांकि, खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर उन्हें कोई बड़ी दिक्कत नहीं है। उन्होंने बताया कि सीनियर डॉक्टरों, साथी डॉक्टरों और भोपाल के स्थानीय लोगों की ओर से भी प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के लिए खाना भेजा जा रहा है। फिलहाल इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन जारी है और सरकार के साथ बातचीत के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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RTE पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सख्त, सरकार से 3 सप्ताह में मांगा हर स्कूल का पूरा डेटा

रायपुर: छत्तीसगढ़ में राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत बच्चों के प्रवेश और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। नए चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कार्यभार संभालने के पहले ही दिन RTE से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर विस्तृत हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सरकार से छत्तीसगढ़ के हर स्कूल से जुड़ा RTE का पूरा डेटा भी मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी। RTE की धारा 12(1)(c) पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब सीवी भगवंत राव, विकास तिवारी समेत 13 अन्य लोगों ने RTE के क्रियान्वयन को लेकर हाईकोर्ट में अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर की हैं। इन मामलों पर लगातार सुनवाई चल रही है। चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से पूछा कि RTE अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(c) को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए फिलहाल कौन सी SOP यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर लागू है। हर स्कूल की आरक्षित और खाली सीटों का देना होगा ब्योरा हाईकोर्ट ने सरकार को एक विस्तृत चार्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इसमें छत्तीसगढ़ के हर स्कूल में RTE के तहत आरक्षित कुल सीटों की संख्या बतानी होगी। इसके साथ ही सरकार को यह जानकारी भी देनी होगी कि प्रत्येक स्कूल में RTE के तहत कितने बच्चों को प्रवेश दिया गया है और कितनी सीटें अभी खाली हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह हलफनामा और जरूरी चार्ट राज्य सरकार के किसी सक्षम अधिकारी के माध्यम से तीन सप्ताह के भीतर पेश किया जाए। अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को राज्य सरकार की ओर से सरकारी वकील ने अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को निर्धारित करने का अनुरोध किया। सरकार की ओर से कोर्ट को भरोसा दिलाया गया कि तब तक हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन कर लिया जाएगा। इस पर हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से 7 दिन पहले हलफनामा दाखिल किया जाए। साथ ही इसकी एक प्रति याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं को भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। पहले ही दिन RTE मामले पर दिखाई गंभीरता चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने कार्यभार संभालने के पहले दिन डिवीजन बेंच में जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल के साथ कई मामलों की सुनवाई की। इसी दौरान RTE से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई हुई। स्कूली बच्चों के प्रवेश और RTE कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने विस्तृत जानकारी मांगते हुए सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अब सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले हलफनामे और स्कूलवार डेटा पर अगली सुनवाई में कोर्ट की नजर रहेगी।
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इंदौर के साउथ तोड़ा में निगम की रिमूवल कार्रवाई के दौरान हंगामा, एडिशनल DCP को युवक ने दिया धक्का

इंदौर: शहर के साउथ तोड़ा इलाके में बुधवार को नगर निगम की रिमूवल कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हो गया। कार्रवाई का विरोध कर रही भीड़ को हटाने के दौरान पीछे मौजूद एक युवक ने एडिशनल DCP दिशेष अग्रवाल को धक्का दे दिया। धक्का लगने से उनका संतुलन बिगड़ गया और वे जमीन पर गिर पड़े। घटना के तुरंत बाद पुलिस जवानों ने युवक को पकड़ लिया। पुलिस ने मौके से कुल 6 लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। 100 से ज्यादा निगमकर्मी और भारी पुलिस बल रहा तैनात नगर निगम की टीम बुधवार को साउथ तोड़ा में अवैध निर्माण हटाने पहुंची थी। कार्रवाई के लिए 100 से ज्यादा निगमकर्मी, 3 पोकलेन और 6 जेसीबी मशीनें मौके पर पहुंची थीं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 80 से ज्यादा पुलिस जवान और अधिकारी तैनात किए गए थे। निगम के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान 50 शेड और 6 मकानों के अवैध हिस्से हटाए गए। सामान बाहर निकालने को लेकर महिलाओं से हुआ विवाद कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाएं पुलिसकर्मियों से अपना सामान बाहर निकालने को लेकर बहस करने लगीं। महिलाओं का कहना था कि नोटिस में उन्हें सुबह 9 बजे तक का समय दिया गया था। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ता गया और मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इस दौरान कई लोग अपने मोबाइल फोन से कार्रवाई का वीडियो बनाने लगे। भीड़ को पीछे हटाने के दौरान DCP को धक्का स्थिति बिगड़ती देख एडिशनल DCP दिशेष अग्रवाल मौके पर पहुंचे और भीड़ को पीछे हटाने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान उनके पीछे खड़े एक युवक ने उन्हें धक्का दे दिया। अचानक धक्का लगने से उनका संतुलन बिगड़ा और वे जमीन पर गिर गए। पुलिस ने तत्काल युवक को पकड़ लिया। उसके साथ मौजूद एक अन्य युवक समेत कुछ लोगों को भी पुलिस ने अभिरक्षा में लिया। 6 लोगों पर होगी कार्रवाई एडिशनल DCP दिशेष अग्रवाल ने बताया कि रिमूवल कार्रवाई के दौरान कुल 6 लोगों को अभिरक्षा में लिया गया है। सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिए 80 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। पहले जारी किए गए थे नोटिस नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, रिमूवल कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। कार्रवाई के दौरान निगम की टीम ने टेप से नपती कर अवैध निर्माणों को चिन्हित किया और इसके बाद उन्हें हटाया। झोन-11 के झोनल अधिकारी गीतेश तिवारी के मुताबिक, साउथ तोड़ा में 50 शेड और कुछ मकानों के अवैध हिस्से हटाए गए हैं। क्षेत्र में आने वाले दिनों में सड़क निर्माण और चौड़ीकरण का काम प्रस्तावित है। इसी के चलते यह कार्रवाई की गई।
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रायपुर में पुरानी रंजिश को लेकर युवक से मारपीट, बाइक लूटने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर में पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक से मारपीट कर उसकी बाइक लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बदमाशों ने युवक को घेरकर गाली-गलौज की, हाथ-मुक्कों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी देने के बाद उसकी दोपहिया लेकर फरार हो गए। मामले में एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दो बाइक और एक स्कूटी भी जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राज मिश्रा, यश मिश्रा उर्फ रोहन मिश्रा और अभिषेक पटेल उर्फ सोनू के रूप में हुई है। मंदिर के पास युवक को घेरकर की मारपीट पुलिस के अनुसार, बलराम साहू (38) ने 23 अगस्त को डीडीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 19 अगस्त की सुबह करीब 4 बजे वह मोटरसाइकिल से रायपुरा स्थित हटकेश्वरनाथ मंदिर, महादेव घाट गए थे। मंदिर के गेट के पास बाइक खड़ी करने के बाद जब वह वापस लौटे, तभी कुछ युवकों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने पुरानी रंजिश को लेकर उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर हाथ-मुक्कों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। मारपीट में नाक और पैर में आई चोट हमले के दौरान बलराम साहू के नाक और दाहिने पैर में चोट आई। इसके बाद आरोपी उनकी बाइक लेकर मौके से फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने 3 आरोपियों को पकड़ा डीडीनगर थाना पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद राज मिश्रा (22), यश मिश्रा उर्फ रोहन मिश्रा (22) और अभिषेक पटेल उर्फ सोनू (20) को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल दो बाइक और एक स्कूटी बरामद की है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले में फरार चौथे आरोपी की तलाश कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
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रायपुर में रक्षाबंधन पर चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा गया, बच्चों को ढाल बनाकर चुराते थे जेवर; 7 वारदातों का खुलासा

रक्षाबंधन के मौके पर रायपुर के भीड़भाड़ वाले बाजारों में महिलाओं और बच्चों के गले से सोने-चांदी के आभूषण चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। एसीसीयू और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरोह से जुड़ी दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों महिलाओं ने शहर के अलग-अलग इलाकों में चोरी की 7 वारदातें करना स्वीकार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 12 लाख रुपए का सामान, जिसमें लगभग 10 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण भी शामिल हैं, बरामद किया गया है। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान नंदनी राजपूत और सानिया मरकाम के रूप में हुई है। बच्चे के गले से लॉकेट चोरी के बाद खुला मामला रविवार को रक्षाबंधन की खरीदारी के लिए मालवीय रोड पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इसी दौरान पैदल पेट्रोलिंग कर रही पुलिस को एक बच्चे के गले से सोने का लॉकेट चोरी होने की सूचना मिली। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। फुटेज में दो संदिग्ध महिलाएं महिलाओं और बच्चों के आसपास घूमती नजर आईं। हुलिए के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और दोनों महिलाओं को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान शहर में हुई चोरी की अन्य घटनाओं का भी खुलासा हुआ। बच्चों को बनाती थीं चोरी के लिए ढाल पुलिस जांच में सामने आया कि नंदनी अपने बच्चों को साथ लेकर भीड़भाड़ वाले बाजारों में जाती थी। बच्चों के साथ होने के कारण उस पर लोगों को आसानी से शक नहीं होता था। आरोप है कि भीड़ का फायदा उठाकर वह बच्चों के गले से चेन और लॉकेट चोरी करती थी। इसके बाद चोरी के जेवर अपनी साथी सानिया को सौंप देती थी, जो सामान लेकर वहां से निकल जाती थी। 7 वारदातों में 12 लाख का सामान बरामद पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाओं ने गोलबाजार, महादेव घाट, इतवारी बाजार और मेला स्थलों में चोरी की 7 घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 10 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण, 9,700 रुपए नकद, एक एक्टिवा और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 12 लाख रुपए बताई गई है। पति जेल में, पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी नंदनी राजपूत का पति मोहन राजपूत गुढ़ियारी थाने का हिस्ट्रीशीटर है और फिलहाल नारकोटिक एक्ट के मामले में जेल में सजा काट रहा है। पुलिस अब गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और उनकी संभावित दूसरी वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है। त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस ने पैदल पेट्रोलिंग और CCTV निगरानी भी बढ़ा दी है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
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Instagram की दोस्ती पड़ी भारी: खंडवा बुलाकर महिला से दुष्कर्म का आरोप, 7 साल के बेटे से भी मारपीट; अमृतसर से आरोपी गिरफ्तार

खंडवा में Instagram के जरिए हुई दोस्ती के बाद एक शादीशुदा महिला को मिलने के लिए बुलाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में पुलिस ने फरार युवक को पंजाब के अमृतसर से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला के विरोध करने पर आरोपी ने उसके 7 वर्षीय बेटे के साथ भी मारपीट की। आरोपी की पहचान अंकित पिता एरिक मसीह, निवासी पटियाला, पंजाब के रूप में हुई है। घटना 14 जुलाई की बताई गई है। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की थी। साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस होने के बाद पुलिस टीम ने अमृतसर में घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। Instagram पर हुई थी महिला से दोस्ती पुलिस के मुताबिक, आरोपी अंकित और महिला की पहचान Instagram के जरिए हुई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती हो गई। आरोप है कि इसके बाद अंकित ने महिला को मिलने के लिए खंडवा बुलाया। महिला अपने करीब 7 वर्षीय बेटे के साथ खंडवा पहुंची। दोनों सिनेमा चौक स्थित ऐश्वर्य होटल पहुंचे, जहां आरोपी पहले से मौजूद था। होटल में दुष्कर्म का आरोप, विरोध करने पर मारपीट पुलिस के अनुसार, होटल में आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। महिला और उसके बेटे ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने दोनों के साथ मारपीट की। आरोप है कि आरोपी ने महिला के 7 वर्षीय बेटे के साथ भी मारपीट की। घटना के बाद आरोपी होटल से निकलकर फरार हो गया। महिला अपने बेटे के साथ कोतवाली थाने पहुंची और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर सेल की मदद से मिली आरोपी की लोकेशन घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और सोशल मीडिया से जुड़े सुराग जुटाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल की मदद ली गई। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन पंजाब में मिली। इसके बाद पुलिस टीम पंजाब के लिए रवाना हुई और उसकी तलाश शुरू की। अमृतसर में घेराबंदी कर गिरफ्तार किया कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण आर्य के मुताबिक, सब इंस्पेक्टर मनोज दवे और पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। आरोपी के अमृतसर में होने की जानकारी मिलने के बाद टीम ने वहां पहुंचकर घेराबंदी की और अंकित पिता एरिक मसीह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से सावधान रहने की अपील पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती और मुलाकात को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि Instagram, Facebook या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी व्यक्ति से बातचीत होने के बाद उसकी पहचान और पृष्ठभूमि की जानकारी किए बिना उस पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है। किसी अनजान व्यक्ति के बुलाने पर दूसरे शहर जाने से पहले उसकी पहचान और अन्य जरूरी जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है। साथ ही सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से भी बचने की सलाह दी गई है।
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धार में सूरत-कानपुर जा रही यात्री बस में लगी भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर बाहर निकले यात्री

धार जिले के सरदारपुर में सोमवार देर रात सूरत से कानपुर जा रही यात्री बस में अचानक आग लग गई। भोपावर चौकी के पास रात करीब 1 बजे बस से धुआं उठने लगा और कुछ ही देर में आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री मुख्य दरवाजे से बाहर निकल गए, जबकि पीछे बैठे यात्रियों ने खिड़कियों के कांच तोड़कर अपनी जान बचाई। हादसे में कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। बस का नंबर UP 83 BT 3947 बताया गया है। बस गुजरात के सूरत और आसपास के शहरों से यात्रियों को लेकर उत्तर प्रदेश के कानपुर जा रही थी। धुआं भरते ही मची अफरा-तफरी जानकारी के मुताबिक, भोपावर चौकी के पास अचानक बस के अंदर धुआं भरने लगा। यात्रियों को कुछ समझ आता, इससे पहले आग तेजी से फैलने लगी। आग बढ़ते ही यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलना शुरू किया। आगे बैठे यात्री मुख्य गेट से बाहर निकल गए, जबकि पीछे बैठे यात्रियों ने खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर छलांग लगाई। बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद ड्राइवर बस को सड़क पर छोड़कर वहां से चला गया। फायर ब्रिगेड पहुंची, लेकिन पूरी बस जल चुकी थी घटना की जानकारी मिलते ही सरदारपुर एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार और थाना प्रभारी अनिल जाधव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने सड़क के एक हिस्से पर यातायात रोक दिया और वाहनों को दूसरे रास्ते से निकाला। दमकल की टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। दाहोद के पास हुई थी बस की तकनीकी मरम्मत यात्रियों के अनुसार, बस को दाहोद के पास एक होटल पर करीब चार घंटे तक रोका गया था। यहां बस में कुछ तकनीकी मरम्मत भी कराई गई थी। मरम्मत के बाद बस दोबारा कानपुर के लिए रवाना हुई, लेकिन कुछ समय बाद उसमें आग लग गई। हालांकि, बस में आग लगने की वास्तविक वजह अभी सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मां ने पहले बेटे को खिड़की से निकाला हादसे के दौरान कानपुर निवासी नीलम पाल भी अपने 8 वर्षीय बेटे के साथ बस में सफर कर रही थीं। बस में धुआं भरने के बाद उन्होंने पहले अपने बेटे को खिड़की से बाहर निकाला और इसके बाद खुद भी उसी रास्ते से बाहर निकलकर जान बचाई। हालांकि, इस दौरान उनका बैग, नकदी, चांदी की पायजेब और कपड़े बस में ही जल गए। अन्य यात्रियों का सामान भी आग की चपेट में आ गया। यात्रियों को दूसरी बसों से भेजा गया हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने यात्रियों की मदद की। इंदौर की ओर जाने वाली अन्य यात्री बसों को रुकवाकर यात्रियों को उनकी जरूरत और गंतव्य के अनुसार अलग-अलग बसों में बैठाया गया। इसके बाद यात्रियों को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया। पुलिस अब आग लगने की वजह और बस में हुई तकनीकी खराबी की जांच कर रही है।
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छत्तीसगढ़ में NSUI जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर रोक, यूथ कांग्रेस चुनाव के बीच गुटबाजी तेज

छत्तीसगढ़ में यूथ कांग्रेस चुनाव के बीच कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर विवाद सामने आया है। गुटबाजी की शिकायतों के बाद पांच जिलों में की गई NSUI जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई है। बताया जा रहा है कि बिलासपुर NSUI अध्यक्ष रंजित सिंह के भूपेश बघेल गुट के प्रत्याशी सत्येंद्र चेलक के समर्थन में प्रचार करने के बाद संगठन के भीतर विवाद बढ़ा। मामले की शिकायत राष्ट्रीय कार्यालय तक पहुंची, जिसके बाद 20 अगस्त को जारी नियुक्ति आदेश को होल्ड कर दिया गया। अब चर्चा है कि यूथ कांग्रेस चुनाव पूरा होने के बाद ही NSUI के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। 5 जिलों में हुई थी NSUI अध्यक्षों की नियुक्ति NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने 20 अगस्त को पांच जिलों में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति का आदेश जारी किया था। इनमें रंजेश सिंह क्षत्री को बिलासपुर ग्रामीण, समर्थ मिरानी को बिलासपुर शहर, दुर्गांत आर्या को मुंगेली, उस्मान रजा को बालोद और रोशन सिंह ठाकुर को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई का जिला अध्यक्ष बनाया गया था। हालांकि, रविवार को जारी नए आदेश में इन सभी नियुक्तियों को फिलहाल रोक दिया गया है। यूथ कांग्रेस चुनाव का दिया गया हवाला नियुक्तियों पर रोक लगाने वाले आदेश में छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस चुनाव का हवाला दिया गया है। बताया गया कि राष्ट्रीय कार्यालय से चर्चा के बाद 20 अगस्त को जारी किए गए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति आदेश को फिलहाल स्थगित किया जा रहा है। इसके बाद संगठन के भीतर यह चर्चा तेज हो गई है कि NSUI की नई नियुक्तियों का फैसला अब यूथ कांग्रेस चुनाव के बाद ही हो सकता है। रंजित सिंह के समर्थन में सामने आए नेता बिलासपुर NSUI अध्यक्ष रंजित सिंह को हटाकर शहर और ग्रामीण के लिए अलग-अलग जिला अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद संगठन के भीतर विरोध शुरू हो गया था। रंजित सिंह वर्ष 2023 से बिलासपुर NSUI जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सक्रियता दिखाई है। नई नियुक्तियों का बिलासपुर के अलावा रायपुर के कुछ वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा भी विरोध किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद मामला राष्ट्रीय कार्यालय तक पहुंचा और नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई। सत्येंद्र चेलक के प्रचार को लेकर विवाद विवाद की एक बड़ी वजह रंजित सिंह का भूपेश बघेल समर्थित प्रत्याशी सत्येंद्र चेलक के समर्थन में प्रचार करना बताया जा रहा है। रंजित सिंह उनके दौरे के दौरान साथ नजर आए थे। इसी को लेकर संगठन के दूसरे खेमे की ओर से राष्ट्रीय कार्यालय में शिकायत किए जाने की बात सामने आई। हालांकि, इस मामले में अलग-अलग पक्षों के अपने दावे हैं। रंजित सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष पर लगाए गुटबाजी के आरोप रंजित सिंह ने NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गुटबाजी के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि संगठन में फैसले किसी व्यक्ति या गुट के फायदे के लिए नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं और संगठन के हित को ध्यान में रखकर होने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिलासपुर NSUI को शहर और ग्रामीण में बांटकर बिना उनकी जानकारी के नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई। रंजित सिंह ने इस प्रक्रिया को संगठन के नियमों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में NSUI के आंतरिक चुनाव भी होने हैं। ऐसे में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति का फैसला संगठन के चुनाव को प्रभावित कर सकता है। 30 अगस्त से शुरू होना है युवा कांग्रेस का सदस्यता अभियान रंजित सिंह के मुताबिक, 30 अगस्त से युवा कांग्रेस का सदस्यता अभियान भी शुरू होने वाला है। उनका कहना है कि सदस्यता और संगठन चुनाव की प्रक्रिया में कार्यकर्ताओं को अपने नेतृत्व का चुनाव करने का अधिकार मिलना चाहिए। फिलहाल पांच जिलों में NSUI अध्यक्षों की नियुक्ति पर रोक लगने के बाद संगठन के अगले फैसले का इंतजार है। अब देखना होगा कि यूथ कांग्रेस चुनाव के बाद इन नियुक्तियों को बरकरार रखा जाता है या संगठन नए सिरे से फैसला करता है।
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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में सारंग हेलिकॉप्टर टीम दिखाएगी हवाई करतब, रायपुर पहुंचा वायुसेना का दल

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी। टीम सोमवार को रायपुर पहुंच गई। राज्योत्सव के दौरान नवा रायपुर अटल नगर के सेंध लेक क्षेत्र के ऊपर हेलिकॉप्टरों से रोमांचक हवाई करतब दिखाए जाएंगे। तीन दिवसीय आयोजन में होने वाला यह प्रदर्शन दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। स्वदेशी ध्रुव हेलिकॉप्टरों से दिखेगा वायुसेना का कौशल पब्लिक रिलेशन ऑफिसर विंग कमांडर देबर्थो धर ने बताया कि सारंग टीम स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) ध्रुव के जरिए प्रदर्शन करती है। टीम हवा में सटीक उड़ान, हेलिकॉप्टरों के बीच बेहतरीन तालमेल और एक साथ अलग-अलग आकृतियां बनाने के लिए जानी जाती है। प्रदर्शन के दौरान वायुसेना के जवान अपने कौशल, अनुशासन और टीमवर्क का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही स्वदेशी हेलिकॉप्टरों की क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। मोर के रंगों से प्रेरित है सारंग टीम की पहचान सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम के हेलिकॉप्टरों की रंग योजना भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर से प्रेरित है। टीम का ध्येय वाक्य ‘इंस्पायर थ्रू एक्सीलेंस’ है, जिसका अर्थ उत्कृष्टता के जरिए प्रेरित करना है। सारंग टीम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व करती है। अपने समन्वित हवाई प्रदर्शन के जरिए टीम भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता और स्वदेशी तकनीक को प्रदर्शित करती है। युवाओं को विमानन में करियर बनाने की मिलेगी प्रेरणा राज्योत्सव में सारंग टीम का प्रदर्शन आम लोगों के साथ विद्यार्थियों और युवाओं के लिए भी खास रहेगा। दर्शकों को हेलिकॉप्टरों की उड़ान और विमानन की दुनिया को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इस प्रदर्शन के जरिए युवाओं को विमानन क्षेत्र में करियर बनाने और देश की सेवा के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा। राज्योत्सव में सारंग टीम की मौजूदगी आयोजन के रोमांच और आकर्षण को और बढ़ाएगी।

ग्वालियर में पटवारी भर्ती के नाम पर 7 युवाओं से 50 लाख की ठगी, फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर थमाए

ग्वालियर। मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। ग्वालियर में सात बेरोजगार युवाओं को पटवारी बनवाने का झांसा देकर करीब 50 लाख रुपए वसूलने का आरोप है। आरोपियों ने खुद को व्यापमं का कर्मचारी और STF का अधिकारी बताकर युवाओं को भरोसे में लिया। इसके बाद उन्हें फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर दिए गए। नौकरी नहीं मिलने और पैसे वापस न लौटाने पर मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अरविंद नरवरिया, गोवर्धन तोमर और प्रदीप गौतम के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें तलाश में जुटी हैं। जीवाजी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी के जरिए हुई मुलाकात मामले के मुताबिक, जीवाजी यूनिवर्सिटी की लॉ शाखा से जुड़े कर्मचारी राजवीर सिंह तोमर निवासी महलगांव ने सात युवाओं को मुख्य आरोपी अरविंद नरवरिया से मिलवाया था। इनमें रवि शर्मा, शत्रुघ्न शर्मा, पवन कौरव, दिव्यांश शर्मा, जितेंद्र गुर्जर, नागेंद्र चौहान और सतेन्द्र सिंह शामिल हैं। आरोप है कि अरविंद युवाओं को भोपाल ले गया। वहां उसने प्रदीप गौतम का नाम बताते हुए उसे व्यापमं का कर्मचारी बताया और पटवारी की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। कुछ दिन बाद गोवर्धन सिंह तोमर का नाम सामने आया, जिसे STF का अधिकारी बताया गया। प्रति अभ्यर्थी 12 लाख रुपए में हुई थी डील युवाओं को पटवारी की सरकारी नौकरी दिलाने के लिए प्रति अभ्यर्थी 12 लाख रुपए में सौदा तय होने का आरोप है। इसके बाद किसी से दो लाख तो किसी से चार लाख रुपए एडवांस लिए गए। पीड़ितों के मुताबिक, अलग-अलग किस्तों में फोन-पे और बैंक खातों के जरिए रकम जमा कराई गई। कुल मिलाकर करीब 50 लाख रुपए लेने का आरोप है। आरोपियों ने युवाओं को जबलपुर और भोपाल ले जाकर परीक्षा कराने की बात कही। इससे युवाओं को लगा कि भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर दिए युवाओं को भरोसे में लेने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी चयन सूची और जॉइनिंग लेटर भी दिए। वेरिफिकेशन के नाम पर उन्हें कभी भोपाल, कभी जबलपुर और कभी भिंड ले जाया गया। आरोप है कि भिंड कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक सेवा केंद्र पर युवाओं के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन भी कराया गया और उनके हस्ताक्षर लिए गए। इस घटनाक्रम के बाद वहां किसी कर्मचारी की भूमिका को लेकर भी आशंका जताई गई है। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। पैसे वापस मांगे तो नहीं मिली राहत पीड़ितों के मुताबिक, लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें पटवारी की नौकरी नहीं मिली। जब उन्होंने आरोपियों से पैसे वापस मांगे, तो रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया। युवाओं ने धमकियां मिलने का आरोप भी लगाया है। बताया गया है कि यह मामला 16 दिसंबर 2023 से अब तक की अवधि से जुड़ा है। ठगी का मामला सामने आने के बाद युवाओं ने जीवाजी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी राजवीर सिंह तोमर से भी रकम वापस दिलाने की मांग की। तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज शिकायत के बाद ग्वालियर के थाटीपुर थाने में सोमवार को मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, केस में तीन आरोपियों के नाम सामने आए हैं: थाटीपुर थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान के मुताबिक, शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

रूस में नौकरी की तलाश में गया बिलासपुर का युवक लापता, युद्ध में शामिल करने के लिए दबाव बनाने का आरोप

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले का रहने वाला विनीत कुमार दुबे रूस में लापता हो गया है। वह नौकरी की तलाश में रूस गया था, लेकिन परिवार के मुताबिक 7 अक्टूबर के बाद से उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है। विनीत की बहन ने आरोप लगाया है कि उसे रूस में बंधक बनाकर रखा गया और युद्ध में शामिल होने से इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई है। परिवार ने बिलासपुर कलेक्टर और एसएसपी से मुलाकात कर युवक की सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी है। मामले में बिलासपुर पुलिस ने रूसी दूतावास और भारत के विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर विनीत की स्थिति का पता लगाने और उसकी सुरक्षित वापसी में सहयोग मांगा है। टेलीग्राम ग्रुप के जरिए मिली थी नौकरी की जानकारी विनीत कुमार दुबे बिल्हा का रहने वाला है और उसने दसवीं तक पढ़ाई की है। परिवार के मुताबिक, उसे टेलीग्राम के एक ग्रुप के जरिए रूस में नौकरी की जानकारी मिली थी। इसके बाद वह 1 अक्टूबर को मॉस्को पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि रूस पहुंचने के बाद विनीत की मुश्किलें बढ़ने लगीं। उसे भारतीय दूतावास जाने नहीं दिया गया और मॉस्को के एक होटल में रोककर रखा गया। इसके बाद उसे वोल्गोग्राद भेज दिया गया, जहां उसे एक अपार्टमेंट में रखा गया था। कार में बैठाकर ले गए, फिर टूट गया संपर्क विनीत की बहन आशी दुबे के मुताबिक, 7 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे कुछ लोग उसके भाई को कार में बैठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। इसके बाद से परिवार का उससे संपर्क टूट गया। बहन का आरोप है कि विनीत पर रेजिडेंसी हासिल करने और युद्ध में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा था। इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे भूखा रखकर परेशान किया गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि विनीत को ड्रग्स से जुड़े एक मामले में फंसाने की धमकी देकर स्थानीय लोगों की बात मानने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। व्हाट्सएप के जरिए परिवार को मिली जानकारी परिवार के मुताबिक, विनीत के साथ हुई घटनाओं की जानकारी उन्हें किशोर नाम के एक युवक के जरिए मिली। किशोर ने व्हाट्सएप पर परिवार से संपर्क किया था। इसके बाद से परिजन विनीत की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। परिवार ने बिलासपुर कलेक्टर और एसएसपी से मुलाकात कर पूरे मामले में हस्तक्षेप करने और विनीत को सुरक्षित भारत वापस लाने की मांग की है। परिजनों ने केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास से भी मदद की अपील की है। रूसी दूतावास और विदेश मंत्रालय को पुलिस ने लिखा पत्र परिवार की शिकायत के बाद बिलासपुर पुलिस ने रूसी दूतावास और भारत के विदेश मंत्रालय को पत्र भेजा है। पुलिस संबंधित एजेंसियों से विनीत की स्थिति की जानकारी जुटाने और उसकी सुरक्षित वापसी में सहयोग की मांग कर रही है। फिलहाल विनीत कुमार दुबे कहां है और उसकी हालत कैसी है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिवार को उम्मीद है कि संबंधित एजेंसियों की मदद से जल्द उसका पता लगाया जा सकेगा और उसे सुरक्षित भारत लाया जाएगा।
MPWPCL

MPWPCL Achievement: 9,000 महिला एवं जनजातीय किसानों से जुड़े संगठन को मिली नई पहचान

मध्य प्रदेश महिला पोल्ट्री उत्पादक कंपनी लिमिटेड (MPWPCL) के लिए गर्व की बात है। कंपनी से जुड़े डॉ. मृदु पवन हजारिका ,MVSc, मुख्य तकनीकी सलाहकार (Chief Technical Advisor) प्रतिनिधि को जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (NDVSU) डॉ. मृदु पवन हजारिका को सलाहकार MPWPCL में सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है। इस उपलब्धि को ग्रामीण महिलाओं, जनजातीय किसानों और सहकारिता के जरिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की पहचान माना जा रहा है। यह मनोनयन ऐसे समय में सामने आया है, जब ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। उम्मीद है कि इस जिम्मेदारी के जरिए विश्वविद्यालय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले किसान संगठनों के बीच सहयोग को और मजबूती मिलेगी। MPWPCL से जुड़ी हैं करीब 9,000 महिला एवं जनजातीय किसान मध्य प्रदेश महिला पोल्ट्री उत्पादक कंपनी लिमिटेड की शुरुआत ग्रामीण गरीब परिवारों को आजीविका के बेहतर अवसर देने के उद्देश्य से हुई थी। मध्य प्रदेश शासन की जिला गरीबी उन्मूलन पहल (DPIP) के तहत शुरू हुए इस प्रयास में महिला किसानों और जनजातीय समुदायों को खास तौर पर पोल्ट्री व्यवसाय से जोड़ने पर ध्यान दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, MPWPCL के नेटवर्क में 16 सदस्य सहकारी समितियों एवं उत्पादक कंपनियों सहित कुल 17 संगठन शामिल हैं। इस नेटवर्क से करीब 9,000 महिला एवं जनजातीय किसान जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, यह व्यवस्था लगभग 1,000 लोगों को रोजगार देने में भी योगदान करती है। कंपनी का सालाना कारोबार ₹500 करोड़ से अधिक बताया गया है। यह आंकड़ा दिखाता है कि सही मार्गदर्शन, संगठित प्रयास और बाजार से जुड़ाव के जरिए ग्रामीण स्तर पर शुरू की गई पहल किस तरह बड़े व्यवसाय का रूप ले सकती है। NDVSU की Extension Council में क्यों अहम है यह जिम्मेदारी? नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर पशु चिकित्सा और पशुपालन से संबंधित शिक्षा, अनुसंधान तथा तकनीकी जानकारी के प्रसार के लिए जाना जाता है। विश्वविद्यालय की विस्तार परिषद में MPWPCL से जुड़े डॉ. मृदु पवन हजारिका का मनोनयन ग्रामीण किसानों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल बनाने का अवसर प्रदान कर सकता है। पोल्ट्री व्यवसाय में बेहतर उत्पादन, पशु स्वास्थ्य, वैज्ञानिक तरीके और व्यावसायिक प्रबंधन की जानकारी काफी मायने रखती है। ऐसी जानकारी समय पर मिलने से किसानों को अपने काम में सुधार करने और कारोबार को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने में मदद मिल सकती है। इसलिए विश्वविद्यालय और किसान संगठनों के बीच संवाद बढ़ाना केवल संस्थागत उपलब्धि नहीं, बल्कि ग्रामीण स्तर पर काम करने वाले लोगों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। विद्यार्थियों को भी मिल रहा है Practical Experience MPWPCL से वर्ष 2004 से जुड़े रहे प्रतिनिधि के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी जानकारी और व्यावसायिक प्रबंधन को पहुंचाना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसी दिशा में NDVSU के सहयोग से MPWPCL और केसला पोल्ट्री सहकारी समिति (KPS) में विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। इस कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को पोल्ट्री व्यवसाय की वास्तविक कार्यप्रणाली, सहकारी संस्थाओं के प्रबंधन और किसानों के साथ सीधे काम करने का अनुभव मिल सकता है। कक्षा में पढ़ाई गई बातों को जमीन पर समझने का मौका विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी होता है। वहीं, ग्रामीण संगठनों को भी नई पीढ़ी के साथ काम करने और तकनीकी जानकारी साझा करने का अवसर मिलता है। महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण रोजगार को मिलेगी नई दिशा ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का मतलब सिर्फ कमाई करना नहीं, बल्कि अपने परिवार और व्यवसाय से जुड़े फैसलों में अधिक भागीदारी निभाना भी है। MPWPCL जैसे संगठन महिलाओं को सामूहिक रूप से व्यवसाय चलाने, बाजार से जुड़ने और अपनी आजीविका को मजबूत करने का अवसर देते हैं। विस्तार परिषद में मनोनयन से इस तरह के अनुभवों को शैक्षणिक और तकनीकी स्तर पर साझा करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इससे ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने और किसानों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस मनोनयन से जुड़ी उपलब्ध जानकारी में प्रतिनिधि का नाम और परिषद में उनकी विशिष्ट जिम्मेदारियों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही उन्हें प्रकाशित करना उचित होगा। MPWPCL के लिए गर्व, ग्रामीण महिलाओं के लिए नई उम्मीद NDVSU की विस्तार परिषद में सदस्य के रूप में डॉ. मृदु पवन हजारिका मनोनयन MPWPCL से जुड़े किसानों, कर्मचारियों और सहकारी संगठनों के सामूहिक प्रयासों को पहचान दिलाने वाला कदम है। करीब 9,000 महिला एवं जनजातीय किसानों से जुड़ा नेटवर्क ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में संगठित प्रयासों की अहमियत को सामने लाता है। आने वाले समय में विश्वविद्यालय और किसान संगठनों के बीच सहयोग मजबूत होता है, तो वैज्ञानिक पशुपालन, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता को नई दिशा मिल सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन महिलाओं और परिवारों को मिल सकता है, जो पोल्ट्री व्यवसाय के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
ODI

ODI Records: सचिन से गिल तक, एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 भारतीय बल्लेबाज

क्रिकेट में हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह अपनी बल्लेबाजी से टीम को जीत दिलाए और ऐसा रिकॉर्ड बनाए, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाए। भारतीय क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर से लेकर विराट कोहली तक कई दिग्गज बल्लेबाजों ने अपने प्रदर्शन से फैंस का दिल जीता है। लेकिन जब बात एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा ODI रन बनाने की आती है, तो कहानी थोड़ी दिलचस्प हो जाती है। इस रिकॉर्ड में सचिन तेंदुलकर सबसे आगे हैं। वहीं, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ ने भी एक ही साल में शानदार रन बनाकर इतिहास रचा था। नई पीढ़ी के बल्लेबाज शुभमन गिल ने 2023 में अपने बल्ले से ऐसा कमाल किया कि वह भी इस खास सूची में शामिल हो गए। दिलचस्प बात यह है कि विराट कोहली का नाम इस रिकॉर्ड की टॉप-5 लिस्ट में नहीं आता। ODI Cricket: एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 भारतीय बल्लेबाज पुरुषों के ODI क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर के दौरान सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में ये पांच प्रदर्शन शामिल हैं। रैंक भारतीय बल्लेबाज साल रन 1 सचिन तेंदुलकर 1998 1,894 2 सौरव गांगुली 1999 1,767 3 राहुल द्रविड़ 1999 1,761 4 सचिन तेंदुलकर 1996 1,611 5 शुभमन गिल 2023 1,584 यहां कैलेंडर ईयर का मतलब 1 जनवरी से 31 दिसंबर के बीच खेले गए ODI मैचों में बनाए गए रन हैं। इस सूची में सचिन तेंदुलकर का दो बार शामिल होना उनके शानदार करियर की एक बड़ी उपलब्धि है। 1. सचिन तेंदुलकर: 1998 में बनाए 1,894 रन इस सूची में सबसे ऊपर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का नाम है। उन्होंने 1998 में 34 ODI मैचों में 1,894 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने नौ शतक और सात अर्धशतक लगाए। सचिन के लिए 1998 बेहद खास साल रहा। उनकी बल्लेबाजी का अंदाज ऐसा था कि विरोधी टीमों के गेंदबाजों के सामने लगातार चुनौती बनी रहती थी। आज भी एक कैलेंडर ईयर में बनाए गए उनके 1,894 रन ODI क्रिकेट के सबसे बड़े रिकॉर्ड्स में गिने जाते हैं। 2. सौरव गांगुली: 1999 में 1,767 रन भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने 1999 में 1,767 रन बनाए थे। उन्होंने उस साल चार शतक और दस अर्धशतक लगाए। गांगुली की बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास साफ नजर आता था। उन्होंने कई मौकों पर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। एक ही साल में इतने रन बनाकर उन्होंने भारतीय ODI क्रिकेट में अपनी खास जगह बनाई। 3. राहुल द्रविड़: 1999 में 1,761 रन राहुल द्रविड़ ने भी 1999 में अपने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 1,761 रन बनाए और इस सूची में तीसरा स्थान हासिल किया। द्रविड़ को उनकी तकनीक, धैर्य और मुश्किल परिस्थितियों में टिककर खेलने के लिए जाना जाता है। सौरव गांगुली के साथ उनका एक ही साल में इस सूची में शामिल होना भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार उपलब्धि है। 4. सचिन तेंदुलकर: 1996 में भी दिखाया दम सचिन तेंदुलकर ने 1996 में भी शानदार बल्लेबाजी की थी। उस साल उनके बल्ले से 1,611 ODI रन निकले, जिसमें छह शतक और नौ अर्धशतक शामिल थे। एक बल्लेबाज का अलग-अलग वर्षों में इस सूची में जगह बनाना आसान नहीं होता। सचिन ने यह उपलब्धि हासिल करके दिखाया कि उनकी निरंतरता कितनी खास थी। 5. शुभमन गिल: 2023 में 1,584 रन नई पीढ़ी के बल्लेबाज शुभमन गिल ने 2023 में 1,584 ODI रन बनाए थे। उन्होंने उस साल पांच शतक और नौ अर्धशतक लगाए। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 208 रन रहा, जो उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था। गिल का 2023 का प्रदर्शन इसलिए भी खास था, क्योंकि उन्होंने बड़े स्कोर बनाने के साथ-साथ तेज गति से रन भी जुटाए। ICC के आंकड़ों के मुताबिक, उस साल उनका ODI औसत 63.36 रहा। <Cite refs={[“turn447195news5”]}/> Virat Kohli टॉप-5 में क्यों नहीं हैं? विराट कोहली का नाम इस सूची में टॉप-5 में नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि उनका प्रदर्शन कम रहा है। कोहली ने 2017 में 1,460 ODI रन बनाए थे और उस साल उनका बल्लेबाजी औसत 76.84 रहा था। <Cite refs={[“turn447195search2”]}/> विराट की सबसे बड़ी ताकत लगातार रन बनाना और दबाव वाले मुकाबलों में जिम्मेदारी संभालना रही है। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। टूर्नामेंट में उनके नाम 765 रन रहे, जो पुरुषों के ODI वर्ल्ड कप के एक संस्करण में किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत रन-स्कोर है। <Cite refs={[“turn447195news5”]}/> यहां एक बात समझना जरूरी है: वर्ल्ड कप में बनाए गए रन और पूरे कैलेंडर ईयर में बनाए गए ODI रन अलग-अलग रिकॉर्ड हैं। इसी वजह से किसी बड़े टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद बल्लेबाज इस सूची के टॉप-5 में शामिल न हो, ऐसा संभव है। सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड आज भी क्यों है खास? सचिन तेंदुलकर का 1998 में बनाया गया 1,894 रन का रिकॉर्ड लंबे समय से कायम है। एक पूरे साल में इतने रन बनाने के लिए न सिर्फ अच्छी फॉर्म, बल्कि फिटनेस, निरंतरता और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत होती है। सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ ने 1999 में इस रिकॉर्ड के करीब पहुंचकर अपनी छाप छोड़ी। वहीं, शुभमन गिल ने 2023 में दिखाया कि नई पीढ़ी के बल्लेबाज भी इस स्तर का प्रदर्शन कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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