आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGबिज़नेसSugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ LimitedBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावटBREAKINGधर्म-कर्मRaksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ MuhuratBREAKINGदेश-हरपलKanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौतBREAKINGबिज़नेसShare Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावटBREAKINGदेश-हरपलKhelo India में PM Modi का बड़ा संवाद, Youth Power से Viksit Bharat तक होगी चर्चाBREAKINGदेश-हरपलBank Holiday Today: 28 अगस्त को बैंक रहेंगे बंद, Delhi-Mumbai समेत इन शहरों पर असरBREAKINGस्पोर्ट्सIND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोरBREAKINGबिज़नेसSugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ LimitedBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावटBREAKINGधर्म-कर्मRaksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ MuhuratBREAKINGदेश-हरपलKanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौतBREAKINGबिज़नेसShare Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावटBREAKINGदेश-हरपलKhelo India में PM Modi का बड़ा संवाद, Youth Power से Viksit Bharat तक होगी चर्चाBREAKINGदेश-हरपलBank Holiday Today: 28 अगस्त को बैंक रहेंगे बंद, Delhi-Mumbai समेत इन शहरों पर असरBREAKINGस्पोर्ट्सIND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोर

Latest Posts

Chamba

Chamba Accident गहरी खाई में समाई कार, एक ही गांव के 7 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश के चंबा (Chamba) जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। एक परिवार में मुंडन संस्कार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब समारोह से लौट रही एक कार गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में एक ही गांव के सात लोगों की जान चली गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। खुशी के समारोह से लौट रहे थे सभी जानकारी के मुताबिक, कार में सवार लोग एक रिश्तेदार के यहां आयोजित मुंडन संस्कार में शामिल होकर अपने गांव वापस लौट रहे थे। परिवार में उत्सव का माहौल था और सभी खुशी-खुशी घर लौट रहे थे। लेकिन रास्ते में एक खतरनाक मोड़ पर वाहन चालक का संतुलन बिगड़ गया और कार सीधे गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयानक कि बचने का मौका नहीं मिला प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार कई फीट नीचे खाई में गिरने के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस व प्रशासन को जानकारी दी। बचाव दल ने घंटों की मशक्कत के बाद वाहन तक पहुंचकर राहत कार्य चलाया। एक ही गांव के 7 लोगों की मौत से सदमे में लोग दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी लोग एक ही गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। एक साथ सात लोगों की मौत की खबर से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। जिन घरों में कुछ घंटे पहले खुशी का माहौल था, वहां अब मातम छाया हुआ है। गांव के लोग भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं। प्रशासन ने शुरू की जांच पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पहाड़ी सड़क पर वाहन अनियंत्रित होने से यह हादसा हुआ। हालांकि दुर्घटना के सही कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पहाड़ी सड़कों पर सफर के दौरान बरतें सावधानी हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रहे सड़क हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि संकरी सड़कें, तीखे मोड़ और तेज रफ्तार अक्सर दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनते हैं। ऐसे में यात्रियों और वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया है। मुंडन संस्कार की खुशियों के साथ शुरू हुआ सफर सात लोगों की मौत के साथ खत्म हो गया, जिसने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
UBT

Maharashtra Political Drama: UBT में बगावत की आहट, संसदीय दल की बैठक से मिले बड़े संकेत

महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर बड़े घटनाक्रम की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। शिवसेना (UBT) के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आती नजर आ रही है। दिल्ली में आयोजित संसदीय दल की अहम बैठक में पार्टी के 9 सांसदों में से केवल 3 सांसदों का पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है। इस बैठक में राज्यसभा सांसद संजय राउत मौजूद रहे, लेकिन अधिकांश सांसदों की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के कई सांसद नेतृत्व की कार्यशैली और भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि अब उद्धव ठाकरे गुट में एक और बड़ी टूट की संभावना पर चर्चा तेज हो गई है। बैठक में कम उपस्थिति ने बढ़ाई चिंता संसदीय दल की बैठक को संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था। ऐसे में अधिकांश सांसदों का बैठक से दूर रहना केवल सामान्य घटना नहीं माना जा रहा। राजनीतिक जानकार इसे पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत बता रहे हैं। चर्चा यह भी है कि लोकसभा में UBT के 9 सांसदों में से 6 सांसद अलग रुख अपना सकते हैं। हालांकि अभी तक किसी सांसद ने सार्वजनिक रूप से बगावत का ऐलान नहीं किया है, लेकिन घटनाक्रम तेजी से बदलता नजर आ रहा है। संजय राउत ने किया डैमेज कंट्रोल बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए संजय राउत ने पार्टी में किसी भी प्रकार की टूट की खबरों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि शिवसेना UBT पूरी तरह एकजुट है और विरोधी दल जानबूझकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। राउत ने दावा किया कि सभी सांसद पार्टी नेतृत्व के संपर्क में हैं और जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केवल बयानबाजी से पार्टी के भीतर की नाराजगी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उद्धव ठाकरे के सामने बढ़ी राजनीतिक चुनौती एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना पहले ही बड़े विभाजन का सामना कर चुकी है। ऐसे में यदि सांसदों का एक बड़ा वर्ग भी पार्टी से दूरी बनाता है, तो यह उद्धव ठाकरे के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति के साथ-साथ स्थानीय निकाय चुनावों और विपक्षी गठबंधन की रणनीति पर भी इसका असर पड़ सकता है। पार्टी की संसदीय ताकत कमजोर होने की स्थिति में उद्धव ठाकरे के राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
G7

G7 Meeting 2026: होर्मुज में भारतीयों की मौत पर PM Modi ने उठाई आवाज, Trump भी रहे मौजूद

फ्रांस में आयोजित G7 Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं के सामने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा मजबूती से उठाया। खास बात यह रही कि जब प्रधानमंत्री मोदी यह बात रख रहे थे, तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी बैठक में मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में समुद्री सुरक्षा केवल किसी एक देश का विषय नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। होर्मुज में भारतीयों की मौत पर जताई चिंता हाल के दिनों में होर्मुज क्षेत्र में बढ़े सैन्य तनाव के बीच कुछ भारतीय नागरिकों और नाविकों की मौत की खबरों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। G7 के वर्किंग सेशन में प्रधानमंत्री मोदी ने इस संवेदनशील मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि समुद्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जो लोग समुद्री व्यापार को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, उन्हें किसी भी तरह के संघर्ष का शिकार नहीं बनना चाहिए। Global Trade पर पड़ रहा है असर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। यहां किसी भी प्रकार का तनाव या अवरोध केवल क्षेत्रीय समस्या नहीं रह जाता, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर दिखाई देता है। विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया के बड़े हिस्से में पहुंचने वाला कच्चा तेल इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए यहां अस्थिरता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाती है। संवाद और कूटनीति पर दिया जोर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन इन समस्याओं का समाधान युद्ध नहीं बल्कि संवाद और सहयोग में छिपा है। उन्होंने देशों से आपसी विश्वास बढ़ाने और कूटनीतिक रास्तों को प्राथमिकता देने की अपील की। मोदी ने कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए यह जरूरी है कि सभी देश मिलकर काम करें और संघर्ष की जगह बातचीत को महत्व दें। ट्रम्प की मौजूदगी में भारत ने रखा अपना पक्ष G7 बैठक में डोनाल्ड ट्रम्प समेत कई बड़े वैश्विक नेता मौजूद थे। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारतीय नागरिकों की मौत और समुद्री सुरक्षा का मुद्दा उठाना भारत की सक्रिय कूटनीति का संकेत माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि भारत ने इस मंच के जरिए साफ संदेश दिया है कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों और समुद्री क्षेत्र में कार्यरत नागरिकों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। G7 Summit में Middle East Crisis रहा प्रमुख मुद्दा इस वर्ष G7 Summit में मध्य पूर्व का तनाव, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और समुद्री मार्गों की सुरक्षा जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत ने भी अपने हितों और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Shiv Sena

Shiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे गुट में बड़ी टूट, 9 में से 6 सांसद बागी

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी तूफान देखने को मिल रहा है। Shiv Sena (UBT) खेमे में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के 9 में से 6 सांसदों के बागी होने की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह घटनाक्रम सीधे तौर पर Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं। संजय राउत का तीखा रिएक्शन, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बढ़ा तनाव इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता Sanjay Raut ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद कड़ा रुख अपनाया। बताया जा रहा है कि इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और राउत ने बगावत को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनकी यह प्रतिक्रिया सोशल और राजनीतिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि वे हमेशा से उद्धव गुट के सबसे मुखर चेहरों में रहे हैं। चार साल पहले भी टूटी थी शिवसेना, शिंदे ने किया था बड़ा विद्रोह यह पहली बार नहीं है जब शिवसेना में इतनी बड़ी टूट देखने को मिली हो। लगभग 4 साल पहले Eknath Shinde के नेतृत्व में 39 विधायकों ने अलग होकर राजनीतिक समीकरण बदल दिए थे। उस समय हुई बगावत के बाद महाराष्ट्र की सत्ता में बड़ा बदलाव आया था और शिवसेना दो गुटों में बंट गई थी। उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा संकट ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर उद्धव ठाकरे गुट की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 9 में से 6 सांसदों के अलग होने की खबरों से पार्टी संगठन कमजोर होता दिख रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह बगावत आगे बढ़ती है, तो इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर भी साफ दिखाई दे सकता है। महाराष्ट्र पॉलिटिक्स में बढ़ी हलचल महाराष्ट्र की राजनीति पहले से ही अस्थिर दौर से गुजर रही है और इस नई टूट ने इसे और ज्यादा गर्मा दिया है। लगातार बदलते गठबंधन और अंदरूनी मतभेदों के बीच यह घटनाक्रम राज्य की सियासत में नए सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि उद्धव ठाकरे इस राजनीतिक संकट को कैसे संभालते हैं और पार्टी को एकजुट रखने में कितने सफल होते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Shiv Sena

₹50-50 Crore Offer Claim: Shiv Sena UBT Split Row से सियासी हलचल तेज, Delhi तक पहुंचा मामला

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भारी हलचल देखने को मिल रही है। Shiv Sena (UBT) को लेकर दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद बगावत के रास्ते पर चले गए हैं। इस खबर ने न सिर्फ मुंबई बल्कि दिल्ली की सियासत को भी गर्मा दिया है। बागी सांसदों की स्पीकर से मुलाकात की संभावना हालांकि अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसद आज लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर सकते हैं, जिसके बाद इस पूरे मामले की दिशा तय हो सकती है। Sanjay Raut का बड़ा आरोप: ₹50-50 करोड़ का ऑफर इस बीच शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sanjay Raut ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी पार्टी के सांसदों को तोड़ने के लिए ₹50-50 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया गया है। राउत ने यह भी दावा किया कि कुछ सांसदों को चार्टर्ड विमान से दिल्ली लाया गया, जिससे राजनीतिक माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। Uddhav Thackeray खेमे में चिंता पार्टी प्रमुख Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट में इस कथित टूट को लेकर चिंता गहराती जा रही है। पार्टी का कहना है कि यह सब एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसका मकसद संगठन को कमजोर करना है। Delhi और Maharashtra दोनों जगह नजरें टिकी दिल्ली और महाराष्ट्र दोनों जगह इस मामले पर नजरें टिकी हुई हैं, खासकर लोकसभा स्पीकर के अगले कदम पर सभी की निगाहें हैं। अगर यह मामला आगे बढ़ता है तो संसद में भी शिवसेना (UBT) की स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है। राजनीतिक असर और भविष्य की तस्वीर राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये दावे सही साबित होते हैं, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों और विपक्षी गठबंधन पर भी पड़ सकता है। स्थिति अभी अनिश्चित फिलहाल स्थिति पूरी तरह अनिश्चित बनी हुई है और सभी पक्षों के आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
Read more
Monsoon

Monsoon Update पश्चिमी तट पर अटका मानसून, Mumbai Rain में 7–8 दिन की देरी

देश में इस समय मानसून (Monsoon) की रफ्तार उम्मीद से काफी धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक मानसून सिस्टम अभी पश्चिमी तट पर ही अटका हुआ है और आगे बढ़ने में लगातार देरी हो रही है। इसका सीधा असर यह है कि मुंबई समेत कई बड़े शहरों में बारिश की एंट्री अब 7–8 दिन बाद तक टल सकती है। देश में बारिश की स्थिति: कई इलाके अब भी सूखे IMD के अनुसार फिलहाल देश के करीब 103 जिलों में ही सामान्य बारिश दर्ज की जा रही है। बाकी क्षेत्रों में मानसून कमजोर पड़ा हुआ है, जिससे कई राज्यों में गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। किसान भी बारिश की अनियमितता को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। Mumbai Monsoon Update: बारिश का इंतजार बढ़ा देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून की पहली तेज बारिश का इंतजार लंबा होता जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल नहीं होतीं, तब तक मानसून का आगे बढ़ना मुश्किल रहेगा। इसी वजह से मुंबई में बारिश की शुरुआत में लगभग एक हफ्ते की देरी संभव है। Rajasthan Weather Alert: 23 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट राजस्थान में मौसम ने फिर से करवट ली है। राज्य के 23 जिलों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। Monsoon Slowdown India: क्यों अटका है मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार मानसून की धीमी गति के पीछे कुछ मुख्य कारण हैं— इन्हीं वजहों से मानसून पश्चिमी तट पर अटका हुआ है और आगे बढ़ने में समय ले रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
2027 Election

2027 Election Chessboard: OBC और Brahmin वोट बैंक को लेकर BSP-SP की नई रणनीति

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 चुनाव (2027 Election) भले अभी दूर हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी चुनावी रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है। राज्य की दो प्रमुख विपक्षी पार्टियां—बहुजन समाज पार्टी (BSP) और समाजवादी पार्टी (SP)—अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने में जुटी हुई हैं। एक तरफ मायावती OBC वोटरों को साधने की कोशिश कर रही हैं, तो दूसरी ओर अखिलेश यादव ब्राह्मण समाज के नेताओं के साथ लगातार संपर्क बढ़ा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे आने वाले चुनावों की शुरुआती तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों दल अपने पारंपरिक वोट बैंक से आगे बढ़कर नए सामाजिक समीकरण बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। OBC वोट बैंक पर BSP की नजर बहुजन समाज पार्टी लंबे समय से दलित राजनीति की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती रही है। हालांकि पिछले कुछ चुनावों में पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ है। ऐसे में मायावती अब पिछड़ा वर्ग यानी OBC समुदाय को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में दिखाई दे रही हैं। पार्टी संगठन स्तर पर विभिन्न जिलों में बैठकों और कार्यक्रमों के जरिए OBC समाज तक पहुंच बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। BSP नेताओं का मानना है कि यदि दलित और पिछड़ा वर्ग एक साथ आते हैं तो पार्टी फिर से मजबूत स्थिति में लौट सकती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में OBC मतदाता किसी भी चुनाव का परिणाम बदलने की क्षमता रखते हैं। यही वजह है कि BSP इस वर्ग पर विशेष ध्यान दे रही है। ब्राह्मण समाज को साधने में जुटी SP समाजवादी पार्टी भी आगामी चुनावों को लेकर अपनी रणनीति को नया रूप दे रही है। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और ब्राह्मण नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। SP का मानना है कि केवल पारंपरिक यादव और मुस्लिम वोट बैंक के सहारे सत्ता तक पहुंचना आसान नहीं होगा। इसलिए पार्टी अब ब्राह्मण समाज सहित अन्य वर्गों के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ब्राह्मण समुदाय उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाता है। ऐसे में इस वर्ग के साथ बढ़ता संवाद समाजवादी पार्टी के लिए भविष्य में फायदेमंद साबित हो सकता है। BJP के सामाजिक समीकरण को चुनौती देने की तैयारी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पिछले कई वर्षों से मजबूत सामाजिक गठबंधन के दम पर चुनाव जीतती रही है। पार्टी को सवर्ण, गैर-यादव OBC और कई अन्य वर्गों का व्यापक समर्थन मिला है। अब विपक्षी दल इसी सामाजिक समीकरण में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। BSP जहां OBC और दलित वर्ग को एक मंच पर लाने की रणनीति बना रही है, वहीं SP ब्राह्मणों समेत विभिन्न समुदायों को साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये रणनीतियां जमीन पर असर दिखाती हैं तो 2027 का चुनाव पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा दिलचस्प हो सकता है। 2027 की चुनावी बिसात धीरे-धीरे हो रही तैयार उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय और सामाजिक समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। यही कारण है कि चुनाव से काफी पहले ही राजनीतिक दल अपने-अपने वोट बैंक को मजबूत करने में जुट गए हैं। मायावती का OBC फोकस और अखिलेश यादव की ब्राह्मण नेताओं के साथ बढ़ती सक्रियता यह संकेत दे रही है कि 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। आने वाले महीनों में प्रदेश की राजनीति में ऐसे कई नए समीकरण और गठबंधन देखने को मिल सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Modi

Global Spotlight on Modi–Trump Meet: Trade, Defense और Hormuz Crisis पर अहम चर्चा

दुनिया की निगाहें आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) की अहम मुलाकात पर टिकी हैं। ऐसे समय में जब मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता जा रहा है, वैश्विक तेल बाजार दबाव में है और दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं नई चुनौतियों का सामना कर रही हैं, तब दोनों नेताओं की यह बैठक कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं होगी, बल्कि भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा तय करने वाली बातचीत साबित हो सकती है। होर्मुज स्ट्रेट संकट से लेकर व्यापार, रक्षा और इंडो-पैसिफिक रणनीति तक कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। 1. Hormuz Strait Crisis: ऊर्जा सुरक्षा पर सबसे बड़ी चर्चा हाल के दिनों में ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़े तनाव ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर सुर्खियों में ला दिया है। यह वही समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल गुजरता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर काफी निर्भर है। ऐसे में यदि इस मार्ग में कोई बाधा आती है तो उसका असर सीधे भारतीय अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। माना जा रहा है कि मोदी और ट्रंप इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कर सकते हैं और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। 2. India-US Trade Deal को लेकर बढ़ी उम्मीदें भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हुए हैं, लेकिन कुछ मुद्दों पर अब भी सहमति बनना बाकी है। व्यापारिक शुल्क, बाजार पहुंच और निवेश जैसे विषय लंबे समय से चर्चा का हिस्सा रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस बैठक में सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की दिशा में नई प्रगति देखने को मिल सकती है। इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। 3. Defense Partnership को मिल सकती है नई मजबूती पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका रक्षा क्षेत्र में करीब आए हैं। आधुनिक सैन्य तकनीक, संयुक्त युद्धाभ्यास और रक्षा खरीद दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बना रहे हैं। सूत्रों के अनुसार बैठक में रक्षा सहयोग को अगले स्तर तक ले जाने और नई तकनीकों के आदान-प्रदान पर चर्चा हो सकती है। क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भी साझा रणनीति पर बात होने की संभावना है। 4. Indo-Pacific Region पर रहेगा खास फोकस इंडो-पैसिफिक क्षेत्र आज वैश्विक राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। भारत और अमेरिका दोनों ही इस क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षित समुद्री मार्ग और नियम-आधारित व्यवस्था के पक्षधर हैं। माना जा रहा है कि दोनों नेता क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने, समुद्री सुरक्षा मजबूत करने और साझेदार देशों के साथ रणनीतिक समन्वय को और प्रभावी बनाने पर विचार करेंगे। 5. रिश्तों में लौट सकती है नई गर्मजोशी नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच पहले भी कई मौकों पर अच्छी व्यक्तिगत समझ और तालमेल देखने को मिला है। ऐसे में यह मुलाकात केवल नीतिगत चर्चाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास और राजनीतिक सहयोग का संदेश भी दे सकती है। कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि बातचीत सकारात्मक माहौल में आगे बढ़ती है तो भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊर्जा मिल सकती है, जिसका असर वैश्विक मंच पर भी दिखाई देगा। क्यों अहम मानी जा रही है यह बैठक? ऐसे दौर में जब दुनिया कई भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है, भारत और अमेरिका जैसे लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर होने वाली चर्चा आने वाले समय की रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है। यही वजह है कि मोदी-ट्रंप की यह मुलाकात सिर्फ दो नेताओं की बैठक नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखी जा रही है।
Read more
Sanjay Raut

Sanjay Raut ‘Sai Baba और Maa Bhavani की शपथ लेने वाले सांसद दल बदलें तो जनता नहीं करेगी माफ’

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के पार्टी छोड़ने की चर्चाओं के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने बागी नेताओं को लेकर सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जिन सांसदों ने उद्धव ठाकरे के साथ रहने का वादा करते हुए साईं बाबा, मां भवानी और अपने परिवार की शपथ ली है, अगर वे बाद में पार्टी छोड़ते हैं तो जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। राउत का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। माना जा रहा है कि कुछ सांसद दूसरे खेमे के संपर्क में हैं, हालांकि शिवसेना (यूबीटी) इन दावों को पूरी तरह खारिज कर रही है। ‘पार्टी के सभी सांसद हमारे साथ हैं’ मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान संजय राउत ने कहा कि पार्टी के सभी सांसद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में एकजुट हैं। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में हुई बैठकों में सांसदों ने खुद आगे आकर भरोसा दिलाया कि वे किसी भी परिस्थिति में पार्टी नहीं छोड़ेंगे। राउत ने कहा, “किसी ने अपने बच्चों की शपथ ली, किसी ने मां की और किसी ने साईं बाबा तथा मां भवानी की शपथ लेकर कहा कि वे उद्धव ठाकरे के साथ ही रहेंगे। ऐसे में पार्टी टूटने की बातें केवल अफवाह हैं।” ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर भी साधा निशाना पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा लगातार हो रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए लगातार दबाव और तोड़फोड़ की राजनीति की जा रही है। उनका कहना था कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसद किसी दबाव में नहीं हैं और पार्टी पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। उद्धव ठाकरे को लेकर लगाए गए आरोपों का जवाब संजय राउत ने उन खबरों को भी खारिज किया जिनमें दावा किया जा रहा था कि उद्धव ठाकरे अपने सांसदों और कार्यकर्ताओं से दूरी बनाए रखते हैं। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे लगातार पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के संपर्क में रहते हैं और उनकी बात सुनते हैं। राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार के बाद यदि कोई नेता सबसे ज्यादा लोगों से मिलता है, तो वह उद्धव ठाकरे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ‘मातोश्री’ के दरवाजे हमेशा कार्यकर्ताओं के लिए खुले रहते हैं। स्थापना दिवस से पहले बढ़ी सियासी सरगर्मी शिवसेना के स्थापना दिवस से पहले पार्टी के भीतर टूट और बगावत की खबरों ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। हालांकि संजय राउत के बयान से साफ संकेत मिलता है कि पार्टी नेतृत्व इन चर्चाओं को गंभीरता से नहीं ले रहा और संगठन को एकजुट दिखाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति किस दिशा में जाएगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। फिलहाल शिवसेना (यूबीटी) नेतृत्व का दावा है कि पार्टी के सभी सांसद उनके साथ हैं और किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की संभावना नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Ram Mandir

Ram Mandir कर्मचारी के घर सोना मिलने से जांच तेज, निर्माण प्रभारी का भतीजा रडार पर

अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। मंदिर निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारी टिन्नू के घर से कथित तौर पर सोना मिलने के बाद जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अब इस मामले में निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों के करीबी लोगों पर भी नजर रखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिन्होंने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि टिन्नू अक्सर ट्रेन से बड़े बोरे लेकर सफर करता था, जबकि वापसी फ्लाइट से करता था। उसकी यात्रा का यह तरीका अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है। ट्रेन से जाता था, फ्लाइट से लौटता था जांच एजेंसियों को मिले शुरुआती इनपुट में यह बात सामने आई है कि आरोपी कई बार ट्रेन के जरिए भारी सामान लेकर दूसरे शहरों तक जाता था। वहीं वापसी के लिए फ्लाइट का इस्तेमाल करता था। अधिकारियों को शक है कि इस दौरान कीमती सामान की आवाजाही की जाती थी। जांच टीम अब उसके ट्रैवल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। साथ ही CCTV फुटेज और अन्य दस्तावेजों की भी जांच जारी है। निर्माण प्रभारी का भतीजा भी रडार पर मामले ने नया मोड़ तब लिया जब जांच में निर्माण प्रभारी के भतीजे का नाम भी सामने आया। सूत्रों का कहना है कि एजेंसियां उसके संपर्कों और आर्थिक लेनदेन की भी जांच कर रही हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मंदिर प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी इस पूरे घटनाक्रम के बाद मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और सप्लाई सिस्टम की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। क्या कह रही हैं जांच एजेंसियां? फिलहाल अधिकारी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर एंगल से जांच कर रहे हैं। एजेंसियों की कोशिश है कि यह पता लगाया जा सके कि सोना कहां से आया और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं। राम मंदिर जैसे बड़े और संवेदनशील प्रोजेक्ट से जुड़ा होने की वजह से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 56 57 58 59 60 216

Editor's Picks

Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.