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Vaibhav Suryavanshi News: उम्र पर सवाल उठाने वालों पर भड़के Brett Lee, बोले- 'ये लड़का कमाल है'

Vaibhav Suryavanshi News: उम्र पर सवाल उठाने वालों पर भड़के Brett Lee, बोले- ‘ये लड़का कमाल है’

भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपनी शानदार बल्लेबाजी को लेकर लगातार चर्चा में हैं। कम उम्र में उनके प्रदर्शन ने क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों को प्रभावित किया है। हालांकि, उनकी उम्र को लेकर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे हैं। अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज Brett Lee ने वैभव का समर्थन करते हुए आलोचकों को जवाब दिया है। ब्रेट ली ने युवा बल्लेबाज की प्रतिभा की तारीफ करते हुए कहा कि वैभव एक शानदार खिलाड़ी हैं और उन्हें उनके खेल के लिए पहचाना जाना चाहिए। वैभव की उम्र पर उठते रहे हैं सवाल वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। इसी वजह से उनके प्रदर्शन के साथ-साथ उनकी उम्र भी चर्चा का विषय बनती रही है। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनकी उम्र को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, वैभव की उम्र से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध हैं और उनके क्रिकेट करियर में कम उम्र में मिली सफलता ने सभी का ध्यान खींचा है। Brett Lee ने किया वैभव का समर्थन ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने वैभव की प्रतिभा पर भरोसा जताया। उन्होंने युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि यह लड़का कमाल का है। ब्रेट ली की बात का सीधा संदेश यही था कि किसी युवा खिलाड़ी की प्रतिभा को उम्र से जोड़कर देखने के बजाय उसके प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए। कम उम्र में बड़े मंच पर बनाई पहचान वैभव सूर्यवंशी ने छोटी उम्र में ही क्रिकेट के बड़े मंच पर अपनी जगह बनाई है। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज देखने को मिलता है। यही वजह है कि क्रिकेट के कई पूर्व खिलाड़ी और विशेषज्ञ उन्हें भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा मान रहे हैं।
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Jharkhand Student Protest: 50% मांगें मानी गईं, फिर भी जारी रहेगा आंदोलन; JPSC-PT पर सहमति, JSSC-CGL पर अटका मामला

Jharkhand Student Protest: 50% मांगें मानी गईं, फिर भी जारी रहेगा आंदोलन; JPSC-PT पर सहमति, JSSC-CGL पर अटका मामला

रांची: झारखंड में छात्रों का आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। सरकार के साथ हुई बातचीत में छात्रों की करीब 50 प्रतिशत मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है। JPSC-PT को रद्द करने की मांग पर सहमति बनी, लेकिन JSSC-CGL को लेकर सरकार और छात्रों के बीच बात नहीं बन सकी। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी क्रम में छात्रों ने कल विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। JPSC-PT रद्द करने पर बनी सहमति सरकार और आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत में JPSC-PT को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी। छात्रों की ओर से परीक्षा रद्द करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। इस मांग पर सरकार की सहमति को छात्रों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। हालांकि, बाकी मांगों को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हुई है। JSSC-CGL पर नहीं बनी बात छात्रों की एक बड़ी मांग JSSC-CGL परीक्षा से भी जुड़ी है। बातचीत के दौरान इस मुद्दे पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति नहीं बन सकी। यही वजह है कि छात्रों ने आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि केवल कुछ मांगें मान लिए जाने से आंदोलन खत्म नहीं होगा। 50 प्रतिशत मांगों पर सहमति का दावा छात्र संगठनों के मुताबिक, सरकार ने उनकी करीब 50 प्रतिशत मांगें मान ली हैं। इसके बावजूद कई अहम मुद्दे अभी बाकी हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक सभी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और लिखित समाधान नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। कल विधानसभा घेराव की तैयारी आंदोलन के अगले चरण में छात्रों ने विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया है। इसके लिए अलग-अलग जिलों से छात्रों के पहुंचने की बात कही जा रही है। छात्रों के विधानसभा घेराव के ऐलान के बाद प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती होगी।
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पिता के गांव पहुंचे तेज प्रताप यादव, ठाठ-बाट छोड़ निकाला गन्ने का जूस, साइकिल से की गली-मोहल्ले की सैर! https://www.aajtak.in/entertainment/ott/story/tej-pratap-yadav-visits-lalu-prasad-yadav-village-made-sugarcane-juice-cycle-ride-used-handpump-tmovf-dskc-2618314-2026-08-09

Tej Pratap Yadav News: पिता के गांव पहुंचे तेज प्रताप, साइकिल से की सैरपिता के गांव पहुंचे

बिहार की राजनीति में अपने अलग अंदाज के लिए चर्चा में रहने वाले तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनका अंदाज किसी राजनीतिक बयान की वजह से नहीं, बल्कि गांव में बिताए सादगी भरे पलों को लेकर चर्चा में है। तेज प्रताप यादव अपने पिता और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के संस्थापक लालू प्रसाद यादव के गांव पहुंचे। यहां उन्होंने आम लोगों के बीच काफी सहज अंदाज में समय बिताया। इस दौरान उन्होंने खुद गन्ने का जूस निकाला और साइकिल से गांव की गलियों में घूमते नजर आए। गांव पहुंचते ही बदला अंदाज शहर की राजनीतिक हलचल और व्यस्त कार्यक्रमों से अलग तेज प्रताप यादव गांव में बिल्कुल देसी अंदाज में दिखाई दिए। उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और गांव की रोजमर्रा की जिंदगी को करीब से महसूस किया। गन्ने का जूस निकालते हुए उनका वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी चर्चा में हैं। उनके इस अंदाज को देखकर वहां मौजूद लोग भी काफी उत्साहित नजर आए। साइकिल से गांव की गलियों में घूमे तेज प्रताप ने गांव में सिर्फ लोगों से मुलाकात ही नहीं की, बल्कि साइकिल लेकर गली-मोहल्लों की सैर भी की। उनका यह अंदाज लोगों को काफी पसंद आया। साइकिल से घूमते हुए उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और आसपास का माहौल देखा। इस दौरान कई लोग उनके साथ तस्वीरें लेते हुए भी नजर आए। राजनीति से अलग दिखी गांव की तस्वीर तेज प्रताप यादव अक्सर अपने अलग अंदाज और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में रहते हैं। लेकिन इस बार उनका गांव वाला अंदाज राजनीति से हटकर नजर आया। गांव में गन्ने का जूस निकालना और साइकिल से घूमना उनके समर्थकों के लिए भी खास पल रहा। सोशल मीडिया पर लोग उनके इस सादगी भरे अंदाज की चर्चा कर रहे हैं।
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Famous Forts in India: भारत की शान हैं ये 10 ऐतिहासिक किले, इस 15 अगस्त बनाएं घूमने का प्लान

Famous Forts in India: भारत की शान हैं ये 10 ऐतिहासिक किले, इस 15 अगस्त बनाएं घूमने का प्लान

15 अगस्त यानी Independence Day आने वाला है। अगर इस बार छुट्टी में कुछ अलग देखने और घूमने का मन है, तो भारत के ऐतिहासिक किलों का सफर एक शानदार विकल्प हो सकता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद ये किले सिर्फ पत्थरों से बनी इमारतें नहीं हैं, बल्कि भारत के इतिहास, संस्कृति और वीरता की कहानी भी बताते हैं। राजस्थान से लेकर दिल्ली, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तक कई ऐसे शानदार किले हैं, जहां घूमने के साथ आपको देश के गौरवशाली अतीत को करीब से समझने का मौका मिलता है। आइए जानते हैं भारत के 10 प्रसिद्ध किलों के बारे में, जिन्हें आप इस Independence Day पर अपनी travel list में शामिल कर सकते हैं। 1. लाल किला, दिल्ली दिल्ली का लाल किला भारत के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। मुगल बादशाह शाहजहां ने इसका निर्माण कराया था। हर साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री यहीं से देश को संबोधित करते हैं। लाल किले की भव्य दीवारें और ऐतिहासिक महत्व इसे Independence Day पर घूमने के लिए खास जगह बनाते हैं। 2. आमेर किला, राजस्थान जयपुर के पास स्थित आमेर किला अपनी खूबसूरत वास्तुकला और राजसी अंदाज के लिए मशहूर है। पहाड़ी पर बना यह किला दूर से ही बेहद शानदार दिखाई देता है। किले के अंदर महल, आंगन और नक्काशीदार दीवारें राजस्थान के शाही इतिहास की झलक दिखाती हैं। 3. मेहरानगढ़ किला, जोधपुर जोधपुर का मेहरानगढ़ किला राजस्थान के सबसे शानदार किलों में गिना जाता है। ऊंची पहाड़ी पर बना यह किला जोधपुर शहर का खूबसूरत नजारा भी दिखाता है। इतिहास और architecture पसंद करने वाले लोगों के लिए यह जगह काफी खास है। 4. चित्तौड़गढ़ किला, राजस्थान चित्तौड़गढ़ किला राजस्थान के इतिहास और वीरता की याद दिलाता है। यह विशाल किला कई ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह रहा है। किले में विजय स्तंभ सहित कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं। अगर आपको इतिहास से जुड़ी जगहें पसंद हैं तो यहां जाना यादगार हो सकता है। 5. ग्वालियर किला, मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश का ग्वालियर किला देश के प्रमुख ऐतिहासिक किलों में शामिल है। पहाड़ी पर बने इस किले की विशाल दीवारें और शानदार वास्तुकला पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। किले का इतिहास कई राजवंशों से जुड़ा रहा है, इसलिए यहां घूमना इतिहास को करीब से जानने का अच्छा अनुभव हो सकता है। 6. आगरा किला, उत्तर प्रदेश ताजमहल के शहर आगरा में स्थित आगरा किला भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। लाल बलुआ पत्थर से बना यह किला मुगल वास्तुकला का शानदार उदाहरण है। अगर आप Independence Day पर आगरा घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इस ऐतिहासिक किले को अपनी यात्रा में जरूर शामिल कर सकते हैं। 7. रायगढ़ किला, महाराष्ट्र महाराष्ट्र का रायगढ़ किला छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है। पहाड़ी इलाके में स्थित यह किला इतिहास और प्रकृति दोनों का अनुभव देता है। यहां पहुंचकर आपको मराठा इतिहास की कई महत्वपूर्ण यादों से रूबरू होने का मौका मिलता है। 8. गोलकुंडा किला, हैदराबाद हैदराबाद का गोलकुंडा किला अपनी मजबूत दीवारों और शानदार वास्तुकला के लिए जाना जाता है। किले की बनावट और उससे जुड़ी ऐतिहासिक कहानियां इसे खास बनाती हैं। हैदराबाद घूमने जाएं तो गोलकुंडा फोर्ट आपकी travel list में जरूर होना चाहिए। 9. सिंधुदुर्ग किला, महाराष्ट्र समुद्र के बीच बने सिंधुदुर्ग किले की खूबसूरती इसे बाकी किलों से अलग बनाती है। यह किला मराठा इतिहास से जुड़ा हुआ है और समुद्र के बीच इसकी लोकेशन बेहद आकर्षक है। अगर आपको history के साथ समुद्र का नजारा भी पसंद है, तो यह जगह आपके लिए बेहतरीन हो सकती है। 10. जैसलमेर किला, राजस्थान राजस्थान का जैसलमेर किला अपनी सुनहरी रंगत के कारण ‘Golden Fort’ के नाम से भी जाना जाता है। रेगिस्तान के बीच बना यह किला जैसलमेर की पहचान है।
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Rahul Gandhi Prayagraj Visit: किरेन रिजिजू का तंज- 'बड़ी गलती कर दी, रांची जाना चाहिए था'

Rahul Gandhi Prayagraj Visit: किरेन रिजिजू का तंज- ‘बड़ी गलती कर दी, रांची जाना चाहिए था’

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे को लेकर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें प्रयागराज की जगह रांची जाना चाहिए था। रिजिजू ने यह टिप्पणी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की। राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे पर रिजिजू का कटाक्ष राहुल गांधी रविवार को प्रयागराज पहुंचे थे, जहां उन्होंने छात्रों से जुड़े एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसी दौरे को लेकर किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। रिजिजू ने लिखा कि राहुल गांधी को प्रयागराज के बजाय रांची जाना चाहिए था। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि राहुल गांधी ने बड़ी गलती कर दी है, लेकिन गलतियां इंसान से होती हैं। क्यों रांची का जिक्र कर रहे हैं रिजिजू? रिजिजू की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब झारखंड में छात्रों से जुड़ा आंदोलन भी चर्चा में है। इसी वजह से उन्होंने राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे को रांची से जोड़ते हुए राजनीतिक निशाना साधा। राहुल गांधी का प्रयागराज कार्यक्रम छात्रों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित था। वहीं, रिजिजू के बयान ने इस पूरे मामले को राजनीतिक बहस का नया मुद्दा बना दिया है। सोशल मीडिया पर शुरू हुई सियासी बहस किरेन रिजिजू की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे को लेकर चर्चा तेज हो गई। सत्ता पक्ष और विपक्ष के समर्थक अपने-अपने तरीके से इस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। दरअसल, राहुल गांधी का छात्रों के बीच पहुंचना और उनसे जुड़े मुद्दों पर बात करना पहले से ही राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा था। अब रिजिजू की टिप्पणी के बाद इस दौरे पर सियासी बयानबाजी और बढ़ गई है।
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Mangal Rahu Yuti 2026: 18 सितंबर तक मंगल-राहु का प्रभाव, इन 4 राशियों को मिल सकता है धन लाभ

Mangal Rahu Yuti 2026: 18 सितंबर तक मंगल-राहु का प्रभाव, इन 4 राशियों को मिल सकता है धन लाभ

ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की चाल का असर सभी राशियों पर अलग-अलग देखने को मिलता है। इस समय मंगल और राहु की स्थिति को लेकर काफी चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि 18 सितंबर 2026 तक मंगल और राहु का प्रभाव कुछ राशियों के लिए आर्थिक मामलों में अच्छा रह सकता है। ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा, साहस, जमीन-जायदाद और आत्मविश्वास का कारक माना जाता है, जबकि राहु को अचानक होने वाले बदलाव, महत्वाकांक्षा और अप्रत्याशित घटनाओं से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में दोनों ग्रहों का प्रभाव कुछ लोगों के लिए नए अवसर लेकर आ सकता है। हालांकि, यह ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित अनुमान है। इसका असर हर व्यक्ति की कुंडली के अनुसार अलग हो सकता है। किन 4 राशियों को मिल सकता है फायदा? 1. मेष राशि मेष राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक रूप से कुछ बेहतर रह सकता है। रुके हुए काम आगे बढ़ने की संभावना है। नौकरी या कारोबार से जुड़े लोगों को कोई नया अवसर मिल सकता है। अचानक किसी स्रोत से धन मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है। अगर आप लंबे समय से किसी निवेश या प्रॉपर्टी से जुड़े फैसले के बारे में सोच रहे हैं तो जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। 2. मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए मंगल-राहु का प्रभाव कामकाज में नई ऊर्जा ला सकता है। नौकरी करने वाले लोगों को नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिल सकता है। कारोबार करने वालों को भी किसी नए प्रोजेक्ट या डील से फायदा मिलने की संभावना बन सकती है। इस दौरान मेहनत के साथ सही फैसले लेना आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। 3. सिंह राशि सिंह राशि के जातकों के लिए आने वाला समय आर्थिक मामलों में सकारात्मक हो सकता है। अचानक कोई अच्छी खबर मिल सकती है। आय के नए रास्ते खुलने की संभावना है और पुराने प्रयासों का फायदा भी मिल सकता है। परिवार में किसी जरूरी काम के लिए खर्च हो सकता है, इसलिए पैसों से जुड़े मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। 4. धनु राशि धनु राशि वालों के लिए मंगल और राहु का प्रभाव करियर और आर्थिक स्थिति में बदलाव ला सकता है। नौकरी या कारोबार में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। कुछ लोगों को अचानक आर्थिक लाभ मिलने की संभावना भी बताई जा रही है।
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Bihar News: थाने की चारदीवारी से गायब हुआ 18 चक्का Truck, थानाध्यक्ष बोले- मुझे कोई जानकारी नहीं

Bihar News: थाने की चारदीवारी से गायब हुआ 18 चक्का Truck, थानाध्यक्ष बोले- मुझे कोई जानकारी नहीं

बिहार: बिहार से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां जिस 18 चक्का ट्रक को पुलिस थाने की चारदीवारी के अंदर सुरक्षित रखा गया था, वही अचानक गायब हो गया। मामला सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब ट्रक के गायब होने को लेकर थानाध्यक्ष से सवाल किया गया तो उन्होंने इस मामले में जानकारी होने से इनकार कर दिया। अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर थाने की निगरानी में खड़ा इतना बड़ा ट्रक वहां से कैसे गायब हो गया? थाने से कैसे गायब हुआ ट्रक? जानकारी के मुताबिक, 18 चक्का ट्रक पुलिस थाने की चारदीवारी के अंदर खड़ा था। यह जगह आम तौर पर पुलिस की निगरानी में रहती है। इसके बावजूद ट्रक के वहां से गायब होने की खबर ने लोगों को हैरान कर दिया है। मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर थाने की चारदीवारी के अंदर खड़ा भारी-भरकम ट्रक सुरक्षित नहीं है, तो पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। थानाध्यक्ष ने क्या कहा? जब इस मामले में थानाध्यक्ष से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें ट्रक के गायब होने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। थानाध्यक्ष के इस जवाब के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है। अब पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि ट्रक आखिर कब और किस तरह थाने से बाहर गया। पुलिस की निगरानी पर उठे सवाल 18 चक्का ट्रक कोई छोटी चीज नहीं है। उसे थाने की चारदीवारी से बाहर ले जाने के लिए वाहन को गेट से निकालना पड़ा होगा। ऐसे में यह सवाल अहम है कि ट्रक को बाहर ले जाते समय किसी ने देखा क्यों नहीं? स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। लोग पूरे मामले की जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग कर रहे हैं। जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई फिलहाल ट्रक के गायब होने की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि ट्रक थाने में कब तक मौजूद था, उसे वहां किस वजह से रखा गया था और वह किस समय थाने से बाहर गया। इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और गायब हुए 18 चक्का ट्रक का पता कब तक लगाया जाता है।
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Reservation पर रार: Creamy Layer को लेकर मायावती का RSS पर निशाना, बोलीं- बात करना ही गलत

Reservation पर रार: Creamy Layer को लेकर मायावती का RSS पर निशाना, बोलीं- बात करना ही गलत

आरक्षण के मुद्दे पर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ लागू करने की चर्चा का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण सिर्फ आर्थिक स्थिति के आधार पर तय होने वाला विषय नहीं है, बल्कि इसका संबंध सामाजिक भेदभाव और पिछड़ेपन से भी है। मायावती ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण से जुड़े बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आरक्षण का मुद्दा बेहद संवेदनशील है और इस पर किसी भी तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। मायावती ने क्रीमी लेयर पर क्या कहा? मायावती के मुताबिक SC और ST समुदायों के लिए आरक्षण का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं है। उन्होंने इसे सामाजिक बदलाव, सम्मान और समान अवसर से जोड़कर बताया। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति या परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर होने के बावजूद जाति आधारित भेदभाव की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती। इसलिए SC/ST आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ की व्यवस्था लागू करने की बात उचित नहीं है। आरक्षण को लेकर क्यों बढ़ी बहस? आरक्षण को लेकर ‘क्रीमी लेयर’ का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। फिलहाल केंद्र सरकार के अनुसार क्रीमी लेयर का प्रावधान OBC आरक्षण में लागू है, जबकि SC/ST के लिए इसे उसी तरह लागू नहीं किया गया है। इसी वजह से SC/ST आरक्षण में क्रीमी लेयर को लेकर कोई भी बयान राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन जाता है। मायावती ने RSS को दी नसीहत मायावती ने आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी को लेकर RSS पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आरक्षण सामाजिक न्याय से जुड़ा संवैधानिक विषय है और इसे लेकर समाज में भ्रम या असंतोष पैदा करने वाले बयानों से बचना चाहिए।
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बिलासपुर रेलवे का सख्त अभियान: एक दिन में 342 बेटिकट यात्री पकड़े, 2.64 लाख का जुर्माना वसूला

बिलासपुर रेलवे मंडल ने बिना टिकट यात्रा और ट्रेनों में बेवजह चेन पुलिंग की घटनाओं पर सख्ती तेज कर दी है। गुरुवार को बिलासपुर रेलवे स्टेशन और यहां से गुजरने वाली ट्रेनों में चलाए गए विशेष नाका टिकट चेकिंग अभियान के दौरान 342 यात्री बिना टिकट या अनियमित टिकट के साथ यात्रा करते पकड़े गए। इनसे कुल 2.64 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। एक दिन में 342 मामलों में कार्रवाई वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान में वाणिज्य निरीक्षक, मुख्य टिकट निरीक्षक और टीटीई स्टाफ ने संयुक्त रूप से जांच की। कार्रवाई के दौरान: कुल मिलाकर 342 मामलों में लगभग 2.64 लाख रुपये की पेनाल्टी वसूली गई। अप्रैल से जुलाई तक 667 चेन पुलिंग के मामले बिलासपुर रेलवे मंडल ने ट्रेनों में बिना कारण अलार्म चेन खींचने की घटनाओं पर भी सख्त कार्रवाई की है। मंडल रेल प्रबंधक राकेश रंजन के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त सौरभ कुमार के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने अप्रैल से जुलाई के बीच 667 मामलों में कार्रवाई की। इन मामलों में रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत दोषियों पर कार्रवाई करते हुए न्यायालय के माध्यम से 3.20 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। बिना वजह चेन खींचना है दंडनीय अपराध रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि बिना किसी वैध कारण के ट्रेन की अलार्म चेन खींचना कानूनन अपराध है। रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत दोषी पाए जाने पर: यात्रियों से रेलवे की अपील रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले वैध टिकट अवश्य खरीदें। स्टेशन परिसर में प्रवेश के लिए प्लेटफॉर्म टिकट का उपयोग करें तथा रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें। गंदगी फैलाने, धूम्रपान करने और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। रेलवे, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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MP की 21.05 करोड़ की सबसे बड़ी साइबर ठगी का खुलासा, मैकेनिकल इंजीनियर समेत दो आरोपी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में ग्वालियर राज्य साइबर जोन पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में रतलाम निवासी मैकेनिकल इंजीनियर अंकित वर्मा को गिरफ्तार किया है। इससे पहले शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय उर्फ फौजी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े थे। इनमें एक बैंक खातों की व्यवस्था करता था, जबकि दूसरा APK फाइल के जरिए OTP ऑटो-फॉरवर्ड करने का काम संभालता था। फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से की 21 करोड़ की ठगी फरियादी एवं वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से ‘Tradecboeus’ नामक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। जांच में सामने आया कि ‘Tradecboeus’ पूरी तरह फर्जी वेबसाइट थी, जिसे निवेशकों को मुनाफे का झांसा देने के लिए तैयार किया गया था। वेबसाइट पर ट्रेडिंग ग्राफ को कृत्रिम रूप से ऊपर-नीचे दिखाया जाता था, जिससे निवेशकों को अधिक लाभ का भ्रम हो और वे लगातार बड़ी रकम निवेश करते रहें। पुलिस के अनुसार, यह पोर्टल विदेशी IP एड्रेस से संचालित किया जा रहा था। झांसे में आकर अशोक विजयवर्गीय ने 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये निवेश कर दिए। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की तो उनसे 10 करोड़ रुपये आयकर (Income Tax) के नाम पर अतिरिक्त भुगतान मांगा गया। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और मामला साइबर पुलिस तक पहुंचा। बैंक खाते से मिला पहला सुराग जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि ठगी की रकम का एक हिस्सा जगदीश मालवीय के बैंक खाते में पहुंचा था। उसके खाते में करीब 50 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। पूछताछ में जगदीश ने बताया कि उसने अपना बैंक खाता अंकित वर्मा को कमीशन के बदले उपलब्ध कराया था। इसके बाद पुलिस ने रतलाम से अंकित वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। APK फाइल से चुराए जाते थे OTP पूछताछ में साइबर ठगी के बेहद संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, आरोपी मोबाइल फोन में APK फाइल इंस्टॉल कराते थे, जिसके बाद बैंक से आने वाले सभी OTP स्वतः मुख्य हैंडलर के पास फॉरवर्ड हो जाते थे। इस तकनीक की मदद से गिरोह बैंक खातों का नियंत्रण हासिल कर लेता था और बड़ी रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर देता था। 6 राज्यों में फैला था नेटवर्क पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ने पीड़ित की रकम देश के कई राज्यों में मौजूद बैंक खातों में ट्रांसफर की। जगदीश मालवीय का बैंक खाता छह राज्यों में हुई साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल पाया गया। इसके बदले उसे प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर 2 प्रतिशत कमीशन मिलता था। तकनीकी जांच से पुलिस को मिली सफलता यह कार्रवाई साइबर पुलिस महानिरीक्षक शियाज ए. और पुलिस अधीक्षक प्रणय नागवंशी के मार्गदर्शन में निरीक्षक मुकेश नारोलिया की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की। गिरफ्तार आरोपी: पुलिस के अनुसार, अंकित वर्मा मैकेनिकल इंजीनियर है और गिरोह के लिए फर्जी बैंक खाते, सिम कार्ड की व्यवस्था तथा APK फाइलों के संचालन का काम संभालता था। अन्य आरोपियों की तलाश जारी साइबर पुलिस का कहना है कि इस अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। जांच के दौरान कई बड़े खुलासे होने की संभावना है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। मध्य प्रदेश, साइबर क्राइम और देश-दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।
BSF

BSF Action: कच्छ के Sir Creek में पकड़े गए 4 Pakistani Fishermen

गुजरात के कच्छ से भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सर क्रीक के संवेदनशील इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ लिया। इस दौरान उनकी फाइबर से बनी मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चारों मछुआरे कथित तौर पर केकड़े पकड़ने के लिए भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुए थे। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई। घटना के बाद एक बार फिर कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मछुआरों के भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। BSF ने कैसे पकड़े चार पाकिस्तानी मछुआरे? India Today की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, BSF को सूचना मिली थी कि कुछ पाकिस्तानी मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद जवानों ने सर क्रीक इलाके में कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए मछुआरों की पहचान कादिर थैमोर, मुहम्मद मूसा, अजगर थैमोर और अहसान जाट के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चारों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान उनकी फाइबर की नाव भी जब्त की गई। फिलहाल, पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। आखिर क्या है मछुआरों का अपराध? इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि चारों मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में क्यों पहुंचे थे। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि वे केकड़े पकड़ने के लिए सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। भारत के जलक्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना या वहां अवैध रूप से मछली पकड़ना संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तय होगी। अभी तक सामने आई रिपोर्ट में चारों मछुआरों के जासूसी या किसी अन्य गंभीर गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को लेकर किसी अपुष्ट दावे को तथ्य मानना सही नहीं होगा। कच्छ का Sir Creek इलाका क्यों है संवेदनशील? गुजरात का कच्छ क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा के पास स्थित है। सर क्रीक एक ज्वारीय जलमार्ग है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और दलदली इलाके के कारण सीमा पर निगरानी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए नावों की आवाजाही होती है। समुद्री सीमा के आसपास होने के कारण किसी दूसरे देश की नाव का भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन जाता है। BSF यहां नियमित गश्त और निगरानी करती है। संदिग्ध नाव या गतिविधि दिखाई देने पर जवान संबंधित लोगों से पूछताछ करते हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। Kutch Border पर हाल की घटनाओं से बढ़ी निगरानी कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में अक्टूबर 2026 के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों और नावों से जुड़े दूसरे मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं। 19 अक्टूबर को कोटेश्वर के पास क्रीक क्षेत्र में गश्त के दौरान BSF ने एक पाकिस्तानी नागरिक को नाव के साथ पकड़ा था। शुरुआती जांच में नाव से मछली पकड़ने के उपकरण मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाए जाने की खबर भी सामने आई। 20 अक्टूबर को कच्छ के लखपत और आसपास के क्रीक क्षेत्र से जुड़ी अन्य घटनाओं की भी रिपोर्ट आई थी। इन मामलों में नावों, पाकिस्तानी नागरिकों और तलाशी अभियान का जिक्र किया गया था। हालांकि, ये अलग-अलग घटनाएं हैं और इन्हें 25 अक्टूबर को पकड़े गए चार मछुआरों के मामले से अलग समझना जरूरी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच समुद्री सीमा पर निगरानी का महत्व बढ़ जाता है। फिर भी, केवल इन घटनाओं के आधार पर किसी बड़ी साजिश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। क्या पाकिस्तानी नाव से कोई संदिग्ध सामान मिला? 25 अक्टूबर की घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्ट में फाइबर की नाव जब्त किए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, नाव से किसी हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामान की बरामदगी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल ऐसी किसी बरामदगी का दावा नहीं किया जा सकता। आगे की जांच में नाव, मछुआरों की गतिविधियों और भारतीय जलक्षेत्र में उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है। अब आगे क्या होगा? चारों मछुआरों को पकड़े जाने के बाद अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित अधिकारी उनकी पहचान, भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश की परिस्थितियों और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BSF ने गुजरात के कच्छ स्थित सर क्रीक इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा है और उनकी नाव जब्त की है। वे भारतीय जलक्षेत्र में किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में BSF की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। मामले में आधिकारिक अपडेट आने पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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