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गुना में महिला की सूझबूझ से मोबाइल तक पहुंची पुलिस, सोशल मीडिया चैट से संदिग्ध की लोकेशन पता कर स्टेशन पर पकड़ा

गुना में मोबाइल चोरी के एक मामले में महिला की सूझबूझ और सोशल मीडिया का इस्तेमाल चर्चा में है। 29 जुलाई को बाजार में महिला का एंड्राइड मोबाइल गायब हो गया था। बाद में परिवार को जानकारी मिली कि मोबाइल किसी दूसरे व्यक्ति के पास है। इसके बाद पुलिस जांच का इंतजार करने के बजाय परिवार ने अपने स्तर पर मोबाइल और संदिग्ध व्यक्ति का पता लगाने की कोशिश शुरू की। मोबाइल मालिक की बहन ने सोशल मीडिया पर एक संदिग्ध युवक की पहचान कर उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। युवक ने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। बातचीत के दौरान महिला को युवक के आने-जाने की जानकारी मिलती रही। इसी चैटिंग से परिवार को पता चला कि युवक इंदौर से बदरवास तहसील के गिन्दौरा गांव जाने वाला है। इसके बाद परिवार ने उसे गुना रेलवे स्टेशन पर पकड़ने की योजना बनाई। 29 जुलाई को बाजार से गायब हुआ था मोबाइल जानकारी के मुताबिक, 29 जुलाई को महिला बाजार गई थी। इसी दौरान उसका एंड्राइड मोबाइल गायब हो गया। काफी तलाश के बाद भी फोन नहीं मिला। परिवार को आशंका थी कि मोबाइल किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ लग गया है। परिजनों ने मोबाइल से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू की। बताया जा रहा है कि फोन में मौजूद कुछ तस्वीरें और नंबर हटा दिए गए थे, लेकिन उसमें लगी सिम नहीं बदली गई थी। इसी वजह से परिवार को संदिग्ध व्यक्ति तक पहुंचने में मदद मिली। बहन ने भेजी फ्रेंड रिक्वेस्ट, फिर शुरू हुई चैटिंग मोबाइल मालिक की बहन ने सोशल मीडिया पर संदिग्ध युवक की पहचान की और उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी। युवक ने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। इसके बाद महिला ने उससे सामान्य बातचीत शुरू की। बातचीत के दौरान उसने युवक के आने-जाने की जानकारी जुटाई। इसी दौरान पता चला कि वह इंदौर से बदरवास तहसील के गिन्दौरा गांव जाने वाला है। गुना स्टेशन पर महिला ने युवक को पहचान लिया सोमवार 24 अगस्त को दोपहर करीब 1:30 बजे युवक गुना रेलवे स्टेशन पहुंचा। परिवार को उसके आने की जानकारी पहले ही मिल चुकी थी, इसलिए महिला अपने परिजनों के साथ स्टेशन पर मौजूद थी। युवक के स्टेशन पहुंचते ही महिला ने उसे पहचान लिया। उसके पास वही मोबाइल दिखाई देने पर महिला ने उसे पकड़ लिया। इस दौरान स्टेशन पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है। रक्षाबंधन के चलते युवक को छोड़ने की अपील बताया जा रहा है कि रक्षाबंधन के चलते एक महिला ने मोबाइल के साथ पकड़े गए युवक को छोड़ने की अपील की। हालांकि, मामले में मोबाइल चोरी और युवक की भूमिका को लेकर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बाजार में गायब हुआ मोबाइल युवक तक कैसे पहुंचा और उसने उसे अपने पास क्यों रखा। सोशल मीडिया पर हुई बातचीत और स्टेशन पर पकड़े जाने की पूरी घटना भी जांच का हिस्सा बन सकती है। इस मामले में मोबाइल में सिम का मौजूद रहना, सोशल मीडिया चैटिंग और युवक के गुना आने की जानकारी मिलना अहम कड़ियां मानी जा रही हैं। पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
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भोपाल

भोपाल बना आंदोलन का केंद्र: Teacher Recruitment में पद बढ़ाने को लेकर Neelam Park में डटे अभ्यर्थी

मध्य प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों का इंतजार अब आंदोलन में बदल गया है। शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उम्मीदवारों का कहना है कि मौजूदा भर्ती में पदों की संख्या उनकी अपेक्षा के मुकाबले कम है, इसलिए सरकार को रिक्त पदों को ध्यान में रखते हुए भर्ती का दायरा बढ़ाना चाहिए। अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मांग को लेकर लगातार आवाज उठाएंगे। नीलम पार्क में चल रहे इस प्रदर्शन के कारण एक बार फिर भोपाल का यह स्थान युवाओं के आंदोलन का प्रमुख केंद्र बन गया है। पद बढ़ाने की मांग पर अड़े शिक्षक भर्ती अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों का कहना है कि शिक्षक भर्ती के लिए बड़ी संख्या में युवा तैयारी करते हैं। कई अभ्यर्थी वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हुए हैं। ऐसे में सीमित पद होने से बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवारों के लिए सरकारी नौकरी का अवसर कम हो जाता है। अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार उपलब्ध Teacher Vacancies का आकलन करे और उसी के आधार पर भर्ती में पद बढ़ाए। उनका कहना है कि इससे योग्य युवाओं को नौकरी का बेहतर मौका मिलेगा और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने में भी मदद मिलेगी। Neelam Park में जारी है अनिश्चितकालीन धरना भोपाल का नीलम पार्क पहले भी विभिन्न कर्मचारी और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े आंदोलनों का गवाह रहा है। अब शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के धरने के बाद यहां फिर प्रदर्शन का माहौल है। धरने में शामिल उम्मीदवार अपनी मांगों को लेकर सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि केवल आश्वासन से बात नहीं बनेगी, बल्कि पद बढ़ाने को लेकर ठोस फैसला लिया जाना चाहिए। युवाओं का सवाल- जब पद खाली हैं तो भर्ती क्यों नहीं बढ़ाई जाए? अभ्यर्थियों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली हैं तो भर्ती में ज्यादा पद शामिल क्यों नहीं किए जा रहे हैं। उम्मीदवारों का तर्क है कि शिक्षकों की कमी का असर सीधे स्कूलों की पढ़ाई पर पड़ता है। उनका कहना है कि एक ओर युवा रोजगार की तलाश में हैं और दूसरी ओर सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों की जरूरत बनी हुई है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में उपलब्ध रिक्तियों को शामिल करने से दोनों समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। सरकार के रुख पर टिकी नजर फिलहाल शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का फैसला किया है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और संबंधित विभाग की ओर से आंदोलन को लेकर क्या कदम उठाया जाता है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि उनकी मांग पर जल्द सुनवाई होगी और MP Teacher Recruitment में पद बढ़ाने को लेकर सरकार सकारात्मक निर्णय लेगी। वहीं, अगर बातचीत के जरिए समाधान नहीं निकलता है तो आने वाले दिनों में आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है। भोपाल के नीलम पार्क में जारी यह धरना सिर्फ भर्ती का मुद्दा नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं की उम्मीदों से जुड़ा है जो शिक्षक बनने के लिए लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार उनकी मांग पर कब तक फैसला लेती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

Rocket, Satellite और AI पर PM Modi का फोकस, 20 Space Startups के Founders से हुई चर्चा

भारत का Space Sector अब सिर्फ सरकारी मिशन और बड़े Rocket Launch तक सीमित नहीं रह गया है। देश में तेजी से बढ़ रहे Private Space Startups इस बदलाव को नई दिशा दे रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के सेवा तीर्थ में 20 भारतीय Space Startups के CEO और Founders से मुलाकात की। इस दौरान Rocket, Satellite, Space Intelligence, Advanced Propulsion, Space Debris और AI आधारित Weather & Climate Intelligence जैसे विषयों पर विस्तार से बातचीत हुई। Space Startups के साथ PM Modi की अहम बातचीत बैठक में प्रधानमंत्री ने Space Industry से जुड़े युवा Entrepreneurs और Founders की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को समझा। चर्चा का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि भारत अपनी Space Technology को Global Level पर कैसे मजबूत कर सकता है। Skyroot Aerospace, Agnikul Cosmos, Pixxel, Dhruva Space, GalaxEye, Bellatrix Aerospace, Digantara, SatSure और PierSight जैसी कंपनियां अलग-अलग Space Technologies पर काम कर रही हैं। इनमें कुछ कंपनियां Launch Vehicles और Propulsion पर ध्यान दे रही हैं, तो कुछ Satellite Imaging, Space Intelligence और Climate Data जैसे क्षेत्रों में नए समाधान विकसित कर रही हैं। Rocket से Satellite और अब AI तक पहुंचा Space Sector भारत के Space Ecosystem में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब Startups केवल Satellite बनाने या Rocket Launch करने तक सीमित नहीं हैं। Artificial Intelligence और Space Data का इस्तेमाल Weather Forecasting, Climate Monitoring, Agriculture और कई दूसरे क्षेत्रों में भी किया जा रहा है। बैठक के दौरान AI-powered Weather और Climate Intelligence जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। इसका मकसद Space से मिलने वाले Data को जमीन पर लोगों के काम आने वाली जानकारी में बदलना है। खेती और Environment में Space Technology का इस्तेमाल PM मोदी ने Space Technology को आम लोगों की जरूरतों से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने Agriculture, Livestock Management, Dairy और Environment जैसे क्षेत्रों में Satellite Data और Space Technology के ज्यादा इस्तेमाल की संभावनाओं पर चर्चा की। खेती के क्षेत्र में Satellite आधारित जानकारी किसानों को मौसम, फसल और जमीन से जुड़ी बेहतर जानकारी देने में मदद कर सकती है। इसी तरह Environment Monitoring में भी Space Technology की भूमिका लगातार बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने Space Debris पर काम करने वाले Startups को Environmental Organisations के साथ मिलकर काम करने का सुझाव दिया। इससे अंतरिक्ष में बढ़ते कचरे की समस्या से निपटने के साथ पर्यावरण से जुड़े प्रयासों को भी मजबूती मिल सकती है। Global Space Market पर भारत की नजर PM मोदी ने भारतीय Space Startups को सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहने का संदेश दिया। उन्होंने Global Market में भारतीय कंपनियों की मौजूदगी बढ़ाने और भारत को Space Technology के लिए दुनिया का प्रमुख Hub बनाने पर जोर दिया। भारत की खासियत यह है कि यहां Space Technology के साथ-साथ युवा Talent, Engineering Skills और Startup Innovation का मजबूत Ecosystem तैयार हो रहा है। ऐसे में आने वाले वर्षों में भारतीय कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय Space Market में बड़ी भूमिका निभाने की संभावना है। Atal Tinkering Labs से जुड़ेंगे Space Startups बैठक में बच्चों और युवाओं को Space और Science से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने Space Companies और Atal Tinkering Labs के बीच सहयोग बढ़ाने का सुझाव दिया। इस पहल से स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नई Space Technology, Innovation और Scientific Thinking को करीब से समझने का मौका मिल सकता है। आज के छोटे Innovators ही आने वाले समय में भारत के बड़े Space Projects का हिस्सा बन सकते हैं। भारत के Space Mission को मिल रही नई दिशा PM मोदी की Space Startups के साथ हुई यह बातचीत बताती है कि भारत का Space Ecosystem किस तेजी से बदल रहा है। एक तरफ बड़े सरकारी मिशन जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ Private Companies नई तकनीकों और बिजनेस मॉडल के साथ इस क्षेत्र में अपनी जगह बना रही हैं। Rocket और Satellite से शुरू हुआ सफर अब AI, Climate Intelligence, Agriculture और Space Debris Management तक पहुंच चुका है। आने वाले समय में अगर सरकार, Startups और Research Institutions के बीच सहयोग इसी तरह बढ़ता रहा, तो भारत Global Space Industry में अपनी मौजूदगी और मजबूत कर सकता है। कुल मिलाकर, PM मोदी और Space Startups की यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि भारत के अगले Space Growth Phase की झलक देती है। अब चुनौती केवल अंतरिक्ष तक पहुंचने की नहीं है, बल्कि वहां विकसित होने वाली Technology को धरती पर आम लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में इस्तेमाल करने की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

Delhi Police पर हमला: बाइक विवाद ने लिया हिंसक मोड़, महिला और नाबालिग भी शामिल

राजधानी दिल्ली (Delhi) में पुलिसकर्मियों पर हमले का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भलस्वा डेयरी थाना इलाके के मुकुंदपुर में बाइक जब्त किए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर ही हमला कर दिया। आरोप है कि पहले उनकी आंखों में मिर्च पाउडर (Chilli Powder) डाला गया और फिर ईंट व डंडों से मारपीट की गई। घटना के बाद पुलिस ने एक नाबालिग को हिरासत में लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। बाइक के Documents नहीं होने पर हुई कार्रवाई पुलिस के मुताबिक, 22 अगस्त को हेड कॉन्स्टेबल दिनेश और राजेश इलाके में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान जांच के दौरान एक बाइक मिली, जिसके जरूरी दस्तावेज मौजूद नहीं थे। पुलिस ने बाइक को जब्त कर थाने में जमा करा दिया। बताया जा रहा है कि कुछ समय बाद बाइक से जुड़े लोग पुलिसकर्मियों के पास पहुंचे। बाइक जब्त किए जाने को लेकर पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला हाथापाई में बदल गया। आंखों में मिर्च पाउडर डालकर किया हमला आरोप है कि हमलावरों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया। इसके बाद उनके साथ ईंट और डंडों से मारपीट की गई। पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए पहुंचे एक अन्य हेड कॉन्स्टेबल को भी कथित तौर पर निशाना बनाया गया। हमले में तीन पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो और दूसरे सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। महिला और नाबालिग के शामिल होने का आरोप मामले में एक नाबालिग को पुलिस ने पकड़ा है। वहीं, घटना में एक महिला समेत अन्य लोगों के शामिल होने की भी बात सामने आई है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और पूरे घटनाक्रम की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में शामिल बताए जा रहे एक व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। हालांकि, मामले में सभी आरोपियों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस ने शुरू की जांच इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद किस तरह बढ़ा और हमले में कौन-कौन लोग शामिल थे। मौके से मिले साक्ष्यों और उपलब्ध वीडियो फुटेज को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। दिल्ली जैसे महानगर में पुलिसकर्मियों पर ड्यूटी के दौरान इस तरह का हमला गंभीर चिंता का विषय है। फिलहाल पुलिस की कोशिश फरार आरोपियों को पकड़ने और घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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इंदौर में 12वीं के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मोबाइल चैट की जांच में जुटी पुलिस

इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में 12वीं कक्षा के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना छोटा बांगड़दा के सुविधा नगर की है। मृतक की पहचान यशपाल (17), पिता बलीराम के रूप में हुई है। वह मूल रूप से विदिशा जिले का रहने वाला था और इंदौर में अपनी बड़ी बहन और जीजा के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, यशपाल एक कॉन्वेंट स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र था। उसके पिता किसान हैं। परिवार में दो बहनें और एक भाई हैं। उसकी बड़ी बहन और जीजा भी इंदौर में उसके साथ रहते थे। जीजा फाइनेंस का काम करते हैं। घटना के वक्त घर में अकेला था छात्र पुलिस के अनुसार, घटना के समय यशपाल घर में अकेला था। बाद में परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही एरोड्रम पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मोबाइल और चैट की जांच कर रही पुलिस पुलिस ने घटनास्थल से यशपाल का मोबाइल फोन जब्त किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह मोबाइल पर किसी से चैटिंग करता था। अब पुलिस उसके कॉल डिटेल, चैट और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्र ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। फिलहाल आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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बिलासपुर में स्मार्ट मीटर से बढ़ी बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी, कहीं 6 महीने से बिल नहीं तो कहीं 5 हजार तक पहुंचा

बिलासपुर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। कई उपभोक्ता बिलिंग में गड़बड़ी और मीटर से जुड़ी तकनीकी समस्याओं की शिकायत लेकर बिजली विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। विभाग के अधिकारी इन तकनीकी दिक्कतों के लिए मीटर लगाने वाली जीनस कंपनी की व्यवस्था को जिम्मेदार बता रहे हैं। नेहरू नगर स्थित सीएसईबी के सिटी डिविजन कार्यालय में लगातार ऐसे उपभोक्ता पहुंच रहे हैं, जिनकी शिकायत स्मार्ट मीटर, बिल नहीं आने या अचानक ज्यादा बिल आने से जुड़ी है। थ्री-फेज कनेक्शन लिया, लेकिन नहीं लगा स्मार्ट मीटर कई उपभोक्ताओं ने गर्मियों में बिजली की बढ़ी खपत को देखते हुए थ्री-फेज कनेक्शन लिया था। इसके लिए जांच प्रक्रिया पूरी करने और शुल्क जमा करने के बाद भी उनके यहां नया स्मार्ट मीटर नहीं लगाया गया। ऐसे में कुछ घरों में अभी भी पुराने मीटर से ही बिजली सप्लाई जारी है। विभाग के मुताबिक, फिलहाल ऐसे करीब 20 मामले सामने आए हैं, हालांकि वास्तविक संख्या इससे ज्यादा होने की संभावना जताई जा रही है। नए स्मार्ट मीटर नहीं लग पाने के कारण इन उपभोक्ताओं को बिलिंग में परेशानी हो रही है। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें छह महीने से ज्यादा समय से बिजली का बिल ही नहीं मिला। किसी का बिल 5 हजार, किसी का महीनों से नहीं आया स्मार्ट मीटर और बिलिंग से जुड़ी शिकायतों को लेकर शशिलता श्रीवास निवासी चड्डा बाड़ी, नेहरू नगर और एसके चतुर्वेदी निवासी कुदुदंड सहित कई उपभोक्ता नेहरू नगर कार्यालय पहुंचे। वहीं प्रकाश यादव और भरत कश्यप ने बिजली की खपत के मुकाबले ज्यादा बिल आने की शिकायत की है। ‘प्लंबर हूं, पूरी कमाई बिजली बिल में जा रही’ कस्तूरबा नगर निवासी प्रकाश यादव ने बताया कि वह प्लंबर का काम करते हैं। सामान्य मीटर के समय उनका बिजली बिल करीब 300 से 400 रुपए प्रतिमाह आता था। अब यह बढ़कर 4 से 5 हजार रुपए तक पहुंच रहा है। उनका कहना है कि आसपास रहने वाले कई लोगों की भी इसी तरह की शिकायत है। प्रकाश यादव के मुताबिक, इतनी अधिक राशि का बिल आने से उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा बिजली बिल चुकाने में चला जा रहा है। ‘गर्मियों में 2-2.5 हजार, अब 5-6 हजार का बिल’ नगर निगम में विपक्ष के नेता भरत कश्यप ने बताया कि नेहरू नगर स्थित उनके घर में सामान्य मीटर के दौरान गर्मियों में भी बिजली का बिल 2 से 2.5 हजार रुपए से ज्यादा नहीं आया। उनका कहना है कि अब बारिश के मौसम में बिजली की खपत कम होने के बावजूद बिल 5 से 6 हजार रुपए महीने तक पहुंच गया है। विभाग ने माना तकनीकी दिक्कत से हो रही परेशानी सीएसईबी नेहरू नगर के एई गिरीश श्रीवास्तव ने बताया कि नेहरू नगर जोन में करीब 15 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। उन्होंने माना कि मीटर से जुड़ी तकनीकी समस्याएं सामने आती रहती हैं। उनके मुताबिक, डेटा अपडेट करने का अथॉराइजेशन जीनस कंपनी के पास है और तकनीकी समस्या होने पर कंपनी से इसे क्लियर कराया जाता है। उन्होंने यह भी माना कि कभी-कभी इस प्रक्रिया में देरी हो जाती है। अधिकारी के अनुसार, किसी शिकायत के समाधान में छह महीने का समय नहीं लगना चाहिए और अगर इतना समय लग रहा है तो इसे विभाग की चूक माना जाएगा। खपत कम होने के बावजूद ज्यादा बिल पर सवाल सीएसपीडीसीएल के ईडी अम्बष्ट से बिजली खपत और बिलिंग को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने बताया कि जून की तुलना में वर्तमान समय में बिजली की खपत करीब 50 प्रतिशत कम हो चुकी है। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि यदि खपत कम हो गई है तो कुछ उपभोक्ताओं के बिल पहले की तुलना में ज्यादा क्यों आ रहे हैं, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया और फोन काट दिया। दोबारा संपर्क करने पर भी कॉल रिसीव नहीं किया गया। फिलहाल स्मार्ट मीटर की तकनीकी गड़बड़ी, डेटा अपडेट और बिलिंग में अंतर को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी बनी हुई है। विभाग का कहना है कि शिकायतों का जल्द निराकरण करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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रायपुर में करंट लगने से मां-बेटे की मौत, बचाने पहुंचा बेटा भी चपेट में आया

रायपुर में एक दर्दनाक हादसे में मां और बेटे की करंट लगने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब मां बालकनी में सूख रहे कपड़े लेने गई थीं। कपड़े उतारते समय उन्होंने जैसे ही जीआई पाइप को छुआ, वह करंट की चपेट में आ गईं। मां को करंट से चिपका देखकर उनका बेटा उन्हें बचाने के लिए पहुंचा, लेकिन वह भी बिजली की चपेट में आ गया। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना टिकरापारा थाना क्षेत्र की है। बेटी से मिलने रायपुर आए थे मां-बेटे जानकारी के मुताबिक, महिला अपने बेटे के साथ रायपुर में रहने वाली अपनी बेटी से मिलने आई थीं। बेटी किराए के मकान में रहती है। इसी मकान की बालकनी में यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि बालकनी में कपड़े सूख रहे थे। महिला कपड़े उतारने पहुंचीं और जीआई पाइप को छूते ही करंट की चपेट में आ गईं। मां को बचाने पहुंचा बेटा भी झुलसा महिला को करंट से चिपका देखकर उनका बेटा मदद के लिए दौड़ा। उसने मां को बचाने की कोशिश की, लेकिन जीआई पाइप में फैले करंट की चपेट में वह भी आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। कूलर से पाइप में फैला था करंट शुरुआती जांच में सामने आया है कि मकान में लगे कूलर से करंट जीआई पाइप में फैल गया था। पाइप में करंट आने की वजह से महिला जैसे ही उसे छूने पहुंचीं, हादसा हो गया। सूचना मिलने के बाद टिकरापारा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस हादसे के कारणों और बिजली कनेक्शन की स्थिति की भी जांच कर रही है।
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गुना में किसान सम्मान निधि का झांसा देकर 4.85 लाख का फर्जी KCC लोन, भाई-बहन से जालसाजी

गुना जिले की चांचौड़ा तहसील के ग्राम तेलीगांव से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के ही एक युवक ने बैंक दलाल के साथ मिलकर बुजुर्ग भाई-बहन को किसान सम्मान निधि के 2-2 हजार रुपए दिलाने का झांसा दिया और उनके नाम पर करीब 4.85 लाख रुपए का KCC लोन स्वीकृत कराकर रकम निकाल ली। पीड़ित गंगाराम अहिरवार और उनकी बहन भमरी बाई, निवासी तेलीगांव, ने शनिवार को पुलिस को शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। सम्मान निधि का झांसा देकर करवाए दस्तखत शिकायत में पीड़ितों ने बताया कि उनकी जमीनों के दस्तावेजों के आधार पर आरआरबी बैंक की बीनागंज शाखा से दो अलग-अलग KCC लोन स्वीकृत कराए गए। इनमें करीब 1.32 लाख और 3.53 लाख रुपए, यानी कुल 4.85 लाख रुपए की राशि शामिल है। पीड़ितों का आरोप है कि दशरथ सिंह अहिरवार ने उन्हें किसान सम्मान निधि की राशि दिलाने की बात कही और इसी बहाने बैंक से जुड़े कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान करवा लिए। बाद में आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम पर KCC लोन कराया गया और लोन की राशि खुद निकाल ली गई। बैंक पहुंचने पर सामने आई लाखों की देनदारी पीड़ित परिवार को मामले की जानकारी तब हुई, जब वे बैंक पहुंचे। वहां उन्हें अपने नाम पर लाखों रुपए के KCC लोन की जानकारी मिली। यह सुनकर उनके होश उड़ गए। परिवार का आरोप है कि उन्हें लोन लेने की जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने किसी तरह की इतनी बड़ी रकम के लिए सहमति दी थी। दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने का वीडियो भी सामने आया मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें आरोपी द्वारा कथित तौर पर पीड़ित से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाते और उसे समझाते हुए दिखाई देने की बात कही जा रही है। पीड़ित परिवार के मुताबिक, उन्होंने इससे पहले कलेक्टर कार्यालय में भी शिकायत की थी। अब उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। फर्जी लोन से मुक्ति और कार्रवाई की मांग पीड़ित भाई-बहन ने पुलिस से आरोपी और मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने नाम पर हुए कथित फर्जी KCC लोन की राशि की जिम्मेदारी से मुक्त कराने की मांग की है। फिलहाल पुलिस शिकायत और सामने आए दस्तावेजों व वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लोन स्वीकृति और राशि निकासी की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।
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खंडवा में आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए 21 लाख का टेंडर, 5 सितंबर तक आवेदन

खंडवा शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं के बीच नगर निगम ने एक बार फिर नसबंदी और टीकाकरण अभियान शुरू करने की तैयारी की है। निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 21 लाख रुपए का टेंडर जारी किया है। इस टेंडर के तहत आवारा कुत्तों की नसबंदी के साथ उनका इम्यूनाइजेशन यानी टीकाकरण भी किया जाएगा। यह काम Animal Birth Control Program के तहत कराया जाएगा और टेंडर की अवधि एक साल रखी गई है। 5 सितंबर तक जमा होंगे आवेदन नगर निगम की ओर से शनिवार को जारी निविदा विज्ञप्ति के अनुसार, इच्छुक संस्थान और एजेंसियां 5 सितंबर 2026 शाम 5:30 बजे तक ऑनलाइन टेंडर जमा कर सकेंगी। निविदाएं 7 सितंबर सुबह 10:30 बजे खोली जाएंगी। टेंडर के लिए धरोहर राशि 21 हजार रुपए और निविदा प्रपत्र शुल्क 5 हजार रुपए निर्धारित किया गया है। नसबंदी के साथ कुत्तों का टीकाकरण भी नगर निगम के इस अभियान का उद्देश्य केवल आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना नहीं है। अभियान के दौरान पकड़े जाने वाले कुत्तों की नसबंदी के साथ उनका टीकाकरण भी किया जाएगा। Animal Birth Control Program के तहत नसबंदी और इम्यूनाइजेशन का उद्देश्य आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के साथ डॉग बाइट और अन्य संबंधित जोखिमों को कम करना है। पिछले अभियान को लेकर उठ चुके हैं सवाल खंडवा में आवारा कुत्तों की समस्या और नसबंदी अभियान को लेकर हाल ही में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। जनसुनवाई के दौरान नगर निगम नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर ने नसबंदी अभियान पर खर्च और शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर विरोध जताया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक युवक के कुत्ते की वेशभूषा में पहुंचने का मामला भी चर्चा में रहा था। इसके बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया। कलेक्टर ऋषव गुप्ता और निगम कमिश्नर प्रियंका राजावत को भी मीडिया के सामने स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी थी। चार साल में खर्च हो चुके हैं 98 लाख रुपए जानकारी के मुताबिक, खंडवा में पिछले चार साल के दौरान आवारा कुत्तों की नसबंदी पर करीब 98 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद शहर में आवारा कुत्तों की संख्या और डॉग बाइट को लेकर सवाल बने हुए हैं। अब 21 लाख रुपए के नए टेंडर से नगर निगम को उम्मीद है कि नसबंदी और टीकाकरण अभियान को दोबारा गति मिलेगी। वहीं शहरवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि नए अभियान से आवारा कुत्तों की संख्या और डॉग बाइट की समस्या पर कितना असर पड़ता है।
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रायपुर में चोरी की एक्टिवा से मोबाइल स्नेचिंग, युवक और नाबालिग गिरफ्तार; 5 मोबाइल बरामद

रायपुर में चोरी की एक्टिवा से मोबाइल छीनने वाले एक युवक और नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर सरस्वती नगर इलाके में मोबाइल स्नेचिंग की दो वारदातों के साथ मोबाइल चोरी की तीन अन्य घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन और चोरी की एक्टिवा बरामद की है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला से मोबाइल छीना पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त की सुबह कोटा निवासी उन्नति ठाकुर मॉर्निंग वॉक के लिए निकली थीं। दिशा कॉलेज रोड पर रेयांश किचन के सामने ग्रे रंग की एक्टिवा पर सवार दो युवकों ने उनका मोबाइल झपट लिया और फरार हो गए। इसी सुबह चौबे कॉलोनी निवासी युवराज मेहर कॉलेज जा रहे थे। उसी इलाके में बाइक सवार युवकों ने उनका मोबाइल भी इसी तरह छीन लिया। दोनों घटनाओं की शिकायत सरस्वती नगर थाने में दर्ज कराई गई थी। मेडिकल कॉलेज की पार्किंग से चोरी हुई थी एक्टिवा पुलिस जांच में सामने आया कि मोबाइल स्नेचिंग में इस्तेमाल की गई एक्टिवा CG 04 KS 6757 भी चोरी की थी। पुलिस के अनुसार, यह एक्टिवा 21 जुलाई को मेडिकल कॉलेज की पार्किंग से चोरी हुई थी। इस संबंध में मौदहापारा थाने में मामला दर्ज था। पुलिस ने स्नेचिंग की घटनाओं के CCTV फुटेज खंगाले तो दोनों वारदातों में इसी चोरी की एक्टिवा का इस्तेमाल दिखाई दिया। इसके बाद तकनीकी जांच और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। एमजी रोड पर घेराबंदी कर पकड़ा पुलिस टीम को सूचना मिली कि चोरी की एक्टिवा पर दो युवक एमजी रोड इलाके में घूम रहे हैं। इसके बाद टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में एक आरोपी ने अपना नाम वरुण साहू (23), निवासी राम नगर, गुढ़ियारी बताया। दूसरा आरोपी नाबालिग है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने एक्टिवा चोरी करने के साथ इसी वाहन से मोबाइल स्नेचिंग की दो वारदात और तीन अन्य मोबाइल चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है। आरोपियों के पास से 5 मोबाइल बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 5 मोबाइल फोन और चोरी की एक्टिवा बरामद की है। पुलिस अब उन तीन अन्य मोबाइल चोरी की घटनाओं के संबंध में भी जांच कर रही है, जिन्हें आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया है। यह कार्रवाई डीसीपी वेस्ट जोन रॉबिंसन गुड़िया के निर्देशन, एडीसीपी राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन और एसीपी आजाद चौक ईशू अग्रवाल के नेतृत्व में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सरस्वती नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में सारंग हेलिकॉप्टर टीम दिखाएगी हवाई करतब, रायपुर पहुंचा वायुसेना का दल

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी। टीम सोमवार को रायपुर पहुंच गई। राज्योत्सव के दौरान नवा रायपुर अटल नगर के सेंध लेक क्षेत्र के ऊपर हेलिकॉप्टरों से रोमांचक हवाई करतब दिखाए जाएंगे। तीन दिवसीय आयोजन में होने वाला यह प्रदर्शन दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। स्वदेशी ध्रुव हेलिकॉप्टरों से दिखेगा वायुसेना का कौशल पब्लिक रिलेशन ऑफिसर विंग कमांडर देबर्थो धर ने बताया कि सारंग टीम स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) ध्रुव के जरिए प्रदर्शन करती है। टीम हवा में सटीक उड़ान, हेलिकॉप्टरों के बीच बेहतरीन तालमेल और एक साथ अलग-अलग आकृतियां बनाने के लिए जानी जाती है। प्रदर्शन के दौरान वायुसेना के जवान अपने कौशल, अनुशासन और टीमवर्क का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही स्वदेशी हेलिकॉप्टरों की क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। मोर के रंगों से प्रेरित है सारंग टीम की पहचान सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम के हेलिकॉप्टरों की रंग योजना भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर से प्रेरित है। टीम का ध्येय वाक्य ‘इंस्पायर थ्रू एक्सीलेंस’ है, जिसका अर्थ उत्कृष्टता के जरिए प्रेरित करना है। सारंग टीम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व करती है। अपने समन्वित हवाई प्रदर्शन के जरिए टीम भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता और स्वदेशी तकनीक को प्रदर्शित करती है। युवाओं को विमानन में करियर बनाने की मिलेगी प्रेरणा राज्योत्सव में सारंग टीम का प्रदर्शन आम लोगों के साथ विद्यार्थियों और युवाओं के लिए भी खास रहेगा। दर्शकों को हेलिकॉप्टरों की उड़ान और विमानन की दुनिया को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इस प्रदर्शन के जरिए युवाओं को विमानन क्षेत्र में करियर बनाने और देश की सेवा के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा। राज्योत्सव में सारंग टीम की मौजूदगी आयोजन के रोमांच और आकर्षण को और बढ़ाएगी।

ग्वालियर में पटवारी भर्ती के नाम पर 7 युवाओं से 50 लाख की ठगी, फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर थमाए

ग्वालियर। मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। ग्वालियर में सात बेरोजगार युवाओं को पटवारी बनवाने का झांसा देकर करीब 50 लाख रुपए वसूलने का आरोप है। आरोपियों ने खुद को व्यापमं का कर्मचारी और STF का अधिकारी बताकर युवाओं को भरोसे में लिया। इसके बाद उन्हें फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर दिए गए। नौकरी नहीं मिलने और पैसे वापस न लौटाने पर मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अरविंद नरवरिया, गोवर्धन तोमर और प्रदीप गौतम के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें तलाश में जुटी हैं। जीवाजी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी के जरिए हुई मुलाकात मामले के मुताबिक, जीवाजी यूनिवर्सिटी की लॉ शाखा से जुड़े कर्मचारी राजवीर सिंह तोमर निवासी महलगांव ने सात युवाओं को मुख्य आरोपी अरविंद नरवरिया से मिलवाया था। इनमें रवि शर्मा, शत्रुघ्न शर्मा, पवन कौरव, दिव्यांश शर्मा, जितेंद्र गुर्जर, नागेंद्र चौहान और सतेन्द्र सिंह शामिल हैं। आरोप है कि अरविंद युवाओं को भोपाल ले गया। वहां उसने प्रदीप गौतम का नाम बताते हुए उसे व्यापमं का कर्मचारी बताया और पटवारी की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। कुछ दिन बाद गोवर्धन सिंह तोमर का नाम सामने आया, जिसे STF का अधिकारी बताया गया। प्रति अभ्यर्थी 12 लाख रुपए में हुई थी डील युवाओं को पटवारी की सरकारी नौकरी दिलाने के लिए प्रति अभ्यर्थी 12 लाख रुपए में सौदा तय होने का आरोप है। इसके बाद किसी से दो लाख तो किसी से चार लाख रुपए एडवांस लिए गए। पीड़ितों के मुताबिक, अलग-अलग किस्तों में फोन-पे और बैंक खातों के जरिए रकम जमा कराई गई। कुल मिलाकर करीब 50 लाख रुपए लेने का आरोप है। आरोपियों ने युवाओं को जबलपुर और भोपाल ले जाकर परीक्षा कराने की बात कही। इससे युवाओं को लगा कि भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर दिए युवाओं को भरोसे में लेने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी चयन सूची और जॉइनिंग लेटर भी दिए। वेरिफिकेशन के नाम पर उन्हें कभी भोपाल, कभी जबलपुर और कभी भिंड ले जाया गया। आरोप है कि भिंड कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक सेवा केंद्र पर युवाओं के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन भी कराया गया और उनके हस्ताक्षर लिए गए। इस घटनाक्रम के बाद वहां किसी कर्मचारी की भूमिका को लेकर भी आशंका जताई गई है। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। पैसे वापस मांगे तो नहीं मिली राहत पीड़ितों के मुताबिक, लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें पटवारी की नौकरी नहीं मिली। जब उन्होंने आरोपियों से पैसे वापस मांगे, तो रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया। युवाओं ने धमकियां मिलने का आरोप भी लगाया है। बताया गया है कि यह मामला 16 दिसंबर 2023 से अब तक की अवधि से जुड़ा है। ठगी का मामला सामने आने के बाद युवाओं ने जीवाजी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी राजवीर सिंह तोमर से भी रकम वापस दिलाने की मांग की। तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज शिकायत के बाद ग्वालियर के थाटीपुर थाने में सोमवार को मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, केस में तीन आरोपियों के नाम सामने आए हैं: थाटीपुर थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान के मुताबिक, शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

रूस में नौकरी की तलाश में गया बिलासपुर का युवक लापता, युद्ध में शामिल करने के लिए दबाव बनाने का आरोप

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले का रहने वाला विनीत कुमार दुबे रूस में लापता हो गया है। वह नौकरी की तलाश में रूस गया था, लेकिन परिवार के मुताबिक 7 अक्टूबर के बाद से उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है। विनीत की बहन ने आरोप लगाया है कि उसे रूस में बंधक बनाकर रखा गया और युद्ध में शामिल होने से इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई है। परिवार ने बिलासपुर कलेक्टर और एसएसपी से मुलाकात कर युवक की सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी है। मामले में बिलासपुर पुलिस ने रूसी दूतावास और भारत के विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर विनीत की स्थिति का पता लगाने और उसकी सुरक्षित वापसी में सहयोग मांगा है। टेलीग्राम ग्रुप के जरिए मिली थी नौकरी की जानकारी विनीत कुमार दुबे बिल्हा का रहने वाला है और उसने दसवीं तक पढ़ाई की है। परिवार के मुताबिक, उसे टेलीग्राम के एक ग्रुप के जरिए रूस में नौकरी की जानकारी मिली थी। इसके बाद वह 1 अक्टूबर को मॉस्को पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि रूस पहुंचने के बाद विनीत की मुश्किलें बढ़ने लगीं। उसे भारतीय दूतावास जाने नहीं दिया गया और मॉस्को के एक होटल में रोककर रखा गया। इसके बाद उसे वोल्गोग्राद भेज दिया गया, जहां उसे एक अपार्टमेंट में रखा गया था। कार में बैठाकर ले गए, फिर टूट गया संपर्क विनीत की बहन आशी दुबे के मुताबिक, 7 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे कुछ लोग उसके भाई को कार में बैठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। इसके बाद से परिवार का उससे संपर्क टूट गया। बहन का आरोप है कि विनीत पर रेजिडेंसी हासिल करने और युद्ध में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा था। इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे भूखा रखकर परेशान किया गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि विनीत को ड्रग्स से जुड़े एक मामले में फंसाने की धमकी देकर स्थानीय लोगों की बात मानने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। व्हाट्सएप के जरिए परिवार को मिली जानकारी परिवार के मुताबिक, विनीत के साथ हुई घटनाओं की जानकारी उन्हें किशोर नाम के एक युवक के जरिए मिली। किशोर ने व्हाट्सएप पर परिवार से संपर्क किया था। इसके बाद से परिजन विनीत की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। परिवार ने बिलासपुर कलेक्टर और एसएसपी से मुलाकात कर पूरे मामले में हस्तक्षेप करने और विनीत को सुरक्षित भारत वापस लाने की मांग की है। परिजनों ने केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास से भी मदद की अपील की है। रूसी दूतावास और विदेश मंत्रालय को पुलिस ने लिखा पत्र परिवार की शिकायत के बाद बिलासपुर पुलिस ने रूसी दूतावास और भारत के विदेश मंत्रालय को पत्र भेजा है। पुलिस संबंधित एजेंसियों से विनीत की स्थिति की जानकारी जुटाने और उसकी सुरक्षित वापसी में सहयोग की मांग कर रही है। फिलहाल विनीत कुमार दुबे कहां है और उसकी हालत कैसी है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिवार को उम्मीद है कि संबंधित एजेंसियों की मदद से जल्द उसका पता लगाया जा सकेगा और उसे सुरक्षित भारत लाया जाएगा।
MPWPCL

MPWPCL Achievement: 9,000 महिला एवं जनजातीय किसानों से जुड़े संगठन को मिली नई पहचान

मध्य प्रदेश महिला पोल्ट्री उत्पादक कंपनी लिमिटेड (MPWPCL) के लिए गर्व की बात है। कंपनी से जुड़े डॉ. मृदु पवन हजारिका ,MVSc, मुख्य तकनीकी सलाहकार (Chief Technical Advisor) प्रतिनिधि को जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (NDVSU) डॉ. मृदु पवन हजारिका को सलाहकार MPWPCL में सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है। इस उपलब्धि को ग्रामीण महिलाओं, जनजातीय किसानों और सहकारिता के जरिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की पहचान माना जा रहा है। यह मनोनयन ऐसे समय में सामने आया है, जब ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। उम्मीद है कि इस जिम्मेदारी के जरिए विश्वविद्यालय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले किसान संगठनों के बीच सहयोग को और मजबूती मिलेगी। MPWPCL से जुड़ी हैं करीब 9,000 महिला एवं जनजातीय किसान मध्य प्रदेश महिला पोल्ट्री उत्पादक कंपनी लिमिटेड की शुरुआत ग्रामीण गरीब परिवारों को आजीविका के बेहतर अवसर देने के उद्देश्य से हुई थी। मध्य प्रदेश शासन की जिला गरीबी उन्मूलन पहल (DPIP) के तहत शुरू हुए इस प्रयास में महिला किसानों और जनजातीय समुदायों को खास तौर पर पोल्ट्री व्यवसाय से जोड़ने पर ध्यान दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, MPWPCL के नेटवर्क में 16 सदस्य सहकारी समितियों एवं उत्पादक कंपनियों सहित कुल 17 संगठन शामिल हैं। इस नेटवर्क से करीब 9,000 महिला एवं जनजातीय किसान जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, यह व्यवस्था लगभग 1,000 लोगों को रोजगार देने में भी योगदान करती है। कंपनी का सालाना कारोबार ₹500 करोड़ से अधिक बताया गया है। यह आंकड़ा दिखाता है कि सही मार्गदर्शन, संगठित प्रयास और बाजार से जुड़ाव के जरिए ग्रामीण स्तर पर शुरू की गई पहल किस तरह बड़े व्यवसाय का रूप ले सकती है। NDVSU की Extension Council में क्यों अहम है यह जिम्मेदारी? नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर पशु चिकित्सा और पशुपालन से संबंधित शिक्षा, अनुसंधान तथा तकनीकी जानकारी के प्रसार के लिए जाना जाता है। विश्वविद्यालय की विस्तार परिषद में MPWPCL से जुड़े डॉ. मृदु पवन हजारिका का मनोनयन ग्रामीण किसानों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल बनाने का अवसर प्रदान कर सकता है। पोल्ट्री व्यवसाय में बेहतर उत्पादन, पशु स्वास्थ्य, वैज्ञानिक तरीके और व्यावसायिक प्रबंधन की जानकारी काफी मायने रखती है। ऐसी जानकारी समय पर मिलने से किसानों को अपने काम में सुधार करने और कारोबार को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने में मदद मिल सकती है। इसलिए विश्वविद्यालय और किसान संगठनों के बीच संवाद बढ़ाना केवल संस्थागत उपलब्धि नहीं, बल्कि ग्रामीण स्तर पर काम करने वाले लोगों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। विद्यार्थियों को भी मिल रहा है Practical Experience MPWPCL से वर्ष 2004 से जुड़े रहे प्रतिनिधि के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी जानकारी और व्यावसायिक प्रबंधन को पहुंचाना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसी दिशा में NDVSU के सहयोग से MPWPCL और केसला पोल्ट्री सहकारी समिति (KPS) में विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। इस कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को पोल्ट्री व्यवसाय की वास्तविक कार्यप्रणाली, सहकारी संस्थाओं के प्रबंधन और किसानों के साथ सीधे काम करने का अनुभव मिल सकता है। कक्षा में पढ़ाई गई बातों को जमीन पर समझने का मौका विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी होता है। वहीं, ग्रामीण संगठनों को भी नई पीढ़ी के साथ काम करने और तकनीकी जानकारी साझा करने का अवसर मिलता है। महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण रोजगार को मिलेगी नई दिशा ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का मतलब सिर्फ कमाई करना नहीं, बल्कि अपने परिवार और व्यवसाय से जुड़े फैसलों में अधिक भागीदारी निभाना भी है। MPWPCL जैसे संगठन महिलाओं को सामूहिक रूप से व्यवसाय चलाने, बाजार से जुड़ने और अपनी आजीविका को मजबूत करने का अवसर देते हैं। विस्तार परिषद में मनोनयन से इस तरह के अनुभवों को शैक्षणिक और तकनीकी स्तर पर साझा करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इससे ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने और किसानों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस मनोनयन से जुड़ी उपलब्ध जानकारी में प्रतिनिधि का नाम और परिषद में उनकी विशिष्ट जिम्मेदारियों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही उन्हें प्रकाशित करना उचित होगा। MPWPCL के लिए गर्व, ग्रामीण महिलाओं के लिए नई उम्मीद NDVSU की विस्तार परिषद में सदस्य के रूप में डॉ. मृदु पवन हजारिका मनोनयन MPWPCL से जुड़े किसानों, कर्मचारियों और सहकारी संगठनों के सामूहिक प्रयासों को पहचान दिलाने वाला कदम है। करीब 9,000 महिला एवं जनजातीय किसानों से जुड़ा नेटवर्क ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में संगठित प्रयासों की अहमियत को सामने लाता है। आने वाले समय में विश्वविद्यालय और किसान संगठनों के बीच सहयोग मजबूत होता है, तो वैज्ञानिक पशुपालन, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता को नई दिशा मिल सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन महिलाओं और परिवारों को मिल सकता है, जो पोल्ट्री व्यवसाय के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
ODI

ODI Records: सचिन से गिल तक, एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 भारतीय बल्लेबाज

क्रिकेट में हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह अपनी बल्लेबाजी से टीम को जीत दिलाए और ऐसा रिकॉर्ड बनाए, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाए। भारतीय क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर से लेकर विराट कोहली तक कई दिग्गज बल्लेबाजों ने अपने प्रदर्शन से फैंस का दिल जीता है। लेकिन जब बात एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा ODI रन बनाने की आती है, तो कहानी थोड़ी दिलचस्प हो जाती है। इस रिकॉर्ड में सचिन तेंदुलकर सबसे आगे हैं। वहीं, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ ने भी एक ही साल में शानदार रन बनाकर इतिहास रचा था। नई पीढ़ी के बल्लेबाज शुभमन गिल ने 2023 में अपने बल्ले से ऐसा कमाल किया कि वह भी इस खास सूची में शामिल हो गए। दिलचस्प बात यह है कि विराट कोहली का नाम इस रिकॉर्ड की टॉप-5 लिस्ट में नहीं आता। ODI Cricket: एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 भारतीय बल्लेबाज पुरुषों के ODI क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर के दौरान सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में ये पांच प्रदर्शन शामिल हैं। रैंक भारतीय बल्लेबाज साल रन 1 सचिन तेंदुलकर 1998 1,894 2 सौरव गांगुली 1999 1,767 3 राहुल द्रविड़ 1999 1,761 4 सचिन तेंदुलकर 1996 1,611 5 शुभमन गिल 2023 1,584 यहां कैलेंडर ईयर का मतलब 1 जनवरी से 31 दिसंबर के बीच खेले गए ODI मैचों में बनाए गए रन हैं। इस सूची में सचिन तेंदुलकर का दो बार शामिल होना उनके शानदार करियर की एक बड़ी उपलब्धि है। 1. सचिन तेंदुलकर: 1998 में बनाए 1,894 रन इस सूची में सबसे ऊपर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का नाम है। उन्होंने 1998 में 34 ODI मैचों में 1,894 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने नौ शतक और सात अर्धशतक लगाए। सचिन के लिए 1998 बेहद खास साल रहा। उनकी बल्लेबाजी का अंदाज ऐसा था कि विरोधी टीमों के गेंदबाजों के सामने लगातार चुनौती बनी रहती थी। आज भी एक कैलेंडर ईयर में बनाए गए उनके 1,894 रन ODI क्रिकेट के सबसे बड़े रिकॉर्ड्स में गिने जाते हैं। 2. सौरव गांगुली: 1999 में 1,767 रन भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने 1999 में 1,767 रन बनाए थे। उन्होंने उस साल चार शतक और दस अर्धशतक लगाए। गांगुली की बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास साफ नजर आता था। उन्होंने कई मौकों पर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। एक ही साल में इतने रन बनाकर उन्होंने भारतीय ODI क्रिकेट में अपनी खास जगह बनाई। 3. राहुल द्रविड़: 1999 में 1,761 रन राहुल द्रविड़ ने भी 1999 में अपने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 1,761 रन बनाए और इस सूची में तीसरा स्थान हासिल किया। द्रविड़ को उनकी तकनीक, धैर्य और मुश्किल परिस्थितियों में टिककर खेलने के लिए जाना जाता है। सौरव गांगुली के साथ उनका एक ही साल में इस सूची में शामिल होना भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार उपलब्धि है। 4. सचिन तेंदुलकर: 1996 में भी दिखाया दम सचिन तेंदुलकर ने 1996 में भी शानदार बल्लेबाजी की थी। उस साल उनके बल्ले से 1,611 ODI रन निकले, जिसमें छह शतक और नौ अर्धशतक शामिल थे। एक बल्लेबाज का अलग-अलग वर्षों में इस सूची में जगह बनाना आसान नहीं होता। सचिन ने यह उपलब्धि हासिल करके दिखाया कि उनकी निरंतरता कितनी खास थी। 5. शुभमन गिल: 2023 में 1,584 रन नई पीढ़ी के बल्लेबाज शुभमन गिल ने 2023 में 1,584 ODI रन बनाए थे। उन्होंने उस साल पांच शतक और नौ अर्धशतक लगाए। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 208 रन रहा, जो उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था। गिल का 2023 का प्रदर्शन इसलिए भी खास था, क्योंकि उन्होंने बड़े स्कोर बनाने के साथ-साथ तेज गति से रन भी जुटाए। ICC के आंकड़ों के मुताबिक, उस साल उनका ODI औसत 63.36 रहा। <Cite refs={[“turn447195news5”]}/> Virat Kohli टॉप-5 में क्यों नहीं हैं? विराट कोहली का नाम इस सूची में टॉप-5 में नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि उनका प्रदर्शन कम रहा है। कोहली ने 2017 में 1,460 ODI रन बनाए थे और उस साल उनका बल्लेबाजी औसत 76.84 रहा था। <Cite refs={[“turn447195search2”]}/> विराट की सबसे बड़ी ताकत लगातार रन बनाना और दबाव वाले मुकाबलों में जिम्मेदारी संभालना रही है। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। टूर्नामेंट में उनके नाम 765 रन रहे, जो पुरुषों के ODI वर्ल्ड कप के एक संस्करण में किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत रन-स्कोर है। <Cite refs={[“turn447195news5”]}/> यहां एक बात समझना जरूरी है: वर्ल्ड कप में बनाए गए रन और पूरे कैलेंडर ईयर में बनाए गए ODI रन अलग-अलग रिकॉर्ड हैं। इसी वजह से किसी बड़े टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद बल्लेबाज इस सूची के टॉप-5 में शामिल न हो, ऐसा संभव है। सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड आज भी क्यों है खास? सचिन तेंदुलकर का 1998 में बनाया गया 1,894 रन का रिकॉर्ड लंबे समय से कायम है। एक पूरे साल में इतने रन बनाने के लिए न सिर्फ अच्छी फॉर्म, बल्कि फिटनेस, निरंतरता और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत होती है। सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ ने 1999 में इस रिकॉर्ड के करीब पहुंचकर अपनी छाप छोड़ी। वहीं, शुभमन गिल ने 2023 में दिखाया कि नई पीढ़ी के बल्लेबाज भी इस स्तर का प्रदर्शन कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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