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महिला आरक्षण बिल

महिला आरक्षण बिल Update 33% Reservation पर चर्चा, Delimitation बना विवाद की जड़

संसद के विशेष सत्र में आज एक ऐसा विधेयक पेश होने जा रहा है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। महिला आरक्षण संशोधन बिल (Women Reservation Bill) को लेकर सियासी माहौल गर्म है। जहां एक ओर सरकार इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष Delimitation (परिसीमन) के मुद्दे पर सवाल खड़े कर रहा है। संसद में क्या होने वाला है? आज लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। इसके साथ ही परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की पूरी संभावना है। जानकारी के अनुसार, इस विषय पर लंबी बहस हो सकती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर करीब 3 बजे सदन को संबोधित कर सकते हैं। क्या है Women Reservation Bill? इस बिल के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अगर यह कानून बनता है, तो देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी एक नए स्तर पर पहुंच सकती है। कई विशेषज्ञ इसे आजादी के बाद का सबसे बड़ा राजनीतिक सुधार मान रहे हैं। Delimitation को लेकर क्यों विवाद? विपक्ष साफ तौर पर कह रहा है कि वह महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे परिसीमन (Delimitation) से जोड़ने पर आपत्ति है। विपक्ष के मुताबिक: कई दलों ने सुझाव दिया है कि पहले मौजूदा सीटों पर ही महिला आरक्षण लागू किया जाए। सरकार का पक्ष सरकार का कहना है कि यह बिल महिलाओं को उनका हक देने और लोकतंत्र को और मजबूत बनाने के लिए लाया गया है। सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि परिसीमन को लेकर गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। क्यों अहम है यह मुद्दा? यह बिल सिर्फ आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए देश की राजनीति का ढांचा भी बदल सकता है। संसद में महिलाओं की संख्या बढ़ने से नीति निर्माण में नए दृष्टिकोण देखने को मिल सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vrindavan Ghost Claim: ‘मैंने कई भूत देखे हैं…’ प्रेमानंद महाराज का दावा, बताया उनका हुलिया

Vrindavan Ghost Claim: ‘मैंने कई भूत देखे हैं…’ प्रेमानंद महाराज का दावा, बताया उनका हुलिया

धार्मिक नगरी Vrindavan से एक अलग तरह की चर्चा सामने आई है। प्रसिद्ध संत Premanand Maharaj ने दावा किया है कि उन्होंने वृंदावन में कई बार भूत-प्रेत देखे हैं। उनके इस बयान के बाद लोगों के बीच जिज्ञासा और चर्चा दोनों बढ़ गई है। क्या कहा प्रेमानंद महाराज ने? Premanand Maharaj ने बताया कि उन्होंने अपने अनुभव में कई बार ऐसे साये देखे हैं, जिन्हें आम इंसान आसानी से नहीं देख पाता। उनका कहना है कि ये शक्तियां अलग तरह की होती हैं और हर किसी को दिखाई नहीं देतीं। कैसा बताया भूतों का हुलिया? महाराज के अनुसार, ये आकृतियां सामान्य इंसानों से अलग दिखती हैं। उन्होंने कहा कि कुछ साये धुंधले होते हैं, तो कुछ अचानक प्रकट होकर गायब हो जाते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि हर अनुभव को डर से नहीं जोड़ना चाहिए। लोगों में बढ़ी दिलचस्पी इस बयान के बाद Vrindavan में आने वाले श्रद्धालुओं और आम लोगों के बीच इस विषय को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे आध्यात्मिक अनुभव मान रहे हैं, तो कुछ इसे व्यक्तिगत धारणा बता रहे हैं। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अनुभव कई बार मानसिक स्थिति, माहौल और विश्वास से जुड़े होते हैं। इसलिए इन बातों को समझदारी और संतुलन के साथ देखना जरूरी है। सावधानी और समझ जरूरी ऐसी बातों को लेकर डरने की बजाय जागरूक रहना ज्यादा जरूरी है। बिना पुख्ता सबूत के किसी भी बात पर भरोसा करने से बचना चाहिए।
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Prayagraj Train Accident: कालका मेल से उतरे यात्रियों को पीछे से आई पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने कुचला, 5 की मौत

Prayagraj Train Accident: कालका मेल से उतरे यात्रियों को पीछे से आई पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने कुचला, 5 की मौत

उत्तर प्रदेश के Prayagraj से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां ट्रेन से उतरकर ट्रैक पर खड़े कुछ यात्रियों को दूसरी ट्रेन ने कुचल दिया, जिससे 5 लोगों की मौत हो गई। कैसे हुआ हादसा? जानकारी के मुताबिक, यात्री Kalka Mail से उतरकर रेलवे ट्रैक पर खड़े थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही Purushottam Express वहां पहुंच गई। अचानक आई ट्रेन को देखकर लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और यह दर्दनाक हादसा हो गया। मौके पर मचा हड़कंप हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन 5 लोगों की जान नहीं बच सकी। प्रशासन और रेलवे की कार्रवाई घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यात्री ट्रैक पर क्यों उतरे। सुरक्षा को लेकर सवाल इस हादसे के बाद रेलवे सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रियों को ट्रैक पर उतरने से बचाने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। मानवीय पहलू यह हादसा एक बड़ी चेतावनी भी है कि रेलवे ट्रैक पर खड़ा होना कितना खतरनाक हो सकता है। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
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Prayagraj PPGCL Power Plant Strike: मजदूरों का विरोध, 12 घंटे की शिफ्ट और कम वेतन बना मुद्दा

Prayagraj PPGCL Power Plant Strike: मजदूरों का विरोध, 12 घंटे की शिफ्ट और कम वेतन बना मुद्दा

उत्तर प्रदेश के Prayagraj स्थित Prayagraj Power Generation Company Limited (PPGCL) पावर प्लांट में मजदूरों ने हड़ताल शुरू कर दी है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से 12 घंटे की शिफ्ट में काम करना पड़ रहा है, लेकिन इसके मुकाबले वेतन काफी कम दिया जा रहा है। क्या हैं मजदूरों की मुख्य मांगें? हड़ताल पर बैठे मजदूरों ने अपनी कई मांगें रखी हैं: मजदूरों का कहना है कि वे लंबे समय से इन समस्याओं को झेल रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। प्रबंधन पर लगाए आरोप मजदूरों ने प्लांट प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि उनकी बातों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। कामकाज पर असर इस हड़ताल का असर पावर प्लांट के कामकाज पर भी पड़ रहा है। अगर यह विरोध लंबा चला, तो बिजली उत्पादन पर असर पड़ सकता है, जिससे आसपास के इलाकों में परेशानी बढ़ सकती है। प्रशासन की नजर स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है, ताकि जल्द से जल्द समाधान निकाला जा सके। आगे क्या? अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रबंधन मजदूरों की मांगों पर क्या फैसला लेता है और क्या यह हड़ताल जल्द खत्म होती है या नहीं।
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Samrat Choudhary CM: पद संभालते ही 5 बड़े फैसले, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का ऐलान

Samrat Choudhary CM: पद संभालते ही 5 बड़े फैसले, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का ऐलान

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Samrat Choudhary ने मुख्यमंत्री पद संभालते ही कई अहम फैसले लिए हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगी। पद संभालते ही दिए 5 बड़े निर्देश मुख्यमंत्री बनते ही Samrat Choudhary ने अधिकारियों और प्रशासन को पांच बड़े निर्देश दिए: भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश Samrat Choudhary ने साफ कहा कि उनकी सरकार में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने की बात कही और अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता से जुड़े मुद्दों पर फोकस नए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य आम लोगों की समस्याओं को जल्द से जल्द हल करना होगा। इसके लिए प्रशासन को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। राजनीति में बढ़ी हलचल इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष भी सरकार के इन कदमों पर नजर बनाए हुए है। आगे क्या उम्मीद? अब देखना होगा कि सरकार अपने इन फैसलों को जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू कर पाती है।
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महिला आरक्षण पर कांग्रेस का समर्थन, डिलिमिटेशन बिल पर Rahul Gandhi का हमला

महिला आरक्षण पर कांग्रेस का समर्थन, डिलिमिटेशन बिल पर Rahul Gandhi का हमला

महिला आरक्षण को लेकर सियासत तेज हो गई है। Indian National Congress ने इस मुद्दे पर अपना समर्थन साफ कर दिया है। वहीं, पार्टी के नेता Rahul Gandhi ने डिलिमिटेशन बिल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने क्या कहा? Rahul Gandhi का कहना है कि डिलिमिटेशन की प्रक्रिया के जरिए OBC, दलित और आदिवासी समुदायों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम सामाजिक संतुलन को बिगाड़ सकता है। महिला आरक्षण पर कांग्रेस का रुख Indian National Congress ने महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। पार्टी का मानना है कि इससे राजनीति में महिलाओं को बराबरी का मौका मिलेगा। डिलिमिटेशन बिल पर क्यों उठे सवाल? डिलिमिटेशन यानी चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्ष का कहना है कि इससे कुछ वर्गों का प्रतिनिधित्व कम हो सकता है। राहुल गांधी ने इसी मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर इसे सही तरीके से लागू नहीं किया गया, तो समाज के कमजोर वर्गों को नुकसान हो सकता है। राजनीति में बढ़ी हलचल इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। एक तरफ सरकार अपने फैसले को सही ठहरा रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। आगे क्या होगा? अब नजर इस बात पर है कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और क्या सभी पक्षों के बीच कोई सहमति बन पाती है या नहीं।
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Breaking News: पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, तेलंगाना HC की जमानत पर लगी रोक

पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा दी गई ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी गई है। जानिए पूरा मामला और आगे क्या होगा। Pawan Khera को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने Supreme Court of India द्वारा सुनवाई के दौरान Telangana High Court के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें उन्हें ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी गई थी। इस फैसले के बाद अब खेड़ा को मिली अस्थायी राहत फिलहाल खत्म हो गई है और उन्हें कानूनी लड़ाई सही क्षेत्राधिकार वाली अदालत में लड़नी होगी। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब Pawan Khera ने असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी को लेकर कुछ गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद Assam में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई। गिरफ्तारी की आशंका के चलते खेड़ा ने सीधे असम जाने के बजाय Telangana हाई कोर्ट का रुख किया और वहां से ट्रांजिट अग्रिम जमानत हासिल कर ली। सुप्रीम कोर्ट ने रोक क्यों लगाई? Supreme Court of India ने इस मामले में कई अहम सवाल उठाए: 🔹 1. क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) पर सवाल केस असम में दर्ज हुआ, फिर तेलंगाना हाई कोर्ट से राहत क्यों ली गई? कोर्ट ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई। 🔹 2. “Forum Shopping” की आशंका सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि आरोपी अपनी सुविधा के अनुसार कोर्ट चुनने की कोशिश नहीं कर सकता। 🔹 3. दस्तावेज़ों में विरोधाभास कोर्ट में पेश किए गए पते और दस्तावेज़ों को लेकर भी सवाल उठे, जिससे पूरे मामले पर संदेह गहराया। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब Pawan Khera को: असम की अदालत में जाकर नियमित अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करना होगा वहीं से उन्हें आगे की कानूनी राहत मिल सकती ह यह मामला सिर्फ एक नेता की जमानत तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े बड़े कानूनी और संवैधानिक मुद्दे सामने आए हैं: सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक मिसाल बन सकता फिलहाल साफ है कि Pawan Khera की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं।अब उनकी अगली रणनीति और असम कोर्ट का रुख ही तय करेगा कि उन्हें राहत मिलती है या नहीं।
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बिहार में नई सरकार: Samrat Choudhary बने मुख्यमंत्री, दो डिप्टी CM ने भी ली शपथ

बिहार में नई सरकार: Samrat Choudhary बने मुख्यमंत्री, दो डिप्टी CM ने भी ली शपथ

बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Samrat Choudhary ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। उनके साथ विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने डिप्टी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली है। शपथ ग्रहण समारोह में कई बड़े नेता और अधिकारी मौजूद रहे। नई सरकार बनने के बाद लोगों में उम्मीद जगी है कि अब राज्य में विकास के नए काम तेजी से होंगे। सम्राट चौधरी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उन्हें संगठन का मजबूत नेता माना जाता है। मुख्यमंत्री बनने के बाद अब उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। वहीं, विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव का अनुभव सरकार को मजबूती देने में मदद करेगा। राज्य के आम लोगों की नजर अब नई सरकार पर है। लोगों को उम्मीद है कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं पर तेजी से काम होगा। नई सरकार के गठन के साथ ही बिहार में राजनीतिक समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kolkata से एक अनोखा लेकिन विवादित मामला सामने आया है। यहां एक कार्डियोलॉजिस्ट के कथित ऑफर ने सोशल मीडिया और मेडिकल जगत में बहस छेड़ दी है। खबरों के मुताबिक, डॉक्टर ने मरीजों से कहा कि अगर वे “जय श्री राम” बोलते हैं, तो उनके इलाज में छूट (डिस्काउंट) दी जाएगी। क्या है पूरा मामला? बताया जा रहा है कि इस ऑफर का एक पोस्टर या मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि धार्मिक नारा बोलने पर इलाज सस्ता मिलेगा। इस खबर के सामने आते ही लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ ने इसे मजाक बताया, तो कुछ ने इसे गलत और गैर-पेशेवर बताया। IMA ने क्या कहा? इस पूरे विवाद पर Indian Medical Association (IMA) ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। IMA का कहना है कि डॉक्टर का काम इलाज करना होता है, न कि किसी भी तरह के धार्मिक या राजनीतिक संदेश को बढ़ावा देना। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह के ऑफर मेडिकल एथिक्स के खिलाफ हैं और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। क्यों उठ रहा है विवाद? मेडिकल प्रोफेशन को निष्पक्ष और सभी के लिए समान माना जाता है धर्म के आधार पर छूट देना कई लोगों को गलत लगा सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी बहस छिड़ गई डॉक्टर की सफाई (अगर सामने आई) कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि डॉक्टर ने इसे मजाक या गलत तरीके से पेश किया गया मामला बताया है। हालांकि, इस पर पूरी सच्चाई क्या है, इसकी जांच अभी जारी है। क्या कहती है मेडिकल एथिक्स? मेडिकल प्रोफेशन में हर मरीज को बराबरी से इलाज देना जरूरी होता है। किसी भी धर्म, जाति या विचारधारा के आधार पर भेदभाव करना नियमों के खिलाफ माना जाता है।

जय श्री राम बोलो, इलाज में मिलेगा डिस्काउंट’: Kolkata के डॉक्टर के ऑफर पर विवाद, IMA ने जताई नाराजगी

Kolkata से एक अनोखा लेकिन विवादित मामला सामने आया है। यहां एक कार्डियोलॉजिस्ट के कथित ऑफर ने सोशल मीडिया और मेडिकल जगत में बहस छेड़ दी है। खबरों के मुताबिक, डॉक्टर ने मरीजों से कहा कि अगर वे “जय श्री राम” बोलते हैं, तो उनके इलाज में छूट (डिस्काउंट) दी जाएगी। क्या है पूरा मामला? बताया जा रहा है कि इस ऑफर का एक पोस्टर या मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि धार्मिक नारा बोलने पर इलाज सस्ता मिलेगा। इस खबर के सामने आते ही लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ ने इसे मजाक बताया, तो कुछ ने इसे गलत और गैर-पेशेवर बताया। IMA ने क्या कहा? इस पूरे विवाद पर Indian Medical Association (IMA) ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। IMA का कहना है कि डॉक्टर का काम इलाज करना होता है, न कि किसी भी तरह के धार्मिक या राजनीतिक संदेश को बढ़ावा देना।उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह के ऑफर मेडिकल एथिक्स के खिलाफ हैं और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। क्यों उठ रहा है विवाद? डॉक्टर की सफाई (अगर सामने आई) कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि डॉक्टर ने इसे मजाक या गलत तरीके से पेश किया गया मामला बताया है। हालांकि, इस पर पूरी सच्चाई क्या है, इसकी जांच अभी जारी है। क्या कहती है मेडिकल एथिक्स? मेडिकल प्रोफेशन में हर मरीज को बराबरी से इलाज देना जरूरी होता है।किसी भी धर्म, जाति या विचारधारा के आधार पर भेदभाव करना नियमों के खिलाफ माना जाता है।
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Viral Controversy: कौन हैं पत्रकार गरीदा फारुकी और क्यों हो रही है ट्रोलिंग?

पाकिस्तानी पत्रकार गरीदा फारुकी सोशल मीडिया पर क्यों ट्रोल हो रही हैं? जानिए उनकी पूरी प्रोफाइल, विवाद और हालिया वायरल मामला। गरीदा फारुकी पाकिस्तान की जानी-मानी टीवी एंकर और सीनियर पत्रकार हैं। उन्होंने 2004 में मीडिया करियर की शुरुआत की और PTV, Geo News, Dunya TV, Samaa TV और Express News जैसे बड़े चैनलों पर काम किया है। वे मास कम्युनिकेशन में पढ़ाई कर चुकी हैं और पाकिस्तान में एक प्रभावशाली महिला पत्रकार के रूप में जानी जाती हैं। उन्हें 2024 में Tamgha-e-Imtiaz से भी सम्मानित किया गया। क्या है पूरा मामला? क्यों हो रही ट्रोलिंग? हाल ही में इस्लामाबाद में हुए ईरान-अमेरिका शांति वार्ता को कवर करने के दौरान गरीदा फारुकी चर्चा में आ गईं। कुछ लोगों ने उनकी तुलना अन्य महिला पत्रकारों से भी की, खासकर उन पत्रकारों से जो पारंपरिक ड्रेस में थीं। हालांकि, बड़ी संख्या में लोगों ने उनका समर्थन भी किया और कहा कि ध्यान उनके काम पर होना चाहिए, न कि कपड़ों पर। AI वीडियो और मॉर्फिंग से बढ़ा विवाद मामला यहीं नहीं रुका— सोशल मीडिया पर बंटी राय इस पूरे विवाद ने दो तरह की सोच सामने ला दी— एक वर्ग: दूसरा वर्ग: पहले भी विवादों में रह चुकी हैं गरीदा फारुकी पहले भी ऑनलाइन ट्रोलिंग और विवादों का सामना कर चुकी हैं। गरीदा फारुकी का यह मामला सिर्फ एक पत्रकार की ट्रोलिंग नहीं, बल्कि सोशल मीडिया कल्चर, महिलाओं के प्रति नजरिया और डिजिटल सुरक्षा जैसे बड़े सवाल खड़े करता है। जहां एक तरफ उनके कपड़ों को मुद्दा बनाया गया, वहीं दूसरी ओर AI और मॉर्फिंग के जरिए होने वाला ऑनलाइन उत्पीड़न भी गंभीर चिंता का विषय बनकर उभरा है।
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लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज

मध्यप्रदेश के भिंड में लिव-इन पार्टनर की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि भिंड निवासी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने बिहार निवासी नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या कर शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया। इसके बाद उसने पुलिस को गुमशुदगी का आवेदन देकर मामले को छिपाने की कोशिश की। पुलिस की पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। फिलहाल पुलिस टीम नदी में शव की तलाश कर रही है। कॉलेज में हुई थी पहचान, लिव-इन में रहने लगे दोनों जानकारी के मुताबिक, सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था और उसकी कोई संतान नहीं थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क स्नेहलता से हुआ। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस दौरान उनका एक बेटा भी हुआ। बताया जा रहा है कि सत्यप्रकाश का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने स्नेहलता की हत्या की साजिश रची। 8 अक्टूबर को उसने अपने बेटे को पत्नी के हवाले कर दिया। कानपुर घुमाने के बहाने ले गया, रास्ते में हत्या का आरोप आरोप है कि बेटे को पत्नी को सौंपने के बाद सत्यप्रकाश स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। इस दौरान एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य साथी भी उसके साथ थे। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया गया। गुमशुदगी का आवेदन देकर छिपाने की कोशिश हत्या के बाद सत्यप्रकाश ने सिटी कोतवाली पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्नेहलता के लापता होने की सूचना दी। बताया गया है कि उसने गुमशुदगी को लेकर पर्चे भी छपवाए थे, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान सत्यप्रकाश ने हत्या की बात कबूल कर ली। अब पुलिस नदी में शव की तलाश कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस ने क्या कहा? सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के मुताबिक, लापता युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस टीम शव की तलाश कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
PM Modi

PM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू

लद्दाख में विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 15 अक्टूबर 2026 को लद्दाख में करीब ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लद्दाख का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और यहां की नई पीढ़ी का भविष्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन परियोजनाओं का सीधा संबंध लद्दाख की कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, पर्यटन और स्थानीय लोगों की सुविधाओं से है। सरकार का जोर सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के बेहतर अवसर देने पर भी है। लद्दाख के युवाओं के लिए क्या है सरकार का Plan? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लद्दाख के युवाओं की क्षमता और उनके भविष्य पर जोर दिया। उनका कहना है कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। लद्दाख में पर्यटन के विस्तार, विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ग्रीनहाउस खेती को भी बढ़ावा दे रही है। लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्र में खेती करना आसान नहीं है, इसलिए ग्रीनहाउस तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। Leh Airport पर ₹640 करोड़ का बड़ा Investment लद्दाख में पर्यटन और हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना पर करीब ₹640 करोड़ खर्च किए गए हैं। लगभग 23,800 वर्ग मीटर में बने इस टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 35 लाख बताई गई है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी। टर्मिनल में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बेहतर एयरपोर्ट से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ लद्दाख के पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। Nimmu-Padum-Darcha Road से आसान होगा सफर लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 298 किलोमीटर लंबी निमू-पदुम-दरचा सड़क भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग लेह के निमू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ता है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरता है। इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लद्दाख पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क का मतलब सिर्फ कम समय में सफर पूरा करना नहीं है। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जरूरी सामान तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है। Power Projects से मजबूत होगी बिजली की व्यवस्था लद्दाख में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया गया है। 9 मेगावाट क्षमता वाला हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। वहीं, 66 केवी की दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेगी। इन परियोजनाओं से बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे घरों के साथ स्थानीय कारोबार और दूसरी जरूरी सेवाओं को भी फायदा मिल सकता है। लद्दाख की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा संरक्षण विकास परियोजनाओं के बीच लद्दाख की प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया गया है। लेह के सिंधु घाट पर पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया गया। पेट्रोग्लिफ ऐसी प्राचीन आकृतियां होती हैं, जिन्हें चट्टानों पर उकेरा जाता है। इनमें उस दौर के लोगों के जीवन, जानवरों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां मिल सकती हैं। ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। इससे लद्दाख के इतिहास को समझने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है। Project Him Sarovar: 40 गांवों में बने जल निकाय लद्दाख में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। खासकर खेती के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी जुटाना कई इलाकों में मुश्किल हो सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Project Him Sarovar के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पानी को संरक्षित करना और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल आसान बनाना है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए मदद मिल सकती है। साथ ही, जल संरक्षण की बेहतर व्यवस्था क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है। Tourism और रोजगार पर भी रहेगा जोर लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध मठों, पहाड़ों और एडवेंचर गतिविधियों के लिए जाना जाता है। बेहतर एयरपोर्ट और सड़क संपर्क से यहां आने वाले पर्यटकों की यात्रा आसान हो सकती है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, होटल, होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, पर्यटन का विस्तार पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखकर करना जरूरी होगा। लद्दाख जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। लद्दाख के लिए क्यों अहम हैं ₹3,350 करोड़ के Projects? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित और शुरू की गई इन परियोजनाओं का महत्व केवल बड़ी रकम तक सीमित नहीं है। इनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। बेहतर सड़कें और एयरपोर्ट सफर को आसान बना सकते हैं। बिजली परियोजनाएं ऊर्जा व्यवस्था मजबूत कर सकती हैं, जबकि जल निकाय खेती में मदद कर सकते हैं। दूसरी ओर, शिक्षा, खेल और पर्यटन पर ध्यान देने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं। निष्कर्ष: लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाएं क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब इनकी सफलता इस बात से तय होगी कि इनका लाभ स्थानीय लोगों, किसानों, कारोबारियों और युवाओं तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है। प्रधानमंत्री का लद्दाख की नई पीढ़ी पर जोर इस बात को रेखांकित करता है कि विकास...

भोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग

भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोले-भटूरे दुकान के संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान में भट्टी के पास रखे कपड़े में आग लगी थी, जिसके बाद लपटें फैल गईं। हादसे में आसपास की चार अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को नुकसान पहुंचा था। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार से हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की तैयारी है। निगम ने चेतावनी दी है कि तय स्थान पर नहीं जाने वाले हॉकर्स का सामान जब्त किया जा सकता है। भट्टी के पास रखे कपड़े में लगी थी आग पुलिस की जांच के मुताबिक, बालाजी छोले-भटूरे दुकान में भट्टी जल रही थी। इसके पास रखे कपड़े में आग लगने के बाद लपटें फैल गईं और आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, आग भट्टी के पास रखे कपड़े से शुरू हुई थी। वहीं, दुकान में अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच नगर निगम कर रहा है। न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच जांचने के लिए मॉकड्रिल आग की घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच और रास्तों में आने वाली बाधाओं की जांच शुरू की है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। इस दौरान दो दमकल वाहनों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां दमकल को रुकना पड़ा, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। 8 अक्टूबर को आग लगने के दौरान दुकानों के सामने रखा सामान दमकल वाहनों के रास्ते में बाधा बना था। इसी को देखते हुए निगम ने बाजार में अतिक्रमण हटाने और रास्ते खाली रखने की कार्रवाई तेज की है। टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे हॉकर्स नगर निगम ने बुधवार को पूरे दिन मुनादी कराकर हॉकर्स को गुरुवार से निर्धारित स्थान पर जाने की सूचना दी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास स्थित हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। निगम की योजना न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की है, ताकि बाजार के रास्ते खुले रहें और आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी न हो। दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी कर रहा है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीली लाइन से आगे सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य दुकानों के सामने का रास्ता खाली रखना है, ताकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य प्रभावित न हो। आग वाली जगह से 100 फीट दूर भी जलती हैं भट्टियां आग लगने वाली जगह से करीब 100 फीट की दूरी पर छोले-भटूरे की दो अन्य दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आसपास दो से तीन नमकीन की दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टियां जलती हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों और भट्टियों के आसपास रखे सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुकानों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच जरूरी मानी जा रही है। चौक बाजार में 22 लाख का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी सवालों में शहर के पुराने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान इस सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई थी। इसके बाद सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड और घोड़ा नक्कास समेत शहर के आठ प्रमुख बाजारों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है। बैरागढ़ के फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव पर भी सवाल 17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ के संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 100 से ज्यादा कपड़े की दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव में कमी और उपकरणों पर जंग लगने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मेन कॉरिडोर में अतिक्रमण और मॉकड्रिल नहीं होने की बात भी कही गई है। न्यू मार्केट की आग के बाद अब सवाल केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि बाजारों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन रास्ते खुले रखने का भी है।

भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार

हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 24 रन से हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की हार की वजह पिच नहीं, बल्कि खराब गेंदबाजी थी। गावस्कर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिससे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिला। गावस्कर ने कहा कि अगर गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में तय योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। गावस्कर बोले- फुलटॉस डालकर पिच को दोष नहीं दे सकते गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि भारतीय गेंदबाजों की कमियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर पिच को लेकर शिकायत की जाती है और कहा जाता है कि वह गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही, लेकिन फुलटॉस डालने पर पिच को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने गेंदबाजों को सलाह दी कि परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है। फुलटॉस और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल लेंथ पर गेंद डालने से उन्हें आसानी से रन बनाने का मौका मिलता है। गावस्कर के मुताबिक, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सका। दोबारा बिछाई गई पिच पर गेंद रुककर आने की शिकायत हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की बात सामने आई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ मौकों पर गेंद पिच पर रुककर आई और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। हालांकि, गावस्कर का मानना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके अनुसार, पिच से मिलने वाली संभावित मदद तभी उपयोगी साबित होती है, जब गेंदबाज सही जगह गेंद डालें। इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिले। शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी उठाए सवाल गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी के तरीके पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे, लेकिन जोसेफ ने उनके खिलाफ बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी और एक और बाउंसर डाल दी। इस पर कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय अर्शदीप को निशाना बना रहे थे, जबकि उस समय स्टंप्स असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। 24 रन से हारा भारत बुधवार को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। मैच के बाद भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और पिच की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। गावस्कर की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि उनके मुताबिक, हार के लिए परिस्थितियों से ज्यादा गेंदबाजों का प्रदर्शन जिम्मेदार था।

संजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे

हैदराबाद। भारतीय ओपनर संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हार के बाद तिलक वर्मा के विकेट को मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। बुधवार को हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में भारत को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। सैमसन के मुताबिक, तिलक और नीतीश कुमार रेड्डी की साझेदारी के दौरान भारतीय टीम रन चेज में अच्छी स्थिति में थी, लेकिन तिलक के आउट होते ही मैच का रुख बदल गया। मैच के बाद सैमसन ने कहा, “मैच का टर्निंग पॉइंट वह था, जब तिलक आउट हुए। हम अच्छी स्थिति में थे। हम 10-20 रन आसानी से बना रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव संभाल रहे थे और दोनों बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे।” रेड्डी और तिलक ने 32 गेंदों में जोड़े 70 रन भारत ने 130 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उस समय टीम को जीत के लिए 50 गेंदों में 118 रन बनाने थे। मुश्किल परिस्थिति में नीतीश कुमार रेड्डी और तिलक वर्मा ने छठे विकेट के लिए 32 गेंदों में 70 रन की साझेदारी कर टीम की वापसी कराई। दोनों की बल्लेबाजी से भारत की जीत की उम्मीदें फिर मजबूत हुईं। हालांकि, जब जीत के लिए 19 गेंदों में 48 रन की जरूरत थी, तब रोमारियो शेफर्ड ने तिलक वर्मा को गलत शॉट खेलने पर मजबूर किया और उनका विकेट हासिल कर लिया। इसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम मुकाबला 24 रन से हार गई। सैमसन ने कहा कि पांच विकेट गिरने के बाद भी टीम के पास मैच में वापसी का मौका था। दो युवा खिलाड़ियों ने दबाव में अच्छी बल्लेबाजी की और वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण का सामना किया। उन्होंने माना कि निचले क्रम के बल्लेबाजों को अंत में बड़ी भूमिका निभानी थी। सैमसन ने कहा कि क्रिकेट में गलतियां होती हैं, लेकिन टीम को सकारात्मक रहकर आगे बढ़ना होगा। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा का किया बचाव ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर भी सैमसन ने प्रतिक्रिया दी। ईशान ने तीन गेंदों में छह रन बनाए, जबकि अभिषेक शर्मा 24 गेंदों पर 29 रन ही बना सके। सैमसन ने दोनों खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि एक मैच में खराब प्रदर्शन होना सामान्य है। उन्होंने अभिषेक की पिछली मैच में खेली गई 70 रन की पारी का जिक्र किया और कहा कि ईशान भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। सैमसन के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं और एक खराब मैच के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। सैमसन ने 23 गेंदों में बनाए 56 रन संजू सैमसन ने खुद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 56 रन बनाए। ईशान किशन के जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने तेज गति से रन बनाकर भारतीय टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि, टीम की हार से वह निराश नजर आए। सैमसन ने कहा, “हारने वाली टीम में होने का एहसास अलग होता है। इस समय मैं काफी निराश हूं। मेरा योगदान जीत में आना चाहिए था।” अपनी बल्लेबाजी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें मैदान पर बल्लेबाजी करने में मजा आया। उनके मुताबिक, बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय ज्यादा सोचने का समय नहीं होता और परिस्थितियों के अनुसार तेजी से खेलना पड़ता है। आखिरी मुकाबले को लेकर सैमसन आश्वस्त सीरीज बराबर होने के बाद सैमसन ने कहा कि भारतीय टीम अगले मुकाबले के लिए तैयार है। उन्होंने आखिरी मैच को फाइनल जैसा बताते हुए कहा कि अब देखना होगा कि टीम आगे कैसा प्रदर्शन करती है। अर्शदीप सिंह की चोट पर भी दिया अपडेट सैमसन ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की चोट को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अर्शदीप अपने कंधे पर बर्फ लगा रहे हैं। सैमसन ने उम्मीद जताई कि गेंद लगने से घायल हुए अर्शदीप जल्द ठीक हो जाएंगे और टीम में वापसी कर सकेंगे।

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