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Pahalgam Terror Attack

Pahalgam Terror Attack के बाद Pakistan Army Chief को अपने ही देश में झेलना पड़ा विरोध

📰 Desh Harpal | राष्ट्रीय समाचार इस्लामाबाद और पहलगाम के बीच तनाव की कड़ी जुड़ती दिख रही है। Pahalgam Terror Attack- पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के बाद, Pakistan Army Chief असीम मुनीर (General Asim Munir) एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। दरअसल, इस हमले से ठीक पाँच दिन पहले उन्होंने इस्लामाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कश्मीर को लेकर एक उकसावे वाला बयान दिया था, जिसे भारत ही नहीं, अब उनके अपने देश के सोशल मीडिया यूज़र्स भी खारिज कर रहे हैं। मुनीर ने अपने भाषण में कश्मीर को पाकिस्तान की “गर्दन की नस” बताते हुए कहा था, “हम इसे नहीं भूलेंगे और अपने कश्मीरी भाइयों को संघर्ष में अकेला नहीं छोड़ेंगे।” उन्होंने भारत-पाक विभाजन के पीछे दो-राष्ट्र सिद्धांत को भी सही ठहराते हुए कहा, “हमारे पूर्वजों ने पाकिस्तान इसलिए बनाया क्योंकि हम हिंदुओं से पूरी तरह अलग थे – हमारी परंपराएं, धर्म, सोच, और रीति-रिवाज सब अलग हैं।” लेकिन पहलगाम की इस क्रूर घटना ने उनके इस बयान को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर कई पाकिस्तानी यूज़र्स ने उन्हें घेरते हुए पूछा है कि क्या कश्मीर को लेकर इस तरह की भड़काऊ बातें करना ही समाधान है? कई लोगों ने यह भी कहा कि जब पाकिस्तान खुद आंतरिक उथल-पुथल से जूझ रहा है, तब ऐसे बयानों से क्षेत्रीय शांति को खतरा पैदा करना गैर-जिम्मेदाराना है। एक पाकिस्तानी ट्विटर यूजर ने लिखा, “जब मुल्क में खुद रोटी नसीब नहीं हो रही, तब दूसरों की ‘गर्दन की नस’ पकड़ने की बात करना बेवकूफी नहीं तो और क्या है?” वहीं एक और यूजर ने तीखा सवाल दागा, “आपके बयान के बाद ही 26 बेगुनाह लोग मारे गए। क्या ये ‘भाईचारा’ है?” भारत में इस हमले को लेकर ग़ुस्सा है ही, लेकिन अब पाकिस्तान के भीतर से भी असीम मुनीर को जवाब मिलना यह दर्शाता है कि केवल भारत ही नहीं, उनके अपने देशवासी भी अब युद्धोन्माद और धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति से थक चुके हैं। 📌 Desh Harpal पर पढ़ते रहिए ऐसे ही निर्भीक और राष्ट्रवादी खबरें।
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Pahalgam Attack Live

Pahalgam Attack Live: पाकिस्तान में बंद होगा भारतीय उच्चायुक्त, सिंधु जल समझौता रोका गया

23 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारत की सुरक्षा और पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय निम्नलिखित हैं:​ यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली और इसमें लिए गए निर्णयों से स्पष्ट है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।​ पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के कड़े कदम
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Pahalgam terror attack

Pahalgam Terror Attack में शहीद Navy Officer Lt. Vinay Narwal को पत्नी ने दी अंतिम विदाई, कांप उठी हर आंख

भारतीय नौसेना के OFFICER लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी ने अपने पति को भावभीनी विदाई दी, जो पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। दोनों की शादी 16 अप्रैल को हुई थी।हाथ जोड़कर विनती कर रही थीं, “मेरे पति को छोड़ दो!” लेकिन क्रूर आतंकियों ने एक न सुनी और गोलियों से भून दिया। इन आसुओं और चीख का जिम्मेदार कौन? Lt. Vinay Narwal की पत्नी के दर्द को और उनकी हालत को देखिए! महज 6 दिन पहले उनकी शादी हुई थी और हनीमून के लिए वे कश्मीर के पहलगाम गए थे।
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Pahalgam terror attack

Pahalgam terror attack: ‘चाय-पंक्चर-ढाबा-पौनी’, क्या इन पर भरोसा बना इंटेलिजेंस चूक

Intelligence Failure in Pahalgam? Sleeper Cells, Local Informants & TRF Network Exposed Pahalgam terror attack- Intelligence Failure एक बार फिर Jammu-Kashmir की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकियों के पास सुरक्षा ढांचे, पुलिस मूवमेंट और इलाके की बारीक जानकारियां पहले से मौजूद थीं। मंगलवार दोपहर हुए इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई, जबकि 17 लोग घायल हुए। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की फ्रंट विंग The Resistance Front (TRF) ने ली है। सूत्रों का मानना है कि इस हमले की योजना बड़ी बारीकी से बनाई गई थी। आतंकियों को न सिर्फ गश्त की टाइमिंग की जानकारी थी, बल्कि वे जानते थे कि किस समय सुरक्षा बल मौके पर नहीं होंगे। Sleeper Cells ने आतंकियों को लोकल मूवमेंट, पुलिस चौकी की दूरी और पर्यटकों की मौजूदगी के बारे में पूरी सूचना दी थी। जिन चाय वालों, ढाबा संचालकों, पंक्चर मेकेनिकों और Mule-Pony Operators को आमतौर पर शक के दायरे से बाहर रखा जाता है, वहीं अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का कारण बनते जा रहे हैं। इन स्थानीय लोगों को पहचानना मुश्किल होता है, क्योंकि वे क्षेत्रीय भाषा जानते हैं, इलाके के भूगोल से वाकिफ हैं और पर्यटकों के साथ सहजता से घुलमिल जाते हैं। Retired Defence Expert Capt. Anil Gaur का कहना है कि ऐसे Sleeper Cells लंबे समय से घाटी में सक्रिय हैं। साल 2020 में भारतीय खुफिया एजेंसियों ने ISI और जैश-ए-मोहम्मद के एक ऑडियो इंटरसेप्ट से यह खुलासा किया था कि कैसे पंक्चर की दुकानें, ढाबे और चाय स्टॉल आतंकियों के मददगार के रूप में काम कर रहे हैं। सड़क किनारे प्लास्टिक में हथियार छिपाने, संचार यंत्र रखने और क्रॉस फायरिंग के लिए चुनी गई जगहों की प्लानिंग बाकायदा पाकिस्तान की एजेंसियों द्वारा की जाती है। Why this matters now? क्योंकि पहलगाम जैसे संवेदनशील इलाके में इतनी बड़ी संख्या में पर्यटकों की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा बलों की गैरमौजूदगी और आतंकियों की सटीक रणनीति दर्शाती है कि ground intelligence बुरी तरह फेल हुई है। सुरक्षा बलों के विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि हमले के वक्त कोई क्रॉस फायरिंग नहीं हुई, क्योंकि आस-पास कोई सुरक्षा बल मौजूद ही नहीं था। ये भी देखा गया कि आतंकी घोड़ों, खच्चरों और ढाबों के बीच से निकले, लेकिन इन पर किसी को शक नहीं हुआ। यही नहीं, हमला होने के काफी देर बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे – तब तक आतंकी जंगलों की ओर भाग चुके थे। घटना की एक और चिंताजनक बात यह है कि आतंकी ढाबा संचालकों और उनके कर्मचारियों को टारगेट नहीं कर रहे थे – इसका मतलब साफ है कि वे ‘अपने लोग’ थे या उन्हें पहले से सावधान किया गया था। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि ऐसी घटनाएं आतंकियों की गहरी local network intelligence की ओर इशारा करती हैं। Conclusion:अब वक्त आ गया है कि Jammu-Kashmir में चाय बेचने वालों, ढाबा संचालकों और घोड़ा-खच्चर वालों पर भी सतर्क नजर रखी जाए। हर ‘Local’ को ‘Friendly’ मान लेना अब महंगा साबित हो सकता है। सुरक्षा एजेंसियों को पुराने खांचे से बाहर आकर Hybrid Militants और Sleeper Informants की पहचान करनी होगी, नहीं तो अगला हमला और भी ज्यादा विनाशकारी हो सकता है।
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Pahalgam terror attack

Pahalgam Terror Attack: 26 पर्यटकों की हत्या, 2 Pakistani और 2 Local आतंकियों की पहचान, Global निंदा

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल Pahalgam के बैसरन घाटी में सोमवार शाम एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई और 30 से अधिक घायल हुए। यह हमला उस समय हुआ जब सैकड़ों पर्यटक बैसरन में सैर कर रहे थे। आतंकी जंगल की ओर से आए और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। आतंकियों की पहचान और समूह का खुलासा इस भीषण हमले की ज़िम्मेदारी आतंकवादी संगठन ‘कश्मीर रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है, जो लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध माना जाता है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों की संयुक्त जांच में इस हमले में शामिल चार आतंकियों की पहचान की गई है। इनमें दो पाकिस्तानी आतंकियों – अबू हमजा और अबू ताल्हा, तथा दो स्थानीय आतंकवादी – फैयाज़ अहमद लोन (अनंतनाग) और शोएब मीर (कुलगाम) के रूप में पुष्टि हुई है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इन आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर योजनाबद्ध तरीके से इस हमले को अंजाम दिया था, जिसका मकसद अमरनाथ यात्रा से पहले डर का माहौल बनाना था। गिरफ्तारियां और हथियार बरामद पुलिस ने इस हमले में शामिल दो ‘हाइब्रिड आतंकियों’ को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ जारी है जिससे और जानकारी सामने आने की उम्मीद है। सुरक्षा समीक्षा और कड़ी कार्रवाई के निर्देश Pahalgam हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव ने घाटी में सुरक्षा हालात की समीक्षा की और सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा इस जघन्य हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कड़ी निंदा हो रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और श्रीलंका सरकार ने इस घटना पर दुख जताते हुए भारत के साथ एकजुटता दिखाई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी इस हमले की निंदा की और आतंकवाद के हर स्वरूप को खारिज किया। बैसरन घाटी में फिर से सामान्य स्थिति लाने के प्रयास हमले के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटकों से फिलहाल पहलगाम क्षेत्र की यात्रा न करने की अपील की है। Deshharpal पर बने रहें ताज़ा अपडेट्स के लिए।
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PahalgamTerrorist Attack

PahalgamTerrorist Attack: सऊदी से लौटे पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर ही कि डोभाल-जयशंकर से बैठक

(Desh Harpal के लिए विशेष रिपोर्ट): Pahalgam Terrorist Attack – जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। मरने वालों में बड़ी संख्या में पर्यटक शामिल थे, जो छुट्टियां बिताने पहलगाम पहुंचे थे। आतंकियों ने चुन-चुनकर लोगों को निशाना बनाया, जिससे पूरे देश में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई है। इस हमले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi अपना विदेश दौरा बीच में छोड़कर भारत लौट आए। एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्होंने National Security Advisor अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ आपात बैठक की और हमले की पूरी जानकारी ली। इसके बाद पीएम मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की हाई-लेवल मीटिंग बुलाई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले की निंदा हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि “कश्मीर से आ रही खबरें बेहद दुखद हैं। आतंक के खिलाफ अमेरिका, भारत के साथ खड़ा है।” उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए शांति की प्रार्थना की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin, इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu, और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने भी भारत के प्रति एकजुटता जताई है और हमले की कड़ी निंदा की है। इन सभी नेताओं ने कहा कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत अकेला नहीं है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस हमले की योजना सीमापार से रची गई थी और इसका उद्देश्य भारत की Tourism Industry और शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना था। घटनास्थल पर सेना और सुरक्षाबल सक्रिय हैं और इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। भारत सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि इस हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। Desh Harpal की विशेष टिप्पणी:एक ओर भारत अपनी Soft Power और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर आतंकियों की यह कायराना हरकत दर्शाती है कि शांति से उन्हें सबसे ज़्यादा डर लगता है। यह हमला सिर्फ जम्मू-कश्मीर पर नहीं, बल्कि पूरे भारत पर किया गया हमला है।
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Terror Attack in Pahalgam

Jammu-Kashmir Terror Attack in Pahalgam: हिंदुओं को निशाना बनाकर की गई बर्बरता, 26 की मौत, honeymoon पर आए कपल को भी नहीं छोड़ा

Jammu-Kashmir Terror Attack in Pahalgam- जम्मू-कश्मीर के शांत और सुरम्य पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर घाटी की शांति को खून से लाल कर दिया। आतंकियों ने ‘मिनी स्विट्ज़रलैंड’ कहे जाने वाले बैसारन घाटी में टूरिस्ट्स को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 26 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए। यह हमला 2019 के पुलवामा अटैक के बाद का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। हनीमून पर आए थे शुभम, नाम पूछकर सिर में मारी गोली घटना मंगलवार दोपहर करीब 2:45 बजे की है। यूपी से आए शुभम द्विवेदी अपने honeymoonपर पत्नी के साथ पहलगाम पहुंचे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों ने उनसे नाम पूछा और जैसे ही उन्होंने अपना नाम बताया, तुरंत सिर में गोली मार दी। शुभम की दो महीने पहले ही शादी हुई थी। उनकी पत्नी इस हादसे के बाद बेसुध हालत में है। लोकल पुलिस की वर्दी में थे आतंकी, जबरन पढ़वाया ‘कलमा’ पुणे से पहलगाम घूमने आईं आसावरी ने आजतक से बातचीत में बताया कि हमलावर लोकल पुलिस की वर्दी में और मास्क लगाए हुए थे। उन्होंने पर्यटकों, खासकर हिंदू यात्रियों से जबरन ‘कलमा’ पढ़वाने की कोशिश की, और जो नहीं पढ़ पाए, उन्हें गोली मार दी। आसावरी ने रोते हुए बताया कि “मेरे सामने मेरे पापा को तीन गोलियां मारी गईं, और वो वहीं गिर पड़े।” Jammu-Kashmir Terror Attack in Pahalgam: लश्कर-ए-तैयबा ने ली हमले की जिम्मेदारी हमले के कुछ घंटों बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। शुरू में प्रशासन ने केवल 1 मौत की पुष्टि की थी, लेकिन करीब 4 घंटे बाद मीडिया रिपोर्ट्स में 26 मौतों की पुष्टि हुई। मारे गए पर्यटकों के नाम (राज्यवार सूची) घायलों की सूची सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक हलचल पर्यटकों के लिए हेल्पलाइन नंबर घाटी की शांति पर फिर सवाल जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाएं अब एक बार फिर हिंदुओं और टूरिज्म को निशाना बना रही हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक सद्भावना के लिए बड़ा खतरा है। पहलगाम जैसे सुरक्षित माने जाने वाले टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर हमला बताता है कि अब आतंकियों की रणनीति बदल गई है। 👉 Desh Harpal इस हृदयविदारक घटना की कड़ी निंदा करता है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है।सरकार से मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त से सख्त सजा दी जाए।
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Terrorist Attack in Pahalgam

🔴 Terrorist Attack in Pahalgam: पर्यटकों पर हमला, एक की मौत, घोड़े भी घायल

Terrorist Attack in Pahalgam: जम्मू-कश्मीर के टूरिस्ट हॉटस्पॉट पहलगाम के बैसरन इलाके में सोमवार को आतंकियों ने अचानक घुड़सवारी कर रहे पर्यटकों पर फायरिंग कर दी। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है जबकि तीन पर्यटकों समेत कुल सात लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। तीन स्थानीय निवासी भी इस हमले में घायल हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों की संख्या दो से तीन बताई जा रही है और वे पुलिस या आर्मी की यूनिफॉर्म में थे, जिससे किसी को उन पर शक नहीं हुआ। हमले में न केवल इंसानों को बल्कि घोड़ों को भी निशाना बनाया गया, जिन पर गोलियां चलीं। कई घोड़े गंभीर रूप से घायल हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए CRPF की अतिरिक्त Quick Reaction Team (QRT) को मौके पर भेजा गया है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और टूरिस्ट ज़ोन को पूरी तरह सील कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि आतंक का यह नया चेहरा सीधे घाटी की टूरिज़्म इंडस्ट्री को निशाना बना रहा है, जिससे ना सिर्फ स्थानीय रोजगार प्रभावित होगा बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा पर भी सवाल उठे हैं। हमले के वक्त टूरिस्ट ग्रुप घुड़सवारी का आनंद ले रहा था, तभी अचानक गोलियों की बौछार शुरू हो गई, जिससे भगदड़ मच गई। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मृतक की पहचान की जा रही है। यह हमला उस वक्त हुआ है जब गर्मियों का टूरिस्ट सीजन शुरू हो चुका है और पहलगाम में टूरिस्ट्स की संख्या लगातार बढ़ रही थी। सुरक्षा एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं हमलावरों का मकसद घाटी में डर का माहौल बनाकर टूरिज़्म को नुकसान पहुंचाना तो नहीं। Desh Harpal इस घटना की पल-पल की अपडेट्स आप तक पहुंचाता रहेगा।
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UPSC CSE Final Result 2024: प्रयागराज के शक्ति दुबे ने देश में टॉप किया, कुल 1009 अभ्यर्थी चयनित

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने आज 22 अप्रैल 2025 को सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2024 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) के शक्ति दुबे ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर देशभर में टॉप किया है। UPSC द्वारा कुल 1009 उम्मीदवारों की नियुक्ति की सिफारिश की गई है। टॉप 10 सफल उम्मीदवारों की सूची: टॉप 3 उम्मीदवारों की प्रोफाइल: परीक्षा प्रक्रिया और आंकड़े: कुल 14,627 उम्मीदवारों ने मुख्य परीक्षा दी थी, जिनमें से 2,845 साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट हुए। अंततः 1,009 अभ्यर्थियों (725 पुरुष और 284 महिलाएं) को चयनित किया गया है। सेवा आवंटन विवरण: UPSC ने 230 उम्मीदवारों की रिजर्व सूची भी जारी की है, जबकि 241 अभ्यर्थियों का परिणाम प्रोविजनल है। महिला उम्मीदवारों की उल्लेखनीय भागीदारी: इस वर्ष टॉप 5 में से 3 स्थान महिलाओं के पास हैं, जो सिविल सेवा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। परिणाम देखने के लिए: उम्मीदवार UPSC की आधिकारिक वेबसाइट https://www.upsc.gov.in पर पूरी चयनित सूची देख सकते हैं।
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Congress

Judicial Politics और Congress का ‘संविधान बचाओ’ ड्रामा – निशिकांत दुबे का तगड़ा वार

(Desh Harpal l News Desk):BJP सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर Congress पर करारा हमला बोला है, लेकिन इस बार उनका निशाना बना एक ऐसा नाम जिसे लेकर राजनीति और न्यायपालिका के संबंधों पर गंभीर सवाल उठाए जा सकते हैं – Justice Baharul Islam. निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया और संसद में Judicial Politics और Congress का ‘संविधान बचाओ’ ड्रामा – निशिकांत दुबे का तगड़ा वार की संविधान बचाओ मुहिम को ‘मजेदार कहानी’ बताते हुए तंज कसा कि Judicial Politics और Congress का ‘संविधान बचाओ’ ड्रामा – निशिकांत दुबे का तगड़ा वारही वो पार्टी है जो जब सत्ता में थी, तब उसने कैसे न्यायपालिका का अपने हिसाब से इस्तेमाल किया। उन्होंने Justice Baharul Islam का उदाहरण देते हुए कहा: “1977 में जब इंदिरा गांधी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे, तब Baharul Islam ने वह सभी केस तन्मयता से समाप्त कर दिए। इसके इनामस्वरूप कांग्रेस ने उन्हें 1983 में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर करवा कर तीसरी बार राज्यसभा में भेज दिया।” निशिकांत दुबे के इस बयान की पुष्टि सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट से भी होती है, जहाँ के अनुसार: निशिकांत दुबे ने इस इतिहास को उजागर करते हुए पूछा कि “क्या यही है कांग्रेस की न्यायपालिका की स्वतंत्रता की रक्षा?” इस बयान के जरिए BJP सांसद ने न केवल कांग्रेस की राजनीतिक नीयत पर सवाल उठाया, बल्कि वर्तमान में जारी Judiciary vs Politics बहस को भी एक नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि ये पार्टी सिर्फ जब विपक्ष में होती है, तभी उसे संविधान और न्यायपालिका की याद आती है। अब देखना ये होगा कि कांग्रेस इस गंभीर आरोप का क्या जवाब देती है। लेकिन इतना तो तय है कि Baharul Islam का यह केस एक बार फिर Judicial Appointments और Political Rewards के बीच की ‘Thin Line’ को लोगों के सामने ला रहा है।
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PM Modi

Bengal Election 2026 Krishnanagar में PM Modi का तंज, “झालमुड़ी खाई मैंने, जलन विपक्ष को”

पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों अपने चरम पर है। चुनावी माहौल के बीच कृष्णानगर की रैली में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने खास अंदाज में विपक्ष पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “झालमुड़ी मैंने खाई है, लेकिन जलन उन्हें हो रही है।” यह बयान सुनते ही सभा में मौजूद लोग मुस्कुरा उठे और माहौल हल्का लेकिन राजनीतिक रूप से तीखा हो गया। Krishnanagar Rally में PM Modi का भरोसा— BJP जीतेगी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने साफ कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल की जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने दावा किया कि 4 मई को आने वाले नतीजों में बीजेपी की जीत तय है। मोदी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि जीत के बाद “मिठाई के साथ झालमुड़ी भी बांटी जाएगी”, जो बंगाल की पहचान का हिस्सा है। Mamata Banerjee सरकार पर सीधा हमला अपने भाषण में पीएम मोदी ने बिना नाम लिए मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और उनकी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास की रफ्तार थम गई है और आम लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और हिंसा के मुद्दे अब जनता के बीच बड़े सवाल बन चुके हैं और लोग इसका जवाब वोट से देने को तैयार हैं। ‘Jhalmuri’ बयान क्यों हुआ Viral? Jhalmuri सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि बंगाल की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। पीएम मोदी ने इसी लोकल कनेक्ट का इस्तेमाल करते हुए विपक्ष पर कटाक्ष किया, जिससे उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इस तरह के बयान नेताओं को सीधे जनता से जोड़ते हैं और संदेश ज्यादा प्रभावी बनता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bengal चुनाव के दौरान हिंसा, Humayun Kabir की कार पर हमला BJP कार्यकर्ता पिटे

मतदान के बीच हिंसा से बिगड़ा माहौल बंगाल (Bengal) में वोटिंग के दौरान एक बार फिर हिंसा की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। कई जिलों में झड़प, पथराव और बमबाजी की घटनाओं ने लोगों में डर और असमंजस पैदा कर दिया है। Humayun Kabir की कार पर हमला टीएमसी नेता Humayun Kabir की कार पर वोटिंग के बीच हमला किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि राहत की बात ये रही कि वे सुरक्षित हैं। Suvendu Adhikari के करीबी से मारपीट दूसरी ओर, बीजेपी नेता Suvendu Adhikari के करीबी सहयोगी के साथ भी मारपीट की घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि भीड़ ने उन्हें घेर लिया और दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस घटना ने सियासी माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है। Murshidabad और Malda में सबसे ज्यादा बवाल हिंसा की सबसे ज्यादा खबरें Murshidabad और Malda से आई हैं। यहां कई जगहों पर देसी बम फेंके गए, पथराव हुआ और अलग-अलग राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच भिड़ंत देखने को मिली। कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम खराब होने की शिकायतें भी सामने आईं, जिससे वोटिंग की रफ्तार धीमी पड़ी। प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा बढ़ाई गई प्रशासन ने हालात को संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और चुनाव आयोग भी पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आरोप-प्रत्यारोप के बीच बढ़ा सियासी तनाव इन घटनाओं के बाद टीएमसी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Breaking: ट्रंप का विवादित बयान—भारत-चीन को बताया ‘नर्क’,

Donald Trump controversy: India and China called ‘hellholes’ amid US birthright citizenship debate. Know full analysis, global reaction and political impact. भारत-चीन को ‘नर्क’ बताने से क्यों भड़का विवाद?” अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में हैं। इस बार मामला और बड़ा है… क्योंकि उन्होंने एक पोस्ट शेयर किया जिसमें भारत और चीन जैसे देशों को “hellholes” यानी ‘नर्क जैसे देश’ बताया गया। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में जन्मजात नागरिकता (Birthright Citizenship) को लेकर तीखी बहस चल रही है। क्या है पूरा विवाद? इसी संदर्भ में भारत और चीन का जिक्र करते हुए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। ट्रंप का बड़ा आरोप क्या है? ट्रंप का कहना है: जन्मजात नागरिकता का सिस्टम “लूपहोल” बन गया है इससे अमेरिकी संसाधनों पर दबाव पड़ता है और “चेन माइग्रेशन” को बढ़ावा मिलता हैउन्होंने यहां तक कहा कि इस मुद्दे पर अदालत नहीं, बल्कि “राष्ट्रीय वोट” होना चाहिए। क्यों बढ़ सकती है अंतरराष्ट्रीय नाराज़गी? 👉 भारत और चीन—दोनों अमेरिका के बड़े रणनीतिक और आर्थिक साझेदार👉 ऐसे बयान से कूटनीतिक संबंधों पर असर पड़ सकता है👉 पहले भी ट्रंप के बयान अंतरराष्ट्रीय विवाद खड़े कर चुके हैं विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सिर्फ बयान नहीं… बल्कि अमेरिका की घरेलू राजनीति का हिस्सा हैयह विवाद सिर्फ एक बयान का नहीं है बल्कि अमेरिका की immigration policy की जंग का हिस्सा है असल खेल क्या है? ट्रंप का यह बयानअपने core वोटर्स को मजबूत करने की रणनीति भी माना जा रहा है बड़ी तस्वीर (Big Picture) ट्रंप का यह बयान साफ दिखाता है कि 2026 की राजनीति सिर्फ नीतियों की नहीं… बल्कि नैरेटिव और polarization की भी लड़ाई हैऔर इसी में भारत जैसे देशों का नाम आना…इस बहस को और संवेदनशील बना देता है। इसे भी पढ़े – ईरान का सख्त रुख: “नाकेबंदी खत्म हो, तभी होर्मुज खुलेगा”
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Breaking: बिहार में ‘घर वापसी’ की गूंज, रफीक मियां के परिवार ने अपनाया सनातन धर्म

Bihar East Champaran ghar wapsi case: Rafiq Miyan family adopts Sanatan Dharma. Know full story, background and ground reality analysis. हमने अपनी जड़ें वापस पाईं” – पूर्वी चंपारण से सामने आई बड़ी खबर बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सामाजिक और धार्मिक बहस को फिर तेज कर दिया है।यहां एक मुस्लिम परिवार के 6 सदस्यों ने सनातन धर्म अपनाने का फैसला किया, और इसे अपनी “जड़ों में वापसी” बताया। क्या है पूरा मामला? यह घटना तुरकौलिया प्रखंड के महनवा गांव की बताई जा रही है, जहां रहने वाले रफीक मियां और उनके परिवार ने सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन किया। परिवार का कहना है: उनके पूर्वज मूल रूप से हिंदू थे पीढ़ियों पहले धर्म बदला गया थाअब उन्होंने “अपनी जड़ों में लौटने” का फैसला लियाउनके मुताबिक, यह फैसला पूरी तरह स्वेच्छा से लिया गया, इसमें किसी तरह का दबाव या लालच नहीं था। कैसे हुई ‘घर वापसी’? परिवार के सदस्यों ने कहा कि अब वे सनातन परंपराओं के अनुसार जीवन जीना चाहते हैं। देश हरपल Analysis (सबसे अहम पहलू) यह घटना सिर्फ एक परिवार का फैसला नहीं… बल्कि समाज में चल रही पहचान और आस्था की बहस को भी दिखाती हैकुछ बड़े सवाल: पूर्वी चंपारण का यह मामला साफ करता है कि भारत में धर्म और पहचान का मुद्दा आज भी बेहद संवेदनशील है और ऐसे घटनाक्रम सिर्फ खबर नहीं… बल्कि समाज की बदलती सोच का संकेत भी होते हैं। 👉 ““लव जिहाद और धर्म परिवर्तन: देश में क्या कहता है कानून?” –https://deshharpal.com/love-jihad-debate-nashik-bhopal-cases-facts-law-india/
UP Board Result 2026 LIVE: आzज जारी होंगे 10वीं-12वीं के नतीजे, ऐसे करें चेक

UP Board Result 2026 LIVE: आज जारी होंगे 10वीं-12वीं के नतीजे, ऐसे करें चेक

UP Board Result 2026 UPMSP आज 10वीं और 12वीं बोर्ड के नतीजे जारी करने जा रहा है। लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए आज का दिन बेहद खास और भावनात्मक है। लंबे इंतजार के बाद अब रिजल्ट का समय आ गया है। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र आधिकारिक वेबसाइट Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad (UPMSP) पर जाकर अपना स्कोर चेक कर सकेंगे। इसके लिए छात्रों को अपना रोल नंबर दर्ज करना होगा। हर साल की तरह इस बार भी रिजल्ट को लेकर छात्रों में उत्साह और थोड़ा तनाव दोनों देखा जा रहा है। कई छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, तो कई अपने अच्छे नंबरों की उम्मीद कर रहे हैं। अभिभावक भी बच्चों के साथ इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ऐसे करें UP Board Result 2026 चेक: रिजल्ट जारी होने के बाद वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ने की वजह से साइट धीमी हो सकती है, ऐसे में छात्रों को धैर्य रखने की सलाह दी जाती है। मानसिक दबाव से बचें:रिजल्ट चाहे जैसा भी हो, यह जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं है। अगर नंबर उम्मीद के मुताबिक न आएं तो निराश न हों, आगे कई मौके मिलेंगे। जरूरी है आत्मविश्वास बनाए रखना और आगे की योजना पर ध्यान देना। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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