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Noida

Noida Workers Protest वेतन बढ़ाने की मांग पर भड़की हिंसा, तीसरे दिन हालात बिगड़े

Noida के औद्योगिक इलाकों में कर्मचारियों का सैलरी इंक्रीमेंट (Salary Increment) को लेकर चल रहा विरोध अब उग्र हो चुका है। तीन दिनों से जारी यह प्रदर्शन सोमवार को हिंसक हो गया, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। शांत प्रदर्शन से हिंसा तक का सफर शुरुआत में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरे कर्मचारी धीरे-धीरे आक्रोशित होते गए। तीसरे दिन हालात बिगड़ गए और कुछ प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी, जबकि कई जगह आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। पत्थरबाजी के कारण आसपास के इलाकों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ट्रैफिक पर पड़ा बड़ा असर प्रदर्शन का असर सिर्फ फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम लोगों की जिंदगी भी प्रभावित हुई। चिल्ला बॉर्डर, सेक्टर-62 और अन्य प्रमुख रास्तों पर लंबा जाम लग गया। ऑफिस जाने वाले लोग घंटों ट्रैफिक में फंसे रहे, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई। क्यों भड़का कर्मचारियों का गुस्सा? कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन में बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। उनकी मुख्य मांग हरियाणा के बराबर वेतन (Pay Parity) की है। इसके अलावा वे ओवरटाइम का डबल पे, साप्ताहिक छुट्टी और बेहतर मेडिकल सुविधाएं भी चाहते हैं। प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड में स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आए। कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि हालात को काबू में रखा जा सके। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू कर दी है और उनकी मांगों पर जल्द समाधान का भरोसा दिया है। बातचीत से निकलेगा रास्ता? फिलहाल प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत के जरिए इस विवाद का हल निकाला जाए। कुछ प्रस्तावों पर चर्चा चल रही है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Talks Collapse in Islamabad: 21 घंटे की बातचीत बेनतीजा, अमेरिका-ईरान फिर आमने-सामने

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे चली बातचीत बिना नतीजे खत्म, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बयान—कोई समझौता नहीं हुआ। पाकिस्तान की राजधानी Islamabad से एक बड़ी कूटनीतिक खबर सामने आई है। United States और Iran के बीच करीब 21 घंटे चली लंबी बातचीत आखिरकार बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। रविवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ शब्दों में कहा—“यह हमारा आखिरी और बेस्ट ऑफ़र था… अब देखना है कि ईरान इसे कबूल करता है या नहीं।”इतना कहकर उन्होंने सामने रखी मेज़ को दो बार थपथपाया और प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म कर दी। यह अंदाज़ ही बता रहा था कि बातचीत कितनी तनावपूर्ण रही। “कोई समझौता नहीं हुआ” – अमेरिका का साफ संदेश जेडी वेंस ने कहा कि पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच दूरी कम करने की पूरी कोशिश की, लेकिन“बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते तक नहीं पहुंच सके।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह स्थिति अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए नुकसानदायक हो सकती है, क्योंकि फिलहाल कोई डील नहीं बनी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वापस लौट रहा है। आगे क्या? दुनिया की नजर अब इस पर हालांकि बातचीत बेनतीजा रही, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि👉 क्या संघर्ष विराम जारी रहेगा?👉 या फिर तनाव फिर से बढ़ेगा? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आगे अमेरिका और ईरान क्या कदम उठाते हैं। 21 घंटे की बातचीत भले ही नाकाम रही हो, लेकिन कूटनीति के दरवाजे अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। आने वाले दिन तय करेंगे कि यह तनाव शांति में बदलेगा या टकराव और गहरा होगा।
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End of an Era: सुरों की मल्लिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन, देशभर में शोक की लहर

दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन, मुंबई में ली अंतिम सांस। देशभर में शोक, पीएम मोदी समेत कई दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि। भारतीय संगीत जगत से आज एक ऐसी खबर आई है, जिसने करोड़ों दिलों को एक साथ उदास कर दिया। सुरों की मल्लिका, हर दिल की आवाज़ बन चुकीं महान गायिका Asha Bhosle अब हमारे बीच नहीं रहीं। 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने मुंबई में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि उन्हें हाल ही में तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री Narendra Modi सहित कई बड़े नेताओं और फिल्म जगत की हस्तियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया। एक आवाज़, जो कभी नहीं मिटेगी… करीब 7–8 दशकों तक अपनी आवाज़ से जादू बिखेरने वाली Asha Bhosle ने 12,000 से अधिक गीत गाए और हर शैली—ग़ज़ल, पॉप, फिल्मी संगीत—में अपनी अलग पहचान बनाई। वो सिर्फ एक गायिका नहीं थीं, बल्कि एक एहसास थीं…हर उस इंसान की यादों में बसी आवाज़, जिसने कभी प्यार किया, इंतज़ार किया या किसी गीत में खुद को खोजा। फैंस की जुबां पर वही दर्द… “इक तुम ही नहीं तन्हा, उल्फत में मेरी रुसवा…” आज ये लाइन सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि करोड़ों दिलों की हालत बन गई है। सोशल मीडिया पर लोग उनकी याद में पुराने गाने शेयर कर रहे हैं और उन्हें अपने-अपने अंदाज़ में विदाई दे रहे हैं। अंत नहीं, एक अमर शुरुआत Asha Bhosle का जाना एक युग का अंत जरूर है, लेकिन उनकी आवाज़ कभी खत्म नहीं होगी।वो हर उस गीत में जिंदा रहेंगी, जिसे हम बार-बार सुनेंगे…हर उस याद में, जो उनकी आवाज़ से जुड़ी है। आज भारत ने सिर्फ एक गायिका नहीं खोई, बल्कि अपनी आत्मा की आवाज़ खो दी है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे…
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Tension Talks Begin: इस्लामाबाद में आमने-सामने आए ईरान और अमेरिका, ट्रंप का बड़ा बयान

इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत शुरू, ट्रंप ने कहा- ईरान संघर्ष में पीछे। पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका।किस्तान की राजधानी Islamabad में आज एक अहम कूटनीतिक हलचल देखने को मिली, जहां Iran और United States के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत शुरू हो गई है। यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump का बयान भी चर्चा में आ गया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे संघर्ष में ईरान “बुरी तरह हार रहा है”। ट्रंप के इस बयान ने पहले से ही संवेदनशील माहौल को और गर्म कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, बातचीत शाम करीब चार बजे शुरू हुई। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि इस बैठक का पूरा ढांचा क्या है और दोनों पक्ष किस स्तर पर बातचीत कर रहे हैं। आधिकारिक तौर पर भी इस पर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। पाकिस्तानी सरकारी सूत्रों का कहना है कि उनकी कोशिश है कि पहले दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान उनकी मध्यस्थता के जरिए हो। अगर बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ती है, तो आगे चलकर दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत भी हो सकती है। दिलचस्प बात यह है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार रात इस्लामाबाद पहुंचा था, जबकि अमेरिकी टीम शनिवार सुबह यहां आई। इससे साफ है कि यह मुलाकात पहले से तय रणनीति के तहत हो रही है, जिसमें पाकिस्तान एक अहम भूमिका निभा रहा है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बातचीत पर टिकी हुई है, क्योंकि इसके नतीजे आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और क्षेत्रीय स्थिरता पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
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Modi Rahul Gandhi conversation

Rare Moment in Parliament: मोदी और राहुल गांधी की बातचीत बनी चर्चा का केंद्र

महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर संसद में श्रद्धांजलि के दौरान पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच हुई बातचीत ने सबका ध्यान खींचा। नई दिल्ली में महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। संसद परिसर के प्रेरणा स्थल पर जब देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi आमने-सामने आए, तो दोनों के बीच कुछ देर बातचीत भी हुई। राजनीतिक मतभेदों के बीच इस तरह का सहज संवाद कम ही देखने को मिलता है, यही वजह रही कि यह पल कार्यक्रम का सबसे चर्चित क्षण बन गया। वहां मौजूद अन्य नेताओं और लोगों ने भी इस बातचीत को गौर से देखा। इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष Om Birla, केंद्रीय मंत्री Arjun Ram Meghwal और पूर्व राज्यसभा उपसभापति Harivansh Narayan Singh सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। हालांकि बातचीत किस विषय पर हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इस छोटे से संवाद ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जरूर जन्म दे दिया है। पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य महान समाज सुधारक Jyotiba Phule को श्रद्धांजलि देना था, लेकिन मोदी और राहुल गांधी के बीच हुई यह बातचीत ही दिन का सबसे बड़ा आकर्षण बन गई।
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Bengal

Bengal vs TMC मोदी का वार- “डर खत्म, विकास शुरू”

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि “West Bengal अब Parivartan यानी बदलाव के लिए तैयार है।” उन्होंने इशारों-इशारों में All India Trinamool Congress (TMC) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में लंबे समय से डर और दबाव की राजनीति चल रही है, जिससे अब जनता बाहर निकलना चाहती है। “डर नहीं, विकास चाहिए” – जनता का मूड बदल रहा? प्रधानमंत्री के बयान में एक साफ संदेश दिखा—बंगाल की जनता अब सिर्फ वादों से नहीं, बल्कि सुरक्षा, रोजगार और विकास चाहती है। उनके मुताबिक: राजनीतिक गलियारों में इस बयान को चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। Assam में Re-Polling: एक बूथ पर फिर से वोटिंग इसी बीच असम से चुनाव से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है।चुनाव आयोग ने एक सिंगल बूथ पर आज दोबारा मतदान (Re-Polling) कराने का फैसला लिया है। 👉 कारण क्या है? अधिकारियों के मुताबिक इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से हो सके। क्या कहते हैं राजनीतिक संकेत? ग्राउंड पर क्या बदल रहा है? जमीन पर देखें तो तस्वीर दिलचस्प है— हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vrindavan

Vrindavan Accident यमुना में डूबी नाव, भजन से मची चीख-पुकार, 11 की मौत

Vrindavan से आई यह खबर दिल को झकझोर देने वाली है। एक साधारण सी धार्मिक सैर अचानक मातम में बदल गई, जब यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी नाव हादसे का शिकार हो गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 4 लोग अभी भी लापता हैं। भजन से चीखों तक… कुछ ही पलों में बदल गया माहौल शुक्रवार का दिन था। लोग **Yamuna River में नाव की सवारी का आनंद ले रहे थे, कुछ भजन गा रहे थे, तो कुछ मोबाइल में यादें कैद कर रहे थे। लेकिन अचानक नाव डगमगाने लगी। चश्मदीद बताते हैं कि इससे पहले कोई कुछ समझ पाता, नाव पलट गई और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। हादसे की वजह: एक के बाद एक बड़ी लापरवाही प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं: इन सब कारणों ने मिलकर इस हादसे को और भी भयावह बना दिया। 250 गोताखोरों की मदद से जारी है तलाश हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। प्रशासन का कहना है कि जब तक आखिरी लापता व्यक्ति नहीं मिल जाता, ऑपरेशन बंद नहीं होगा। नाव मालिक का गैरजिम्मेदाराना रवैया सबसे हैरान करने वाली बात ये रही कि हादसे के बाद नाव मालिक मौके से फरार हो गया। हालांकि, पुलिस ने बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। परिवारों में पसरा मातम इस हादसे ने कई घरों की खुशियां छीन लीं। जो लोग कुछ देर पहले हंसते-गाते नजर आ रहे थे, वही अब अपने परिवारों से हमेशा के लिए दूर हो गए। घायलों का इलाज चल रहा है और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया गया है। प्रशासन सख्त, जांच शुरू हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Artemis II

Moon Orbit से Earth वापसी Artemis II के Astronauts ने रचा इतिहास, 11.17 लाख KM का सफर

अंतरिक्ष इतिहास में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। Artemis II मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा कर सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए। यह मिशन सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि आने वाले चंद्रमा अभियानों की मजबूत नींव भी माना जा रहा है। सुबह करीब 5:37 बजे, अंतरिक्ष यान ने Pacific Ocean में सफलतापूर्वक स्प्लैशडाउन किया। जैसे ही कैप्सूल पानी में उतरा, रिकवरी टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी astronauts को सुरक्षित बाहर निकाला। यह पल हर उस व्यक्ति के लिए खास था जो इस मिशन से जुड़ा रहा। 11.17 लाख किलोमीटर का सफर, हर पल रहा अहम इस मिशन के दौरान astronauts ने लगभग 11.17 लाख किलोमीटर की दूरी तय की। उन्होंने चंद्रमा के चारों ओर घूमते हुए कई महत्वपूर्ण डेटा इकट्ठा किए। यह डेटा आने वाले मिशनों के लिए बेहद काम का साबित होगा। Orion Spacecraft ने निभाई बड़ी जिम्मेदारी इस पूरे मिशन में Orion spacecraft ने अहम भूमिका निभाई। यह spacecraft खासतौर पर deep space missions के लिए तैयार किया गया है और इसने एक बार फिर अपनी क्षमता साबित कर दी। Artemis Program का अहम पड़ाव NASA का Artemis Program इंसानों को दोबारा चंद्रमा पर भेजने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। Artemis II को एक टेस्ट मिशन के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने भविष्य की राह आसान कर दी है। अब सभी की नजरें Artemis III पर टिकी हैं, जिसमें astronauts को चंद्रमा की सतह पर उतारने की योजना है। क्यों खास है ये मिशन? इस मिशन ने यह साबित कर दिया कि इंसान एक बार फिर गहरे अंतरिक्ष में लंबी दूरी की यात्रा करने के लिए तैयार है। यह सिर्फ तकनीक की जीत नहीं, बल्कि इंसानी हौसले और जिज्ञासा का भी प्रतीक है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nitish Kumar

Nitish Kumar Rajya Sabha Entry नीतीश कुमार ने MP के रूप में ली शपथ, शुरू हुई नई पारी

भारतीय राजनीति में एक अहम बदलाव देखने को मिला है। Nitish Kumar ने अब राज्यसभा सदस्य (MP) के रूप में शपथ लेकर अपनी नई संसदीय पारी की शुरुआत कर दी है। बिहार की सियासत में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद उनका यह कदम अब राष्ट्रीय राजनीति की ओर बढ़ते फोकस को दिखाता है। राज्यसभा में शपथ, बदली भूमिका Bihar के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने Rajya Sabha में सदस्य के तौर पर शपथ ली। यह सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। शपथ ग्रहण के दौरान संसद में मौजूद नेताओं और राजनीतिक गलियारों में इस कदम को लेकर काफी चर्चा रही। बिहार से बाहर, अब राष्ट्रीय राजनीति पर नजर नीतीश कुमार ने वर्षों तक बिहार की राजनीति को दिशा दी। अब राज्यसभा में उनकी एंट्री इस बात का संकेत है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनकी मौजूदगी संसद में कई अहम मुद्दों पर संतुलन बना सकती है और विपक्ष की रणनीति को भी मजबूती दे सकती है। क्यों अहम है यह कदम? नीतीश कुमार के राज्यसभा पहुंचने के पीछे कई बड़े मायने छिपे हैं— आने वाले समय में क्या असर होगा? राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आने वाले चुनावों और गठबंधन समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। नीतीश कुमार की रणनीति और अनुभव उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक अहम खिलाड़ी बना सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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RBI

RBI New Rule ₹10,000 से ज्यादा UPI Payment पर लगेगा 1 घंटे का Hold, जानिए पूरा अपडेट

डिजिटल इंडिया के दौर में जहां UPI और ऑनलाइन पेमेंट ने जिंदगी आसान बनाई है, वहीं फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक नया प्रस्ताव पेश किया है, जो आने वाले समय में आपके पेमेंट करने के तरीके को बदल सकता है। क्या है पूरा मामला? RBI ने सुझाव दिया है कि अगर आप ₹10,000 से ज्यादा का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं—जैसे UPI या IMPS—तो पैसा तुरंत ट्रांसफर नहीं होगा। इसके बजाय: आम लोगों के लिए क्या बदलेगा? मान लीजिए आपने गलती से किसी गलत अकाउंट में पैसे भेज दिए या किसी स्कैम कॉल में आकर ट्रांसफर कर दिया—तो अब आपके पास उसे रोकने का मौका होगा। यह 1 घंटे का समय: किन पेमेंट पर नहीं लगेगा Hold? RBI ने साफ किया है कि हर ट्रांजैक्शन पर यह नियम लागू नहीं होगा: इन मामलों में पेमेंट पहले की तरह तुरंत ही पूरा होगा। ‘Kill Switch’ क्या है? (सबसे बड़ा सेफ्टी फीचर) इस प्रस्ताव में एक और खास फीचर शामिल है—Kill Switch। आसान भाषा में:अगर आपको लगे कि आपका अकाउंट खतरे में है, तो आप एक बटन दबाकर: सब कुछ तुरंत बंद कर सकते हैं। यह फीचर बड़े फ्रॉड को रोकने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। बुजुर्गों के लिए खास सुरक्षा RBI ने सीनियर सिटीज़न्स को ध्यान में रखते हुए भी सुझाव दिया है: अभी लागू हुआ या नहीं? नहीं, अभी यह नियम लागू नहीं हुआ हैयह सिर्फ एक Proposal (Discussion Paper) है RBI ने लोगों से इस पर सुझाव मांगे हैं, उसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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